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14 Aug 2025
फुल लेंथ टेस्ट्स
सामान्य अध्ययन पेपर 3
प्रश्न पत्र के लिये विशिष्ट निर्देश
- इस प्रश्न पत्र में बीस प्रश्न हैं।
- सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
- प्रश्न संख्या 1 से 10 तक के उत्तर 150 शब्दों में होने चाहिये, जबकि प्रश्न संख्या 11 से 20 तक के उत्तर 250 शब्दों में होने चाहिये।
प्रश्न 1. “वित्तीय समावेशन वह कुंजी है जो समावेशी विकास के द्वार खोलती है।” प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) ने भारत में वित्तीय सुलभता को बढ़ाने और समावेशी विकास को प्रोत्साहित करने में किस प्रकार योगदान दिया है? (150 शब्द)
प्रश्न 2. “यदि भूमि सुधार एक वादा है; तो डिजिटलीकरण इसके क्रियान्वयन का प्रमाण है।” भूमि सुधार नीतियों के परिणामों की निगरानी और क्रियान्वयन में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 3. “असमन्वित श्रम कानूनों से एकीकृत श्रम संहिताओं तक।” यह एकीकरण औद्योगिक विकास को बढ़ावा देते हुए किस हद तक श्रमिकों के लिये न्यायसंगत संरक्षण सुनिश्चित कर सकता है? (150 शब्द)
प्रश्न 4. “विनिर्माण-आधारित विकास भारत की आर्थिक रणनीति का केंद्रबिंदु है।” MSME-केंद्रित नीतियाँ भारत में विनिर्माण-आधारित आर्थिक विकास को कितनी प्रभावी ढंग से संचालित करती हैं? (150 शब्द)
प्रश्न 5. अधिशेष खाद्य भंडार के बावजूद भारत में भुखमरी की समस्या क्यों बनी हुई है? इस समस्या के समाधान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की भूमिका का परीक्षण कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 6. “मूल्य संवर्द्धन भारत की कृषि मूल्य शृंखला की लुप्त कड़ी है।” सतत् कृषि-अर्थव्यवस्था के विकास प्राप्त करने में खाद्य प्रसंस्करण की भूमिका पर चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 7. “समुद्री अवसंरचना आपूर्ति शृंखला की संचार प्रणाली है।” निर्यात प्रतिस्पर्द्धात्मकता और आपूर्ति शृंखला दक्षता पर भारत के बंदरगाहों एवं लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के आधुनिकीकरण के प्रभाव का मूल्यांकन कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 8. “भारत की अंतरिक्ष यात्रा, आकांक्षा-से-अनुप्रयोग की ओर स्थानांतरित हो गई है।” शासन और सामाजिक-आर्थिक विकास में सुधार लाने में ISRO के हालिया मिशनों की भूमिका का परीक्षण कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 9. “परमाणु ऊर्जा प्रकाश का वादा तो करती है, परंतु जोखिम की छाया भी रखती है।” सतत् ऊर्जा सुरक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने के संदर्भ में भारत के परमाणु ऊर्जा मिशन का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 10. “अनदेखी की गई आपदा, आमंत्रित की गई विपत्ति है।” आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम, 2025 के आलोक में भारत की आपदा मोचन और प्रतिक्रिया में कमियों का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 11. “बेरोज़गारी भारत के जनांकिक लाभांश पर मंडराती हुई छाया है।” भारत में बेरोज़गारी के संरचनात्मक और चक्रीय कारणों तथा उनके सामाजिक-आर्थिक परिणामों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 12. “सिंचाई का भविष्य प्रौद्योगिकी, समुदाय और पारिस्थितिकी के एकीकरण में निहित है।” सतत् जल प्रशासन सुनिश्चित करने में सहभागी सिंचाई प्रबंधन (PIM) और आधुनिक प्रौद्योगिकी की भूमिका पर चर्चा कीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 13. “कृषि उत्पादकता भारत की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार है।” प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) फसल की पैदावार में वृद्धि, सतत् कृषि को बढ़ावा और क्षेत्रीय असमानताओं में कमी लाने में किस प्रकार सहायक हो सकती है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 14. “बुनियादी अवसंरचना किसी भी अर्थव्यवस्था का कार्यढाँचा होती है; उसकी मज़बूती ही राष्ट्र की स्थिति तय करती है।” भारत के बुनियादी अवसंरचना की वर्तमान स्थिति और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की माँगों को पूरा करने में इसकी क्षमता का परीक्षण कीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 15. “रक्षा प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण भारत की सामरिक स्वायत्तता के लिए महत्वपूर्ण है।” भारत में रक्षा स्वदेशीकरण की वर्तमान स्थिति का परीक्षण कीजिए और इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत जैसी नीतियों की प्रभावशीलता का आकलन कीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 16. "यदि कृत्रिम बुद्धिमत्ता नई ऊर्जा है, तो क्वांटम कंप्यूटिंग नया इंजन है।" कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम कंप्यूटिंग के एकीकरण से भारत की आर्थिक वृद्धि की दिशा किस प्रकार बदल सकती है, इसका परीक्षण कीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 17. “हम जिस हवा में साँस लेते हैं, वह शासन की गुणवत्ता का सूचक है।” भारतीय शहरों में वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों और इस चुनौती से निपटने हेतु सरकारी नीतिगत हस्तक्षेपों की प्रभावशीलता पर चर्चा कीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 18. “कचरे के पहाड़ हमारी शहरी उपेक्षा के स्मारक हैं।” तेज़ी से बढ़ते शहरीकरण और बदलते उपभोग पैटर्न के संदर्भ में भारत में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की चुनौतियों का परीक्षण कीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 19. “डेटा नया तेल है, लेकिन यह नया डायनामाइट भी हो सकता है।” भारत में साइबर सुरक्षा की चुनौतियों का परीक्षण कीजिये और एक सुदृढ़ डिजिटल बुनियादी अवसंरचना के लिये उपायों का सुझाव दीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 20. “आभासी अर्थव्यवस्था में, संगठित अपराध और आतंकवाद प्रायः एक ही सिक्के के दो पहलू होते हैं।” भारत में आतंकवाद के वित्तपोषण में धन शोधन, हवाला और मादक पदार्थों की तस्करी की भूमिका का परीक्षण कीजिये। इसकी पहचान और रोकथाम के लिये ठोस उपायों का सुझाव दीजिये। (250 शब्द)
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14 Aug 2025
फुल लेंथ टेस्ट्स
सामान्य अध्ययन पेपर 4
प्रश्न पत्र के लिये विशिष्ट निर्देश
इस प्रश्न पत्र में बीस प्रश्न हैं।
सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
प्रश्न संख्या 1 से 10 तक के उत्तर 150 शब्दों में होने चाहिये, जबकि प्रश्न संख्या 11 से 20 तक के उत्तर 250 शब्दों में होने चाहिये।
प्रश्न 1. (a) "नैतिक साहस की सबसे कठिन परीक्षा तब होती है जब निजी हित व्यापक जनहित से टकराते हैं।" नैतिकता के एक आयाम के रूप में नैतिक साहस के महत्त्व का विश्लेषण कीजिये। उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिये कि यह सार्वजनिक प्रशासन में नैतिक निर्णयों को कैसे प्रभावित करता है। (150 शब्द)
(b) नीति-निर्माण निर्णयों के उदाहरणों के साथ कर्मनिष्ठ (Deontological) नैतिकता और परिणामवादी (Consequentialist) नैतिकता में अंतर स्पष्ट कीजिये। नीति-निर्माण के उदाहरण देकर समझाइये। (150 शब्द)
प्रश्न 2. (a) "सकारात्मक दृष्टिकोण वास्तविकता का खंडन नहीं है, बल्कि उसका रचनात्मक रूप से सामना करना है।" शासन में संकट-प्रबंधन के संदर्भ में विस्तार से समझाइये। (150 शब्द)
(b) “जब नैतिकता सत्ता का मार्गदर्शन करती है, तो न्याय विकसित होता है; जब सत्ता नैतिकता को भ्रष्ट करती है, तो अत्याचार शुरू होता है।” लोकतंत्र में राजनीतिक निर्णय-निर्माण में नैतिक तर्क को समाहित करने की संभावनाओं और चुनौतियों का परीक्षण कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 3. (a) “न्याय न केवल किया जाना चाहिये, बल्कि न्याय होते हुए दिखना भी चाहिये।” वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक परिवेश में कोई लोक सेवक राजनीतिक रूप से संवेदनशील विषयों से निपटते समय किस प्रकार निष्पक्षता और निरपेक्षता सुनिश्चित कर सकता है? (150 शब्द)
(b) “परिवार मूल्य-निर्माण करता है, समाज उसे विकसित करनाता है और संस्थाएँ उसका स्थायित्व बनाए रखती हैं।” मूल्य-निर्माण प्रक्रिया में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थानों की भूमिकाओं तथा परस्पर क्रिया का आकलन कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 4. (a) “निर्णय आँकड़ों के आधार पर लिये जाते हैं, परंतु भावनाएँ उनकी स्वीकृति को प्रेरित करती हैं।” प्रमाण-आधारित नीति-निर्माण में भावनात्मक बुद्धिमत्ता की भूमिका पर चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
(b)."शासन में विश्वास तभी संभव है, जब व्यक्ति स्वार्थ से ऊपर उठ सके।" सार्वजनिक जीवन में सत्यनिष्ठा का सिद्धांत, लोक प्रशासन में हितों के टकराव (Conflict of Interest) से रक्षा के लिये किस प्रकार सहायक हो सकता है? प्रासंगिक उदाहरणों के साथ इसका परीक्षण कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 5. निम्न उद्धरण आपके लिये वर्तमान संदर्भ में क्या संदेश देते हैं:
(a)."किसी को इस बात की परवाह नहीं है कि आप कितना जानते हैं, जब तक कि उसे यह न लगे कि आप उसकी कितनी परवाह करते हैं।" – थियोडोर रूज़वेल्ट (150 शब्द)
(b)."मैं सोया और स्वप्न देखा कि जीवन आनंद है। मैं जागा और देखा कि जीवन सेवा है। मैंने कर्म किया और पाया कि सेवा ही आनंद है।" – रवींद्रनाथ टैगोर (150 शब्द)
(c). नैतिकता का अर्थ यह समझना है कि आपको क्या करने का अधिकार है और क्या करना उचित है। – पॉटर स्टीवर्ट (150 शब्द)
प्रश्न 6. (a) "गाँधी की अहिंसा और रॉल्स का न्याय अलग-अलग मार्गों पर चलते हैं, लेकिन निष्पक्षता पर आकर मिलते हैं।"
समावेशी शासन की दृष्टि से पूर्वी और पश्चिमी नैतिक चिंतन के संगम का विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
(b) "सार्वजनिक पद एक सार्वजनिक न्यास है।" भारत में लोक सेवा की अवधारणा का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिये। आज के लोक सेवकों को किस प्रकार निस्वार्थता, समर्पण और जवाबदेही के मूल्यों को अपनाना चाहिये? (150 शब्द)
प्रश्न 7. एक युवा आईएएस अधिकारी रिया, स्टेट डिजिटल मीडिया गवर्नेंस मिशन (SDMGM) की निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। उनके विभाग द्वारा हाल ही में ‘DigiVoice’ नामक एक प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया है, जिसमें AI-ड्रिवेन कंटेंट मॉडरेशन, नागरिक शिकायत निवारण एवं सोशल मीडिया एनालिटिक्स को जोड़ा गया है ताकि गलत सूचना, हेट-स्पीच और ऑनलाइन उत्पीड़न पर नज़र रखी जा सके। इसका उद्देश्य ज़िम्मेदार ऑनलाइन संवाद सुनिश्चित करना, साइबर अपराध को रोकना और नागरिकों को हानिकारक कंटेंट से बचाना है।
हालाँकि, नागरिक स्वतंत्रता समूहों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के समर्थकों ने चिंता जताई है। उनका तर्क है कि प्लेटफॉर्म के AI एल्गोरिदम अस्पष्ट हैं, नागरिकों की निगरानी सीमित है और कंटेंट को चिह्नित करने या हटाने के मानदंड स्पष्ट नहीं हैं। आलोचकों ने चेतावनी दी है कि यह प्रणाली गलत सूचना को नियंत्रित करने की आड़ में वैध असहमति या राजनीतिक आलोचना को सेंसर कर सकती है।
तकनीकी ऑडिट के दौरान रिया को पता चलता है कि एआई कंटेंट मॉडरेशन टूल को सोशल मीडिया कंपनियों के निजी डेटासेट का उपयोग कर प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिनमें कुछ में उपयोगकर्ताओं का निजी डेटा बिना स्पष्ट सहमति के शामिल है। इसके अलावा शुरुआती रिपोर्ट दिखाती हैं कि कुछ ट्रेंडिंग टॉपिक जानबूझकर दबाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय चुनावों से पहले जनमत प्रभावित हो सकता है।
जब रिया इन चिंताओं को अपने वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखती है, तो उसे कहा जाता है कि वह रोलआउट में रुकावट न डाले क्योंकि इस प्लेटफॉर्म को राजनीतिक समर्थन प्राप्त है और इसे "डिजिटल गवर्नेंस में ऐतिहासिक पहल" के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। उस पर चुनाव से पहले सकारात्मक रिपोर्ट देने का दबाव है।
- इस स्थिति में रिया के समक्ष कौन-सी नैतिक दुविधाएँ हैं?
