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08 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 47: आप एक बड़े चुनाव से पहले एक महानगरीय शहर के ज़िला मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यरत हैं। हाल के हफ्तों में, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डीपफेक वीडियो के प्रसार में तेज़ी आई है। इनमें से कुछ वीडियो में प्रमुख राजनीतिक नेताओं को भड़काऊ बयान देते हुए दिखाया गया है, जो उन्होंने वास्तव में कभी नहीं दिये, जबकि अन्य वीडियो मनगढ़ंत आपत्तिजनक कंटेंट के माध्यम से आम नागरिकों को निशाना बना रहे हैं।
एक स्थानीय धार्मिक नेता को अपमानजनक टिप्पणी करते हुए दिखाने वाले एक वायरल डीपफेक वीडियो ने शहर के कुछ हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न कर दिया है। पुलिस साइबर सेल ने राज्य के बाहर से संचालित कई अज्ञात खातों का स्रोत पता लगाया है, लेकिन अधिकार क्षेत्र के मुद्दों और कंटेंट के तेज़ी से प्रसार के कारण गिरफ्तारी कठिन होती जा रही है।
नागरिक समाज समूह तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, उनका दावा है कि कार्रवाई न करने से गलत सूचना का प्रसार और सामाजिक अशांति बढ़ेगी। हालाँकि, राजनीतिक दल प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगा रहे हैं, उनका कहना है कि कुछ कंटेंट को चुनिंदा रूप से लक्षित करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन है। इस बीच, पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि डीपफेक पर अंकुश लगाने में अतिशयोक्ति का प्रयोग वैध असहमति को दबाने के बहाने के रूप में किया जा सकता है।
इस जटिलता को और बढ़ाते हुए, आपके ज़िले के एक तकनीकी स्टार्टअप ने निशुल्क परीक्षण के लिये एक AI-आधारित पहचान उपकरण की पेशकश की है, लेकिन इसके लिये नागरिकों की तस्वीरों और आवाज़ के बड़े डेटासेट तक पहुँच की आवश्यकता होती है, जिससे गोपनीयता संबंधी चिंताएँ बढ़ जाती हैं। गृह मंत्रालय ने आपको यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है कि डिजिटल स्वतंत्रता को अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित किये बिना विधि-व्यवस्था बनाए रखी जाए।
- इस मामले में शामिल नैतिक मुद्दों का अभिनिर्धारण कीजिये और इनकी विवेचना कीजिये।
- आप अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करते हुए डीपफेक के खतरे से निपटने के लिये एक संतुलित दृष्टिकोण किस प्रकार सुनिश्चित करेंगे?
- इस संकट से निपटने में लोक प्रशासन के कौन-से मूल्य आपका मार्गदर्शन करेंगे? (250 शब्द)
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08 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 47: आप बीस लाख से अधिक की आबादी वाले एक बड़े सरकारी अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के पद पर तैनात हैं। हाल ही में, यह अस्पताल आवश्यक दवाओं की कमी, खराब नैदानिक उपकरणों, लंबी प्रतीक्षा अवधि, अपर्याप्त स्वच्छता और लापरवाही के कारण मरीज़ों की मौत जैसी कई गलत वजहों से सुर्खियों में रहा है।
नौकरी शुरू करने पर, आपको पता चलता है कि कई डॉक्टर और नर्स कम वेतन एवं अधिक काम का बोझ बताकर अनियमित काम करते हैं। कई आपूर्तिकर्त्ताओं के प्रभावशाली स्थानीय राजनेताओं से संबंध हैं, जिसके कारण अधिक मूल्य पर निम्न गुणवत्ता वाली दवाइयाँ मिलती हैं। भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण अस्पताल के रखरखाव अनुबंधों का नवीनीकरण लंबित है। ग्रामीण क्षेत्रों और गरीब पृष्ठभूमि के मरीज़ों को भेदभाव का सामना करना पड़ता है तथा प्रायः उन्हें भर्ती होने या जाँच के लिये रिश्वत माँगी जाती है। वरिष्ठ कर्मचारी पिछली गड़बड़ियों के उजागर होने के डर से सुधारों का विरोध कर रहे हैं।
हाल ही में एक ऑडिट रिपोर्ट में सुरक्षा प्रोटोकॉल के घोर उल्लंघन की बात कही गई है और सेवाओं में तत्काल सुधार की माँग करते हुए उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने आपको बजट सत्र से पहले निजी तौर पर “बजट सत्र से पहले अधिक हंगामा करने से बचने की सलाह” दी है।
