डेली फ्री मेन्स आंसर राइटिंग प्रोग्राम
हमारे डेली फ्री मेन्स आंसर राइटिंग प्रोग्राम (Daily Free Mains Answer Writing Program) के साथ आप UPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा की तैयारी प्रभावी ढंग से कर सकते हैं, इसे UPSC अभ्यर्थियों की मांगों को पूरा करने के लिये विशिष्ट रूप से तैयार किया गया है। इस प्रोग्राम के अंतर्गत प्रतिदिन UPSC-मानक स्तर के दो प्रश्न प्रदान किये जा रहे हैं, जिन्हें परीक्षा के नवीनतम ट्रेंड्स को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया जाता है।
प्रत्येक प्रश्न को स्टैटिक विषय एवं समसामयिक घटनाक्रम (current affairs) के साथ एकीकृत करके तैयार किया गया है, जिससे अभ्यर्थियों को पाठ्यक्रम के अनुकूल समुचित अध्ययन में सहायता मिलती है। उत्तर के संबंध में आपकी सहायता हेतु हम विस्तृत मॉडल उत्तर/संदर्भ सामग्री भी प्रदान करते हैं, जो आपके उत्तर लेखन को संरचित करने एवं उच्च अंक प्राप्त करने में सहायक होगी।
इस प्रोग्राम के अंतर्गत हम आपको आपके द्वारा सबमिट किये उत्तरों का फ्री मूल्यांकन भी प्रदान करते हैं। अतः अभ्यर्थी अपने उत्तर सबमिट कर सकते हैं और अपने लेखन कौशल को संपुष्ट करने के लिये सुझाव प्राप्त कर सकते हैं। मूल्यांकन का उद्देश्य उत्तरों की स्पष्टता, एकरूपता और सटीकता को सुधारना है, जो मुख्य परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने के लिये महत्त्वपूर्ण हैं। इसके अतिरिक्त, हम निबंध लेखन पर मार्गदर्शन प्रदान करते हैं, जिसमें शोधित विषय, समृद्ध संदर्भ सामग्री और फ्री निबंध मूल्यांकन शामिल हैं, ताकि अभ्यर्थी इस महत्त्वपूर्ण खंड में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
डेली मेन्स आंसर राइटिंग प्रोग्राम के लिये शेड्यूल
| दिवस | प्रमुख विषय |
|---|---|
| सोमवार | सामान्य अध्ययन पेपर 1 – भारतीय विरासत, संस्कृति, इतिहास और विश्व का भूगोल और समाज |
| मंगलवार | सामान्य अध्ययन पेपर 2 – शासन, संविधान, राजव्यवस्था, सामाजिक न्याय और अंतर्राष्ट्रीय संबंध |
| बुधवार | सामान्य अध्ययन पेपर 3 – आर्थिक विकास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जैव विविधता एवं पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन |
| गुरुवार | सामान्य अध्ययन पेपर 4 (सैद्धांतिक प्रश्न) – नैतिकता, सत्यनिष्ठा और अभिरुचि |
| शुक्रवार | सामान्य अध्ययन पेपर 4 (केस स्टडी) – व्यावहारिक नैतिक परिदृश्य |
| शनिवार | निबंध लेखन – बहु-विषयक एवं गहन शोध के माध्यम से तैयार टॉपिक्स |
कुल प्रश्नों की संख्या : 5190
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प्रश्न. भारत में खनिज तथा ऊर्जा संसाधनों के असमान वितरण के लिये उत्तरदायी भौगोलिक कारकों पर चर्चा कीजिये। यह क्षेत्रीय विकास को किस प्रकार प्रभावित करता है, समझाइये। (250 शब्द)
06 Oct, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 1 भूगोल -