- उसके पास कौन–कौन से विकल्प उपलब्ध हैं? प्रत्येक विकल्प के परिणामों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिये।
- नैतिक सिद्धांतों, संवैधानिक अधिकारों और जनहित को ध्यान में रखते हुए आप किस कार्ययोजना की अनुशंसा करेंगे?
- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और निजता के साथ AI-ड्रिवेन कंटेंट मॉडरेशन को संतुलित करने के लिये दीर्घकालिक नीतियाँ किस प्रकार तैयार की जा सकती हैं? (250 शब्द)
प्रश्न 8. एक युवा IAS अधिकारी सहाना, एक पिछड़े ग्रामीण ज़िले में ज़िला शिक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। वह सरकारी स्कूलों में लड़कियों के नामांकन, ठहराव और अधिगम के परिणामों में सुधार के लिये ज़िम्मेदार हैं। अपने क्षेत्रीय दौरों के दौरान, उन्हें कई लगातार चुनौतियाँ देखने को मिलती हैं: कई कक्षाएँ जर्जर, भीड़भाड़ वाली हैं, जहाँ संवातन की कमी है; स्वच्छता सुविधाएँ या तो काम नहीं करतीं या अपर्याप्त हैं, विशेषकर किशोरियों के लिये; तथा सुरक्षित पेयजल की पहुँच सीमित है। शिक्षक प्रायः अनियमित रूप से ड्यूटी पर आते हैं और कई शिक्षकों में शिक्षण पद्धति या लैंगिक संवेदनशीलता की दृष्टि से उचित प्रशिक्षण की कमी है।
माता-पिता चिंता व्यक्त करते हैं कि उनकी बेटियाँ असुरक्षित और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों, शिक्षण की निम्न गुणवत्ता एवं बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण नियमित रूप से स्कूल जाने से हिचकिचाती हैं। वे विशेष रूप से अपर्याप्त शौचालय सुविधाओं के कारण किशोरियों की निजता और सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। इन समस्याओं के बावजूद, उच्च अधिकारी और स्थानीय नेता नामांकन लक्ष्य पूरे करने और केवल संख्यात्मक आँकड़े रिपोर्ट करने को प्राथमिकता देते हैं, न कि गुणवत्तापूर्ण सुधारों को।
स्कूल रिकॉर्ड्स की समीक्षा करते समय सहाना को पता चलता है कि अवसंरचना विकास, शिक्षक प्रशिक्षण और स्वच्छता सुधार हेतु आवंटित धनराशि का कुछ हिस्सा अन्य गैर-शैक्षणिक परियोजनाओं में लगा दिया गया है। यदि वह इस दुरुपयोग की रिपोर्ट करती है, तो राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि कुछ स्थानीय अधिकारी प्रभावशाली हैं और चुनाव से पहले यह मामला संवेदनशील माना जा रहा है।
सहाना को प्रशासनिक जवाबदेही, राजनीतिक दबाव और छात्राओं के कल्याण के बीच संतुलन बनाते हुए नैतिक रूप से कार्य करने का निर्णय लेना होगा। वह चिंतित हैं कि कार्रवाई न करने से शिक्षा में लैंगिक असमानताएँ बनी रह सकती हैं, लेकिन आक्रामक रिपोर्टिंग उनके कॅरियर और स्थानीय अधिकारियों के साथ संबंधों को प्रभावित कर सकती है।
- इस स्थिति में सहाना को किन नैतिक दुविधाओं का सामना करना पड़ता है?
- उसके पास क्या विकल्प उपलब्ध हैं? प्रत्येक के परिणामों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिये।
- नैतिक तर्क के साथ, लड़कियों के लिये सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा सुनिश्चित करने के लिये एक कार्ययोजना की अनुशंसा कीजिये।
- अवसंरचना, शिक्षण गुणवत्ता और स्वच्छता सुधार के लिये कौन–कौन सी दीर्घकालीन रणनीतियाँ बनायी जा सकती हैं ताकि वहनीयता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके? (250 शब्द)
प्रश्न 9. आप एक उच्च-स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले एक वरिष्ठ राजनयिक हैं। इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य एक वैश्विक डिजिटल व्यापार समझौते पर वार्ता करनी है, जिसमें सीमा पार डेटा फ्लो, बौद्धिक संपदा और ई-कॉमर्स कराधान पर नियमन शामिल हैं। विकसित देश कड़े मानदंडों पर ज़ोर दे रहे हैं जो उनकी प्रौद्योगिकी कंपनियों के पक्ष में हों तथा विकासशील देशों के लिये डेटा सॉवरेनीटी को सीमित करें। उनका तर्क है कि वैश्विक आर्थिक विकास एवं नवाचार के लिये सुसंगत नियम आवश्यक हैं।
हालाँकि, भारत अपने नागरिकों के डेटा की सुरक्षा, घरेलू प्रौद्योगिकी उद्योगों का समर्थन तथा विकासशील देशों के लिये समान बाज़ार अभिगम सुनिश्चित करने पर ज़ोर देता है। इस रुख का घरेलू स्तर पर समर्थन किया जाता है, लेकिन इससे शक्तिशाली व्यापारिक साझेदारों में निराशा उत्पन्न हुई है, जिनका दावा है कि भारत आम सहमति बनाने में विलंब कर रहा है।
वार्ता के दौरान, एक बहुराष्ट्रीय निगम आपको आकर्षक पारिश्रमिक के साथ एक विशेष परामर्शदाता पद की पेशकश करता है और यह संकेत देता है कि उनके प्रस्तावों का समर्थन करने से आपके कॅरियर में उन्नति सुनिश्चित हो सकती है। हालाँकि कोई स्पष्ट प्रतिदान की माँग नहीं की जाती है, लेकिन यह प्रस्ताव हितों के टकराव की संभावना उत्पन्न करता है।
साथ ही, आपको एक साथी राजनयिक से गोपनीय सलाह मिलती है कि भारत की स्थिति से समझौता करने से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, विदेशी निवेश एवं दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारियाँ सुगम हो सकती हैं, जिससे देश के विकास लक्ष्यों को लाभ हो सकता है। हालाँकि, बहुत जल्दी झुकने से भारत की वार्ता संबंधी विश्वसनीयता कमज़ोर हो सकती है तथा निष्पक्षता एवं संप्रभुता के सिद्धांतों का उल्लंघन हो सकता है।
- राष्ट्रीय हित, व्यक्तिगत लाभ और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के बीच संतुलन बनाने में आने वाली नैतिक दुविधाओं का अभिनिर्धारण कीजिये।
- एक अंतर्राष्ट्रीय वार्ताकार के रूप में आपको राष्ट्रीय संप्रभुता और समतापूर्ण वैश्विक जुड़ाव को नैतिक ज़िम्मेदारियों के साथ किस प्रकार संतुलित करना चाहिये?
- आपको कॉर्पोरेट प्रस्ताव पर किस प्रकार प्रतिक्रिया देनी चाहिये और आपके आचरण का मार्गदर्शन किन नैतिक मूल्यों से होना चाहिये?
- अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक वार्ताओं में सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता और रणनीतिक हितों को बनाए रखने के लिये दीर्घकालिक रणनीतियों का सुझाव दीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 10. एक युवा IAS अधिकारी अर्जुन, को एक नक्सल प्रभावित ज़िले में ज़िला कलेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया है। उनकी ज़िम्मेदारी विकास को बढ़ावा देते हुए विधि-व्यवस्था स्थापित करने की है, लेकिन उन्हें जल्द ही एहसास होता है कि स्थिति कहीं अधिक जटिल है। कई गाँवों में स्कूल, स्वास्थ्य सेवा और रोज़गार के अवसरों का अभाव है, जिससे युवा चरमपंथी समूहों द्वारा भर्ती किये जाने के लिये आकर्षित होते हैं। साथ ही, सामाजिक-आर्थिक शिकायतों को नज़रअंदाज़ करते हुए सुरक्षा बलों का दबाव है कि वह केवल ‘काउंटर-इंसर्जेन्सी (आतंकवाद-रोधी मानकों)’ आँकड़ों पर ध्यान दे।
हालाँकि, स्थानीय समुदाय प्रशासन के प्रयासों पर गहन अविश्वास रखते हैं। वे सुरक्षा अभियानों के दौरान उत्पीड़न, कल्याणकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार एवं सार्वजनिक सेवाओं के वितरण में विलंब की रिपोर्ट करते हैं। नागरिक समाज का मानना है कि केवल सख्त पुलिसिंग से समस्या नहीं सुलझेगी; बल्कि बिना सहभागितापूर्ण विकास के यह चरमपंथ को और बढ़ावा देगी।
अर्जुन को यह भी पता चलता है कि स्थानीय अधिकारियों द्वारा कुछ विकास निधि का गलत आवंटन किया गया है और मुखबिरी करने पर राजनीतिक विरोध झेलना पड़ सकता है। इसके अलावा, किसी भी घटना की मीडिया कवरेज प्रायः सनसनीखेज़ होती है, जिससे प्रत्यक्ष कार्रवाई करने का दबाव बढ़ जाता है, भले ही अल्पकालिक सुरक्षा उपायों से मानवाधिकारों का हनन क्यों न हो।
उन्हें यह तय करना है कि तात्कालिक सुरक्षा ज़रूरतों, प्रशासनिक जवाबदेही और दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक हस्तक्षेपों के बीच संतुलन किस प्रकार बनाया जाए। कोई भी गलती या तो हिंसा को बढ़ा सकती है या जनता के विश्वास को कमज़ोर कर सकती है तथा इन फैसलों के नैतिक, विधिक और राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं।
- सुरक्षा, विकास और जनता के विश्वास के बीच संतुलन बनाने में अर्जुन को किन नैतिक दुविधाओं का सामना करना पड़ता है?