A. इस मामले में नैतिक और प्रशासनिक मुद्दों का अभिनिर्धारण कीजिये।
B. आप राजनीतिक प्रतिक्रिया को भड़काए बिना रोगी देखभाल किस प्रकार सुनिश्चित करेंगे?
C. भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने और कर्मचारियों की जवाबदेही में सुधार के लिये आप क्या कदम उठाएँगे?
D. उन नैतिक मूल्यों का सुझाव दीजिये जो एक लोक स्वास्थ्य प्रशासक का मार्गदर्शन करने चाहिये। (250 शब्द) -
08 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 47: आप महाराष्ट्र के एक सूखाग्रस्त ज़िले के ज़िला कलेक्टर हैं। पिछले एक साल में, इस क्षेत्र में अनियमित मानसून और कीटों के प्रकोप के कारण लगातार फसलें बर्बाद हुई हैं। कई किसान अनौपचारिक साहूकारों से लिये गए ऊँची ब्याज दरों वाले ऋण के बोझ तले दबे हैं, क्योंकि संस्थागत ऋण या तो उपलब्ध नहीं है या विलंब से उपलब्ध होता है।
पिछले हफ्ते, पास के एक गाँव के 42 वर्षीय किसान ने लगातार तीसरे सीज़न में कपास की फसल बर्बाद होने के बाद आत्महत्या कर ली। उसकी मौत के बाद स्थानीय किसान संघों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जिन्होंने प्रशासन पर ग्रामीण संकट की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। मीडिया इस घटना को व्यापक रूप से कवर कर रही है और ज़िले को कृषि संकट का प्रतीक बता रही है। विपक्षी दलों ने सभी प्रभावित किसानों के लिये तत्काल मुआवज़ा और ऋण माफी की माँग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिये हैं।
आपकी प्रारंभिक जाँच से पता चलता है कि हालाँकि सरकारी फसल बीमा योजनाएँ मौजूद हैं, लेकिन ज़िले के अधिकतर किसान या तो इन योजनाओं के बारे में नहीं जानते या उन्हें दावा प्रक्रिया बहुत जटिल लगती है। मृतक किसान के परिवार का दावा है कि उन्होंने सहायता के लिये कृषि विभाग से कई बार संपर्क किया, लेकिन कोई सार्थक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
नागरिक समाज के कार्यकर्त्ता आपसे ऐसी आत्महत्याओं को रोकने के लिये कड़े कदम उठाने का आग्रह कर रहे हैं, जिनमें मानसिक स्वास्थ्य सहायता, सरल ऋण सुविधा और तत्काल वित्तीय राहत शामिल है। हालाँकि, चालू वित्त वर्ष के लिये आपका बजटीय आवंटन पहले से ही सीमित है तथा किसी भी बड़े पैमाने पर वित्तीय प्रतिबद्धता को राज्य के वित्त विभाग से प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है। इस बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय ने 48 घंटों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।A. इस मामले में नैतिक दुविधाओं और शासन संबंधी चुनौतियों का अभिनिर्धारण कीजिये।
B. कृषि संकट को दूर करने के लिये आप अल्पकालिक राहत और दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधारों के बीच किस प्रकार संतुलन स्थापित करेंगे?
