डेली फ्री मेन्स आंसर राइटिंग प्रोग्राम
हमारे डेली फ्री मेन्स आंसर राइटिंग प्रोग्राम (Daily Free Mains Answer Writing Program) के साथ आप UPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा की तैयारी प्रभावी ढंग से कर सकते हैं, इसे UPSC अभ्यर्थियों की मांगों को पूरा करने के लिये विशिष्ट रूप से तैयार किया गया है। इस प्रोग्राम के अंतर्गत प्रतिदिन UPSC-मानक स्तर के दो प्रश्न प्रदान किये जा रहे हैं, जिन्हें परीक्षा के नवीनतम ट्रेंड्स को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया जाता है।
प्रत्येक प्रश्न को स्टैटिक विषय एवं समसामयिक घटनाक्रम (current affairs) के साथ एकीकृत करके तैयार किया गया है, जिससे अभ्यर्थियों को पाठ्यक्रम के अनुकूल समुचित अध्ययन में सहायता मिलती है। उत्तर के संबंध में आपकी सहायता हेतु हम विस्तृत मॉडल उत्तर/संदर्भ सामग्री भी प्रदान करते हैं, जो आपके उत्तर लेखन को संरचित करने एवं उच्च अंक प्राप्त करने में सहायक होगी।
इस प्रोग्राम के अंतर्गत हम आपको आपके द्वारा सबमिट किये उत्तरों का फ्री मूल्यांकन भी प्रदान करते हैं। अतः अभ्यर्थी अपने उत्तर सबमिट कर सकते हैं और अपने लेखन कौशल को संपुष्ट करने के लिये सुझाव प्राप्त कर सकते हैं। मूल्यांकन का उद्देश्य उत्तरों की स्पष्टता, एकरूपता और सटीकता को सुधारना है, जो मुख्य परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने के लिये महत्त्वपूर्ण हैं। इसके अतिरिक्त, हम निबंध लेखन पर मार्गदर्शन प्रदान करते हैं, जिसमें शोधित विषय, समृद्ध संदर्भ सामग्री और फ्री निबंध मूल्यांकन शामिल हैं, ताकि अभ्यर्थी इस महत्त्वपूर्ण खंड में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
डेली मेन्स आंसर राइटिंग प्रोग्राम के लिये शेड्यूल
| दिवस | प्रमुख विषय |
|---|---|
| सोमवार | सामान्य अध्ययन पेपर 1 – भारतीय विरासत, संस्कृति, इतिहास और विश्व का भूगोल और समाज |
| मंगलवार | सामान्य अध्ययन पेपर 2 – शासन, संविधान, राजव्यवस्था, सामाजिक न्याय और अंतर्राष्ट्रीय संबंध |
| बुधवार | सामान्य अध्ययन पेपर 3 – आर्थिक विकास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जैव विविधता एवं पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन |
| गुरुवार | सामान्य अध्ययन पेपर 4 (सैद्धांतिक प्रश्न) – नैतिकता, सत्यनिष्ठा और अभिरुचि |
| शुक्रवार | सामान्य अध्ययन पेपर 4 (केस स्टडी) – व्यावहारिक नैतिक परिदृश्य |
| शनिवार | निबंध लेखन – बहु-विषयक एवं गहन शोध के माध्यम से तैयार टॉपिक्स |
कुल प्रश्नों की संख्या : 5190
-
प्रश्न: प्रतिस्पर्द्धी हितों वाली स्थितियों में, नैतिक निर्णय लेना किस हद तक संस्थागत ढाँचे के बजाय व्यक्तिगत विवेक का परिणाम होता है? (150 शब्द)
26 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न: “नैतिक निर्णय-निर्माण में भावनात्मक बुद्धिमत्ता, बौद्धिक दक्षता जितनी ही महत्त्वपूर्ण है।” विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
26 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न: गैर-राज्यीय तत्त्वों द्वारा मानवरहित हवाई वाहनों (ड्रोन) के बढ़ते उपयोग के संदर्भ में, सीमा प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों का परीक्षण कीजिये तथा भारत की संस्थागत तैयारियों की पर्याप्तता का आकलन कीजिये। (250 शब्द)