- उनके पास कौन-से विकल्प उपलब्ध हैं? प्रत्येक के परिणामों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिये।
- मानवाधिकारों और प्रशासनिक शुचिता को बनाए रखते हुए चरमपंथ को कम करने के लिये एक कार्ययोजना का सुझाव दीजिये।
- संघर्ष-प्रवण क्षेत्रों में गरीबी, शिक्षा और शासन संबंधी कमियों को दूर करने के लिये दीर्घकालिक रणनीतियों का सुझाव दीजिये।(250 शब्द)
प्रश्न 11. आप रक्षा मंत्रालय में एक वरिष्ठ अधिकारी हैं और वायुसेना के लिये नये लड़ाकू विमानों की खरीद प्रक्रिया की देख-रेख कर रहे हैं। यह परियोजना राष्ट्रीय सुरक्षा और वायु वर्चस्व के लिये अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। इसमें भारी बजट और दीर्घकालिक रणनीतिक परिणाम जुड़े हैं।
निविदा मूल्यांकन के दौरान, आपको पता चलता है कि चुने गए विक्रेताओं में से एक के राजनीतिक और प्रशासनिक अधिकारियों से घनिष्ठ संबंध हैं तथा कुछ तकनीकी विशिष्टताओं को उनके उत्पादों के पक्ष में तैयार किये जाने की संभावना हो सकती है, जिससे निष्पक्ष प्रतिस्पर्द्धा को लेकर चिंताएँ उत्पन्न होती हैं।
इसके अतिरिक्त, इस विक्रेता के विमानों के हालिया उड़ान परीक्षणों में छोटी-मोटी लेकिन निरंतर होने वाली तकनीकी गड़बड़ियों की सूचना मिली है, जिन्हें अगर नज़रअंदाज़ किया गया, तो उड़ान दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं, जिससे पायलट की सुरक्षा एवं परिचालन क्षमता को खतरा हो सकता है। आपको यह भी पता चलता है कि इस मॉडल के रख-रखाव और स्पेयर पार्ट्स की लागत वैकल्पिक विकल्पों की तुलना में बहुत अधिक है, जिससे दशकों तक रक्षा वित्त पर दबाव पड़ सकता है।
इस बीच, सौदा तय होने के बाद, एक विदेशी रक्षा कंपनी आपको एक आकर्षक परामर्श अनुबंध प्रदान करती है। हालाँकि कोई स्पष्ट प्रतिदान की माँग नहीं की जाती है, लेकिन यह निहित है कि कुछ निर्णयों का समर्थन करने से आपको अवसर प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है। साथ ही, राजनीतिक अधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी तत्काल सुरक्षा खतरों का हवाला देते हुए, आप पर खरीद में तीव्रता लाने का दबाव डाल रहे हैं। किसी भी विलंब से रक्षा तैयारियों, अंतर्राष्ट्रीय रणनीतिक साझेदारियों और संयुक्त अभ्यासों में भारत की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है, लेकिन इसमें तेज़ी लाने से सुरक्षा, पारदर्शिता एवं नैतिक मानदंडों से समझौता हो सकता है।
- इस बहुआयामी रक्षा खरीद परिदृश्य में नैतिक दुविधाओं का अभिनिर्धारण कीजिये।
- आपके पास कौन-से विकल्प उपलब्ध हैं? प्रत्येक के परिणामों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिये।
- नैतिक औचित्य के साथ पारदर्शिता, सुरक्षा, जवाबदेही एवं रणनीतिक तैयारी सुनिश्चित करने वाली कार्ययोजना की अनुशंसा कीजिये।
- उच्च-मूल्य वाले रक्षा अधिग्रहणों में भ्रष्टाचार, पक्षपात और सुरक्षा संबंधी समझौतों को रोकने के लिये दीर्घकालिक उपायों का सुझाव दीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 12. एक युवा IAS अधिकारी मीरा, एक राज्य लोक सेवा आयोग में परीक्षा नियंत्रक के पद पर नियुक्त हैं। उनकी प्राथमिक ज़िम्मेदारी प्रतियोगी परीक्षाओं का सुचारू, निष्पक्ष एवं पारदर्शी संचालन सुनिश्चित करना है। हाल ही में, राज्य स्तरीय परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होने की कई घटनाएँ सामने आई हैं। जाँच से पता चलता है कि कुछ परीक्षा अधिकारियों और आउटसोर्स कर्मचारियों ने पैसे के बदले प्रश्नपत्र लीक करने के लिये निजी एजेंटों के साथ मिलीभगत की होगी।
एक आंतरिक ऑडिट के दौरान, मीरा को प्रश्नपत्रों की छपाई, वितरण और भंडारण में अनियमितताओं का पता चलता है तथा प्रारंभिक साक्ष्य बताते हैं कि कर्मचारियों को प्रभावित करने के लिये वित्तीय प्रलोभनों का प्रयोग किया गया था। ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ परीक्षा केंद्रों के छात्रों को पहले से प्रश्नपत्र मिलने की आशंका है, जिससे अभ्यर्थियों में असंतोष बढ़ा है तथा चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठ रहे हैं।
जब मीरा अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इन मुद्दों को उठाती हैं, तो उन्हें निर्देश दिया जाता है कि वे इस मामले को सार्वजनिक रूप से न बढ़ाएँ, क्योंकि इसमें उच्च-स्तरीय व्यक्ति और राजनीतिक हितधारक अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होते हैं। अभ्यर्थियों और मीडिया की प्रतिक्रिया से बचने के लिये उन पर परीक्षा परिणाम समय पर घोषित करने का भी दबाव है।
मीरा अब एक जटिल नैतिक दुविधा का सामना कर रही हैं: परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनाए रखना बनाम राजनीतिक एवं प्रशासनिक दबाव में आकर मामले को दबा देना। कोई भी चूक या तो निष्पक्षता एवं योग्यता के सिद्धांत को खतरे में डाल सकती है या उनके कॅरियर तथा प्रभावशाली अधिकारियों के साथ संबंधों को खतरे में डाल सकती है।
- प्रश्नपत्र लीक और भ्रष्टाचार से निपटने में मीरा के समक्ष आने वाली नैतिक दुविधाओं का अभिनिर्धारण कीजिये।
- उनके पास क्या विकल्प उपलब्ध हैं? प्रत्येक के परिणामों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिये।
- परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये नैतिक तर्क के साथ एक कार्ययोजना की अनुशंसा कीजिये।
प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और कदाचार को रोकने के लिये दीर्घकालिक उपायों का सुझाव दीजिये। (250 शब्द)
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13 Aug 2025
फुल लेंथ टेस्ट्स
सामान्य अध्ययन पेपर 2
प्रश्न पत्र के लिये विशिष्ट निर्देश
इस प्रश्न पत्र में बीस प्रश्न हैं।
सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
प्रश्न संख्या 1 से 10 तक के उत्तर 150 शब्दों में होने चाहिये, जबकि प्रश्न संख्या 11 से 20 तक के उत्तर 250 शब्दों में होने चाहिये।
प्रश्न 1. भारत के संविधान की उद्देशिका में प्रयुक्त विशेषण संप्रभु (Sovereign), समाजवादी (Socialist), पंथनिरपेक्ष (Secular) तथा लोकतांत्रिक (Democratic) का अर्थ स्पष्ट कीजिये। वर्तमान भारत के परिप्रेक्ष्य में किस प्रकार इन आदर्शों की रक्षा की जा सकती है और इन्हें सार्थक बनाये रखा जा सकता है, विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 2. “मूल संरचना (Basic Structure) एक विकसित होती हुई मोज़ेक है, जिसे न्यायिक ज्ञान द्वारा एक साथ संयोजित किया गया है।” संवैधानिक सर्वोच्चता की रक्षा में इस सिद्धांत के विकास का विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 3. “किसी नागरिक का निजी संपत्ति का अधिकार एक मानवाधिकार है।” व्यक्तिगत स्वतंत्रता और राज्य के सार्वजनिक प्रयोजन हेतु संपत्ति अधिग्रहण के अधिकार (Eminent Domain) के बीच संतुलन बनाने में भारतीय न्यायपालिका ने संपत्ति अधिकार की किस प्रकार व्याख्या की है? (150 शब्द)
प्रश्न 4. “नियंत्रण और संतुलन लोकतंत्र की सुरक्षा रेखाएँ हैं।” भारत में शक्तियों के पृथक्करण की व्यवस्था संस्थागत अतिक्रमण को रोकने में कितनी सक्षम है, समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 5. “आपातकालीन शक्तियाँ संविधान की आत्मा की परीक्षा लेती हैं।” अधिकारों के निलंबन के संबंध में भारत और जर्मनी के प्रावधानों की तुलना कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 6. “एक संघीय ढाँचे की शक्ति उसके आर्थिक वितरण में निहित है।” भारत के राजकोषीय संघवाद में ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज असंतुलन की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 7. “संसदीय समितियाँ संसद का लघु रूप हैं।” भारत में विधायी समीक्षा सुनिश्चित करने में संसदीय समितियों की भूमिका का परीक्षण कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 8. “संसाधनों के बिना शक्ति केवल शब्दाडंबर है।” भारत में स्थानीय निकायों को कार्य, धन और पदाधिकारियों के विकेंद्रीकरण की वर्तमान स्थिति का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 9. “काँच की छतें सत्ता के गलियारों में भी मौजूद हैं।” ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स के निष्कर्षों के संदर्भ में भारत में महिलाओं के राजनीतिक सशक्तीकरण की चुनौतियों का परीक्षण कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 10. “परिवर्तनशील विवर्तनिक प्लेटों से बनी दुनिया में, BRICS वैश्विक शासन के मानचित्र को पुनः परिभाषित कर रहा है।” अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था में शक्ति-संतुलन पर BRICS के विस्तार और रणनीतिक एजेंडा के प्रभाव का मूल्यांकन कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 11. क्या 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' शासन को सुव्यवस्थित करेगा या संघीय स्वायत्तता और जवाबदेही पर दबाव डालेगा? इसकी व्यवहार्यता, संवैधानिक मार्ग और प्रशासनिक ढाँचे का परीक्षण कीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 12. “GST परिषद एक गोलमेज सम्मेलन है जहाँ आम सहमति और केंद्रीकरण का मेल होता है।” क्षतिपूर्ति, उपकर (Cesses) और विवाद-निवारण के संदर्भ में परीक्षण कीजिये कि क्या GST परिषद की संरचना और व्यवहार ने सहकारी संघवाद को गहरा किया है। (250 शब्द)
प्रश्न 13. “राज्यसभा की तटस्थता उस अध्यक्ष पर निर्भर करती है जिस अध्यक्ष द्वारा उसका संचालन होता है।” राज्यसभा के सभापति के रूप में उपराष्ट्रपति की राजनीतिक निष्पक्षता और संसदीय वस्तुनिष्ठता सुनिश्चित करने में भूमिका का विश्लेषण कीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 14. “एक ऐसा लोकतंत्र जो डिजिटल रूप से समावेशी नहीं है, उसके लोकतांत्रिक रूप से अपवर्जित होने का खतरा है।” जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार के हिस्से के रूप में समावेशी डिजिटल एक्सेस पर उच्चतम न्यायालय के अमर जैन बनाम भारत संघ व अन्य मामले (2025) में दिये गये निर्णय के महत्त्व का परीक्षण कीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 15. “न्याय में अत्यधिक विलंब, न्याय से वंचित करने के समान है।” भारत में न्यायिक लंबित मामलों के कारणों और परिणामों का विश्लेषण कीजिये तथा समयबद्ध निर्णय सुनिश्चित करने के लिये संरचनात्मक सुधारों को प्रस्तावित कीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 16. “गैर-सरकारी संगठन प्रायः वहाँ पहुँचते हैं जहाँ सरकारें नहीं पहुँच पातीं और वहाँ कार्य करते हैं, जहाँ बाज़ार कार्य नहीं करता।” भारत में गैर-सरकारी संगठन (NGO) सेवा-शून्यता को किस प्रकार पूरा करते हैं, उनकी जवाबदेही से जुड़े मुद्दे और उनकी विश्वसनीयता बढ़ाने के उपायों का मूल्यांकन कीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 17. “मतपत्र (Ballot) गोली (Bullet) से अधिक शक्तिशाली है।” भारत के लोकतंत्र में मतदाता भागीदारी और समावेशिता सुनिश्चित करने में चुनाव आयोग के समक्ष उपलब्ध उपायों एवं चुनौतियों का विश्लेषण कीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 18. “भूख मिटाने के लिये केवल पेट भरने से कहीं अधिक की ज़रूरत है।” भारत में गरीबी और भुखमरी के पीढ़ी-दर-पीढ़ी चले आ रहे चक्र को तोड़ने में आजीविका, कौशल-विकास और सामाजिक सुरक्षा की भूमिका पर चर्चा कीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 19. “संपर्क (Connectivity) प्रभाव की नई मुद्रा है।” उभरते क्षेत्रीय व्यापार गलियारों और भू-राजनीतिक पुनर्संरचना के आलोक में भारत की पश्चिम एशिया नीति का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 20. “व्यापार में, कूटनीति की भांति, घर्षण संघर्ष और परिवर्तन दोनों को जन्म दे सकता है।” हाल में अमेरिका द्वारा लगाये गये टैरिफ का भारत के व्यापारिक संबंधों, रणनीतिक सहयोग तथा वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं के पुनर्निर्माण में भूमिका पर प्रभाव का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिये। (250 शब्द)
