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- सैद्धांतिक प्रश्न
- केस स्टडीज़
कुल प्रश्नों की संख्या : 955
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प्रश्न: नियम आचरण का मार्गदर्शन कर सकते हैं, परंतु मूल्य नैतिकता को स्थायी आधार प्रदान करते हैं। नैतिक शासन को बढ़ावा देने में नियमों और मूल्यों की सापेक्ष भूमिका पर चर्चा कीजियेए। (150 शब्द)
26 Feb, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न: “लोक सेवा में, सहानुभूति कोई 'कोमल गुण' नहीं है, बल्कि एक परिवर्तनकारी प्रशासनिक शक्ति है। शासन की प्रभावशीलता बढ़ाने में सहानुभूति की भूमिका पर चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
26 Feb, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. "साहस के बिना सत्यनिष्ठा एक निष्क्रिय गुण बनकर रह जाती है और सत्यनिष्ठा के बिना साहस एक खतरनाक महत्त्वाकांक्षा बन जाता है।" लोक प्रशासन के संदर्भ में चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
19 Feb, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. “लोक सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक नैतिक प्रतिबद्धता है।” इस दृष्टि से सिविल सेवाओं के नैतिक आधारों की समीक्षा कीजिये। (150 शब्द)
19 Feb, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न: “अभिवृत्ति प्रशासनिक व्यवहार की अदृश्य प्रेरक होती है।” चर्चा कीजिये कि लोक अधिकारियों की अभिवृत्ति किस प्रकार नीतिगत परिणामों को प्रभावित करती है। (150 शब्द)
12 Feb, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न: “क्या लोक प्रशासन में राजनीतिक तटस्थता और प्रतिबद्ध संवैधानिकता सह-अस्तित्व में रह सकती हैं?” उपयुक्त तर्कों के साथ विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
12 Feb, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न: लोक प्रशासन में, कानूनी व्यवस्था हमेशा नैतिक सुदृढ़ता सुनिश्चित नहीं करती है। इस विरोधाभास से सिविल सेवकों के लिये उत्पन्न होने वाली नैतिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)।
05 Feb, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न: एक सिविल सेवक का नैतिक आचरण, अधिकार और व्यक्तिगत अंतरात्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने पर निर्भर करता है। लोकतांत्रिक शासन प्रणाली के संदर्भ में इस द्वंद्व का मूल्यांकन कीजिये। (150 शब्द)
05 Feb, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न: लोक प्रशासन में नैतिकता केवल व्यक्तिगत सत्यनिष्ठा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संस्थागत ज़िम्मेदारी भी शामिल है। चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
30 Jan, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. जहाँ पारदर्शिता और जवाबदेही नैतिक शासन के आवश्यक स्तंभ हैं, वहीं सत्यनिष्ठा तथा नैतिक साहस के अभाव में इनकी प्रभावशीलता सीमित है। उपयुक्त उदाहरणों के साथ चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
30 Jan, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. लोक पदों पर निजी संबंधों के परस्पर आच्छादन से उत्पन्न होने वाली नैतिक चुनौतियों की चर्चा कीजिये। हितों के टकराव को संस्थागत रूप से किस प्रकार संबोधित किया जा सकता है? (150 शब्द)
22 Jan, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. नैतिक शासन सुनिश्चित करने में निष्पक्षता और गैर-तरफदारी के महत्त्व की विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
22 Jan, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. भावात्मक बुद्धिमत्ता को प्राय: 'नेतृत्व के नैतिक दिशा-सूचक' के रूप में वर्णित किया जाता है। उपयुक्त उदाहरणों के साथ इस कथन का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
15 Jan, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. प्रशासन में लोक विश्वास केवल प्रक्रियात्मक दक्षता के बजाय मूल्य-आधारित आचरण का परिणाम है। विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
