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एक विकसित हो रहे औद्योगिक ज़िले की ज़िला मजिस्ट्रेट मीरा राव बढ़ती भाषा-आधारित हिंसा की घटनाओं का सामना कर रही हैं जो देश के विभिन्न हिस्सों से आये प्रवासी मज़दूरों को लक्षित कर रही है। हाल के सप्ताहों में कई चिंताजनक घटनाओं ने भय का माहौल उत्पन्न कर दिया है। स्थानीय भाषा न बोल पाने के कारण एक समूह को स्थानीय युवाओं द्वारा पीटा गया। दो डिलीवरी कर्मचारियों को उनकी मातृभाषा प्रयोग करने पर अपमानित किया गया तथा माफी मांगते हुए वीडियो रिकॉर्ड करने के लिये विवश किया गया। एक फैक्ट्री सुपरवाइज़र पर आरोप है कि उसने स्थानीय भाषा न जानने वाले श्रमिकों को कार्य-शिफ्ट देने से मना कर दिया।
अस्पतालों में प्रवासी श्रमिकों के साथ हमले के मामलों में स्पष्ट बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पुलिस के अनुसार डराने-धमकाने की गतिविधियाँ सोशल मीडिया समूहों के माध्यम से संगठित रूप से संचालित हो रही हैं, जो भाषायी शुचिता का समर्थन करते हैं और स्थानीय लोगों से नौकरियाँ वापस लेने का आग्रह करते हैं। जाँचकर्त्ताओं को संदेह है कि कुछ सांस्कृतिक संगठन, जिनका राजनीतिक प्रभाव है, सार्वजनिक सभाओं में विभाजनकारी कथाएँ बढ़ाकर तनाव को परोक्ष रूप से बढ़ावा दे रहे हैं।
मीरा एक बहु-स्तरीय योजना तैयार करती हैं जिसमें प्रासंगिक प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई, बहुभाषी शिकायत हेल्पलाइन, औद्योगिक क्षेत्रों में संवेदनशीलता कार्यक्रम, फैक्ट्रियों के लिये अनिवार्य भेदभाव-रोधी दिशा-निर्देश तथा मज़दूर संघों एवं सामुदायिक समूहों के साथ भागीदारी शामिल है।
उनकी योजना का विरोध तुरंत सामने आता है। स्थानीय व्यापार संगठनों को आशंका है कि सख्त पुलिसिंग से भर्ती प्रणालियाँ बाधित होंगी तथा आर्थिक दबाव झेल रहे छोटे उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। सांस्कृतिक समूह प्रशासन पर क्षेत्रीय पहचान को कमज़ोर करने का आरोप लगाते हैं और तर्क देते हैं कि प्रवासियों की बढ़ती संख्या स्थानीय संस्कृति को क्षीण कर रही है। कुछ मीडिया चैनल मीरा के प्रयासों को बाहरी लोगों का पक्ष लेने का प्रयास बताते हैं जिससे ध्रुवीकरण और बढ़ता है। कुछ राजनीतिक नेता आगामी चुनावों की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए उन्हें गति धीमी करने की सलाह देते हैं।
उसी समय श्रमिक कल्याण संगठनों, अधिकार-आधारित NGO और कई उद्योगपतियों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि विलंब से की गयी कार्रवाई उग्रवादी व्यवहार को बढ़ावा देगी तथा बड़ी संख्या में प्रवासी मज़दूर ज़िले से पलायन कर सकते हैं इससे आवश्यक सेवाओं, सप्लाई चेन और औद्योगिक उत्पादन में भारी व्यवधान उत्पन्न होगा। मीरा असुरक्षित मज़दूरों की सुरक्षा के कर्त्तव्य और सामाजिक स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता, कानून को दृढ़ता से लागू करने व सांस्कृतिक पहचान का सम्मान करने तथा प्रशासनिक तटस्थता और राजनीतिक दबाव के बीच फँसी हुई महसूस करती हैं।
प्रश्न:
1. इस परिस्थिति में मीरा के समक्ष उपस्थित प्रमुख नैतिक दुविधाएँ क्या हैं?