प्रश्न. मौर्यकालीन कला एवं स्थापत्य ने किस प्रकार मौर्य साम्राज्य के आदर्शों, विशेषतः अशोक के ‘धम्म’ और शाही सत्ता का प्रतिनिधित्व किया, इस पर चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
06 Oct, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 1 इतिहास -
निबंध विषय:
प्रश्न 1. जिसके पास जीने का कारण है, वह लगभग किसी भी परिस्थिति को सह सकता है। (1200 शब्द)
प्रश्न 2. बुद्धि के बिना महत्वाकांक्षा तूफान है, जबकि प्रयास के बिना संतोष मृगतृष्णा है। (1200 शब्द)
04 Oct, 2025 निबंध लेखन निबंध -
रवि, एक IAS अधिकारी, एक राजनीतिक रूप से संवेदनशील ज़िले में ज़िला मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत हैं। शासक दल द्वारा अपनी ताकत दिखाने के लिये एक विशाल राजनीतिक रैली आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग दो लाख लोग शामिल होने की संभावना थी। वरिष्ठ नेता इसमें शामिल होने वाले थे तथा इस कार्यक्रम का व्यापक स्तर पर प्रचार किया गया था। हालाँकि रवि के कार्यालय ने पहले ही बैरिकेडिंग, निकासी मार्ग, पुलिस तैनाती और चिकित्सा तैयारियों के संबंध में सलाहें जारी की थीं, आयोजकों ने कई निर्देशों की अनदेखी की, यह कहकर कि बजट की सीमाएँ और तात्कालिकता की वजह से ऐसा करना संभव नहीं है।
रैली के दिन स्थिति अराजक हो गई। प्रवेश एवं निकास द्वार अत्यधिक भीड़ से भर गए, भीड़ प्रबंधन ठीक से नहीं किया गया तथा चिकित्सा सुविधाएँ अपर्याप्त थीं। रैली के दौरान, मंच के पास जाने के लिये लोगों द्वारा अचानक धक्का-मुक्की ने दहशत उत्पन्न कर दी, जिससे भगदड़ मची। इस घटना में कई लोगों की जान चली गई, कई घायल हुए तथा यह घटना व्यापक गुस्से और आक्रोश को जन्म देने वाली सिद्ध हुई।
विभिन्न हितधारकों की प्रतिक्रियाएँ तीव्र रही। मृतकों के परिवारों ने न्याय, जवाबदेही और त्वरित मुआवज़े की मांग की। नागरिक समाज के समूहों व मीडिया ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। विपक्षी दलों का दावा था कि सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिये लोगों की जान को खतरे में डाला। वहीं, शासक दल ने रवि पर दबाव डाला कि वह इस घटना को कम महत्त्व दें एवं इसे एक “अपरिहार्य त्रासदी” के रूप में प्रस्तुत करें। कुछ अधिकारियों ने यह भी सुझाव दिया कि गलतियों को उजागर करने से अशांति उत्पन्न सकती है तथा यह रवि के कॅरियर के लिये जोखिम भी बन सकता है।
अब रवि एक द्वंद का सामना कर रहे हैं। ज़िले के प्रशासनिक प्रमुख के रूप में, वे जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा कानून के शासन को बनाए रखने के लिये ज़िम्मेदार हैं। वहीं, उन्हें राजनीतिक दबाव, ट्रांसफर का खतरा एवं व्यक्तिगत धमकियों का भी सामना करना पड़ रहा है। उनके विकल्पों के परिणाम न केवल उनके कॅरियर पर, बल्कि शासन की विश्वसनीयता व जनता के विश्वास पर भी प्रभाव डालेंगे।
प्रश्न
1. रवि इस स्थिति में किन नैतिक द्वंद्वों का सामना कर रहे हैं?
