डेली फ्री मेन्स आंसर राइटिंग प्रोग्राम
हमारे डेली फ्री मेन्स आंसर राइटिंग प्रोग्राम (Daily Free Mains Answer Writing Program) के साथ आप UPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा की तैयारी प्रभावी ढंग से कर सकते हैं, इसे UPSC अभ्यर्थियों की मांगों को पूरा करने के लिये विशिष्ट रूप से तैयार किया गया है। इस प्रोग्राम के अंतर्गत प्रतिदिन UPSC-मानक स्तर के दो प्रश्न प्रदान किये जा रहे हैं, जिन्हें परीक्षा के नवीनतम ट्रेंड्स को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया जाता है।
प्रत्येक प्रश्न को स्टैटिक विषय एवं समसामयिक घटनाक्रम (current affairs) के साथ एकीकृत करके तैयार किया गया है, जिससे अभ्यर्थियों को पाठ्यक्रम के अनुकूल समुचित अध्ययन में सहायता मिलती है। उत्तर के संबंध में आपकी सहायता हेतु हम विस्तृत मॉडल उत्तर/संदर्भ सामग्री भी प्रदान करते हैं, जो आपके उत्तर लेखन को संरचित करने एवं उच्च अंक प्राप्त करने में सहायक होगी।
इस प्रोग्राम के अंतर्गत हम आपको आपके द्वारा सबमिट किये उत्तरों का फ्री मूल्यांकन भी प्रदान करते हैं। अतः अभ्यर्थी अपने उत्तर सबमिट कर सकते हैं और अपने लेखन कौशल को संपुष्ट करने के लिये सुझाव प्राप्त कर सकते हैं। मूल्यांकन का उद्देश्य उत्तरों की स्पष्टता, एकरूपता और सटीकता को सुधारना है, जो मुख्य परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने के लिये महत्त्वपूर्ण हैं। इसके अतिरिक्त, हम निबंध लेखन पर मार्गदर्शन प्रदान करते हैं, जिसमें शोधित विषय, समृद्ध संदर्भ सामग्री और फ्री निबंध मूल्यांकन शामिल हैं, ताकि अभ्यर्थी इस महत्त्वपूर्ण खंड में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
डेली मेन्स आंसर राइटिंग प्रोग्राम के लिये शेड्यूल
| दिवस | प्रमुख विषय |
|---|---|
| सोमवार | सामान्य अध्ययन पेपर 1 – भारतीय विरासत, संस्कृति, इतिहास और विश्व का भूगोल और समाज |
| मंगलवार | सामान्य अध्ययन पेपर 2 – शासन, संविधान, राजव्यवस्था, सामाजिक न्याय और अंतर्राष्ट्रीय संबंध |
| बुधवार | सामान्य अध्ययन पेपर 3 – आर्थिक विकास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जैव विविधता एवं पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन |
| गुरुवार | सामान्य अध्ययन पेपर 4 (सैद्धांतिक प्रश्न) – नैतिकता, सत्यनिष्ठा और अभिरुचि |
| शुक्रवार | सामान्य अध्ययन पेपर 4 (केस स्टडी) – व्यावहारिक नैतिक परिदृश्य |
| शनिवार | निबंध लेखन – बहु-विषयक एवं गहन शोध के माध्यम से तैयार टॉपिक्स |
कुल प्रश्नों की संख्या : 5190
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प्रश्न. पूर्वी यूरोप तथा पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों ने वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा संरचनाओं की सीमाओं को उजागर किया है। समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिये कि ये घटनाक्रम वैश्विक स्थिरता तथा भारत के रणनीतिक हितों को किस प्रकार प्रभावित करते हैं। (250 शब्द)
30 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 2 अंतर्राष्ट्रीय संबंध -
प्रश्न. जहाँ एक ओर नागरिक समाज संगठन लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में कार्य करते हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी पारदर्शिता तथा जवाबदेही को लेकर भी चिंताएँ उभरकर सामने आई हैं। भारतीय संदर्भ में इस विरोधाभास का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिये। (250 शब्द)