28 Nov, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न
2. इस मामले में सम्मिलित परस्पर-विरोधी मूल्यों तथा सिद्धांतों की पहचान कर उनका विश्लेषण कीजिये।
3. मीरा के समक्ष उपलब्ध संभावित कार्य-प्रणालियों का मूल्यांकन तथा उनके संभावित परिणामों पर चर्चा कीजिये।
4. प्रवासी श्रमिकों के विरुद्ध भाषा-आधारित हिंसा से निपटने के लिये मीरा का सबसे नैतिक तथा प्रशासनिक रूप से उचित कार्य-मार्ग क्या होना चाहिये? (250 शब्द) -
प्रश्न. “एक सिविल सेवक की सफलता उसकी संज्ञानात्मक क्षमता से अधिक उसकी भावनात्मक दक्षता पर निर्भर करती है।” क्या आप सहमत हैं? उदाहरणों के साथ स्पष्ट कीजिये। (150 शब्द)
27 Nov, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न.“करुणा से रहित नवोन्मेष शोषण को जन्म देता है।” कृत्रिम बुद्धिमत्ता, निगरानी तकनीकों तथा डिजिटल एकाधिकारों के युग में तकनीकी रूप से विकसित राष्ट्रों को डिजिटल उपनिवेशीकरण की प्रवृत्ति रोकने तथा विश्व-स्तर पर न्यायसंगत तकनीकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये कौन-से नैतिक सिद्धांतों का पालन करना चाहिये? (150 शब्द)
27 Nov, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
“सच्ची नीति वही है जिसमें व्यक्ति ‘अच्छा’ अधिक आकर्षक प्रतीत होने पर भी ‘उचित’ का ही चयन करे।”
20 Nov, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न
इस कथन पर विचार करते हुए सार्वजनिक जीवन में दायित्व-आधारित कर्त्तव्यवाद और परिणामवाद-आधारित नैतिकता के बीच अंतर्विरोध की विवेचना कीजिये। (150 शब्द) -
“सत्यनिष्ठा कोई क्षणिक आचरण नहीं बल्कि जीवन के सूक्ष्म निर्णयों से विकसित होने वाली परिष्कृत प्रवृत्ति है।”
20 Nov, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न
अरस्तू की सद्गुण-नैतिकता के दृष्टिकोण से यह विवेचना कीजिये कि सूक्ष्म निर्णय किस प्रकार व्यक्ति के नैतिक चरित्र का निर्माण करते हैं। (150 शब्द) -
प्रश्न. नैतिक अंतःप्रज्ञा (Moral Intuition) और नैतिक तर्क (Moral Reasoning) मिलकर नैतिक निर्णय (Ethical Judgment) को किस प्रकार प्रभावित करते हैं, व्याख्या कीजिये। अपने उत्तर को सिविल सेवा के उदाहरणों से स्पष्ट कीजिये। (150 शब्द)
13 Nov, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. सुशासन की मूल विशेषताएँ क्या हैं? समालोचनात्मक रूप से मूल्यांकन कीजिये कि भारत में ई-गवर्नेंस पहलों ने पारदर्शिता, दायित्व और नागरिक सहभागिता को बढ़ाने में किस प्रकार योगदान दिया है। (150 शब्द)
13 Nov, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. अंतरात्मा का संकट (Crisis of conscience) शब्द से आप क्या समझते हैं? अपने व्यक्तिगत या सार्वजनिक जीवन के किसी उदाहरण की सहायता से स्पष्ट कीजिये कि आपने ऐसी स्थिति का सामना किस प्रकार किया। (150 शब्द)
06 Nov, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. वर्तमान परिप्रेक्ष्य में यह उद्धरण आपको क्या संदेश देता है?
06 Nov, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न
“ज्ञान का सर्वोच्च रूप समानुभूति है, क्योंकि इसमें व्यक्ति अपने अहंकार से परे दूसरों के अनुभव और संवेदनाओं को समझने का प्रयास करता है।”
— बिल बुलार्ड (150 शब्द) -
प्रश्न “वैश्विक राजनीति के रंगमंच पर प्रायः सबसे पहले नैतिकता की बलि चढ़ती है।” उस नैतिक द्वन्द्व का विश्लेषण कीजिये जिसका सामना राष्ट्र तब करते हैं जब उनके सामरिक हित मानवतावादी उत्तरदायित्वों से असंगत होते हैं। हाल के उदाहरणों से स्पष्ट कीजिये। (150 शब्द)
30 Oct, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. वर्तमान परिप्रेक्ष्य में निम्नलिखित उद्धरण आपको क्या संदेश देता है?
30 Oct, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न
“बुराई की विजय के लिये केवल इतना ही पर्याप्त है कि अच्छे लोग कुछ न करें।” — एडमंड बर्क (150 शब्द) -
प्रश्न. “नैतिक निरपेक्षवाद कठोरता को जन्म दे सकती है, जबकि नैतिक सापेक्षवाद अन्याय को उचित ठहरा सकता है। नैतिक निर्णय लेने में इन दोनों के बीच संतुलन आवश्यक है।” उपयुक्त उदाहरण देकर इसकी पुष्टि कीजिये। (150 शब्द)
23 Oct, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. वर्तमान परिप्रेक्ष्य में निम्नलिखित उद्धरण आपको क्या संदेश देता है?