2. रवि के पास उपलब्ध विकल्पों का मूल्यांकन कीजिये और प्रत्येक के संभावित परिणाम बताइए।
3. संवैधानिक मूल्यों और अच्छे शासन के सिद्धांतों के संदर्भ में रवि के लिये सबसे उपयुक्त कार्यवाही क्या हो सकती है, सुझाव दीजिये।
4. भीड़ प्रबंधन में सुधार करने और बड़े राजनीतिक एवं सार्वजनिक आयोजनों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये दीर्घकालीन सुधार क्या लागू किये जा सकते हैं? (250 शब्द)
03 Oct, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 केस स्टडीज़ -
प्रश्न. भगदड़ अक्सर ऐसी त्रासदियाँ होती हैं जिन्हें रोका जा सकता है, जो अपर्याप्त योजना, जवाबदेही की कमी और अप्रभावी प्रवर्तन के कारण होती हैं। टिप्पणी कीजिये। (150 शब्द)
01 Oct, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 3 आपदा प्रबंधन -
प्रश्न: भारत का विनिर्माण क्षेत्र गति दिखा रहा है, लेकिन इसे लगातार बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इस क्षेत्र में चुनौतियों की गंभीर समीक्षा कीजिये और हाल की पहलों के संदर्भ में सुधार सुझाइए। (250 शब्द)
01 Oct, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 3 अर्थव्यवस्था -
प्रश्न: लद्दाख की छठी अनुसूची में शामिल किये जाने की मांग राष्ट्रीय एकीकरण और क्षेत्रीय स्वायत्तता के बीच संतुलन की परीक्षा लेती है। इस सामरिक रूप से संवेदनशील केंद्रशासित प्रदेश को छठी अनुसूची के संरक्षण प्रदान करने की आवश्यकता और चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिये। (250 शब्द)
30 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 2 राजव्यवस्था -
प्रश्न: ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की समावेशिता भारत के समता अवसंरचना की सुदृढ़ता की परीक्षा लेती है। उनके समाज में पूर्ण सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु बाधाओं और आवश्यक नीतिगत हस्तक्षेपों पर विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
30 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 2 सामाजिक न्याय -
प्रश्न: प्रवासन सामाजिक गतिशीलता का एक अवसर और शहरी तनाव का एक स्रोत दोनों है।
29 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 1 भारतीय समाज
भारत में आंतरिक प्रवासन के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का विश्लेषण कीजिये और इसकी चुनौतियों को दूर करने हेतु उपाय सुझाइए। (250 शब्द) -
प्रश्न: उत्पीड़ितों की चुप्पी तोड़ते हुए, ज्योतिबा फुले ने गरिमा और मुक्ति को आवाज़ दी। चर्चा कीजिये कि कैसे उनके विचारों ने 19वीं सदी के भारत में समानता और न्याय पर विमर्श को नया रूप दिया। (150 शब्द)
29 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 1 इतिहास -
निबंध विषय:
प्रश्न 1: न्याय सामाजिक संस्थाओं का पहला सद्गुण है, जैसे सत्य विचार प्रणालियों का होता है। (1200 शब्द)
प्रश्न 2: मन की स्वतंत्रता ही वास्तविक स्वतंत्रता है। (1200 शब्द)
27 Sep, 2025 निबंध लेखन निबंध -
आप अनिल हैं, भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के एक अधिकारी, जो वर्तमान में एक राजनीतिक रूप से संवेदनशील ज़िले में ज़िला निर्वाचन अधिकारी (DEO) के पद पर कार्यरत हैं। चुनाव आने वाले दो हफ्तों में होने वाले हैं तथा आपकी ज़िम्मेदारी एक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।
पिछले कुछ दिनों में आपको राजनीतिक दलों, नागरिक समाज समूहों और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों से गंभीर अनियमितताओं की अनेक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। कई वास्तविक मतदाताओं के नाम रहस्यमय ढंग से मतदाता सूची से हटा दिये गए हैं, जबकि मृत व्यक्तियों के नाम और फर्जी प्रविष्टियाँ अब भी बनी हुई हैं। सत्तारूढ़ दल के प्रत्याशियों पर सरकारी वाहन, कल्याणकारी योजनाओं और सार्वजनिक धन का दुरुपयोग कर चुनाव प्रचार करने का आरोप है। कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में विपक्षी कार्यकर्त्ताओं और मतदाताओं को डराने-धमकाने के लिये बाहुबलियों के उपयोग की भी रिपोर्ट मिली है। कुछ निम्न स्तर के चुनावी कर्मचारी पक्षपातपूर्ण दिखाई देते हैं और उन पर प्रभावशाली प्रत्याशियों से मिलीभगत करने का संदेह है। इसके अतिरिक्त, वोट खरीदने के लिये नकद, शराब और मुफ्त उपहार बाँटने के व्यापक आरोप भी सामने आए हैं।
जब आप इन मामलों को वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाते हैं, तो आपको इन्हें “गैर-महत्त्वपूर्ण परिचालन संबंधी मुद्दे” मानकर आगे न बढ़ाने की सलाह दी जाती है। राजनेता आपको चेतावनी देते हैं कि सख्त कार्रवाई से अशांति उत्पन्न हो सकती है, हिंसा भड़क सकती है एवं आपके कॅरियर व परिवार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर, नागरिक समाज समूह, चुनाव आयोग के प्रेक्षक एवं मीडिया के कुछ वर्ग जवाबदेही तथा चुनावी कानूनों के सख्त अनुपालन की मांग कर रहे हैं।
जोखिम बहुत अधिक हैं। एक ओर, आपका कर्त्तव्य चुनावों की पवित्रता को बनाए रखना है, जो लोकतंत्र की नींव है। दूसरी ओर, यदि आप इस मामले को पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाते हैं, तो आपको राजनीतिक प्रतिशोध, कॅरियर में बाधाएँ और व्यक्तिगत जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है।
प्रश्न.
