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प्रीति सरन आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र समिति के लिये पुनः निर्वाचित
चर्चा में क्यों?
भारतीय राजनयिक प्रीति सरन को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र समिति (CESCR) में वर्ष 2027 से शुरू होने वाले नए तीन-वर्षीय कार्यकाल के लिये पुनः निर्वाचित किया गया है।
मुख्य बिंदु:
- परिचय: प्रीति सरन भारतीय विदेश सेवा की एक वरिष्ठ अधिकारी हैं, जिनके पास 36 से अधिक वर्षों का अनुभव है। उन्होंने वियतनाम, टोरंटो, मॉस्को, ढाका और जिनेवा जैसे महत्त्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।
- वर्तमान में वे आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र समिति (CESCR) की अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं तथा इस पद को सॅंभालने वाली पहली भारतीय बनी हैं, जो भारत के लिये एक महत्त्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि है।
- पुनर्निर्वाचन: उन्हें CESCR में पुनः निर्वाचित किया गया है।
- कार्यकाल: उनका नया कार्यकाल वर्ष 2027 से प्रारंभ होकर तीन वर्षों तक चलेगा।
- CESCR:
- यह संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के अंतर्गत 18 सदस्यीय स्वतंत्र विशेषज्ञों का एक निकाय है, जो आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों पर अंतर्राष्ट्रीय प्रसंविदा के कार्यान्वयन की निगरानी करता है।
- CESCR प्रशासनिक रूप से संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के अधीन कार्य करता है।
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और पढ़ें: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग |
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'MY भारत' पहल के तहत 'नारी शक्ति युवा संसद' का आयोजन
चर्चा में क्यों?
युवा मामले एवं खेल मंत्रालय ने मेरा युवा भारत (MY Bharat) पहल के अंतर्गत 17 क्षेत्रों में राष्ट्रव्यापी ‘नारी शक्ति युवा संसद’ का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य लोकतांत्रिक संवाद और नीति-निर्माण में महिलाओं के नेतृत्व वाली भागीदारी को सुदृढ़ करना है।
मुख्य बिंदु:
- परिचय: ‘नारी शक्ति युवा संसद’ का आयोजन भारत के 17 क्षेत्रों में एक साथ किया गया, जिसमें 7,000 से अधिक युवा महिलाओं ने राष्ट्रीय मुद्दों पर संरचित संसदीय शैली की चर्चाओं में भाग लिया।
- आयोजक संस्था: यह कार्यक्रम युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा मेरा युवा भारत (MY Bharat) पहल के माध्यम से आयोजित किया गया।
- थीम: इस आयोजन की थीम ‘नारी शक्ति: विकसित भारत की आवाज़ – समावेशी लोकतंत्र को सुदृढ़ करना’ था, जो राष्ट्र-निर्माण और शासन में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करता है।
- प्रस्ताव: इस कार्यक्रम में सामूहिक रूप से संविधान (संशोधन) विधेयक, 2026 का समर्थन किया गया, जिसमें निम्नलिखित प्रस्ताव शामिल हैं:
- लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करना, जिसमें 33% आरक्षण महिलाओं के लिये प्रस्तावित है।
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को वर्ष 2029 के आम चुनावों से लागू करना।
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और पढ़ें: नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 |
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जामनगर में वंतारा विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी
चर्चा में क्यों?
वन्यजीव संरक्षण पहल वंतारा ने जामनगर, गुजरात में ‘वंतारा विश्वविद्यालय’ की स्थापना की घोषणा की है, जो वन्यजीव संरक्षण और पशु-चिकित्सा विज्ञान के लिये समर्पित विश्व का पहला एकीकृत वैश्विक विश्वविद्यालय होगा।
मुख्य बिंदु:
- प्रारंभ: इस विश्वविद्यालय की स्थापना वन्यजीव संरक्षण संगठन वंतारा द्वारा की गई है, जिसकी स्थापना अनंत अंबानी (रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के कार्यकारी निदेशक) ने की है।
- यह संस्थान जामनगर, गुजरात में स्थापित किया जाएगा, जहाँ वंतारा का वन्यजीव संरक्षण और पुनर्वास तंत्र स्थित है।
- विशेषता: इसे वन्यजीव संरक्षण, पशु-चिकित्सा विज्ञान और पशु कल्याण पर केंद्रित विश्व के पहले एकीकृत वैश्विक विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है।
- विश्वविद्यालय में वन्यजीव चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा, संरक्षण विज्ञान, आनुवंशिकी, महामारी विज्ञान, व्यवहार विज्ञान और संरक्षण नीति जैसे क्षेत्रों में पाठ्यक्रम संचालित किये जाएंगे।
- उद्देश्य: इस पहल का उद्देश्य भविष्य के पशु-चिकित्सकों, संरक्षण वैज्ञानिकों और वन्यजीव पेशेवरों को तैयार करना है, जिससे भारत को वन्यजीव तथा पशु-चिकित्सा शिक्षा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।
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और पढ़ें: वन्यजीव संरक्षण |

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