C. स्थानीय प्रशासनिक तंत्र की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये आप क्या कदम उठाएँगे?
D. भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिये लोक सेवा के कौन-से मूल्य आपके निर्णयों का मार्गदर्शन करेंगे? (250 शब्द) -
08 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 47: आप एक ऐसे शहर के ज़िला मजिस्ट्रेट हैं जिसका सांप्रदायिक संवेदनशीलता का इतिहास रहा है। हाल ही में, एक धार्मिक जुलूस के दौरान, एक विवादित क्षेत्र से गुज़रने वाले रास्ते को लेकर दो समुदायों के सदस्यों के बीच कहासुनी हो गई। यह घटना तेज़ी से बढ़ गई और दोनों पक्षों की ओर से पथराव की खबरें आईं, जिससे कई लोग घायल हुए हैं तथा संपत्ति को नुकसान पहुँचा है। सोशल मीडिया पर कई पोस्ट वायरल हो गए हैं, जिनमें से कई फर्ज़ी या बढ़ा-चढ़ाकर बताए गए हैं, जिससे भावनाएँ आहत हुई हैं तथा दंगे भड़क रहे हैं।
स्थानीय बाज़ार बंद हो गए हैं और निवासियों में भय व्याप्त है। कई राजनीतिक नेता अपने-अपने वोट बैंक को सुदृढ़ करने के लिये भड़काऊ बयान दे रहे हैं। खुफिया रिपोर्टों में चेतावनी दी गई है कि यदि अगले 24 घंटों के भीतर स्थिति पर काबू नहीं पाया गया, तो पड़ोसी ज़िलों में भी अशांति फैल सकती है। दोनों पक्षों के धार्मिक नेताओं ने प्रशासन पर अविश्वास जताया है और शुरुआती झड़प से निपटने में पक्षपात का आरोप लगाया है।
पुलिस ने धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है, लेकिन आर्थिक व्यवधान से बचने के लिये उच्च अधिकारियों का दबाव है कि वे जल्द से जल्द सामान्य स्थिति स्थापित करें। इस बीच, मानवाधिकार कार्यकर्त्ता अत्यधिक बल प्रयोग के प्रति आगाह कर रहे हैं और मीडिया इन घटनाओं को आक्रामक तरीके से कवर कर रहा है, प्रायः सबसे सनसनीखेज़ पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।इस तनावपूर्ण माहौल में, आपको यह तय करना होगा कि तात्कालिक संकट से किस प्रकार निपटा जाए और साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि दीर्घकालिक रूप से सांप्रदायिक सद्भाव पुनः स्थापित हो। कोई भी चूक या तो निष्क्रियता के आरोपों या फी सख्ती के आरोपों का कारण बन सकती है।
A. इस मामले में नैतिक मुद्दों और प्रशासनिक चुनौतियों का अभिनिर्धारण कीजिये।
B. आप नागरिक स्वतंत्रता का उल्लंघन किये बिना किस-प्रकार कानून-व्यवस्था बनाए रखेंगे?
C. गलत सूचनाओं का मुकाबला करने और समुदायों के बीच विश्वास पुनः स्थापित करने के लिये आप क्या उपाय करेंगे?
D. इस संवेदनशील स्थिति में निष्पक्ष और प्रभावी निर्णय लेने में लोक सेवा के कौन-से मूल्य एवं सिद्धांत आपका मार्गदर्शन करेंगे? (250 शब्द) -
07 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 46: आप रज़िया हैं, जो एक IAS अधिकारी के रूप में किसी ज़िले की उप-आयुक्त (Deputy Commissioner) पद पर तैनात हैं। आपके ज़िले में नागरिकता सत्यापन प्रक्रिया (जैसे NRC) का अंतिम चरण चल रहा है। इस अंतिम सूची से हज़ारों लोगों को अपवर्जित कर दिया गया है, जिनमें से अधिकांश दिहाड़ी मज़दूर, सीमांत किसान और गरीबी, अशिक्षा या बाढ़ के दौरान विस्थापन के कारण अधूरे दस्तावेज़ों वाली महिलाएँ हैं।
जिन लोगों के नाम बाहर रखे गए हैं उनमें वे परिवार भी शामिल हैं जो दशकों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं। अब ज़िले में व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और सांप्रदायिक तनाव भी बढ़ रहा है। कुछ समूह प्रशासन पर पक्षपात और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि अन्य समूह ‘स्थानीय पहचान’ की रक्षा के लिये कड़ी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।
राज्य सरकार को भेजी जाने वाली आपकी रिपोर्ट पूरी तरह से निष्पक्ष होने की उम्मीद है, लेकिन आप व्यक्तिगत रूप से जानती हैं कि बाहर रखे गए कई परिवार संभवतः वास्तविक नागरिक हैं। आपके कनिष्ठ अधिकारी ‘स्पष्ट त्रुटियों में सुधार’ करने के लिये कुछ आँकड़ों में हेरफेर करने का सुझाव देते हैं, लेकिन यह कानूनी प्रोटोकॉल का उल्लंघन होगा।
- इस स्थिति में रज़िया किन नैतिक द्वन्दों का सामना कर रही हैं?