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12 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 1
भूगोल
प्रश्न पत्र के लिये विशिष्ट निर्देश
इस प्रश्न पत्र में बीस प्रश्न हैं।
सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
प्रश्न संख्या 1 से 10 तक के उत्तर 150 शब्दों में होने चाहिये, जबकि प्रश्न संख्या 11 से 20 तक के उत्तर 250 शब्दों में होने चाहिये।
प्रश्न 1. “पल्लवों ने दक्षिण भारतीय मंदिर स्थापत्यकला की नींव रखी और चोलों ने इसका निर्माण किया।” दोनों राजवंशों के योगदान के संदर्भ में द्रविड़ स्थापत्यकला के विकास का परीक्षण कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 2. “भक्ति और सूफी साहित्य ने अपने काल की चेतना का कार्य किया।” मध्यकालीन भारत के सामाजिक लोकाचार पर उनके प्रभाव का परीक्षण कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 3. “यदि गांधी राष्ट्र की अंतरात्मा थे, तो बोस उसकी अशांत इच्छाशक्ति थे।” राष्ट्रवाद के प्रति गांधी और बोस के दृष्टिकोणों में अंतरों पर चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 4. “जब सुधार विद्रोह की भूमिका बन गया।”19वीं सदी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों और भारत में राजनीतिक चेतना के विकास के बीच संबंधों का परीक्षण कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 5. “क्रांतियाँ केवल शासकों को नहीं बदलतीं; वे नियमों को भी बदल देती हैं।” वर्ष 1917 की रूसी क्रांति के कारणों, प्रक्षेप पथ और परिणामों का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 6. “यदि परंपरा एक लंगर है, तो परिवर्तन ज्वार की तरह है।” भारतीय समाज पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण और आधुनिकीकरण की शक्तियों के साथ सामंजस्य कैसे स्थापित करता है, इसका विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 7. इंटरसेक्शनैलिटी (अंतःसंयोग) की अवधारणा की समीक्षा कीजिये और भारत में लैंगिक असमानता को समझने में इसकी प्रासंगिकता का परीक्षण कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 8. “मीडिया में सांप्रदायिक घृणा की आग भड़काने या शांति एवं सद्भाव को बढ़ावा देने की शक्ति है।” टिप्पणी कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 9. हिमालय के भूगर्भीय निर्माण और इस क्षेत्र में पाई जाने वाली प्राकृतिक आपदाओं का विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 10. वैश्विक स्तर पर और हिंद महासागर क्षेत्र में चक्रवातों की आवृत्ति एवं तीव्रता पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव का विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
प्रश्न 11. प्रारंभिक और उत्तर वैदिक काल में महिलाओं की स्थिति की तुलना कीजिये। इन परिवर्तनों का आज की लैंगिक समानता संबंधी बहसों से क्या संबंध है, स्पष्ट कीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 12. “औपनिवेशिक शासन में अकाल को लगभग नज़रअंदाज़ किया गया।” 18वीं सदी के मध्य से औपनिवेशिक भारत में अकाल की घटनाओं में आयी वृद्धि के कारणों का परीक्षण कीजिये तथा इन अकालों के सामाजिक–आर्थिक प्रभावों का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 13. “उपनिवेशवाद का अंत केवल सत्ता का हस्तांतरण नहीं था, बल्कि इतिहास का पुनर्लेखन भी था।” द्वितीय विश्व युद्ध के उपरांत उपनिवेशवाद-विरोधी प्रक्रिया और अफ्रीका तथा एशिया में इसकी प्रमुख चुनौतियों का विश्लेषण कीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 14. “शहरीकरण संस्कृतियों का एक मिश्रण है, लेकिन यह सामाजिक तनावों का केंद्रबिंदु भी बन सकता है।” भारत में शहरीकरण से उत्पन्न सामाजिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिये और समावेशी शहरी विकास को बढ़ावा देने के उपायों का सुझाव दीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 15. “पंथनिरपेक्षता वह संस्थागत गारंटी है, जो धर्म के आधार पर समान नागरिकता सुनिश्चित करती है।” भारत के संविधान में धर्मनिरपेक्षता के महत्त्व और समकालीन समय में इसके समक्ष आने वाली चुनौतियों पर चर्चा कीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 16. “क्षेत्रवाद राष्ट्रीय परियोजना की विविधता को समायोजित करने में विफलता का एक लक्षण है।” भारत में क्षेत्रवाद के कारणों और परिणामों का परीक्षण कीजिये। (250 शब्द)
प्रश्न 17. जाति, एक काँच की छत (अदृश्य बाधा) की तरह काम करती है जो कई लोगों के लिये अवसरों तक पहुँच को अवरुद्ध करती है। भारत में शिक्षा और रोज़गार पर जाति–आधारित भेदभाव के प्रभाव पर चर्चा कीजिये और इन अवरोधों को दूर करने के उपाय सुझाइये। (250 शब्द)
प्रश्न 18. समुद्री धाराओं को आकार देने में पवन पैटर्न, तापमान और लवणता की भूमिका की व्याख्या कीजिये। ये धाराएँ वैश्विक स्तर पर समुद्री जैवविविधता और मत्स्य–संपदा के वितरण को किस प्रकार प्रभावित करती हैं, समझाइये। (250 शब्द)
प्रश्न 19. भारत के विनिर्माण केंद्रों के स्थानिक वितरण का विश्लेषण कीजिये। औद्योगिक स्थान निर्धारण निर्णयों को प्रभावित करने के लिये अवसंरचनात्मक, सामाजिक-आर्थिक एवं नीतिगत कारक किस प्रकार परस्पर क्रिया करते हैं? (250 शब्द)
प्रश्न 20. “ध्रुवीय हिमखंड वैश्विक जलवायु को नियंत्रित करते हैं, परंतु ये तीव्र गति से पिघल रहे हैं।” ध्रुवीय हिमखंड के पिघलने का वैश्विक समुद्र–स्तर और जलवायु–पैटर्न पर क्या प्रभाव पड़ता है, चर्चा कीजिये। (250 शब्द)
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11 Aug 2025
निबंध लेखन
निबंध
दिवस 49:
निम्नलिखित खंड A और खंड B में से प्रत्येक में से एक विषय चुनकर, लगभग 1000-1200 शब्दों में, दो निबंध लिखिये:
खंड A
प्रश्न 1. जीवन का अर्थ पीछे मुड़कर समझा जाता है, किंतु उसका अनुभव केवल आगे बढ़कर ही किया जा सकता है।
प्रश्न 2. सुख का रहस्य स्वतंत्रता है और स्वतंत्रता का रहस्य साहस है।
प्रश्न 3. संदेह सुखद स्थिति नहीं है, लेकिन पूर्ण निश्चय होना भी अनुचित है।
प्रश्न 4. बुद्धिमत्ता का वास्तविक संकेत ज्ञान नहीं, बल्कि कल्पनाशक्ति है।
खंड B
प्रश्न 5. जब महिलाएँ आगे बढ़ती हैं तो परिवार, गाँव और राष्ट्र सभी आगे बढ़ते हैं।
प्रश्न 6. प्रकृति के साथ हर कदम पर व्यक्ति को अपेक्षा से कहीं अधिक प्राप्त होता है।
प्रश्न 7. हमें पृथ्वी अपने पूर्वजों से विरासत में नहीं मिलती; हम इसे अपने बच्चों से उधार लेते हैं।
प्रश्न 8. अराजक विश्व में शक्ति संतुलन, संप्रभुता का रक्षक है।
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09 Aug 2025
निबंध लेखन
निबंध
दिवस 48
प्रश्न 1. यदि हममें से आधे लोग पीछे रह जाते हैं, तो हम सभी सफल नहीं हो सकते। (1200 शब्द)
प्रश्न 2. आत्मचिंतन और आत्मविश्लेषण से शून्य जीवन व्यर्थ है। (1200 शब्द) -
08 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 47: आप बीस लाख से अधिक की आबादी वाले एक बड़े सरकारी अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के पद पर तैनात हैं। हाल ही में, यह अस्पताल आवश्यक दवाओं की कमी, खराब नैदानिक उपकरणों, लंबी प्रतीक्षा अवधि, अपर्याप्त स्वच्छता और लापरवाही के कारण मरीज़ों की मौत जैसी कई गलत वजहों से सुर्खियों में रहा है।
नौकरी शुरू करने पर, आपको पता चलता है कि कई डॉक्टर और नर्स कम वेतन एवं अधिक काम का बोझ बताकर अनियमित काम करते हैं। कई आपूर्तिकर्त्ताओं के प्रभावशाली स्थानीय राजनेताओं से संबंध हैं, जिसके कारण अधिक मूल्य पर निम्न गुणवत्ता वाली दवाइयाँ मिलती हैं। भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण अस्पताल के रखरखाव अनुबंधों का नवीनीकरण लंबित है। ग्रामीण क्षेत्रों और गरीब पृष्ठभूमि के मरीज़ों को भेदभाव का सामना करना पड़ता है तथा प्रायः उन्हें भर्ती होने या जाँच के लिये रिश्वत माँगी जाती है। वरिष्ठ कर्मचारी पिछली गड़बड़ियों के उजागर होने के डर से सुधारों का विरोध कर रहे हैं।
हाल ही में एक ऑडिट रिपोर्ट में सुरक्षा प्रोटोकॉल के घोर उल्लंघन की बात कही गई है और सेवाओं में तत्काल सुधार की माँग करते हुए उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने आपको बजट सत्र से पहले निजी तौर पर “बजट सत्र से पहले अधिक हंगामा करने से बचने की सलाह” दी है।
A. इस मामले में नैतिक और प्रशासनिक मुद्दों का अभिनिर्धारण कीजिये।
B. आप राजनीतिक प्रतिक्रिया को भड़काए बिना रोगी देखभाल किस प्रकार सुनिश्चित करेंगे?
C. भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने और कर्मचारियों की जवाबदेही में सुधार के लिये आप क्या कदम उठाएँगे?
D. उन नैतिक मूल्यों का सुझाव दीजिये जो एक लोक स्वास्थ्य प्रशासक का मार्गदर्शन करने चाहिये। (250 शब्द) -
08 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 47: आप महाराष्ट्र के एक सूखाग्रस्त ज़िले के ज़िला कलेक्टर हैं। पिछले एक साल में, इस क्षेत्र में अनियमित मानसून और कीटों के प्रकोप के कारण लगातार फसलें बर्बाद हुई हैं। कई किसान अनौपचारिक साहूकारों से लिये गए ऊँची ब्याज दरों वाले ऋण के बोझ तले दबे हैं, क्योंकि संस्थागत ऋण या तो उपलब्ध नहीं है या विलंब से उपलब्ध होता है।
पिछले हफ्ते, पास के एक गाँव के 42 वर्षीय किसान ने लगातार तीसरे सीज़न में कपास की फसल बर्बाद होने के बाद आत्महत्या कर ली। उसकी मौत के बाद स्थानीय किसान संघों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जिन्होंने प्रशासन पर ग्रामीण संकट की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। मीडिया इस घटना को व्यापक रूप से कवर कर रही है और ज़िले को कृषि संकट का प्रतीक बता रही है। विपक्षी दलों ने सभी प्रभावित किसानों के लिये तत्काल मुआवज़ा और ऋण माफी की माँग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिये हैं।
आपकी प्रारंभिक जाँच से पता चलता है कि हालाँकि सरकारी फसल बीमा योजनाएँ मौजूद हैं, लेकिन ज़िले के अधिकतर किसान या तो इन योजनाओं के बारे में नहीं जानते या उन्हें दावा प्रक्रिया बहुत जटिल लगती है। मृतक किसान के परिवार का दावा है कि उन्होंने सहायता के लिये कृषि विभाग से कई बार संपर्क किया, लेकिन कोई सार्थक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
नागरिक समाज के कार्यकर्त्ता आपसे ऐसी आत्महत्याओं को रोकने के लिये कड़े कदम उठाने का आग्रह कर रहे हैं, जिनमें मानसिक स्वास्थ्य सहायता, सरल ऋण सुविधा और तत्काल वित्तीय राहत शामिल है। हालाँकि, चालू वित्त वर्ष के लिये आपका बजटीय आवंटन पहले से ही सीमित है तथा किसी भी बड़े पैमाने पर वित्तीय प्रतिबद्धता को राज्य के वित्त विभाग से प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है। इस बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय ने 48 घंटों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।A. इस मामले में नैतिक दुविधाओं और शासन संबंधी चुनौतियों का अभिनिर्धारण कीजिये।
B. कृषि संकट को दूर करने के लिये आप अल्पकालिक राहत और दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधारों के बीच किस प्रकार संतुलन स्थापित करेंगे?
