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Mains Marathon

  • 07 Aug 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 केस स्टडीज़

    दिवस 46: आप आनंद हैं, जो एक ईमानदार उप-मंडलीय दंडाधिकारी (SDM) हैं और राज्य के एक अर्द्ध-शहरी क्षेत्र में कार्यरत हैं, जहाँ अवैध रेत खनन एक संगठित माफिया द्वारा संचालित किया जाता है। हाल ही में आपके क्षेत्र में स्थानांतरित एक कनिष्ठ राजस्व निरीक्षक आपको गुप्त रूप से सूचित करता है कि प्रतिदिन रात में ट्रकों द्वारा अवैध रूप से खनन की गयी रेत की ढुलाई की जाती है, जिसमें स्थानीय पुलिस और पंचायत अधिकारियों की मिलीभगत है।

    आप एक रात छापेमारी की योजना बनाते हैं, कई वाहन ज़ब्त करते हैं और कुछ ठेकेदारों को हिरासत में लेते हैं। अगले दिन, एक स्थानीय विधायक सार्वजनिक रूप से आपकी आलोचना करता है और आप पर उत्पीड़न व भ्रष्टाचार के आरोप लगाता है। आपको अनौपचारिक रूप से यह भी सूचित किया जाता है कि सचिवालय में आपके स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।  

    इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर आपको एक ‘आदर्श अधिकारी’ के रूप में सराहा जा रहा है। क्षेत्र के नागरिकों ने रेत माफिया के प्रभाव के विरुद्ध एक छोटा जन-आंदोलन शुरू कर दिया है। हालाँकि, आपकी पारिवारिक सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है क्योंकि उन्हें धमकी भरे संदेश मिलने लगे हैं, और आपका कनिष्ठ अधिकारी अब अपनी गवाही वापस लेना चाहता है।

    1. आनंद के समक्ष प्रमुख नैतिक दुविधाएँ क्या हैं?
    2. उसके समक्ष मौजूद संभावित विकल्पों का मूल्यांकन कीजिये, जिनमें शामिल हैं:

    (a) अकेले ही कार्रवाई जारी रखना

    (b) केंद्रीय/राज्य सुरक्षा की माँग करते हुए मामले को आगे बढ़ाना

    (c) गुप्त रूप से स्थानांतरण की माँग कर एक गोपनीय रिपोर्ट सौंपना

    3. आप क्या निर्णय लेंगे? लोक सेवा के मूलभूत मूल्यों के संदर्भ में अपने उत्तर का औचित्य स्पष्ट कीजिये। (250 शब्द)

    उत्तर

    हल करने का दृष्टिकोण:

    • संदर्भ स्थापित करने के लिये स्थिति का संक्षेप में परिचय दीजिये।
    • वर्तमान स्थिति में आनंद के समक्ष आने वाले नैतिक दुविधाओं का अभिनिर्धारण कीजिये।
    • उसके सामने दिये गए संभावित विकल्पों का मूल्यांकन कीजिये।
    • उपयुक्त कार्रवाई की अनुशंसा कीजिये। 
    • सिविल सेवा के मूलभूत मूल्यों के संदर्भ में इसकी पुष्टि कीजिये।
    • आगे की राह बताते हुए उचित निष्कर्ष दीजिये।

    परिचय: 

    SDM आनंद के रूप में, मैंने स्थानीय पुलिस और पंचायत अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर रहे एक रेत खनन माफिया का सामना किया। एक कनिष्ठ निरीक्षक की सूचना पर, मैंने रात में छापा मारा, ट्रक ज़ब्त किये और ठेकेदारों को हिरासत में लिया। इसके परिणामस्वरूप प्रतिक्रिया हुई, जिसमें एक स्थानीय विधायक ने मुझ पर उत्पीड़न और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, और मेरा स्थानांतरण प्रक्रियाधीन है। यद्यपि सोशल मीडिया पर मुझे एक ‘आदर्श अधिकारी’ के रूप में सराहना की जा रही है और नागरिक माफिया के खिलाफ संगठित हो रहे हैं, वहीं मेरे परिवार को धमकियाँ मिल रही हैं और मेरा कनिष्ठ अधिकारी मामले का समर्थन करने से हिचकिचा रहा है।  