23 Oct, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न
“हम ऐसी शिक्षा चाहते हैं जिससे चरित्र का निर्माण हो, मानसिक शक्ति बढ़े, बुद्धि का विकास हो और व्यक्ति अपने पैरों पर खड़ा हो सके।” — स्वामी विवेकानंद। (150 शब्द) -
प्रश्न. “प्रशासन में नैतिक दुविधाएँ अपरिहार्य हैं, लेकिन नैतिक निर्णय लेना अपरिहार्य है।” नैतिक तर्क और संघर्ष समाधान के संदर्भ में व्याख्या कीजिये। (150 शब्द)
16 Oct, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), बिग डेटा और डिजिटल गवर्नेंस जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों द्वारा उत्पन्न नैतिक चुनौतियों का मूल्यांकन कीजिये। लोक प्रशासन में नैतिक ढाँचों को इनकी स्वीकृति के लिये किस प्रकार मार्गदर्शन प्रदान करना चाहिये? (150 शब्द)
16 Oct, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. “सहानुभूति अधिकार को सेवा में रूपांतरित करती है।” प्रशासनिक उत्तरदायित्वों में भावनात्मक बुद्धिमत्ता एवं करुणा की प्रासंगिकता पर चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
09 Oct, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. “भारत की तीव्र आर्थिक प्रगति के बावजूद सामाजिक असमानता और पर्यावरणीय क्षरण जैसी चुनौतियाँ बनी हुई हैं।” समावेशी एवं सतत् विकास सुनिश्चित करने हेतु एक नैतिक कार्यढाँचे की आवश्यकता पर चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
09 Oct, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. क्या मूल्य कानूनों से पहले स्थापित होते हैं, या कानून मूल्य निर्माण करते हैं? समाज में नैतिक मानदंडों के विकास के संदर्भ में विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
25 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. “आवश्यक सेवाओं को वस्तुओं के रूप में नहीं देखा जा सकता।” आधुनिक समाज में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के व्यवसायीकरण से उत्पन्न नैतिक चिंताओं का विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
25 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. “कल्याणकारी नीतियों के माध्यम से सामाजिक पुनर्निर्माण के लिये न केवल प्रशासनिक दक्षता, बल्कि सिविल सेवकों द्वारा नैतिक तर्क और आलोचनात्मक विश्लेषण की भी आवश्यकता होती है।” उपयुक्त उदाहरणों के साथ विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
18 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. “संस्थाओं में जनविश्वास प्राय: कानूनों के अभाव से नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों के क्षरण से कम होता है।” सिविल सेवाओं में जवाबदेही, विवेक और भ्रष्टाचार की चुनौतियों के संदर्भ में इस कथन का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
18 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. क्या कर्त्तव्य का कठोर पालन कभी करुणा पर हावी हो सकता है? कांट के नैतिक सिद्धांत और लोक प्रशासन के संदर्भ में विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
11 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. क्या सच्ची निष्पक्षता समानुभूति के साथ सह-अस्तित्व में रह सकती है या क्या समानुभूति अनिवार्य रूप से पूर्वाग्रह को जन्म देती है? लोक सेवा के संदर्भ में समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
11 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न 1. लोक सेवा को प्रायः करुणा और लगाव-मुक्तता के बीच संतुलन के रूप में वर्णित किया जाता है। उपयुक्त उदाहरणों के साथ इस कथन का विश्लेषण कीजिये।
04 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न 2. “अंतरात्मा आत्मा की आवाज़ है, समाज की प्रतिध्वनि नहीं।” लोक सेवकों के लिये निर्णय लेने में अंतरात्मा की भूमिका का विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
04 Sep, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न: जैन धर्म ने स्याद्वाद (सापेक्ष कथनपद्धति का सिद्धांत) और अनेकान्तवाद (अनेक दृष्टिकोणों का सिद्धांत) पर बल दिया। बहुलतावादी समाज में लोकतांत्रिक विमर्श और सहिष्णुता को सुदृढ़ करने में इनकी प्रासंगिकता का परीक्षण कीजिये। (150 शब्द)
28 Aug, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न: सुन त्ज़ु ने कहा था, "युद्ध की सर्वोच्च कला बिना लड़े शत्रु को परास्त करना है।" वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में यह कहाँ तक लागू होता है? (150 शब्द)
28 Aug, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. “विश्वसनीयता विश्वास से आती है और निरंतरता धैर्य से बनी रहती है।” लोक प्रशासन के उदाहरणों के साथ इस कथन का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिये। (150 शब्द)
21 Aug, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. “लोक सेवा में सच्ची लैंगिक समानता न केवल तब प्राप्त होती है जब महिलाएँ प्रशासनिक व्यवस्था में प्रवेश करती हैं, बल्कि तब भी प्राप्त होती है जब प्रशासनिक व्यवस्था स्वयं सत्यनिष्ठा के मानकों से समझौता किये बिना उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप ढलती है।” प्रशासन में महिला अधिकारियों के समक्ष आने वाली चुनौतियों का परीक्षण कीजिये और उनकी दक्षता बढ़ाने तथा सत्यनिष्ठा बनाए रखने के लिये सुधारों का सुझाव दीजिये। (150 शब्द)
21 Aug, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. नैतिक आघात (Moral Injury) की संकल्पना की समीक्षा कीजिये तथा विधि-प्रवर्तन एवं प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत पेशेवरों पर इसके प्रभावों की विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
14 Aug, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न