A. इस परिस्थिति में अनिल के समक्ष कौन-से नैतिक द्वंद्व उपस्थित हैं?
B. अनिल के समक्ष उपलब्ध विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन कीजिये तथा प्रत्येक विकल्प के संभावित परिणाम का विश्लेषण कीजिये।
C. संवैधानिक मूल्यों, नैतिक तर्क और सुशासन के सिद्धांतों के आलोक में अनिल के लिये सर्वोत्तम कार्यवाही का सुझाव दीजिये।
D. कैसे प्रणालीगत सुधारों को लागू किया जा सकता है ताकि लंबे समय में ऐसे चुनावी दुराचारों को कम किया जा सके? (250 शब्द)
26 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 केस स्टडीज़ -
प्रश्न. क्या मूल्य कानूनों से पहले स्थापित होते हैं, या कानून मूल्य निर्माण करते हैं? समाज में नैतिक मानदंडों के विकास के संदर्भ में विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
25 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. “आवश्यक सेवाओं को वस्तुओं के रूप में नहीं देखा जा सकता।” आधुनिक समाज में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के व्यवसायीकरण से उत्पन्न नैतिक चिंताओं का विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
25 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न: भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में सशस्त्र विद्रोह को बढ़ावा देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिये और पिछले दशक में सरकार द्वारा की गई हस्तक्षेप एवं शांति समझौतों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन कीजिये। (250 शब्द)
24 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 3 आंतरिक सुरक्षा -
प्रश्न: "भारत को कृषि उपज को खेतों से उपभोक्ताओं तक पहुँचाने में असमर्थताओं के कारण महत्त्वपूर्ण खाद्य अपव्यय का सामना करना पड़ता है। भारत में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और फसल कटाई के बाद के नुकसान को कम करने में 'फार्म-टू-फोर्क' आपूर्ति शृंखला की भूमिका की समीक्षा कीजिये।" (150 शब्द)
24 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 3 अर्थव्यवस्था -
प्रश्न: "पर्यावरणीय दबाव समूहों को अक्सर भागीदारी लोकतंत्र के उत्प्रेरक के रूप में देखा जाता है।" भारत में विकास की आवश्यकताओं और पारिस्थितिकीय स्थिरता के बीच सामंजस्य स्थापित करने में वे कितनी हद तक सफल रहे हैं? (150 शब्द)
23 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 2 राजव्यवस्था -
प्रश्न: सऊदी–पाकिस्तान आपसी रक्षा संधि क्षेत्रीय सुरक्षा गतिशीलता के पुनर्गठन का संकेत देती है। भारत की रणनीतिक गणना पर इसके प्रभावों का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिये। (250 शब्द)
23 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 2 अंतर्राष्ट्रीय संबंध -
प्रश्न. “जीवनसाथी चुनने का अधिकार अनुच्छेद 21 के अंतर्गत मूल अधिकार का एक पहलू है।” भारत में ऑनर किलिंग और अंतर्जातीय एवं अंतर्धार्मिक विवाहों के समक्ष आने वाली चुनौतियों के आलोक में विवेचना कीजिये। (250 शब्द)
22 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 1 भारतीय समाज -
प्रश्न. जलवायु परिवर्तन का सिंध-गंगा के मैदानों में कृषि, प्रवासन तथा संसाधन उपयोग पर प्रभाव का मूल्यांकन कीजिये। (150 शब्द)
22 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 1 भूगोल -
निबंध विषय