30 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 2 राजव्यवस्था -
प्रश्न 2. समकालीन भारतीय समाज में संचार के स्वरूप, जन-संगठन (मोबिलाइज़ेशन) तथा पहचान-निर्माण की प्रक्रियाओं को सोशल मीडिया ने किस प्रकार रूपांतरित किया है, चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
29 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 1 भारतीय समाज -
प्रश्न 1. औपनिवेशिक भारत में आर्थिक राष्ट्रवाद तथा स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देने में स्वदेशी आंदोलन की भूमिका पर चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
29 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 1 इतिहास -
निबंध विषय
प्रश्न 1. उठती हुई लहरें सभी नौकाओं को ऊपर उठाती हैं।
27 Dec, 2025 निबंध लेखन निबंध
प्रश्न 2. शिक्षा तथ्यों का केवल अधिग्रहण नहीं है, बल्कि यह मन को आत्मचिंतन हेतु प्रशिक्षित करने की सतत प्रक्रिया है। -
अनन्या शर्मा एक बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के संगठन में उप-प्रबंधक हैं, जो अवसंरचना विकास के लिये उत्तरदायी है। संगठन की तकनीकी प्रतिष्ठा सुदृढ़ है, परंतु कार्य-संस्कृति विषाक्त बनी हुई है। वरिष्ठ अधिकारी बैठकों में अधीनस्थों को प्रायः डांटते फटकारते हैं, कनिष्ठों के कार्य का श्रेय स्वयं ले लेते हैं और असहमति वाले विचारों को हतोत्साहित करते हैं। बिना किसी मान्यता के लंबी कार्य-अवधि सामान्य बात हो गये हैं, जिसके परिणामस्वरूप मनोबल में गिरावट और कर्मचारियों का उच्च पलायन देखने को मिलता है।
अनन्या देखती हैं कि प्रतिभाशाली युवा अधिकारी अपमान के भय से नवीन विचार साझा करने में हिचकिचाते हैं। विशेष रूप से महिला कर्मचारी अपनी चिंताएँ उठाने में असहज महसूस करती हैं, क्योंकि वरिष्ठ पुरुष अधिकारियों द्वारा नियंत्रित अनौपचारिक नेटवर्क निर्णय-निर्माण पर हावी हैं। यद्यपि प्रत्यक्ष उत्पीड़न नहीं है, फिर भी कार्य-पर्यावरण मनोवैज्ञानिक रूप से असुरक्षित और हतोत्साहित करने वाला है।
हाल ही में एक सक्षम कनिष्ठ अधिकारी, रवि, से परियोजना-फाइल में एक छोटी-सी प्रक्रियागत त्रुटि हो गयी। रचनात्मक प्रतिक्रिया देने के बजाय एक वरिष्ठ अधिकारी ने बैठक में उसे सार्वजनिक रूप से फटकार लगायी। अत्यधिक निराश होकर रवि ने ‘व्यक्तिगत कारणों’ का हवाला देते हुए स्थानांतरण के लिये आवेदन कर दिया। ऐसी घटनाएँ अब सामान्य हो गयी हैं, जिससे उत्पादकता और टीम-एकजुटता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
मध्यम-स्तरीय अधिकारी होने के नाते अनन्या को अपनी टीम का सम्मान प्राप्त है, परंतु वरिष्ठ अधिकारियों पर उनका अधिकार सीमित है। उनका मानना है कि ऐसी विषाक्त कार्य-संस्कृति न केवल कर्मचारियों के कल्याण को क्षति पहुँचाती है, बल्कि दक्षता, नवोन्मेष और सार्वजनिक सेवा-प्रदाय को भी प्रभावित करती है।
अनन्या अब एक दुविधा में हैं: क्या वह अपने करियर की प्रगति की रक्षा के लिये मौन रहे या कार्यस्थल की संस्कृति में सुधार लाने, गरिमा को बढ़ावा देने और संगठन के भीतर नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिये औपचारिक या अनौपचारिक रूप से कदम उठाए।
प्रश्न 1. उपर्युक्त प्रकरण में कार्यस्थल की संस्कृति से संबंधित प्रमुख नैतिक मुद्दों का अभिनिर्धारण कीजिये। ऐसे मुद्दे कर्मचारियों के मनोबल, उत्पादकता और संगठनात्मक प्रभावशीलता को किस प्रकार प्रभावित करते हैं?