C. स्थानीय प्रशासनिक तंत्र की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये आप क्या कदम उठाएँगे?
D. भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिये लोक सेवा के कौन-से मूल्य आपके निर्णयों का मार्गदर्शन करेंगे? (250 शब्द) -
08 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 47: आप एक ऐसे शहर के ज़िला मजिस्ट्रेट हैं जिसका सांप्रदायिक संवेदनशीलता का इतिहास रहा है। हाल ही में, एक धार्मिक जुलूस के दौरान, एक विवादित क्षेत्र से गुज़रने वाले रास्ते को लेकर दो समुदायों के सदस्यों के बीच कहासुनी हो गई। यह घटना तेज़ी से बढ़ गई और दोनों पक्षों की ओर से पथराव की खबरें आईं, जिससे कई लोग घायल हुए हैं तथा संपत्ति को नुकसान पहुँचा है। सोशल मीडिया पर कई पोस्ट वायरल हो गए हैं, जिनमें से कई फर्ज़ी या बढ़ा-चढ़ाकर बताए गए हैं, जिससे भावनाएँ आहत हुई हैं तथा दंगे भड़क रहे हैं।
स्थानीय बाज़ार बंद हो गए हैं और निवासियों में भय व्याप्त है। कई राजनीतिक नेता अपने-अपने वोट बैंक को सुदृढ़ करने के लिये भड़काऊ बयान दे रहे हैं। खुफिया रिपोर्टों में चेतावनी दी गई है कि यदि अगले 24 घंटों के भीतर स्थिति पर काबू नहीं पाया गया, तो पड़ोसी ज़िलों में भी अशांति फैल सकती है। दोनों पक्षों के धार्मिक नेताओं ने प्रशासन पर अविश्वास जताया है और शुरुआती झड़प से निपटने में पक्षपात का आरोप लगाया है।
पुलिस ने धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है, लेकिन आर्थिक व्यवधान से बचने के लिये उच्च अधिकारियों का दबाव है कि वे जल्द से जल्द सामान्य स्थिति स्थापित करें। इस बीच, मानवाधिकार कार्यकर्त्ता अत्यधिक बल प्रयोग के प्रति आगाह कर रहे हैं और मीडिया इन घटनाओं को आक्रामक तरीके से कवर कर रहा है, प्रायः सबसे सनसनीखेज़ पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।इस तनावपूर्ण माहौल में, आपको यह तय करना होगा कि तात्कालिक संकट से किस प्रकार निपटा जाए और साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि दीर्घकालिक रूप से सांप्रदायिक सद्भाव पुनः स्थापित हो। कोई भी चूक या तो निष्क्रियता के आरोपों या फी सख्ती के आरोपों का कारण बन सकती है।
A. इस मामले में नैतिक मुद्दों और प्रशासनिक चुनौतियों का अभिनिर्धारण कीजिये।
B. आप नागरिक स्वतंत्रता का उल्लंघन किये बिना किस-प्रकार कानून-व्यवस्था बनाए रखेंगे?
C. गलत सूचनाओं का मुकाबला करने और समुदायों के बीच विश्वास पुनः स्थापित करने के लिये आप क्या उपाय करेंगे?
D. इस संवेदनशील स्थिति में निष्पक्ष और प्रभावी निर्णय लेने में लोक सेवा के कौन-से मूल्य एवं सिद्धांत आपका मार्गदर्शन करेंगे? (250 शब्द) -
08 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 47: आप एक बड़े चुनाव से पहले एक महानगरीय शहर के ज़िला मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यरत हैं। हाल के हफ्तों में, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डीपफेक वीडियो के प्रसार में तेज़ी आई है। इनमें से कुछ वीडियो में प्रमुख राजनीतिक नेताओं को भड़काऊ बयान देते हुए दिखाया गया है, जो उन्होंने वास्तव में कभी नहीं दिये, जबकि अन्य वीडियो मनगढ़ंत आपत्तिजनक कंटेंट के माध्यम से आम नागरिकों को निशाना बना रहे हैं।
एक स्थानीय धार्मिक नेता को अपमानजनक टिप्पणी करते हुए दिखाने वाले एक वायरल डीपफेक वीडियो ने शहर के कुछ हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न कर दिया है। पुलिस साइबर सेल ने राज्य के बाहर से संचालित कई अज्ञात खातों का स्रोत पता लगाया है, लेकिन अधिकार क्षेत्र के मुद्दों और कंटेंट के तेज़ी से प्रसार के कारण गिरफ्तारी कठिन होती जा रही है।
नागरिक समाज समूह तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, उनका दावा है कि कार्रवाई न करने से गलत सूचना का प्रसार और सामाजिक अशांति बढ़ेगी। हालाँकि, राजनीतिक दल प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगा रहे हैं, उनका कहना है कि कुछ कंटेंट को चुनिंदा रूप से लक्षित करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन है। इस बीच, पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि डीपफेक पर अंकुश लगाने में अतिशयोक्ति का प्रयोग वैध असहमति को दबाने के बहाने के रूप में किया जा सकता है।
इस जटिलता को और बढ़ाते हुए, आपके ज़िले के एक तकनीकी स्टार्टअप ने निशुल्क परीक्षण के लिये एक AI-आधारित पहचान उपकरण की पेशकश की है, लेकिन इसके लिये नागरिकों की तस्वीरों और आवाज़ के बड़े डेटासेट तक पहुँच की आवश्यकता होती है, जिससे गोपनीयता संबंधी चिंताएँ बढ़ जाती हैं। गृह मंत्रालय ने आपको यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है कि डिजिटल स्वतंत्रता को अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित किये बिना विधि-व्यवस्था बनाए रखी जाए।
- इस मामले में शामिल नैतिक मुद्दों का अभिनिर्धारण कीजिये और इनकी विवेचना कीजिये।
- आप अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करते हुए डीपफेक के खतरे से निपटने के लिये एक संतुलित दृष्टिकोण किस प्रकार सुनिश्चित करेंगे?
- इस संकट से निपटने में लोक प्रशासन के कौन-से मूल्य आपका मार्गदर्शन करेंगे? (250 शब्द)
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07 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 46: आप प्रिया हैं, जो एक पिछड़े ज़िले में जिला आपूर्ति अधिकारी (District Supply Officer) के रूप में नियुक्त हैं जहाँ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) हज़ारों गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवारों के जीवन-निर्वाह के लिये अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
कार्यभार सँभालने के शीघ्र बाद ही आपको कई शिकायतें और व्हिसलब्लोअर रिपोर्टें प्राप्त होती हैं, जिनसे पता चलता है कि कई उचित मूल्य की दुकानों (FPS) के डीलर फर्ज़ी राशन कार्ड और जाली डिजिटल रिकॉर्ड का उपयोग करके सब्सिडी वाले खाद्यान्न की कालाबाज़ारी कर रहे हैं। आपके क्षेत्रीय सत्यापन से यह स्पष्ट होता है कि भारी मात्रा में अनाज का गबन हो रहा है। कुछ विभागीय अधिकारी भी इसमें शामिल हैं।
जैसे ही आप जाँच शुरू करती हैं, वरिष्ठ अधिकारी आपको राजनीतिक संवेदनशीलता और लंबे समय से चली आ रही व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए धीमी गति से काम करने की चेतावनी देते हैं।
साथ ही आपको यह भी बताया जाता है कि स्थानीय मंत्री का रिश्तेदार सबसे बड़े FPS ठेकेदारों में से एक है। इस बीच, वास्तविक लाभार्थी अब भी वंचित हैं तथा नागरिक समाज संगठन त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।
- इस परिस्थिति में प्रिया के समक्ष कौन-कौन से नैतिक द्वंद्व (ethical dilemmas) उपस्थित हैं?
- उनके पास कौन-कौन से विकल्प उपलब्ध हैं? प्रत्येक विकल्प के संभावित परिणामों की समालोचनात्मक विवेचना कीजिये।
- आप किस कार्यवाही की अनुशंसा करेंगे? नैतिक दृष्टिकोण से उसका औचित्य स्पष्ट कीजिये।
(250 शब्द)
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07 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 46: आप आनंद हैं, जो एक ईमानदार उप-मंडलीय दंडाधिकारी (SDM) हैं और राज्य के एक अर्द्ध-शहरी क्षेत्र में कार्यरत हैं, जहाँ अवैध रेत खनन एक संगठित माफिया द्वारा संचालित किया जाता है। हाल ही में आपके क्षेत्र में स्थानांतरित एक कनिष्ठ राजस्व निरीक्षक आपको गुप्त रूप से सूचित करता है कि प्रतिदिन रात में ट्रकों द्वारा अवैध रूप से खनन की गयी रेत की ढुलाई की जाती है, जिसमें स्थानीय पुलिस और पंचायत अधिकारियों की मिलीभगत है।
आप एक रात छापेमारी की योजना बनाते हैं, कई वाहन ज़ब्त करते हैं और कुछ ठेकेदारों को हिरासत में लेते हैं। अगले दिन, एक स्थानीय विधायक सार्वजनिक रूप से आपकी आलोचना करता है और आप पर उत्पीड़न व भ्रष्टाचार के आरोप लगाता है। आपको अनौपचारिक रूप से यह भी सूचित किया जाता है कि सचिवालय में आपके स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर आपको एक ‘आदर्श अधिकारी’ के रूप में सराहा जा रहा है। क्षेत्र के नागरिकों ने रेत माफिया के प्रभाव के विरुद्ध एक छोटा जन-आंदोलन शुरू कर दिया है। हालाँकि, आपकी पारिवारिक सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है क्योंकि उन्हें धमकी भरे संदेश मिलने लगे हैं, और आपका कनिष्ठ अधिकारी अब अपनी गवाही वापस लेना चाहता है।
- आनंद के समक्ष प्रमुख नैतिक दुविधाएँ क्या हैं?