- निम्नलिखित कार्रवाइयों के तात्कालिक और दीर्घकालिक परिणामों का मूल्यांकन कीजिये:
(a) जो लोग वास्तविक नागरिक हैं, उन्हें शामिल करने के लिये रिकॉर्ड में हेरफेर करना
(b) मानवीय पक्षों की अनदेखी करते हुए दस्तावेज़ आधारित नियमों का कठोरता से पालन करना
(c) नये सिरे से क्षेत्र सत्यापन (Field verification) की अनुशंसा करना
C. रज़िया को क्या निर्णय लेना चाहिये? नैतिक सिद्धांतों और पेशेवर आचरण के आधार पर अपने उत्तर के माध्यम से उचित निष्कर्ष दीजिये। (250 शब्द)
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07 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 46: आप आनंद हैं, जो एक ईमानदार उप-मंडलीय दंडाधिकारी (SDM) हैं और राज्य के एक अर्द्ध-शहरी क्षेत्र में कार्यरत हैं, जहाँ अवैध रेत खनन एक संगठित माफिया द्वारा संचालित किया जाता है। हाल ही में आपके क्षेत्र में स्थानांतरित एक कनिष्ठ राजस्व निरीक्षक आपको गुप्त रूप से सूचित करता है कि प्रतिदिन रात में ट्रकों द्वारा अवैध रूप से खनन की गयी रेत की ढुलाई की जाती है, जिसमें स्थानीय पुलिस और पंचायत अधिकारियों की मिलीभगत है।
आप एक रात छापेमारी की योजना बनाते हैं, कई वाहन ज़ब्त करते हैं और कुछ ठेकेदारों को हिरासत में लेते हैं। अगले दिन, एक स्थानीय विधायक सार्वजनिक रूप से आपकी आलोचना करता है और आप पर उत्पीड़न व भ्रष्टाचार के आरोप लगाता है। आपको अनौपचारिक रूप से यह भी सूचित किया जाता है कि सचिवालय में आपके स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर आपको एक ‘आदर्श अधिकारी’ के रूप में सराहा जा रहा है। क्षेत्र के नागरिकों ने रेत माफिया के प्रभाव के विरुद्ध एक छोटा जन-आंदोलन शुरू कर दिया है। हालाँकि, आपकी पारिवारिक सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है क्योंकि उन्हें धमकी भरे संदेश मिलने लगे हैं, और आपका कनिष्ठ अधिकारी अब अपनी गवाही वापस लेना चाहता है।
- आनंद के समक्ष प्रमुख नैतिक दुविधाएँ क्या हैं?
- उसके समक्ष मौजूद संभावित विकल्पों का मूल्यांकन कीजिये, जिनमें शामिल हैं:
(a) अकेले ही कार्रवाई जारी रखना
(b) केंद्रीय/राज्य सुरक्षा की माँग करते हुए मामले को आगे बढ़ाना
(c) गुप्त रूप से स्थानांतरण की माँग कर एक गोपनीय रिपोर्ट सौंपना
3. आप क्या निर्णय लेंगे? लोक सेवा के मूलभूत मूल्यों के संदर्भ में अपने उत्तर का औचित्य स्पष्ट कीजिये। (250 शब्द)
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07 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 46: आप प्रिया हैं, जो एक पिछड़े ज़िले में जिला आपूर्ति अधिकारी (District Supply Officer) के रूप में नियुक्त हैं जहाँ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) हज़ारों गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवारों के जीवन-निर्वाह के लिये अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
कार्यभार सँभालने के शीघ्र बाद ही आपको कई शिकायतें और व्हिसलब्लोअर रिपोर्टें प्राप्त होती हैं, जिनसे पता चलता है कि कई उचित मूल्य की दुकानों (FPS) के डीलर फर्ज़ी राशन कार्ड और जाली डिजिटल रिकॉर्ड का उपयोग करके सब्सिडी वाले खाद्यान्न की कालाबाज़ारी कर रहे हैं। आपके क्षेत्रीय सत्यापन से यह स्पष्ट होता है कि भारी मात्रा में अनाज का गबन हो रहा है। कुछ विभागीय अधिकारी भी इसमें शामिल हैं।
जैसे ही आप जाँच शुरू करती हैं, वरिष्ठ अधिकारी आपको राजनीतिक संवेदनशीलता और लंबे समय से चली आ रही व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए धीमी गति से काम करने की चेतावनी देते हैं।
साथ ही आपको यह भी बताया जाता है कि स्थानीय मंत्री का रिश्तेदार सबसे बड़े FPS ठेकेदारों में से एक है। इस बीच, वास्तविक लाभार्थी अब भी वंचित हैं तथा नागरिक समाज संगठन त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।
- इस परिस्थिति में प्रिया के समक्ष कौन-कौन से नैतिक द्वंद्व (ethical dilemmas) उपस्थित हैं?