25 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 3 आंतरिक सुरक्षा -
प्रश्न: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, आपूर्ति-शृंखला पुनर्संरेखण और घरेलू संरचनात्मक बाधाओं की पृष्ठभूमि में, समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिये कि भारत उच्च आर्थिक वृद्धि को बनाए रखते हुए व्यापक आर्थिक स्थिरता तथा समावेशी विकास कैसे सुनिश्चित कर सकता है। (250 शब्द)
25 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 3 अर्थव्यवस्था -
प्रश्न: हाल के वर्षों में बहुपक्षीय संस्थाओं को वैधता और प्रभावशीलता से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। परीक्षण कीजिये कि बहुपक्षवाद के प्रति भारत का दृष्टिकोण किस प्रकार सुधारवादी आकांक्षाओं और व्यावहारिक सहभागिता दोनों को प्रतिबिंबित करता है। (250 शब्द)
24 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 2 अंतर्राष्ट्रीय संबंध -
प्रश्न: संसदीय विचार-विमर्श में कमी, बैठकों की घटती संख्या एवं विधेयकों की सीमित जाँच को लेकर उठती चिंताओं के बीच, समालोचनात्मक रूप से परीक्षण कीजिये कि विधायी प्रक्रियाएँ भारत में लोकतांत्रिक जवाबदेही, पारदर्शिता और शासन की समग्र गुणवत्ता को किस प्रकार प्रभावित करती हैं। (250 शब्द)
24 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 2 राजव्यवस्था -
प्रश्न: राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की मान्यता के संदर्भ में चर्चा कीजिये कि मौखिक परंपराएँ, प्रदर्शन कलाएँ और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियाँ सांस्कृतिक निरंतरता तथा पहचान निर्माण में कैसे योगदान देती हैं। (250 शब्द)
23 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 1 संस्कृति -
प्रश्न: भूमि संसाधनों पर बढ़ते दबाव और पारिस्थितिक तनाव की पृष्ठभूमि में स्पष्ट कीजिये कि भौगोलिक कारक भारत में भूमि क्षरण एवं मरुस्थलीकरण के स्वरूप तथा प्रक्रियाओं को किस प्रकार प्रभावित करते हैं। (250 शब्द)
23 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 1 भूगोल -
डॉ. नेहा कपूर, जो एक चिकित्सा पेशेवर से ज़िला मजिस्ट्रेट बनी हैं, एक अर्ध-शहरी ज़िले में तैनात हैं, जहाँ हाल ही में एक अत्यधिक संक्रामक श्वसन रोग का अचानक प्रकोप हुआ है। कुछ ही दिनों में सरकारी अस्पताल मरीजों से भर गए हैं, ICU बेड की भारी कमी हो गई है और ऑक्सीजन सिलेंडर तथा जीवनरक्षक दवाओं की तीव्र कमी उत्पन्न हो गई है।
ज़िला प्रशासन को राज्य सरकार से ऑक्सीजन और महत्त्वपूर्ण दवाओं की एक आपातकालीन खेप प्राप्त होती है, लेकिन यह आपूर्ति वास्तविक मांग से काफी कम है। स्थानीय स्तर पर कार्यरत डॉक्टर डॉ. कपूर को बताते हैं कि उन्हें यह तय करने के लिये कठिन निर्णय लेने पड़ रहे हैं कि किन मरीजों को उपचार दिया जाएँ और प्राय: वे उन मरीजों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनके बचने की संभावना अधिक है।
इस बीच, स्थानीय अभिकर्त्ताओं और धनी नागरिकों सहित प्रभावशाली लोग प्रशासन पर अपने परिवार तथा परिचितों के लिये बेड व ऑक्सीजन की आपूर्ति आरक्षित करने का दबाव बनाने लगते हैं। कुछ निजी अस्पतालों पर आवश्यक दवाओं का भंडारण (जमाखोरी) करने और मरीजों से अधिक शुल्क वसूलने के आरोप भी लगते हैं।