- उसके समक्ष मौजूद संभावित विकल्पों का मूल्यांकन कीजिये, जिनमें शामिल हैं:
(a) अकेले ही कार्रवाई जारी रखना
(b) केंद्रीय/राज्य सुरक्षा की माँग करते हुए मामले को आगे बढ़ाना
(c) गुप्त रूप से स्थानांतरण की माँग कर एक गोपनीय रिपोर्ट सौंपना
3. आप क्या निर्णय लेंगे? लोक सेवा के मूलभूत मूल्यों के संदर्भ में अपने उत्तर का औचित्य स्पष्ट कीजिये। (250 शब्द)
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07 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 46: आप राहुल हैं, एक भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी, जिन्हें हिमालयी राज्य के एक पहाड़ी ज़िले में ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) समन्वयक के रूप में तैनात किया गया है। यह क्षेत्र भूस्खलन, बादल फटने और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिये सुभेद्य है।
हाल ही में, ऊपरी घाटी में एक भीषण बादल फटने की घटना हुई, जिसमें कई लोगों की मृत्यु हो गई, घर नष्ट हो गये, वन क्षेत्र तबाह हो गया और एक छोटा जलविद्युत बाँध भी बह गया। प्रारंभिक रिपोर्टों से यह संकेत मिला है कि सुभेद्य ढलानों पर अवैज्ञानिक निर्माण, वनों की कटाई एवं पर्यावरणीय मंज़ूरियों में लापरवाही के कारण इस आपदा की भयावहता और बढ़ गई।
एक गोपनीय रिपोर्ट में स्थानीय भूवैज्ञानिक ने बताया है कि जिन क्षेत्रों को सुभेद्य घोषित किया गया था या बादल फटने की आशंका थी, वहाँ के बारे में चेतावनी दी गई थी, लेकिन प्रशासन ने इन चेतावनियों को राजनेताओं और रियल एस्टेट लॉबी के दबाव में अनदेखा कर दिया।
अब एक केंद्रीय टीम इस क्षेत्र का दौरा करने आ रही है। आपको इस आपदा के कारणों और प्रशासनिक प्रतिक्रिया पर एक रिपोर्ट तैयार करने के लिये कहा गया है। लेकिन आपके वरिष्ठ अधिकारी और राजनीतिक नेतृत्व आपसे यह अपेक्षा कर रहे हैं कि आप पर्यावरणीय लापरवाही को नज़रअंदाज़ करते हुए इस आपदा को ‘प्राकृतिक और अप्रत्याशित कारणों से हुई दुर्घटना’ के रूप में प्रस्तुत करें। आपको चेतावनी दी गई है कि यदि आप प्रशासनिक कमियों को उजागर करेंगे, तो इससे आपकी आगामी पोस्टिंग और पदोन्नति पर असर पड़ सकता है।
दूसरी ओर शोक संतप्त ग्रामीण, विस्थापित आदिवासी समुदाय और जलवायु कार्यकर्त्ता पारदर्शिता, जवाबदेही एवं स्थायी पुनर्निर्माण नीतियों की मांग कर रहे हैं।
- इस स्थिति में राहुल को किन नैतिक द्वंद्वों का सामना करना पड़ रहा है?
- विकल्पों का मूल्यांकन कीजिये और प्रत्येक के संभावित परिणाम बताइये।
- राहुल के लिये सर्वोत्तम कार्यवाही का सुझाव दीजिये।
- उचित नैतिक तर्कों और सुशासन के सिद्धांतों के आधार पर इसका समाधान प्रस्तुत कीजिये।
(250 शब्द)
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07 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 46: आप रज़िया हैं, जो एक IAS अधिकारी के रूप में किसी ज़िले की उप-आयुक्त (Deputy Commissioner) पद पर तैनात हैं। आपके ज़िले में नागरिकता सत्यापन प्रक्रिया (जैसे NRC) का अंतिम चरण चल रहा है। इस अंतिम सूची से हज़ारों लोगों को अपवर्जित कर दिया गया है, जिनमें से अधिकांश दिहाड़ी मज़दूर, सीमांत किसान और गरीबी, अशिक्षा या बाढ़ के दौरान विस्थापन के कारण अधूरे दस्तावेज़ों वाली महिलाएँ हैं।
जिन लोगों के नाम बाहर रखे गए हैं उनमें वे परिवार भी शामिल हैं जो दशकों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं। अब ज़िले में व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और सांप्रदायिक तनाव भी बढ़ रहा है। कुछ समूह प्रशासन पर पक्षपात और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि अन्य समूह ‘स्थानीय पहचान’ की रक्षा के लिये कड़ी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।
राज्य सरकार को भेजी जाने वाली आपकी रिपोर्ट पूरी तरह से निष्पक्ष होने की उम्मीद है, लेकिन आप व्यक्तिगत रूप से जानती हैं कि बाहर रखे गए कई परिवार संभवतः वास्तविक नागरिक हैं। आपके कनिष्ठ अधिकारी ‘स्पष्ट त्रुटियों में सुधार’ करने के लिये कुछ आँकड़ों में हेरफेर करने का सुझाव देते हैं, लेकिन यह कानूनी प्रोटोकॉल का उल्लंघन होगा।
- इस स्थिति में रज़िया किन नैतिक द्वन्दों का सामना कर रही हैं?
- निम्नलिखित कार्रवाइयों के तात्कालिक और दीर्घकालिक परिणामों का मूल्यांकन कीजिये:
(a) जो लोग वास्तविक नागरिक हैं, उन्हें शामिल करने के लिये रिकॉर्ड में हेरफेर करना
(b) मानवीय पक्षों की अनदेखी करते हुए दस्तावेज़ आधारित नियमों का कठोरता से पालन करना
(c) नये सिरे से क्षेत्र सत्यापन (Field verification) की अनुशंसा करना
C. रज़िया को क्या निर्णय लेना चाहिये? नैतिक सिद्धांतों और पेशेवर आचरण के आधार पर अपने उत्तर के माध्यम से उचित निष्कर्ष दीजिये। (250 शब्द)
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06 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 45: “कार्य संस्कृति में सुधार भारत की शासन-व्यवस्था में आवश्यक मौन क्रांति है।” दक्षता, पारदर्शिता और नागरिकों के विश्वास के लिये इसकी महत्ता का विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
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06 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 45: सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम की कल्पना सहभागी लोकतंत्र के एक साधन के रूप में की गई थी। पिछले दशक में इसके प्रभाव को निर्धारित करने वाले राजनीतिक, प्रशासनिक और तकनीकी कारणों का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिये। (150 शब्द)
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06 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 45: “निष्पक्षता यह सुनिश्चित करती है कि सत्ता एक 'विश्वास' बनी रहे, कोई 'विशेष अधिकार' नहीं।” भारत की शासन-व्यवस्था के संदर्भ में इस कथन की विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
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06 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 45: “नैतिक संहिता प्रेरणा देती है, जबकि आचार संहिता अनुशासनात्मक ढंग से लागू होती है।" भारत में लोक सेवा के संदर्भ में इस अंतर का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
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05 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस-44: “व्यावसायिक नैतिकता में, अंशधारकों की तुलना में हितधारक अधिक महत्त्वपूर्ण होते हैं।” आधुनिक निगमित प्रशासन में 'अंशधारक प्रधानता' से 'हितधारक कल्याण' की ओर हो रहे नैतिक परिवर्तन का मूल्यांकन कीजिये। (150 शब्द)
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05 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस- 44: “नैतिक दुविधा तब उत्पन्न होती है जब मूल्यों के बीच टकराव होता है, न कि तब जब मूल्य अनुपस्थित हों।” शासन में पारदर्शिता और गोपनीयता जैसे प्रतिस्पर्द्धी मूल्यों के संदर्भ में इस कथन की विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
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05 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस- 44: “नैतिक विदेश नीति दया नहीं, बल्कि न्याय का विषय है।” जलवायु वित्त और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के परिप्रेक्ष्य में, कम विकसित देशों (LDC) के प्रति विकसित राष्ट्रों की नैतिक ज़िम्मेदारी का विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
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05 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस-44: “भ्रष्टाचार केवल सत्ता का दुरुपयोग नहीं है, बल्कि विश्वासघात भी है।" इस कथन के आलोक में मूल्यांकन कीजिये कि भ्रष्टाचार किस प्रकार संस्थागत नैतिकता और शासन में जनविश्वास को क्षीण करता है। (150 शब्द)
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04 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 43: “न्याय सामाजिक संस्थाओं का प्रथम गुण है।” समावेशी और समतामूलक शासन व्यवस्था हेतु नीति निर्माण में रॉल्स का 'न्याय सिद्धांत' किस प्रकार सहायक हो सकता है, विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
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04 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 43: “गांधीजी के ‘सात पापों का सिद्धांत’ केवल नैतिक चिंतन नहीं, बल्कि नैतिक मानदंड है।” एक लोक सेवक इन सिद्धांतों को दैनिक निर्णयों में नैतिक परीक्षण के रूप में किस प्रकार प्रयोग कर सकता है? (150 शब्द)
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04 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 43: “जब अंतरात्मा में नैतिक तूफान उठते हैं, तब भावनात्मक बुद्धिमत्ता ही स्थिरता का लंगर बनती है।” नैतिक द्वंद्व की स्थिति में प्रशासनिक निर्णय लेने के संदर्भ में इस कथन का विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
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04 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 43: “केवल उस सिद्धांत के अनुसार कार्य करना चाहिये जिससे वह एक सार्वभौमिक नियम बन जाए।” लोक सेवाओं में कांट का निरपेक्ष आदेश (Categorical Imperative) किस प्रकार नैतिक निर्णय का मार्गदर्शन कर सकता है? (150 शब्द)
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02 Aug 2025
निबंध लेखन
निबंध
दिवस 42 -
प्रश्न. आनंद, बाह्य अव्यवस्था की अस्वीकृति का प्रयास है। (1200 शब्द)
प्रश्न. जब अधिगम यांत्रिक हो जाता है, तो चिंतन वैकल्पिक मात्र रह जाता है। (1200 शब्द) -
01 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 41-
आप एक महत्त्वपूर्ण रणनीतिक देश में नियुक्त वरिष्ठ भारतीय राजनयिक हैं। हाल ही में, भारत मेज़बान देश के साथ एक महत्त्वपूर्ण रक्षा सहयोग समझौते पर वार्ता कर रहा है, जिससे भारत के क्षेत्रीय प्रभाव और महत्त्वपूर्ण तकनीक तक पहुँच में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। यह वार्ता अब अंतिम चरण में है।
इसी दौरान, एक विदेशी मीडिया संस्थान ने एक गोपनीय आंतरिक रिपोर्ट लीक की, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उस मेज़बान देश की कुछ रक्षा कंपनियों ने अतीत में अन्य देशों से जुड़े सौदों में अज्ञात अधिकारियों को रिश्वत दी थी। हालाँकि ये आरोप असत्यापित हैं और वर्तमान समझौते से सीधे संबंधित नहीं हैं, परंतु आपके दूतावास के एक कर्मचारी ने आपको गुप्त रूप से सूचित किया है कि वर्तमान समझौते में शामिल कंपनियों में से एक इसी तरह की पृष्ठभूमि को लेकर भारत में अनौपचारिक जाँच चल रही है।
आपकी सरकार क्षेत्र में एक प्रतिद्वंद्वी शक्ति के बढ़ते प्रभाव के प्रतिकार के रूप में इस सौदे को अंतिम रूप देने के लिये उत्सुक है। हालाँकि, भारत में नागरिक समाज समूह हथियारों की खरीद में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर चिंताएँ जता रहे हैं।
साथ ही, एक रक्षा विश्लेषक आपसे निजी तौर पर संपर्क करता है और संकेत देता है कि अगर आप फर्म की विश्वसनीयता पर और सवाल उठाए बिना सौदे की ‘सुचारू प्रगति सुनिश्चित’ करते हैं, तो सेवानिवृत्ति के बाद आपको परामर्श के अवसर मिल सकते हैं।
अब आपको विदेश मंत्रालय को अपनी अंतिम रिपोर्ट भेजनी है, जो दिल्ली में निर्णय प्रक्रिया को बहुत प्रभावित कर सकती है।
- राष्ट्रीय रणनीतिक हितों और सत्यनिष्ठा व पारदर्शिता के बीच संतुलन स्थापित करने में आपको किन नैतिक दुविधाओं का सामना करना पड़ता है?
- वे आरोप जो कानूनी रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं, किंतु इस सौदे की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकते हैं, आपको उन आरोपों से कैसे निपटना चाहिये?