- उनके पास कौन-कौन से विकल्प उपलब्ध हैं? प्रत्येक विकल्प के संभावित परिणामों की समालोचनात्मक विवेचना कीजिये।
- आप किस कार्यवाही की अनुशंसा करेंगे? नैतिक दृष्टिकोण से उसका औचित्य स्पष्ट कीजिये।
(250 शब्द)
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07 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
केस स्टडीज़
दिवस 46: आप राहुल हैं, एक भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी, जिन्हें हिमालयी राज्य के एक पहाड़ी ज़िले में ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) समन्वयक के रूप में तैनात किया गया है। यह क्षेत्र भूस्खलन, बादल फटने और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिये सुभेद्य है।
हाल ही में, ऊपरी घाटी में एक भीषण बादल फटने की घटना हुई, जिसमें कई लोगों की मृत्यु हो गई, घर नष्ट हो गये, वन क्षेत्र तबाह हो गया और एक छोटा जलविद्युत बाँध भी बह गया। प्रारंभिक रिपोर्टों से यह संकेत मिला है कि सुभेद्य ढलानों पर अवैज्ञानिक निर्माण, वनों की कटाई एवं पर्यावरणीय मंज़ूरियों में लापरवाही के कारण इस आपदा की भयावहता और बढ़ गई।
एक गोपनीय रिपोर्ट में स्थानीय भूवैज्ञानिक ने बताया है कि जिन क्षेत्रों को सुभेद्य घोषित किया गया था या बादल फटने की आशंका थी, वहाँ के बारे में चेतावनी दी गई थी, लेकिन प्रशासन ने इन चेतावनियों को राजनेताओं और रियल एस्टेट लॉबी के दबाव में अनदेखा कर दिया।
अब एक केंद्रीय टीम इस क्षेत्र का दौरा करने आ रही है। आपको इस आपदा के कारणों और प्रशासनिक प्रतिक्रिया पर एक रिपोर्ट तैयार करने के लिये कहा गया है। लेकिन आपके वरिष्ठ अधिकारी और राजनीतिक नेतृत्व आपसे यह अपेक्षा कर रहे हैं कि आप पर्यावरणीय लापरवाही को नज़रअंदाज़ करते हुए इस आपदा को ‘प्राकृतिक और अप्रत्याशित कारणों से हुई दुर्घटना’ के रूप में प्रस्तुत करें। आपको चेतावनी दी गई है कि यदि आप प्रशासनिक कमियों को उजागर करेंगे, तो इससे आपकी आगामी पोस्टिंग और पदोन्नति पर असर पड़ सकता है।
दूसरी ओर शोक संतप्त ग्रामीण, विस्थापित आदिवासी समुदाय और जलवायु कार्यकर्त्ता पारदर्शिता, जवाबदेही एवं स्थायी पुनर्निर्माण नीतियों की मांग कर रहे हैं।
- इस स्थिति में राहुल को किन नैतिक द्वंद्वों का सामना करना पड़ रहा है?