दूसरी ओर, अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मी अत्यधिक थक चुके हैं और उनका मनोबल गिर गया है। वे त्रायज (मरीजों की प्राथमिकता तय करने) के लिये स्पष्ट दिशा-निर्देश और जीवन-मृत्यु से जुड़े निर्णयों के कारण होने वाले कानूनी या राजनीतिक प्रतिकूल प्रभावों से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
मीडिया कवरेज भी तीव्र हो गई है, जो मरीजों की पीड़ा के साथ-साथ कथित प्रशासनिक कमियों को उजागर कर रही है। जनाक्रोश बढ़ रहा है और यह धारणा बनती जा रही है कि स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच असमान होती जा रही है।
डॉ. कपूर को सीमित चिकित्सा संसाधनों के आवंटन, निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के नियमन तथा अग्रिम पंक्ति के कर्मियों की सुरक्षा के संबंध में त्वरित निर्णय लेने हैं, साथ ही निष्पक्षता, पारदर्शिता और लोक विश्वास को सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
प्रश्न
20 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 केस स्टडीज़
1. इस मामले में कौन-कौन से नैतिक मुद्दे शामिल हैं?
2. डॉ. कपूर के पास कौन-कौन से विकल्प उपलब्ध हैं? प्रत्येक के गुण और दोषों का मूल्यांकन कीजिये।
3. डॉ. कपूर के लिये सबसे नैतिक कार्यवाही क्या होनी चाहिये? उत्तर का औचित्य जन-स्वास्थ्य नैतिकता और प्रशासनिक उत्तरदायित्व के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत कीजिये। -
प्रश्न: लोकतांत्रिक शासन में, जहाँ लोक सेवकों को व्यापक विवेकाधिकार प्राप्त होता है, यह स्पष्ट कीजिये कि सत्यनिष्ठा को लोक सेवा की आधारशिला क्यों माना जाता है। (150 शब्द)
19 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न: समकालीन शासन प्रणालियों में, जो बढ़ते हुए नियमों और प्रक्रियाओं द्वारा संचालित हैं, क्या नैतिक मूल्यों के आंतरिकीकरण के बिना नैतिक आचरण को बनाए रखा जा सकता है? (150 शब्द)
19 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. जलवायु परिवर्तन, समुद्र-स्तर वृद्धि और चरम मौसम घटनाओं से बढ़ते जोखिमों के संदर्भ में, आपदा जोखिम न्यूनीकरण नीतियों के साथ जलवायु अनुकूलन रणनीतियों के एकीकरण की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिये। (250 शब्द)
18 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 3 आपदा प्रबंधन -
प्रश्न. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और आपूर्ति-शृंखला व्यवधानों के बीच भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, उच्च आर्थिक विकास को बनाए रखने के साथ-साथ व्यापक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने में आने वाली चुनौतियों का परीक्षण कीजिये। (250 शब्द)
18 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 3 अर्थव्यवस्था -
प्रश्न: “निष्क्रिय इच्छामृत्यु विधि, नैतिकता तथा चिकित्सीय निर्णय-निर्माण के जटिल अंतर्संबंधों को उद्घाटित करती है।” विश्लेषण कीजिये कि भारतीय न्यायालयों ने विकसित होती न्यायिक व्याख्याओं के माध्यम से इन आयामों के मध्य संतुलन स्थापित करने का किस प्रकार प्रयास किया है। (250 शब्द)
17 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 2 राजव्यवस्था -