15 Jan, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. बढ़ते भौतिकवाद और व्यक्तिवाद से चिह्नित समाज में मानवीय मूल्यों पर अक्सर दबाव पड़ता है। नैतिक शासन और समावेशी विकास सुनिश्चित करने में मानवीय मूल्यों की प्रासंगिकता पर चर्चा कीजिये। उपयुक्त उदाहरणों सहित। (150 शब्द)
08 Jan, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. नैतिकता व्यक्तिगत, संगठनात्मक और सामाजिक तीनों स्तरों पर सक्रिय रूप से कार्य करती है। इन विभिन्न नैतिक आयामों की समीक्षा कीजिये और विश्लेषण कीजिये कि किसी एक स्तर पर नैतिक विफलता किस प्रकार समग्र नैतिक शासन को कमज़ोर कर सकती है। (150 शब्द)
08 Jan, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. लोक सेवा में नैतिक निर्णय लेने को सुदृढ़ करने और पारस्परिक संबंधों को बेहतर बनाने में सहानुभूति एवं करुणा की भूमिका स्पष्ट कीजिये। (150 शब्द)
01 Jan, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. लोक प्रशासन में शुचिता की कमी सार्वजनिक विश्वास और संस्थागत विश्वसनीयता को कैसे प्रभावित करती है? उपयुक्त उदाहरणों के साथ उत्तर को स्पष्ट कीजिये। (150 शब्द)
01 Jan, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. “प्रभावी नेतृत्व के लिये बौद्धिक क्षमता के साथ-साथ भावनात्मक बुद्धिमत्ता भी उतनी ही महत्त्वपूर्ण है।” सार्वजनिक सेवा वितरण के संदर्भ में इस कथन की विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
25 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. सुदृढ़ कॉरपोरेट प्रशासन किस प्रकार नैतिक व्यावसायिक आचरण तथा संगठनों की दीर्घकालिक संवहनीयता में योगदान देता है? उपयुक्त उदाहरणों सहित उत्तर स्पष्ट कीजिये। (150 शब्द)
25 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. अभिवृत्ति व्यक्तियों और संस्थानों के नैतिक व्यवहार को आकार देने में एक निर्णायक भूमिका निभाती है। लोक प्रशासन में नैतिक निर्णय-निर्माण पर अभिवृत्तियों के प्रभाव की विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
18 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. जवाबदेही और पारदर्शिता नैतिक शासन के आधारभूत मूल्य हैं। इनके नैतिक महत्त्व का विश्लेषण कीजिये तथा स्पष्ट कीजिये कि इन मूल्यों के अभाव में लोकतांत्रिक संस्थानों में जन-विश्वास किस प्रकार प्रभावित होता है। (150 शब्द)
18 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. “जीनोम इंजीनियरिंग में अभूतपूर्व प्रगति के बावजूद कृत्रिम मानव-जीनोम परियोजनाएँ नैतिक तथा जैव-सुरक्षा संबंधी चिंताओं से अब भी घिरी हुई हैं।” विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
11 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. “शुचिता किसी लोक सेवक के नैतिक मूल्यों को सुनिश्चित करती है, जबकि अभिरुचि उसकी कार्यकुशल उत्कृष्टता को निर्धारित करती है।” उपयुक्त उदाहरणों सहित स्पष्ट कीजिये। (150 शब्द)
11 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न: भावनाएँ नैतिक तर्कशीलता में अवरोध नहीं होतीं; बल्कि मूल संसाधन होती हैं। लोक सेवाओं में निर्णयन के परिप्रेक्ष्य में इस कथन का परीक्षण कीजिये। (150 शब्द)
04 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न: सत्यनिष्ठा का सार प्रलोभन का प्रतिरोध करने में कम और उन परिस्थितियों को समाप्त करने में अधिक निहित है जो प्रलोभन उत्पन्न करती हैं। विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
04 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
एक विकसित हो रहे औद्योगिक ज़िले की ज़िला मजिस्ट्रेट मीरा राव बढ़ती भाषा-आधारित हिंसा की घटनाओं का सामना कर रही हैं जो देश के विभिन्न हिस्सों से आये प्रवासी मज़दूरों को लक्षित कर रही है। हाल के सप्ताहों में कई चिंताजनक घटनाओं ने भय का माहौल उत्पन्न कर दिया है। स्थानीय भाषा न बोल पाने के कारण एक समूह को स्थानीय युवाओं द्वारा पीटा गया। दो डिलीवरी कर्मचारियों को उनकी मातृभाषा प्रयोग करने पर अपमानित किया गया तथा माफी मांगते हुए वीडियो रिकॉर्ड करने के लिये विवश किया गया। एक फैक्ट्री सुपरवाइज़र पर आरोप है कि उसने स्थानीय भाषा न जानने वाले श्रमिकों को कार्य-शिफ्ट देने से मना कर दिया।