प्रश्न 2. विषाक्त कार्यस्थल प्रथाओं से निपटने में एक मध्यम-स्तरीय अधिकारी के रूप में अनन्या किन नैतिक दुविधाओं का सामना करती हैं? उनके लिये उपलब्ध संभावित कार्य-मार्गों पर चर्चा कीजिये तथा उनके गुण-दोष स्पष्ट कीजिये।
प्रश्न 3. नैतिक नेतृत्व और सकारात्मक संगठनात्मक संस्कृति किस प्रकार बेहतर शासन एवं कर्मचारी-कल्याण में योगदान दे सकती है? सार्वजनिक संस्थानों में एक स्वस्थ और समावेशी कार्य-पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिये उपाय सुझाइये।
26 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 केस स्टडीज़ -
प्रश्न. “प्रभावी नेतृत्व के लिये बौद्धिक क्षमता के साथ-साथ भावनात्मक बुद्धिमत्ता भी उतनी ही महत्त्वपूर्ण है।” सार्वजनिक सेवा वितरण के संदर्भ में इस कथन की विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
25 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. सुदृढ़ कॉरपोरेट प्रशासन किस प्रकार नैतिक व्यावसायिक आचरण तथा संगठनों की दीर्घकालिक संवहनीयता में योगदान देता है? उपयुक्त उदाहरणों सहित उत्तर स्पष्ट कीजिये। (150 शब्द)
25 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. क्वांटम प्रौद्योगिकियों से संगणन, संचार और साइबर सुरक्षा में क्रांतिकारी परिवर्तन की अपेक्षा की जा रही है। इस क्षेत्र में भारत की तैयारी का विश्लेषण कीजिये तथा उन चुनौतियों पर चर्चा कीजिये जिनका समाधान किया जाना आवश्यक है। (250 शब्द)
24 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 3 विज्ञान-प्रौद्योगिकी -
प्रश्न. खाद्य प्रसंस्करण और कृषि-आधारित उद्योग भारत को कृषि-निर्भर अर्थव्यवस्था से विनिर्माण-नेतृत्व वाली अर्थव्यवस्था में रूपांतरित करने में किस प्रकार सहायक हो सकते हैं? (250 शब्द)
24 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 3 अर्थव्यवस्था -
प्रश्न. “न्यायिक सक्रियता लोकतांत्रिक शासन के लिये एक सुरक्षा-कवच भी है और एक चुनौती भी।” समालोचनात्मक परीक्षण कीजिये। (250 शब्द )
23 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 2 राजव्यवस्था -
प्रश्न. “अफ्रीका के साथ भारत की भागीदारी एकजुटता से आगे बढ़कर रणनीतिक साझेदारी की दिशा में बढ़ रही है।” समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिये। (250 शब्द)
23 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 2 अंतर्राष्ट्रीय संबंध -
प्रश्न. क्रायोस्फीयर (हिममंडल) में होने वाले परिवर्तनों, विशेष रूप से हिमालयी ग्लेशियरों के तीव्र विगलन से, भारत में नदी तंत्रों, आपदा जोखिमों तथा दीर्घकालिक जल सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों की व्याख्या कीजिये। (250 शब्द)
22 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 1 भूगोल -
प्रश्न. प्रारंभिक ऐतिहासिक भारत की सामाजिक-धार्मिक व्यवस्था को चुनौती देने में बौद्ध धर्म एवं जैन धर्म की भूमिका का मूल्यांकन कीजिये। क्रांतिकारी आंदोलनों की तुलना में ये किस हद तक सुधारवादी प्रवृत्ति के प्रतीक थे? (150 शब्द)
22 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 1 संस्कृति -
निबंध विषय
प्रश्न 1. “जनता की इच्छा विधि को आकार दे सकती है, लेकिन यह न्याय की आधारशिला नहीं हो सकती।”