प्रश्न: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में परिवर्तित होते भू-राजनीतिक परिदृश्य के संदर्भ में, भारत की सुरक्षा तथा आर्थिक हितों के लिये समुद्री साझेदारियों के रणनीतिक महत्त्व का विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
17 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 2 अंतर्राष्ट्रीय संबंध -
प्रश्न: बीसवीं शताब्दी के संदर्भ में, यह परीक्षण कीजिये कि औद्योगीकरण, साम्राज्यवाद और वैचारिक संघर्षों ने सामूहिक रूप से वैश्विक राजनीतिक व्यवस्था को किस प्रकार पुनः आकार दिया। (250 शब्द)
16 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 1 इतिहास -
प्रश्न: डिजिटल संचार और सोशल मीडिया के विस्तार के साथ, विश्लेषण कीजिये कि भारतीय समाज में सार्वजनिक विमर्श तथा सामाजिक दृष्टिकोण किस प्रकार पुनर्गठित हो रहे हैं। (150 शब्द)
16 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 1 भारतीय समाज -
निबंध विषय
1. “किसी समाज की गुणवत्ता उसकी उपलब्धियों में नहीं, बल्कि उसके द्वारा किये गए चुनावों में प्रतिबिंबित होती है।”
14 Mar, 2026 निबंध लेखन निबंध
2. “जब बुद्धिमत्ता नवाचार के साथ संतुलन बनाए रखती है, तभी सभ्यताएँ स्थायी बनती हैं।” -
श्री आदित्य शर्मा एक तेज़ी से विकसित हो रहे ज़िले के ज़िला मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यरत हैं, जहाँ राज्य सरकार ने हाल ही में आवास सब्सिडी, छात्रवृत्ति और पेंशन लाभ जैसी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान करने के लिये AI आधारित प्रणाली शुरू की है। यह प्रणाली कई प्रकार के डेटासेट जैसे आय के अभिलेख, संपत्ति स्वामित्व, बिजली की खपत और बैंक लेन-देन का उपयोग करके स्वचालित रूप से पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार करती है।
सरकार इस प्रणाली को दक्षता बढ़ाने, भ्रष्टाचार कम करने और कल्याणकारी लाभों के वस्तुनिष्ठ लक्षित वितरण को सुनिश्चित करने के लिये एक बड़े सुधार के रूप में प्रस्तुत करती है। प्रारंभिक चरण में यह नई प्रणाली मैनुअल प्रक्रियाओं को काफी कम कर देती है और लाभों के वितरण की गति बढ़ा देती है।
हालाँकि, सार्वजनिक शिकायत सुनवाई के दौरान श्री शर्मा को कई ऐसे वास्तविक रूप से गरीब परिवारों की शिकायतें मिलने लगती हैं, जिन्हें लाभार्थियों की सूची से बाहर कर दिया गया है। जाँच करने पर उन्हें पता चलता है कि एल्गोरिदम मुख्यतः डिजिटल और वित्तीय डेटा पर अत्यधिक निर्भर है। इसके परिणामस्वरूप अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिक, प्रवासी परिवार और वे लोग जिनकी नियमित डिजिटल उपस्थिति नहीं है, उन्हें गलत तरीके से ‘अयोग्य’ के रूप में वर्गीकृत किया जा रहा है।
उसी समय, कुछ अपेक्षाकृत समृद्ध परिवार, जिनके अभिलेख अधूरे या पुराने हैं, लाभार्थियों की सूची में शामिल हो गए हैं। नागरिक समाज संगठनों ने प्रशासन पर ‘डिजिटल बहिष्करण’ उत्पन्न करने का आरोप लगाया है और तर्क दिया है कि स्वचालित निर्णय-प्रक्रिया पर अत्यधिक निर्भरता स्थानीय वास्तविकताओं की अनदेखी करती है।
जब श्री शर्मा इन चिंताओं को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाते हैं, तो उन्हें सलाह दी जाती है कि वे इस प्रणाली का उपयोग जारी रखें, क्योंकि यह शासन सुधार का एक प्रमुख कदम है, जो पारदर्शिता और प्रौद्योगिकी-आधारित प्रशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अधिकारियों का तर्क है कि इस प्रणाली पर प्रश्न उठाने से डिजिटल शासन में जनता का विश्वास कमज़ोर पड़ सकता है।