अस्पतालों में प्रवासी श्रमिकों के साथ हमले के मामलों में स्पष्ट बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पुलिस के अनुसार डराने-धमकाने की गतिविधियाँ सोशल मीडिया समूहों के माध्यम से संगठित रूप से संचालित हो रही हैं, जो भाषायी शुचिता का समर्थन करते हैं और स्थानीय लोगों से नौकरियाँ वापस लेने का आग्रह करते हैं। जाँचकर्त्ताओं को संदेह है कि कुछ सांस्कृतिक संगठन, जिनका राजनीतिक प्रभाव है, सार्वजनिक सभाओं में विभाजनकारी कथाएँ बढ़ाकर तनाव को परोक्ष रूप से बढ़ावा दे रहे हैं।
मीरा एक बहु-स्तरीय योजना तैयार करती हैं जिसमें प्रासंगिक प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई, बहुभाषी शिकायत हेल्पलाइन, औद्योगिक क्षेत्रों में संवेदनशीलता कार्यक्रम, फैक्ट्रियों के लिये अनिवार्य भेदभाव-रोधी दिशा-निर्देश तथा मज़दूर संघों एवं सामुदायिक समूहों के साथ भागीदारी शामिल है।
उनकी योजना का विरोध तुरंत सामने आता है। स्थानीय व्यापार संगठनों को आशंका है कि सख्त पुलिसिंग से भर्ती प्रणालियाँ बाधित होंगी तथा आर्थिक दबाव झेल रहे छोटे उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। सांस्कृतिक समूह प्रशासन पर क्षेत्रीय पहचान को कमज़ोर करने का आरोप लगाते हैं और तर्क देते हैं कि प्रवासियों की बढ़ती संख्या स्थानीय संस्कृति को क्षीण कर रही है। कुछ मीडिया चैनल मीरा के प्रयासों को बाहरी लोगों का पक्ष लेने का प्रयास बताते हैं जिससे ध्रुवीकरण और बढ़ता है। कुछ राजनीतिक नेता आगामी चुनावों की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए उन्हें गति धीमी करने की सलाह देते हैं।
उसी समय श्रमिक कल्याण संगठनों, अधिकार-आधारित NGO और कई उद्योगपतियों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि विलंब से की गयी कार्रवाई उग्रवादी व्यवहार को बढ़ावा देगी तथा बड़ी संख्या में प्रवासी मज़दूर ज़िले से पलायन कर सकते हैं इससे आवश्यक सेवाओं, सप्लाई चेन और औद्योगिक उत्पादन में भारी व्यवधान उत्पन्न होगा। मीरा असुरक्षित मज़दूरों की सुरक्षा के कर्त्तव्य और सामाजिक स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता, कानून को दृढ़ता से लागू करने व सांस्कृतिक पहचान का सम्मान करने तथा प्रशासनिक तटस्थता और राजनीतिक दबाव के बीच फँसी हुई महसूस करती हैं।
प्रश्न:
1. इस परिस्थिति में मीरा के समक्ष उपस्थित प्रमुख नैतिक दुविधाएँ क्या हैं?
28 Nov, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न
2. इस मामले में सम्मिलित परस्पर-विरोधी मूल्यों तथा सिद्धांतों की पहचान कर उनका विश्लेषण कीजिये।
3. मीरा के समक्ष उपलब्ध संभावित कार्य-प्रणालियों का मूल्यांकन तथा उनके संभावित परिणामों पर चर्चा कीजिये।
4. प्रवासी श्रमिकों के विरुद्ध भाषा-आधारित हिंसा से निपटने के लिये मीरा का सबसे नैतिक तथा प्रशासनिक रूप से उचित कार्य-मार्ग क्या होना चाहिये? (250 शब्द) -
प्रश्न. “एक सिविल सेवक की सफलता उसकी संज्ञानात्मक क्षमता से अधिक उसकी भावनात्मक दक्षता पर निर्भर करती है।” क्या आप सहमत हैं? उदाहरणों के साथ स्पष्ट कीजिये। (150 शब्द)
27 Nov, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न.“करुणा से रहित नवोन्मेष शोषण को जन्म देता है।” कृत्रिम बुद्धिमत्ता, निगरानी तकनीकों तथा डिजिटल एकाधिकारों के युग में तकनीकी रूप से विकसित राष्ट्रों को डिजिटल उपनिवेशीकरण की प्रवृत्ति रोकने तथा विश्व-स्तर पर न्यायसंगत तकनीकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये कौन-से नैतिक सिद्धांतों का पालन करना चाहिये? (150 शब्द)
27 Nov, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
“सच्ची नीति वही है जिसमें व्यक्ति ‘अच्छा’ अधिक आकर्षक प्रतीत होने पर भी ‘उचित’ का ही चयन करे।”
20 Nov, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न
इस कथन पर विचार करते हुए सार्वजनिक जीवन में दायित्व-आधारित कर्त्तव्यवाद और परिणामवाद-आधारित नैतिकता के बीच अंतर्विरोध की विवेचना कीजिये। (150 शब्द)