20 Dec, 2025 निबंध लेखन निबंध
प्रश्न 2. “सत्यनिष्ठा का वास्तविक आरंभ उसी क्षण होता है, जब सुविधा का मार्ग समाप्त हो जाता है।” -
रमेश वर्मा एक खनिज-समृद्ध लेकिन आर्थिक रूप से पिछड़े ज़िले में ज़िला खनन अधिकारी (DMO) के रूप में नियुक्त हैं। यह क्षेत्र लंबे समय से अवैध रेत एवं पत्थर खनन की समस्या से जूझ रहा है, जिस पर स्थानीय ठेकेदारों का नियंत्रण है और जिन्हें सुदृढ़ राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। इन गतिविधियों के कारण पर्यावरणीय क्षति, राज्य के राजस्व की हानि तथा ग्रामीणों से जुड़े बार-बार होने वाले दुर्घटनात्मक हादसे सामने आते रहे हैं।
कार्यभार सँभालने के शीघ्र बाद ही रमेश ने पाया कि बार-बार की गई शिकायतों के बावजूद रात के समय अवैध खनन खुलेआम जारी है। जब उन्होंने औचक निरीक्षण के आदेश दिये और वाहनों को ज़ब्त किया, तो उन्हें एक स्थानीय विधायक का फोन आया, जिसने सामाजिक शांति और रोज़गार बनाए रखने के हित में “Go slow” रहने की सलाह दी। अनौपचारिक रूप से रमेश को वरिष्ठ सहकर्मियों द्वारा यह भी बताया गया कि जो अधिकारी पहले सख़्ती से कार्रवाई करते थे, उनका कुछ ही महीनों में स्थानांतरण कर दिया गया।
समय के साथ एक स्पष्ट सांठगांठ का मामला उजागर हुआ। जिसमें स्थानीय राजनेता खनन संचालकों को संरक्षण देते थे, पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने से बचती थी और आपराधिक समूह उन ग्रामीणों को डराने-धमकाने का काम करते थे, जो इन गतिविधियों का विरोध करते थे। इसके बदले अवैध खनन संचालक चुनावी अभियानों के लिये धन उपलब्ध कराते थे तथा विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों को नियमित रिश्वत देते थे। ज़िला कार्यालयों में खनन उल्लंघनों से संबंधित फाइलों को जानबूझकर विलंबित रखा जाता था या उनके प्रावधानों को कमज़ोर कर दिया जाता था।
एक शाम एक गंभीर दुर्घटना घटी, जब अत्यधिक भार से लदा एक खनन ट्रक ग्रामीणों के एक समूह को कुचलता हुआ निकल गया, जिससे दो लोगों की मृत्यु हो गई। जनाक्रोश भड़क उठा और मीडिया का ध्यान प्रशासन की विफलता पर केंद्रित हो गया। राजनीतिक नेताओं ने इसे ‘अनैतिक तत्त्वों’ का कृत्य बताकर टालने की कोशिश की और रमेश पर दबाव डाला कि वे यह प्रमाणित करें कि ट्रक वैध रूप से संचालित हो रहा था।
अब रमेश एक गंभीर नैतिक दुविधा का सामना कर रहे हैं। यदि वह सच्चाई दर्ज करते हैं और कड़ी कार्रवाई आरंभ करते हैं, तो उन्हें राजनीतिक दबाव, व्यक्तिगत खतरों एवं संभावित स्थानांतरण का जोखिम उठाना पड़ सकता है। यदि वह समझौता करते हैं, तो वह राजनीतिक-प्रशासनिक-आपराधिक गठजोड़ का हिस्सा बन जाते हैं, जिससे विधि के शासन, पर्यावरण संरक्षण और जन-विश्वास को गहरी क्षति पहुँचेगी।
एक लोक सेवक के रूप में रमेश को यह निर्णय लेना है कि वह ऐसे वातावरण में, जहाँ संस्थागत समर्थन कमज़ोर प्रतीत होता है और निहित स्वार्थ गहराई तक जमे हुए हैं, सत्यनिष्ठा, वैधता एवं उत्तरदायित्व को किस प्रकार बनाए रखें।
प्रश्न 1: उपर्युक्त प्रकरण में निहित नैतिक मुद्दों का अभिनिर्धारण कीजिये।
प्रश्न 2: राजनीतिक–प्रशासनिक–आपराधिक गठजोड़ जनहित, पर्यावरणीय प्रशासन एवं सार्वजनिक संस्थानों की विश्वसनीयता को किस प्रकार प्रभावित करता है?