    मुख्य भाग:

    A. प्रमुख नैतिक दुविधाएँ

    • कर्त्तव्य बनाम व्यक्तिगत सुरक्षा: स्वयं और परिवार के लिये जोखिम के बावजूद कानून लागू करना।
    • ईमानदारी बनाम राजनीतिक दबाव: आरोपों और प्रतिशोध के बीच न्याय को कायम रखना।
    • न्याय बनाम प्रणालीगत भ्रष्टाचार: पुलिस और अधिकारियों की भागीदारी से अवैध खनन से लड़ना।
    • पारदर्शिता बनाम विवेक: मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाना या चुपचाप कार्रवाई करना।
    • साहस बनाम व्यावहारिकता: नैतिक साहस को व्यावहारिक सुरक्षा विचारों के साथ संतुलित करना।

    B. विकल्प और उनके परिणाम 

    विकल्प A: अकेले कार्रवाई जारी रखना

    • पक्ष: सत्यनिष्ठा का प्रदर्शन, जनता का विश्वास बनाए रखना।
    • विपक्ष: उच्च व्यक्तिगत और पारिवारिक जोखिम, संभावित अलगाव और प्रशासनिक प्रतिशोध।

    विकल्प B: केंद्र/राज्य सुरक्षा का अनुरोध करना और कार्रवाई को आगे बढ़ाना

    • पक्ष: व्यक्तिगत सुरक्षा की रक्षा सुनिश्चित होती है, संस्थागत समर्थन प्राप्त होता है और कार्रवाई को गति मिलती है।
    • विपक्ष: राजनीतिक तनाव, प्रशासनिक विलंब संभव है।

    विकल्प C: गोपनीय रिपोर्ट के साथ विवेकपूर्ण स्थानांतरण की मांग करना

    • पक्ष: पारिवारिक सुरक्षा सुनिश्चित होती है, सीधे टकराव से बचाव संभव है, साक्ष्य सुरक्षित रहते हैं।
    • विपक्ष: यह आत्मसमर्पण जैसा लग सकता है, प्रवर्तन की गति धीमी हो सकती है और जनता का विश्वास खोने का जोखिम उत्पन्न हो सकता है।

    C.अनुशंसित कार्यवाही

    • विकल्प B का  चयन: केंद्र/राज्य सुरक्षा का अनुरोध करना चाहिये और उच्च अधिकारियों तक अपनी बात प्रेषित की जानी चाहिये।
    • पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये एक विस्तृत, साक्ष्य-आधारित रिपोर्ट दर्ज  की जानी चाहिये।
    • जनता का दबाव बनाए रखने के लिये नागरिक समाज और मीडिया के साथ जुड़ाव बनाए रखना चाहिये।
    • जोखिम कम करने के लिये संस्थागत समर्थन के विवेकपूर्ण उपयोग के साथ नैतिक साहस का संतुलन बनाए रखना चाहिये।

    सिविल सेवा मूल्यों पर आधारित औचित्य

    • सत्यनिष्ठा: बिना किसी भय या पक्षपात के कानून का पालन करना।
    • निष्पक्षता: भ्रष्टाचार से निष्पक्षता से लड़ना।
    • जवाबदेही: सच्चाई से रिपोर्ट करना और संस्थागत समर्थन प्राप्त करना।
    • साहस: जनहित के लिये खतरों के विरुद्ध दृढ़ रहना।
    • संवेदनशीलता: नागरिकों और संसाधनों की रक्षा के लिये निर्णायक रूप से कार्य करना।

    निष्कर्ष:

    इमैनुएल कांट की कर्त्तव्य-नैतिकता के अनुसार, आनंद को अपने कर्त्तव्य की भावना से कार्य करना चाहिये तथा ईमानदारी, न्याय और निष्ठा जैसे सार्वभौमिक नैतिक नियमों का पालन करना चाहिये। यहाँ तक कि धमकियों और राजनीतिक दबाव के बावजूद उसके कार्य ऐसे सिद्धांतों पर आधारित होने चाहिये जिन्हें सार्वभौमिक मानक के रूप में स्वीकार किया जा सके, ताकि विधि का शासन एवं नैतिक उत्तरदायित्व बना रहे।

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