- विकल्पों का मूल्यांकन कीजिये और प्रत्येक के संभावित परिणाम बताइये।
- राहुल के लिये सर्वोत्तम कार्यवाही का सुझाव दीजिये।
- उचित नैतिक तर्कों और सुशासन के सिद्धांतों के आधार पर इसका समाधान प्रस्तुत कीजिये।
(250 शब्द)
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06 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 45: “निष्पक्षता यह सुनिश्चित करती है कि सत्ता एक 'विश्वास' बनी रहे, कोई 'विशेष अधिकार' नहीं।” भारत की शासन-व्यवस्था के संदर्भ में इस कथन की विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
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06 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 45: “नैतिक संहिता प्रेरणा देती है, जबकि आचार संहिता अनुशासनात्मक ढंग से लागू होती है।" भारत में लोक सेवा के संदर्भ में इस अंतर का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
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06 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 45: सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम की कल्पना सहभागी लोकतंत्र के एक साधन के रूप में की गई थी। पिछले दशक में इसके प्रभाव को निर्धारित करने वाले राजनीतिक, प्रशासनिक और तकनीकी कारणों का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिये। (150 शब्द)
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06 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 45: “कार्य संस्कृति में सुधार भारत की शासन-व्यवस्था में आवश्यक मौन क्रांति है।” दक्षता, पारदर्शिता और नागरिकों के विश्वास के लिये इसकी महत्ता का विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
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05 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस- 44: “नैतिक दुविधा तब उत्पन्न होती है जब मूल्यों के बीच टकराव होता है, न कि तब जब मूल्य अनुपस्थित हों।” शासन में पारदर्शिता और गोपनीयता जैसे प्रतिस्पर्द्धी मूल्यों के संदर्भ में इस कथन की विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
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05 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस-44: “भ्रष्टाचार केवल सत्ता का दुरुपयोग नहीं है, बल्कि विश्वासघात भी है।" इस कथन के आलोक में मूल्यांकन कीजिये कि भ्रष्टाचार किस प्रकार संस्थागत नैतिकता और शासन में जनविश्वास को क्षीण करता है। (150 शब्द)
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05 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस- 44: “नैतिक विदेश नीति दया नहीं, बल्कि न्याय का विषय है।” जलवायु वित्त और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के परिप्रेक्ष्य में, कम विकसित देशों (LDC) के प्रति विकसित राष्ट्रों की नैतिक ज़िम्मेदारी का विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
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05 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस-44: “व्यावसायिक नैतिकता में, अंशधारकों की तुलना में हितधारक अधिक महत्त्वपूर्ण होते हैं।” आधुनिक निगमित प्रशासन में 'अंशधारक प्रधानता' से 'हितधारक कल्याण' की ओर हो रहे नैतिक परिवर्तन का मूल्यांकन कीजिये। (150 शब्द)
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04 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 43: “न्याय सामाजिक संस्थाओं का प्रथम गुण है।” समावेशी और समतामूलक शासन व्यवस्था हेतु नीति निर्माण में रॉल्स का 'न्याय सिद्धांत' किस प्रकार सहायक हो सकता है, विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
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04 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 43: “गांधीजी के ‘सात पापों का सिद्धांत’ केवल नैतिक चिंतन नहीं, बल्कि नैतिक मानदंड है।” एक लोक सेवक इन सिद्धांतों को दैनिक निर्णयों में नैतिक परीक्षण के रूप में किस प्रकार प्रयोग कर सकता है? (150 शब्द)
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04 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 43: “जब अंतरात्मा में नैतिक तूफान उठते हैं, तब भावनात्मक बुद्धिमत्ता ही स्थिरता का लंगर बनती है।” नैतिक द्वंद्व की स्थिति में प्रशासनिक निर्णय लेने के संदर्भ में इस कथन का विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
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04 Aug 2025
सामान्य अध्ययन पेपर 4
सैद्धांतिक प्रश्न
दिवस 43: “केवल उस सिद्धांत के अनुसार कार्य करना चाहिये जिससे वह एक सार्वभौमिक नियम बन जाए।” लोक सेवाओं में कांट का निरपेक्ष आदेश (Categorical Imperative) किस प्रकार नैतिक निर्णय का मार्गदर्शन कर सकता है? (150 शब्द)