प्रश्न 3: इस मामले में सर्वाधिक नैतिक रूप से उपयुक्त कार्य-पथ क्या होना चाहिये? तात्कालिक प्रशासनिक कदमों तथा दीर्घकालिक संस्थागत सुधारों दोनों का सुझाव दीजिये, ताकि इस प्रकार के राजनीतिक–प्रशासनिक–आपराधिक गठजोड़ की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
19 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 केस स्टडीज़ -
प्रश्न. जवाबदेही और पारदर्शिता नैतिक शासन के आधारभूत मूल्य हैं। इनके नैतिक महत्त्व का विश्लेषण कीजिये तथा स्पष्ट कीजिये कि इन मूल्यों के अभाव में लोकतांत्रिक संस्थानों में जन-विश्वास किस प्रकार प्रभावित होता है। (150 शब्द)
18 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. अभिवृत्ति व्यक्तियों और संस्थानों के नैतिक व्यवहार को आकार देने में एक निर्णायक भूमिका निभाती है। लोक प्रशासन में नैतिक निर्णय-निर्माण पर अभिवृत्तियों के प्रभाव की विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
18 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. बढ़ती वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के परिप्रेक्ष्य में भारत की व्यापक आर्थिक स्थिरता मुद्रास्फीति, बाह्य क्षेत्र की संवेदनशीलताओं एवं पूँजी प्रवाहों के विवेकपूर्ण प्रबंधन पर निर्भर करती है। इस संदर्भ में नीतिगत संतुलनों की विवेचना कीजिये। (250 शब्द)
17 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 3 अर्थव्यवस्था -
प्रश्न. जलवायु परिवर्तन आपदाओं के लिये जोखिम-गुणक के रूप में कार्य कर रहा है। भारत में आपदा प्रबंधन के संदर्भ में इस कथन का विश्लेषण कीजिये। (250 शब्द)
17 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 3 आपदा प्रबंधन -
प्रश्न. “बदलती वैश्विक भू-राजनीति के बीच भारत और रूस के संबंध निरंतर विकसित हो रहे हैं।” समकालीन भारत-रूस संबंधों के रणनीतिक, आर्थिक और भू-राजनीतिक आयामों का विश्लेषण कीजिये। (250 शब्द)
16 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 2 अंतर्राष्ट्रीय संबंध -
प्रश्न. “कार्यपालिका का प्रभुत्व प्रायः शासन में संस्थागत नियंत्रण और संतुलन को कमज़ोर कर देता है।” चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
16 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 2 राजव्यवस्था -
प्रश्न. भारतीय समाज में संयुक्त परिवार व्यवस्था से एकल परिवार और एकल-व्यक्ति परिवारों की ओर एक उल्लेखनीय परिवर्तन देखा गया है। इस परिवर्तन को प्रेरित करने वाले सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक कारकों की विवेचना कीजिये तथा सामाजिक सुरक्षा और देखभाल प्रणालियों पर इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिये। (250 शब्द)
15 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 1 भारतीय समाज -
प्रश्न. भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन ने राजनीतिक स्वतंत्रता की मांग से परे जाकर सामाजिक परिवर्तन के एक सशक्त साधन के रूप में भी कार्य किया। विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
15 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 1 इतिहास -
निबंध के विषय:
प्रश्न 1. दक्षता की बढ़ती प्रतिस्पर्द्धा के इस युग में, मानवता की सबसे बड़ी आवश्यकता करुणा है, पूर्णता नहीं।
13 Dec, 2025 निबंध लेखन निबंध
प्रश्न 2. न्याय सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिये, न कि जनमत पर। -
आपने हाल ही में एक अर्ध-शहरी ज़िले के ज़िलाधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला है, जहाँ प्रशासन को प्रायः अतिक्रमण विवादों और बढ़ती जन-अपेक्षाओं का सामना करना पड़ता है। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद आप देखते हैं कि आपके एक कनिष्ठ अधिकारी राघव, जो उप-मंडल अधिकारी (SDM) हैं, सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हो गये हैं। वे नियमित रूप से निरीक्षणों, जन-संपर्कों और प्रवर्तन कार्यवाहियों से संबंधित अपडेट पोस्ट करते हैं और स्वयं को एक ऊर्जावान व सक्रिय अधिकारी के रूप में प्रस्तुत करते हैं।