प्रश्न. आप जो चाहते हैं उसकी कल्पना करते हैं, आप जो कल्पना करते हैं उसे पूरा करते हैं और अंततः आप जो चाहते हैं उसे रचते हैं। (1200 शब्द)प्रश्न. सिर्फ खड़े होकर पानी देखने से आप समंदर पार नहीं कर सकते। (1200 शब्द)
20 Sep, 2025 निबंध लेखन निबंध -
केस स्टडी
आप भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी राहुल हैं, जो एक कृषि प्रधान ज़िले में ज़िला विकास अधिकारी के पद पर तैनात हैं। मौसमी बेरोज़गारी और संकटपूर्ण प्रवास से प्रभावित एक कृषि प्रधान ज़िले में ज़िला विकास अधिकारी के पद पर तैनात हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (MNREGA) इस क्षेत्र के लिये जीवनयापन का प्रमुख सहारा है, जो ग्रामीण परिवारों को मज़दूरी-आधारित रोज़गार उपलब्ध कराता है तथा साथ ही संवहनीय ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण में सहायक है। हालाँकि, हाल ही में, स्थानीय कार्यकर्त्ताओं और एक व्हिसलब्लोअर समूह ने कई ग्राम पंचायतों में MNREGA के कार्यान्वयन में बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए एक रिपोर्ट तैयार किया है।
रिपोर्ट में जिन अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है, वे हैं —
a. मस्टर रोल पर फर्ज़ी लाभार्थी और फर्ज़ी जॉब-कार्ड।
b. ग्रामीण विकास कार्यों (जैसे: सड़कें, जल-संचयन संरचनाएँ आदि) का मापन और बिलों की राशि वास्तविकता से कहीं अधिक दिखायी गई, जबकि ज़मीनी स्तर पर काम बहुत कम हुआ है या बिल्कुल हुआ ही नहीं है।
c. स्थानीय ठेकेदारों, पंचायत पदाधिकारियों और कुछ कनिष्ठ अधिकारियों के बीच मिलीभगत जो कमीशन बाँटते हैं।
d. वेतन भुगतान में विलंब जिसके कारण श्रमिकों को शीघ्र भुगतान के लिये रिश्वत लेने के लिये विवश होना पड़ता है।
e. निजी ठेकेदारों को धनराशि अंतरित करने के लिये जानबूझकर कार्य का गलत वर्गीकरण।
f. हाल ही में हुए एक सामाजिक अंकेक्षण से पता चला है कि कई परिसंपत्तियाँ न तो बनीं और न ही मानक के अनुरूप थीं।
g. राज्य ग्रामीण विकास विभाग के पिछले ऑडिट नोट्स में भी इसी तरह के मुद्दों को उठाया गया था, लेकिन उन पर नाममात्र की कार्रवाई हुई।
MNREGA के परिणामों का आकलन करने के लिये केंद्रीय मंत्रालय की एक टीम अगले सप्ताह ज़िले का दौरा करने वाली है। आपके राजनीतिक वरिष्ठों और ज़िला के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने आपको ऐसी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है जिसमें ‘संचालन संबंधी बाधाओं’ एवं प्राकृतिक कारकों (खराब मॉनसून, प्रवासन) को कमियों के लिये उत्तरदायी बताया गया हो, तथा व्यवस्थागत भ्रष्टाचार का उल्लेख न किया गया हो। आपको चेतावनी दी गई है कि सच्चाई उजागर करने पर आपका तबादला हो सकता है, आपके सेवा रिकॉर्ड में नकारात्मक प्रविष्टियाँ दर्ज हो सकती हैं तथा आपके परिवार पर राजनीतिक प्रतिशोध हो सकता है। वहीं यदि आप आज्ञा का पालन कर के सच्चाई छुपाते हैं तो लाखों श्रमिकों के अधिकारों का वंचन होता रहेगा और भ्रष्टाचार जारी रहेगा।
स्थानीय ग्रामवासी, श्रमिक संघ और नागरिक समाज समूह एक पूर्ण, पारदर्शी सार्वजनिक रिपोर्ट, दोषियों पर मुकदमा चलाने, समय पर मज़दूरी भुगतान और वास्तविक MNREGA कार्यों की बहाली की माँग कर रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर के मीडिया और उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) ने भी ज़िले की समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
प्रश्न:
1. राहुल के समक्ष कौन-कौन सी नैतिक दुविधाएँ हैं?