इस बीच, मीडिया रिपोर्टें और सामाजिक कार्यकर्त्ता लगातार बहिष्करण के मामलों को उजागर कर रहे हैं और प्रशासन को कमज़ोर एवं संवेदनशील वर्गों की आवश्यकताओं के प्रति असंवेदनशील के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।
अब श्री शर्मा को यह निर्णय लेना है कि कल्याणकारी लाभों के वितरण में तकनीकी दक्षता, निष्पक्षता और जवाबदेही के बीच संतुलन बनाए रखते हुए इन चिंताओं का समाधान कैसे किया जाए।
प्रश्न
13 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 केस स्टडीज़
1. उपर्युक्त मामले में शामिल नैतिक मुद्दों की पहचान कीजिये।
2. श्री शर्मा के सामने कौन-कौन से विकल्प उपलब्ध हैं? प्रत्येक विकल्प के गुण और दोष का मूल्यांकन कीजिये।
3. प्रशासनिक दक्षता और नैतिक शासन दोनों को सुनिश्चित करने के लिये श्री शर्मा को कौन-सा कार्य-पथ अपनाना चाहिये? अपने उत्तर का औचित्य स्पष्ट कीजिये। -
प्रश्न: लोकतांत्रिक समाजों में, जहाँ जनमत और मीडिया की निगरानी अत्यधिक प्रभावशाली होती है, लोक अधिकारियों का नैतिक आचरण किस प्रकार संस्थाओं के प्रति जनता के विश्वास को प्रभावित करता है। चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
12 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न: परिणाम-उन्मुख दक्षता पर केंद्रित समकालीन शासन व्यवस्थाओं में, क्या लोक प्रशासन में करुणा और निष्पक्षता जैसे नैतिक मूल्यों के उपेक्षित होने का खतरा है? चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
12 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. जलवायु शमन के प्रभावी उपायों के लिये तकनीकी नवाचार के साथ-साथ पारिस्थितिकीय सहनशीलता भी अत्यंत आवश्यक मानी जा रही है। इस संदर्भ में स्पष्ट कीजिये कि प्रकृति-आधारित समाधान किस प्रकार पारिस्थितिकी तंत्र के पुनरुद्धार और जैव विविधता संरक्षण में तकनीकी हस्तक्षेपों के साथ पूरक भूमिका निभा सकते हैं। (250 words)
11 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 3 पर्यावरण -
प्रश्न. कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में डीप-टेक स्टार्टअप्स के बढ़ते उभार के साथ भारत वैश्विक प्रौद्योगिकी परिदृश्य में अपनी स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में अग्रसर है। इस परिप्रेक्ष्य में, भारत की वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्द्धात्मकता को सुदृढ़ करने में डीप-टेक नवाचारों और स्टार्टअप्स की भूमिका का आकलन कीजिये। (250 words)
11 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 3 विज्ञान-प्रौद्योगिकी -
मीरा शर्मा एक ज़िले में उप-मंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) हैं, जहाँ सरकार द्वारा एक बड़े राजमार्ग विस्तार परियोजना को स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से संपर्क-सुविधा में सुधार, क्षेत्रीय व्यापार को प्रोत्साहन तथा रोज़गार के अवसरों का सृजन होने की अपेक्षा है।