हालाँकि आप धीरे-धीरे देखते हैं कि उनकी पोस्ट्स में प्रायः औचक निरीक्षणों के वीडियो, उनके पीछे तनाव में खड़े कनिष्ठ कर्मचारियों की तस्वीरें तथा दुकानों को सील किये जाने जैसी दण्डात्मक कार्यवाहियों के क्लिप (कभी-कभी “कार्रवाई कथनी से अधिक मायने रखती है” जैसे कड़े कैप्शन के साथ) शामिल होते हैं। इनमें से एक वीडियो, जिसमें उन्होंने एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान को सील किया है, वायरल हो जाता है। इसे कुछ लोगों की प्रशंसा मिलती है, परंतु इस बात की आलोचना भी होती है कि प्रक्रियात्मक निष्पक्षता स्पष्ट रूप से नहीं दिखाई गई।
सहकर्मी दबे स्वर में बताते हैं कि इस प्रकार सत्ता के सार्वजनिक प्रदर्शन से विश्वास की बजाय भय का वातावरण बन सकता है। दुकानदार एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को बताते हैं कि वे SDM कार्यालय जाने में हिचकते हैं क्योंकि उन्हें डर है कि उनकी सामान्य शिकायतें भी रिकॉर्ड होकर ऑनलाइन पोस्ट हो सकती हैं। एक स्थानीय विधायक की अनौपचारिक शिकायत में SDM के आचरण को ‘मनमानी’ और प्रचार से प्रेरित बताया गया है। एक गुमनाम याचिका भी आपके कार्यालय तक पहुँचती है जिसमें सीलिंग कार्यवाही में अपर्याप्त सूचना का आरोप लगाया गया है, हालाँकि आधिकारिक रिकॉर्ड में इसका पालन न होने की बात दर्ज है।
आप समझते हैं कि इस मुद्दे में कोई स्पष्ट कानूनी उल्लंघन शामिल नहीं है, बल्कि इसमें सूक्ष्म नैतिक दुविधाएँ, पारदर्शिता एवं भय-सृजन की सीमा, सोशल मीडिया का जिम्मेदार उपयोग, प्रवर्तन के दौरान व्यक्तियों की गरिमा और युवा अधिकारियों के लिये उत्साह व संस्थागत औचित्य के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता शामिल है।
ज़िलाधिकारी के रूप में आपको यह तय करना है कि इस स्थिति को किस प्रकार नियंत्रित किया जाये, जिससे प्रशासनिक सत्यनिष्ठा बनी रहे, एक प्रतिभाशाली अधिकारी का मनोबल क्षीण न हो तथा नागरिक स्वयं को अपमानित या अनजाने में सत्ता-दुरुपयोग का शिकार महसूस न करें।प्रश्न
12 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 केस स्टडीज़
1. इस मामले में निहित मूल नैतिक मुद्दों का अभिनिर्धारण कीजिये तथा लोक प्रशासन में उनकी प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिये।
2. क्या आपको लगता है कि SDM का सोशल मीडिया उपयोग यद्यपि विधिक है, फिर भी इससे नैतिक चिंताएँ उत्पन्न होती हैं? लोक सेवा, मर्यादा तथा व्यक्तियों की गरिमा के सिद्धांतों के आधार पर अपने उत्तर की पुष्टि कीजिये।
3. ज़िलाधिकारी के रूप में आप इस स्थिति को निष्पक्ष, संतुलित तथा रचनात्मक ढंग से निपटने के लिये क्या कदम उठाएँगे? इस दिशा में अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपाय सुझाइये।
4. सोशल मीडिया के प्रयोग के लिये ऐसे दिशा-निर्देश या आचार-संहिता प्रस्तावित कीजिये जो पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और नैतिक संयम तीनों के बीच संतुलन बनाये रखें। -
प्रश्न. “जीनोम इंजीनियरिंग में अभूतपूर्व प्रगति के बावजूद कृत्रिम मानव-जीनोम परियोजनाएँ नैतिक तथा जैव-सुरक्षा संबंधी चिंताओं से अब भी घिरी हुई हैं।” विवेचना कीजिये। (150 शब्द)
11 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. “शुचिता किसी लोक सेवक के नैतिक मूल्यों को सुनिश्चित करती है, जबकि अभिरुचि उसकी कार्यकुशल उत्कृष्टता को निर्धारित करती है।” उपयुक्त उदाहरणों सहित स्पष्ट कीजिये। (150 शब्द)
11 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न. CRISPR आधारित जीन थेरेपी केवल एक दशक में ही प्रयोगशाला अनुसंधान से नैदानिक अनुप्रयोग तक पहुँच गई है। इस थेरेपी के पीछे के वैज्ञानिक तंत्र पर चर्चा कीजिये तथा हाल के वैश्विक नैदानिक परिणामों के आधार पर इसकी प्रभावशीलता का मूल्यांकन कीजिये। (250 शब्द)
10 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 3 विज्ञान-प्रौद्योगिकी -
प्रश्न. “भारत की उर्वरक नीति को उत्पाद-आधारित सब्सिडी से परिणाम-आधारित पोषक तत्त्व प्रबंधन की ओर एक प्रतिमान परिवर्तन की आवश्यकता है।” नैनो-उर्वरकों और परिशुद्ध कृषि की उभरती भूमिका के संदर्भ में इस पर विवेचना कीजिये। (250 शब्द)
10 Dec, 2025 सामान्य अध्ययन पेपर 3 अर्थव्यवस्था





