रैपिड फायर
बायोमास-आधारित कुकस्टोव (ICS)
- 16 Apr 2026
- 18 min read
हाल ही में LPG आपूर्ति संकट के चलते आधुनिक बायोमास आधारित कुकस्टोव (ICS) की महत्ता फिर से उभरकर सामने आई है। विशेषकर जब कई ग्रामीण परिवार दोबारा जलावन लकड़ी का उपयोग करने लगे हैं, जिससे स्वच्छ खाना पकाने के विकल्पों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
- परिचय: उन्नत कुकस्टोव (ICS) उन्नत बायोमास चूल्हे होते हैं, जिन्हें पारंपरिक चूल्हों की तुलना में दहन दक्षता बढ़ाने और उत्सर्जन को कम करने के लिये डिज़ाइन किया गया है।
- दक्षता में सुधार: उन्नत कुकस्टोव (ICS) 38–45% तक दक्षता प्राप्त करते हैं, जो पारंपरिक चूल्हों की तुलना में काफी अधिक है, क्योंकि पारंपरिक चूल्हे खराब वायु प्रवाह और अधिक ऊष्मा हानि के कारण लगभग 10% दक्षता पर ही काम करते हैं।
- लाभ:
- उन्नत कुकस्टोव (ICS) में द्वितीयक वातन (Secondary Aeration) जैसी तकनीकें कालिख और हानिकारक गैसों को धुएँ में बदलने से पहले ही पकड़ने में मदद करती हैं, जिससे घर के भीतर की वायु गुणवत्ता में सुधार होता है।
- उन्नत कुकस्टोव (ICS) जलावन लकड़ी की खपत को 50–66% से अधिक तक कम कर सकते हैं, जिससे संसाधनों पर दबाव घटता है।
- जलावन लकड़ी (लगभग ₹10/किग्रा.) LPG (₹100/किग्रा. से अधिक) की तुलना में काफी सस्ती होती है, जिससे विशेषकर आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में 60% से अधिक की बचत संभव होती है।
- उन्नत कुकस्टोव (ICS) पेलेट्स, ब्रिकेट्स, फसल अवशेष और गोबर जैसे विभिन्न ईंधनों का उपयोग कर सकते हैं, जिससे ईंधन के विकल्प बढ़ते हैं और कच्ची जलावन लकड़ी पर निर्भरता कम होती है।
- वित्तपोषण मॉडल: उत्सर्जन में कमी कार्बन क्रेडिट उत्पन्न कर सकती है, जो माइक्रोफाइनेंस और CSR पहलों के माध्यम से लागत को सब्सिडी देने में मदद करती है।
- आपूर्ति और विस्तारशीलता: बड़े पैमाने पर अपनाने के लिये विशाल केंद्रीकृत बुनियादी ढाँचे की आवश्यकता नहीं होती है, क्योंकि जलाऊ लकड़ी और फसल अपशिष्ट जैसे ईंधन स्थानीय रूप से उपलब्ध होते हैं।
- हालाँकि विस्तारशीलता मज़बूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, अंतिम-मील डिलीवरी स्थानीय साझेदारियों और जागरूक उपयोगकर्त्ता पर निर्भर करती है। निरंतर उपयोग के लिये बिक्री के बाद समर्थन आवश्यक है।
- चुनौतियाँ: प्रमुख मुद्दों में अग्रिम लागत, जागरूकता की कमी और तार्किक बाधाएँ शामिल हैं; हालाँकि पारंपरिक स्टोव की तुलना में उत्सर्जन कम होता है, फिर भी LPG से अधिक हो सकता है।
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