हालाँकि, इस परियोजना के लिये कई गाँवों की कृषि भूमि का अधिग्रहण करना आवश्यक है। जहाँ अनेक भूमि स्वामियों ने कानून के अंतर्गत निर्धारित मुआवज़े को स्वीकार कर लिया है, वहीं लघु एवं सीमांत किसानों का एक समूह इस अधिग्रहण का कड़ा विरोध कर रहा है। उनका तर्क है कि यद्यपि मुआवज़ा विधिक रूप से निर्धारित है, फिर भी यह उनके दीर्घकालिक आजीविका-हानि की पर्याप्त भरपाई नहीं करता, क्योंकि कृषि ही उनकी मुख्य तथा कई मामलों में एकमात्र आय का स्रोत है।
एक सार्वजनिक परामर्श बैठक के दौरान स्थानीय कार्यकर्त्ताओं ने प्रशासन पर कमज़ोर किसानों के कल्याण की अपेक्षा आर्थिक विकास को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। कुछ ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन आयोजित करना भी प्रारंभ कर दिया है।
उधर, उच्च अधिकारी मीरा पर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने का दबाव डाल रहे हैं, क्योंकि इस परियोजना की कठोर समय-सीमा है तथा इसका राजनीतिक महत्त्व भी अधिक है।
मीरा समझती हैं कि यदि परियोजना में विलंब होता है तो इससे प्रशासनिक आलोचना तथा आर्थिक हानि हो सकती है, किंतु किसानों की चिंताओं का समाधान किये बिना आगे बढ़ने से सामाजिक अन्याय एवं अशांति उत्पन्न हो सकती है। इस प्रकार मीरा एक कठिन नैतिक द्वंद्व का सामना कर रही हैं।
प्रश्न
प्रश्न 1. इस स्थिति में कौन-कौन से नैतिक मुद्दे सम्मिलित हैं?
प्रश्न 2. इस स्थिति में मीरा के सामने कौन-कौन से विकल्प उपलब्ध हैं? उनका मूल्यांकन कीजिये।
प्रश्न 3. इस स्थिति में मीरा को कौन-सा कार्य-पथ अपनाना चाहिये? अपने उत्तर का औचित्य सिद्ध कीजिये।
11 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 केस स्टडीज़ -
प्रश्न: सामाजिक न्याय के लिये केवल आर्थिक पुनर्वितरण ही नहीं, बल्कि सामाजिक मान्यता और सशक्तीकरण भी आवश्यक है। चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
10 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 2 सामाजिक न्याय -
प्रश्न: “भू-राजनीतिक संकटों के दौरान भारत की बहु-संरेखण नीति की वास्तविक परीक्षा होती है।” हालिया पश्चिम एशियाई संघर्ष के संदर्भ में इस कथन का विश्लेषण कीजिये। (250 शब्द)
10 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 2 अंतर्राष्ट्रीय संबंध -
प्रश्न. औपनिवेशिक शासन ने भारतीय कला और सांस्कृतिक संस्थानों की दिशा को बदल दिया। इस अवधि में उत्पन्न विघटन और नई संभावनाओं दोनों का विश्लेषण कीजिये। (250 शब्द)
09 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 1 संस्कृति -
प्रश्न. प्लेट विवर्तनिकी ने पृथ्वी की सतही प्रक्रियाओं के बारे में हमारी समझ को मूल रूप से बदल दिया है। प्रमुख भू-वैज्ञानिक विशेषताओं की व्याख्या करने में इसकी भूमिका पर चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
09 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 1 भूगोल -
निबंध विषय
1.कोई सभ्यता केवल शक्ति के बल पर नहीं, बल्कि आत्म-सुधार की क्षमता से जीवित रहती है।
2. न्याय के बिना व्यवस्था केवल संगठित अन्याय है।
07 Mar, 2026 निबंध लेखन निबंध -
प्रश्न. डेटा, एल्गोरिदम और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से प्रभुत्व वाले इस युग में मानव गरिमा, जवाबदेही तथा निष्पक्षता की सुरक्षा के लिये नैतिक ढाँचों को किस प्रकार विकसित होना चाहिये? (150 शब्द)
05 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न