- व्यक्तिगत लाभ का संकेत (जैसे: सेवानिवृत्ति के बाद परामर्श कार्य) अंतर्राष्ट्रीय समझौतों में नैतिक निर्णय-निर्माण को किस प्रकार प्रभावित कर सकता है? कौन-से सुरक्षा उपाय ऐसे समझौतों को रोक सकते हैं? ( 250 शब्द)
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01 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 41-
आप राज्य शहरी विकास विभाग में एक वरिष्ठ अधिकारी के रूप में लोक सूचना अधिकारी (PIO) के पद पर कार्यरत हैं। एक दिन, आपको एक पत्रकार से एक RTI आवेदन प्राप्त होता है जिसमें पिछले तीन वर्षों में एक हाई-प्रोफाइल स्मार्ट सिटी परियोजना के लिये किये गए टेंडरों और वित्तीय आवंटन का विवरण मांगा गया है। मांगे गए दस्तावेज़ों में आंतरिक फाइल नोटिंग, अनुमोदन ज्ञापन, निजी ठेकेदारों के साथ पत्राचार और बैठकों के विवरण शामिल हैं।
जब आप दस्तावेज़ों का परीक्षण करते हैं, तो पाते हैं कि कुछ फाइलों से प्रक्रियागत चूक, लागत में बढ़ोतरी तथा अधिकारियों और मंत्रियों के बीच आंतरिक असहमति उजागर हो सकती है। विशेष रूप से एक फाइल में आपने स्वयं विक्रेता चयन को लेकर नैतिक आपत्तियाँ दर्ज की थीं, किंतु परियोजना को तब भी स्वीकृति दे दी गई थी। इन दस्तावेज़ों को सार्वजनिक करने से ये अनियमितताएँ सामने आ सकती हैं और वरिष्ठ अधिकारियों एवं निर्वाचित प्रतिनिधियों की प्रतिष्ठा को आघात पहुँच सकता है।
इसी बीच, एक वरिष्ठ प्रशासक आपसे अनौपचारिक रूप से संपर्क करता है और आपको ‘व्यापक प्रशासनिक स्थिरता’ और प्रतिष्ठा के जोखिम का हवाला देते हुए जवाब देने में विलंब करने या कुछ संवेदनशील फाइलें ‘हटा देने’ की सलाह देता है। आप स्वयं भी इस बात को लेकर आशंकित हैं कि अगर आप अलिखित अपेक्षाओं के विरुद्ध काम करते हैं तो आपका स्थानांतरण हो सकता है या आपके कॅरियर में ठहराव जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस बीच, पत्रकार नियमित रूप से मामले की जाँच कर रहा है और एक ऐसी खबर प्रकाशित करने की योजना बना रहा है जिससे जनता में आक्रोश फैल सकता है।
- इस प्रकरण में कौन-कौन से नैतिक द्वंद्व मौजूद हैं?
- इस स्थिति में आपके पास कौन-कौन से विकल्प उपलब्ध हैं?
- प्रत्येक विकल्प का मूल्यांकन कीजिये तथा बताइये कि आप कौन-सा विकल्प अपनायेंगे और क्यों? (250 शब्द)
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01 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 41-
आप भारत के पूर्वी क्षेत्र के एक अर्द्ध-शहरी ज़िले के ज़िला कलेक्टर हैं। छह महीने पूर्व एक नदी पर बने एक प्रमुख सड़क पुल का बड़े धूमधाम से उद्घाटन किया गया था। यह पुल प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत बनाया गया था, जिसमें राज्य सरकार ने भी सह-वित्तपोषण किया था। इसे ग्रामीण संपर्क और विकास का प्रतीक बताया गया था।
कल भारी वर्षा के कारण यह पुल ढह गया, जिससे 17 लोगों की मृत्यु हो गई, जिनमें स्कूल बस में सवार बच्चे और साप्ताहिक बाज़ार की ओर जा रहे किसान शामिल थे। प्रारंभिक जाँच में पाया गया कि निर्माण में निम्न गुणवत्ता सामग्री का इस्तेमाल किया गया था, चुनाव से पहले निर्माण कार्य जल्दबाज़ी में किया गया था और सुरक्षा मानदंडों की अनदेखी की गई थी। यह ठेका एक राजनीतिक रूप से जुड़े ठेकेदार को दिया गया था, जिसने ज़िले में कई अन्य बुनियादी अवसंरचना परियोजनाओं का निर्माण किया है।
ज़िला प्रशासन के प्रमुख के रूप में, आपने लोक निर्माण विभाग (PWD) और तृतीय-पक्ष गुणवत्ता ऑडिट द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों के आधार पर, निर्माण कार्य पूरा होने की रिपोर्ट पर हस्ताक्षर किये थे। नागरिक समाज संगठन और मीडिया अब एक असुरक्षित अवसंरचना को मंज़ूरी देने में प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। पीड़ितों के परिवार जवाबदेही और मुआवज़े की माँग कर रहे हैं। राज्य सरकार ने न्यायिक जाँच की घोषणा की है।
अब आप न केवल प्रशासनिक निरीक्षण के लिये उत्तरदायी लोक सेवक के रूप में बल्कि न्याय, पारदर्शिता और संस्थागत विश्वास सुनिश्चित करने वाले राज्य के प्रतिनिधि के रूप में कड़े सार्वजनिक जाँच के घेरे में हैं।
- इस प्रकरण में कौन-कौन से नैतिक मुद्दे अंतर्निहित हैं?
- आप तत्काल इस संकट की स्थिति में किस प्रकार प्रतिक्रिया देंगे?
- संस्थागत संकट के इस दौर में कौन-कौन से संवैधानिक मूल्य और पेशेवर आचार संहिता आपके निर्णयों का मार्गदर्शन करेंगे?
- भविष्य में बुनियादी अवसंरचना के विकास में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिये आप कौन-से सुधार सुझाएँगे? (250 शब्द)
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01 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 41-
आप मध्य भारत के एक खनिज-समृद्ध क्षेत्र के ज़िलाधिकारी हैं। आपके ज़िले में बॉक्साइट की बड़ी मात्रा में उपलब्धता को देखते हुए खनिज मंत्रालय ने एक विशाल खनन परियोजना को स्वीकृति दी है। इस परियोजना का उद्देश्य स्थानीय युवाओं के लिये रोज़गार, राज्य के लिये राजस्व तथा बुनियादी अवसंरचना का विकास सुनिश्चित करना है। यह परियोजना एक प्रमुख बहुराष्ट्रीय निगम द्वारा समर्थित है और इसे राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर राजनीतिक समर्थन प्राप्त है।
किंतु प्रस्तावित खनन क्षेत्र जैव-विविधता से परिपूर्ण एक वन-क्षेत्र में आता है जहाँ जनजातीय समुदाय निवास करते हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों ने वनों की कटाई, जलस्रोतों के संदूषण तथा दीर्घकालिक पारिस्थितिकीय क्षति को लेकर चिंता जताई है। स्थानीय जनजातीय नेता शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि उन्हें रोज़गार और संस्कृति से वंचित होने तथा विस्थापन का भय है।
कंपनी को प्रारंभिक स्वीकृतियाँ प्राप्त हो चुकी हैं, परंतु अंतिम पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) तथा सार्वजनिक परामर्श की प्रक्रिया अभी शेष है। आपको EIA प्रक्रिया की देखरेख और पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा गया है। इसी बीच, उच्चाधिकारियों से दबाव है कि आप ‘राष्ट्रीय हित’ में अनुमोदन की प्रक्रिया को शीघ्रता से पूर्ण करें। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने अनौपचारिक रूप से यह भी संकेत दिया है कि यदि आप परियोजना में ‘अवरोध’ उत्पन्न करते हैं तो आपकी भावी नियुक्तियाँ आपके निर्णयों से प्रभावित हो सकती हैं।
- इस परिस्थिति में विकासात्मक लक्ष्यों और पर्यावरणीय न्याय के बीच संतुलन स्थापित करने में आपको किन नैतिक दुविधाओं का सामना करना पड़ता है?
- लंबित पर्यावरणीय स्वीकृतियों और जनसुनवाई की प्रक्रिया को लेकर आपकी तात्कालिक कार्ययोजना क्या होनी चाहिये?
- आप किस प्रकार सुनिश्चित करेंगे कि वंचित समुदायों की आवाज़ सुनी जाये, साथ ही राज्य के विकासात्मक लक्ष्यों की उपेक्षा भी न हो?
- कौन-से संवैधानिक प्रावधान, पर्यावरणीय नैतिकता और सहभागी शासन के सिद्धांत आपके निर्णयों का मार्गदर्शन करेंगे? (250 शब्द)
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31 Jul 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 40: आप कौशल विकास मंत्रालय के अंतर्गत एक प्रतिष्ठित सरकारी विभाग में निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। एक सुबह, एक कनिष्ठ महिला अधिकारी आपके कार्यालय में आती है और एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराती है, जिसमें वह बार-बार अश्लील टिप्पणियों, अनुचित टेक्स्ट संदेशों व असहज व्यवहार के रूप में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाती है। वह बताती है कि हालाँकि वह अपनी नौकरी को महत्त्व देती है तथा संस्थान का सम्मान करती है, लेकिन अब वह भावनात्मक तनाव एवं असुरक्षा की भावना के कारण कार्यालय जाने से डरती है।
जिस अधिकारी पर आरोप लगाया गया है, उसकी पेशेवर छवि अच्छी मानी जाती है और मंत्रालय में उसके प्रभावशाली संपर्क भी हैं। जब उससे इस विषय में बात की जाती है, तो वह आरोपों को पूरी तरह नकार देता है और यह संकेत देता है कि शिकायतकर्त्ता ने संभवतः सामान्य बातचीत को गलत समझा होगा या वह पेशेवर प्रतिद्वंद्विता के कारण ऐसा कर रही हो। विभाग में आंतरिक शिकायत समिति ( ICC) कार्यरत है, लेकिन शिकायतकर्त्ता औपचारिक प्रक्रिया शुरू करने से झिझक रही है क्योंकि उसे सामाजिक बदनामी, पेशेवर नुकसान और कार्यस्थल पर अकेले पड़ जाने का डर है।
जैसे-जैसे घटना की खबर अनौपचारिक रूप से फैलती है, आपको अन्य कर्मचारियों में बेचैनी महसूस होने लगती है। शिकायतकर्त्ता गोपनीयता की गुहार लगाती है, लेकिन अपनी सुरक्षा के लिये तत्काल कार्रवाई की भी माँग करती है।
A. इस स्थिति में मुख्य नैतिक मुद्दे क्या हैं?
B. आप शिकायतकर्त्ता और अभियुक्त, दोनों के प्रति निष्पक्षता सुनिश्चित करते हुए इस स्थिति से कैसे निपटेंगे?
C. इस मामले में आपके निर्णय लेने में कौन-से नैतिक मूल्य मार्गदर्शन करेंगे?
D. कार्यस्थल संस्कृति को सुदृढ़ करने के लिये आप कौन-से दीर्घकालिक निवारक एवं सुधारात्मक उपायों का सुझाव देंगे? -
31 Jul 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 40: आप एक वरिष्ठ अधिकारी हैं और अंतर्राष्ट्रीय जलवायु शिखर सम्मेलन में भारत के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के सदस्य हैं। यह सम्मेलन एक ऐसे महत्त्वपूर्ण मोड़ पर है जहाँ विकसित देश इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि भारत जैसी विकासशील अर्थव्यवस्थाओं सहित सभी देश तुरंत उच्च उत्सर्जन कटौती लक्ष्य अपनाएँ। इन देशों का तर्क है कि जलवायु परिवर्तन की तात्कालिकता को देखते हुए विनाशकारी परिणामों से बचने के लिये एकीकृत और महत्त्वाकांक्षी वैश्विक कार्रवाई की आवश्यकता है।
हालाँकि, भारत का मानना है कि वैश्विक उत्सर्जन में उसका ऐतिहासिक योगदान न्यूनतम है और उसके विकास पथ, विशेषकर उन लाखों लोगों के लिये जिनके पास अभी भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है, को तीव्र कार्बन तटस्थता के नाम पर समझौता नहीं किया जाना चाहिये।
भारत की यह स्थिति समता (Equity) और सामान्य परंतु विभेदित उत्तरदायित्व (CBDR) के सिद्धांतों पर आधारित है और यह मानती है कि विकसित देशों को अपनी ऐतिहासिक ज़िम्मेदारी और अधिक वित्तीय क्षमता के आधार पर अधिक प्रयास करने चाहिये। हालाँकि इस रुख का घरेलू स्तर पर पुरज़ोर समर्थन है, लेकिन भारत पर जलवायु कार्रवाई पर आम सहमति को अवरुद्ध करने का आरोप लगाते हुए अंतर्राष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है।
इसी बीच एक प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय थिंक टैंक (नीतिगत शोध संस्थान) आपको एक प्रमुख विदेशी विश्वविद्यालय में एक प्रतिष्ठित फैलोशिप का प्रस्ताव देता है। यद्यपि वे स्पष्ट रूप से कोई शर्त नहीं रखते, परंतु यह संकेत मिलता है कि भारत के कठोर रुख को बदलने में आपका समर्थन आपको यह अवसर प्राप्त करने में सहायता कर सकता है।
आपको संदेह है कि यह प्रस्ताव पूरी तरह से परोपकारी नहीं है और आपकी निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता है। साथ ही, आपके एक सहकर्मी ने आपको चेतावनी दी है कि यदि भारत की स्थिति में कोई लचीलापन नहीं दिखाया गया, तो इससे भारत की अंतर्राष्ट्रीय छवि को नुकसान हो सकता है और भविष्य में तकनीक अंतरण तथा जलवायु वित्त सहयोग में भी बाधा आ सकती है।
A. वैश्विक मंच पर राष्ट्रीय हित का प्रतिनिधित्व करने वाले एक लोक सेवक के रूप में आपको किन नैतिक मुद्दों का सामना करना पड़ता है?