2. उनके समक्ष उपलब्ध विकल्पों और प्रत्येक विकल्प के संभावित परिणामों का मूल्यांकन कीजिये।
3. राहुल के लिये सर्वोत्तम कार्ययोजना का सुझाव दीजिये।
4. नैतिक तर्क और सुशासन के सिद्धांतों के आधार पर अपनी अनुशंसा का औचित्य प्रस्तुत कीजिये। (250 शब्द)
19 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 केस स्टडीज़ -
प्रश्न. “कल्याणकारी नीतियों के माध्यम से सामाजिक पुनर्निर्माण के लिये न केवल प्रशासनिक दक्षता, बल्कि सिविल सेवकों द्वारा नैतिक तर्क और आलोचनात्मक विश्लेषण की भी आवश्यकता होती है।” उपयुक्त उदाहरणों के साथ विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
18 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. “संस्थाओं में जनविश्वास प्राय: कानूनों के अभाव से नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों के क्षरण से कम होता है।” सिविल सेवाओं में जवाबदेही, विवेक और भ्रष्टाचार की चुनौतियों के संदर्भ में इस कथन का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
18 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. मानव विकास सूचकांक (HDI) क्षमता को दर्शाता है, जबकि असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक (IHDI) प्रदर्शन को प्रकट करता है। भारत के संदर्भ में विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
17 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 3 अर्थव्यवस्था -
प्रश्न. कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण (CCUS) को प्रायः ब्रिज टेक्नोलॉजी’ कहा जाता है, जो शून्य-उत्सर्जन की वैश्विक संक्रमण प्रक्रिया में सहायक है। भारतीय परिप्रेक्ष्य में इसकी क्षमता और चुनौतियों की परीक्षा कीजिये। (250 शब्द)
17 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 3 पर्यावरण -
प्रश्न. “ऊर्जा सुरक्षा केवल एक आर्थिक आवश्यकता ही नहीं, बल्कि एक भू-राजनीतिक साधन भी है।” महाशक्तियों की प्रतिद्वंद्विता के युग में भारत को अपनी ऊर्जा कूटनीति को किस प्रकार पुनर्संयोजित करना चाहिये? (150 शब्द)
16 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 2 अंतर्राष्ट्रीय संबंध -
प्रश्न . “प्रशासनिक अधिकरणों भारत की न्याय-प्रणाली का एक अनिवार्य सहायक अंग हैं।” हाल के अधिकरण सुधारों के औचित्य एवं त्वरित न्याय पर उनके प्रभाव का परीक्षण कीजिये। (250 शब्द)
16 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 2 राजव्यवस्था -
प्रश्न. “क्या संरक्षणवाद और व्यापारिक राष्ट्रवाद का उदय वैश्वीकरण से पीछे हटना है या केवल उसके अतिरेकों को संतुलित करने का प्रयास?” समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिये। (250 शब्द)
15 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 1 भारतीय समाज -
प्रश्न. “चंदेलों की स्थापत्यकला और मूर्तिकला की शैली उनकी संरचनात्मक परिपक्वता एवं कथात्मक गहनता दोनों को अभिव्यक्त करती है।” विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
15 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 1 इतिहास