B. आप वैश्विक नैतिक उत्तरदायित्वों और राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों के बीच संघर्ष से कैसे निपटेंगे?
C. आपको इस प्रस्ताव पर किस प्रकार प्रतिक्रिया देनी चाहिये? ऐसी वार्ताओं का मार्गदर्शन किन नैतिक मूल्यों और कूटनीतिक सिद्धांतों द्वारा किया जाना चाहिये? -
31 Jul 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 40: अभय कुमार एक IPS अधिकारी हैं जिन्हें हाल ही में तीन राज्यों की सीमा पर स्थित एक ज़िले में पुलिस अधीक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है। यह क्षेत्र पहले नक्सली उग्रवाद और युवाओं में बढ़ती कट्टरता के लिये जाना जाता रहा है। हाल के वर्षों में निरंतर विकासात्मक प्रयासों और समुदाय-आधारित अभियानों के कारण हिंसक घटनाओं में कमी आयी है।
हालाँकि, अब खुफिया रिपोर्टें संकेत दे रही हैं कि नक्सली समूहों और कट्टरपंथी संगठनों द्वारा भूमिगत भर्ती की गतिविधियाँ फिर से शुरू हो रही हैं। इसके लिये वे डिजिटल प्रचार, सोशल मीडिया और स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों की सहायता ले रहे हैं।
हाल ही में एक 19 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र की गिरफ़्तारी से प्रशासन हैरान है। उसके पास कट्टरपंथ प्रेरित साहित्य मिला है, वह एन्क्रिप्टेड ऑनलाइन समूहों से जुड़ा था और उस पर एक सरकारी बुनियादी अवसंरचना परियोजना को नुकसान पहुँचाने की योजना का आरोप है। पूछताछ में पता चला कि वह बेरोज़गारी और व्यवस्थागत असमानताओं से निराश था तथा ऐसे विचारधारा से प्रेरित कंटेंट के प्रभाव में आ गया था।
अभय की टीम पर सख्त रुख अपनाने का दबाव है, जिसमें अधिक युवाओं की गिरफ़्तारी और आक्रामक निगरानी के ज़रिये दूसरों को डराने का सुझाव दिया जा रहा है। लेकिन अभय को आशंका है कि इससे स्थिति और बिगड़ सकती है, युवा और अधिक कट्टरपंथी विचारधाराओं की ओर बढ़ सकते हैं तथा सामाजिक अलगाव बढ़ सकता है। नागरिक समाज समूह भी पुलिस के दमन और प्रोफाइलिंग के खिलाफ चेतावनी दे रहे हैं।
A. वर्तमान स्थिति में अभय के समक्ष कौन-सी नैतिक दुविधाएँ हैं?
B. उसके समक्ष कौन-से विकल्प उपलब्ध हैं और प्रत्येक के क्या परिणाम होंगे?
C. आप किस प्रकार की कार्रवाईयों का सुझाव देंगे? अपने उत्तर को नैतिक तर्कों द्वारा स्पष्ट कीजिये।
D. सुभेद्य क्षेत्रों में युवाओं के कट्टरपंथ के मूल कारणों को दूर करने के लिये दीर्घकालिक रणनीतियों का सुझाव दीजिये। -
31 Jul 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 40: अनीता एक युवा IAS अधिकारी हैं, जिन्हें राज्य डिजिटल गवर्नेंस मिशन (SDGM) की निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है। उनके विभाग द्वारा एक महत्त्वाकांक्षी परियोजना शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत नागरिकों के स्वास्थ्य, शिक्षा, राशन, भूमि और पुलिस से जुड़े डेटा को JanSuraksha ID नामक एक एकीकृत डिजिटल पहचान प्रणाली में समाहित किया गया है। इसका उद्देश्य सेवा-प्रदान को सुगम बनाना, भ्रष्टाचार को कम करना तथा कल्याणकारी योजनाओं की अधिक प्रभावी लक्ष्यित पहुँच सुनिश्चित करना है।
हालाँकि, नागरिक स्वतंत्रता समूहों और डेटा गोपनीयता से जुड़े विशेषज्ञों ने इस पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस प्रणाली में डेटा सुरक्षा की समुचित व्यवस्था नहीं है, नागरिकों से स्पष्ट सहमति नहीं ली गई है और क़ानून-प्रवर्तन एजेंसियों या निजी कंपनियों द्वारा इसका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।
एक आंतरिक ऑडिट के दौरान अनीता को पता चलता है कि जिस निजी कंपनी को डेटा एनालिटिक्स का कार्य सौंपा गया है, उसने बिना विभाग को सूचित किये प्रोजेक्ट का एक हिस्सा एक विदेशी सब-कॉन्ट्रैक्टर को सौंप दिया है। प्रारंभिक रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि कुछ नागरिक डेटा का उपयोग अप्रत्यक्ष रूप से व्यावसायिक कंपनियों को पूर्वानुमान संबंधी विश्लेषण बेचने के लिये किया जा रहा है, जिससे लक्षित विज्ञापन चलाये जा सकें।
जब अनीता अपने वरिष्ठों के समक्ष यह मुद्दा उठाती है, तो उसे कहा जाता है कि वह इस मामले में कोई ढिलाई न बरतें, क्योंकि इस परियोजना को राजनीतिक समर्थन प्राप्त है और इसे शासन में ‘गेम-चेंजर’ के रूप में सराहा जा रहा है। अब अनीता पर विधानसभा चुनावों से पहले इस परियोजना को क्लीन चिट देने का दबाव है।
A. इस स्थिति में अनीता के समक्ष कौन-सी नैतिक दुविधाएँ हैं?
B. उसके समक्ष कौन-से विकल्प उपलब्ध हैं? प्रत्येक के परिणामों की समालोचनात्मक परीक्षण कीजिये।
C. आप किस प्रकार की कार्रवाईयों का सुझाव देंगे? अपने उत्तर को नैतिक तर्कों द्वारा स्पष्ट कीजिये। -
30 Jul 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 1
भूगोल
दिवस 39: "सहानुभूति कोई कमज़ोरी नहीं है, बल्कि वह शक्ति है जो किसी और के दृष्टिकोण से देखने की क्षमता देती है।" वंचितों को गरिमामयी और समावेशी सेवा-प्रदान सुनिश्चित करने में सहानुभूति एवं करुणा की भूमिका का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिये। (250 शब्द)
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30 Jul 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 39: “एक सिविल सेवक सत्तारूढ़ दल का नहीं, बल्कि संविधान का सेवक होता है।” लोक सेवा में नैतिक तटस्थता बनाये रखने में गैर-पक्षपातपूर्णता के महत्त्व का परीक्षण कीजिये। (250 शब्द)
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30 Jul 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 39: "नैतिक नेतृत्व की शुरुआत नैतिक चरित्र से होती है।" ऐसे पाँच नैतिक गुण बताइये जो एक नैतिक रूप से दृढ़ सिविल सेवक को केवल एक कुशल सिविल सेवक से अलग बनाते हैं। (150 शब्द)
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30 Jul 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 39: “जवाबदेही के बिना सत्यनिष्ठा एक सजावटी मूल्य है; और सत्यनिष्ठा के बिना जवाबदेही दमनकारी बन जाती है।” लोक प्रशासन में इन दोनों के अंतर्संबंधों पर चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
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29 Jul 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 38: "यदि नैतिक दृष्टिकोण चरित्र को परिभाषित करते हैं; तो राजनीतिक दृष्टिकोण नागरिकता को परिभाषित करते हैं।" एक नैतिक रूप से उत्तरदायी सार्वजनिक जीवन को गढ़ने में नैतिक तथा राजनीतिक दृष्टिकोण के बीच अंतर्संबंध का परीक्षण कीजिये। (250 शब्द)
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29 Jul 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 38: “बच्चे मूल्यों को निर्देश से नहीं, बल्कि अवलोकन से सीखते हैं।” माता-पिता, शिक्षकों तथा समाजिक आदर्श-व्यक्तित्वों के अनुकरण द्वारा युवाओं के नैतिक विकास पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण कीजिये। (250 शब्द)
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29 Jul 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 38: “लोक सेवा का उद्देश्य जनमानस पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि उन्हें साझा लक्ष्यों की ओर प्रेरणा और सहभागिता से अग्रसर करना होता है।” नैतिक रूप से लोक सेवक सार्वजनिक नीतिगत उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु सामाजिक प्रभाव का उपयोग किस प्रकार कर सकते हैं? (150 शब्द)
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29 Jul 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 38: “हमारे विचार हमारे दृष्टिकोण को आकार देते हैं और हमारे दृष्टिकोण हमारे कार्यों को आकार देते हैं।” दृष्टिकोण, विचार और व्यवहार के बीच संबंध के संदर्भ में विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
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28 Jul 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 37: "विधि न्यूनतम मानकों को निर्धारित करती है, जबकि नैतिकता उच्च आदर्शों की ओर अग्रसर करती है।" उदाहरणों सहित स्पष्टीकरण दीजिये कि जब शासन में नैतिकता का अभाव होता है, तो विधिक कमियों का दुरुपयोग किस प्रकार होता है। (150 शब्द)
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28 Jul 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 37: “नैतिकता से रहित तकनीक, उत्तरदायित्वहीन शक्ति में परिवर्तित हो जाती है।”
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के नैतिक पक्षों का परीक्षण कीजिये और ऐसे संस्थागत सुरक्षा उपायों का सुझाव दीजिये जो DPI को संवैधानिक नैतिकता तथा मानवीय मूल्यों के अनुरूप बनाते हों। (250 शब्द)
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28 Jul 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 37: जब निजी संबंध सार्वजनिक कर्त्तव्यों को प्रभावित करते हैं, तो हितों का टकराव किस प्रकार उत्पन्न होता है, विवेचना कीजिये। प्रशासन में ऐसे संघर्षों के प्रबंधन के लिये उपयुक्त तंत्रों एवं रूपरेखाओं का सुझाव भी दीजिये। (250 शब्द)
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28 Jul 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 37: "एक नेता अपनी शक्ति के कारण महान नहीं बनता, बल्कि दूसरों को सशक्त बनाने की अपनी क्षमता के कारण होता है।" – जॉन मैक्सवेल
वर्तमान परिप्रेक्ष्य में इस उद्धरण का आपके लिये क्या अर्थ है? (150 शब्द)
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26 Jul 2025
निबंध लेखन
निबंध
दिवस 36
प्रश्न 1. जो सत्य है वह सदैव लोकप्रिय नहीं होता और जो लोकप्रिय है वह सदैव सत्य नहीं होता। (1200 शब्द)
प्रश्न 2. भाग्य संयोग का विषय नहीं है; बल्कि यह चयन का परिणाम है। (1200 शब्द)
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25 Jul 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 3
आंतरिक सुरक्षा
दिवस 35: “हिंद महासागर महाशक्तियों की प्रतिद्वंद्विता का नया रंगमंच है।” हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की समुद्री सुरक्षा रणनीति का मूल्यांकन कीजिये। (150 शब्द)
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25 Jul 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 3
आंतरिक सुरक्षा
दिवस 35: “सामुदायिक सहभागिता कट्टरपंथ के विरुद्ध रक्षा की पहली पंक्ति है।” आतंकवाद की रोकथाम में शिक्षा, नागरिक समाज और स्थानीय शासन की भूमिका का आकलन कीजिये। (150 शब्द)