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कुल प्रश्नों की संख्या : 1153
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प्रिया सिंह एक आईएएस अधिकारी हैं जो वर्तमान में राजनीतिक रूप से संवेदनशील ज़िले में ज़िला अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। एक गंभीर महामारी के प्रकोप के दौरान, उनके ज़िले को जीवन रक्षक टीकों की सीमित आपूर्ति ही प्राप्त होती है। आधिकारिक दिशा-निर्देशों में टीकाकरण के लिये स्वास्थ्य कर्मियों और वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता देने का आदेश दिया गया है।
हालाँकि स्थानीय विधायक, जो सत्ताधारी पार्टी से संबंधित है, मांग करता है कि 40% टीके उसके निर्वाचन क्षेत्र में "प्राथमिक तौर पर वितरण" के लिये भेजे जाएँ। अगर प्रिया ऐसा नहीं करती है तो वह उसके खिलाफ भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाने की धमकी देता है। इसके अलावा, प्रिया का पति विधायक के निजी सचिव के रूप में कार्यरत है, जिससे वह एक चुनौतीपूर्ण और कठिन व्यक्तिगत स्थिति में फँस जाती है क्योंकि विधायक उसके पति की नौकरी को खतरे में डाल रहा है।
दुविधा तब और बढ़ जाती है जब उन्हें पता चलता है कि विधायक इन टीकों का उपयोग केवल अपने पार्टी कार्यकर्त्ताओं और समर्थकों को वितरित कर राजनीतिक लाभ पहुँचाने हेतु करना चाहते हैं, जिससे संभवतः अन्य क्षेत्रों में अधिक सुभेद्य नागरिकों तक उनकी पहुँच सीमित हो सकती है।
1. इस मामले में शामिल हितधारकों का अभिनिर्धारण कीजिये।
25 Oct, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 केस स्टडीज़
2. इस मामले में शामिल नैतिक मुद्दों पर चर्चा कीजिये।
3. प्रिया के पास क्या विकल्प उपलब्ध हैं और उसे इस स्थिति से निपटने हेतु क्या कदम उठाने चाहिये? -
प्रश्न: "परिवार नैतिकता की पहली पाठशाला बना हुआ है, लेकिन अन्य सामाजिक संस्थाएँ इसकी भूमिका को निरंतर चुनौती दे रही हैं।" समकालीन समाज में नैतिक शिक्षा की बदलती प्रवृत्तियों का परीक्षण कीजिये। (150 शब्द)
24 Oct, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न: "करुणा के अभाव में सहिष्णुता, उदासीनता का कारण बनती है।" समाज के कमज़ोर वर्गों के प्रति लोक सेवकों की ज़िम्मेदारी के परिप्रेक्ष्य में, इस कथन की विस्तृत समीक्षा कीजिये। (150 शब्द)
24 Oct, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
एक समर्पित IPS अधिकारी प्रिया, जो अपनी ईमानदारी के लिये जानी जाती है, को एक ऐसे ज़िले में पुलिस अधीक्षक के रूप में नियुक्त किया जाता है जहाँ अपराध दर बहुत अधिक है और राजनीतिक हस्तक्षेप भी बहुत अधिक है। बार-बार तबादलों का सामना करने के बावजूद, वह स्थानीय विधायक के मानव तस्करी गिरोह में संलिप्तता के सबूतों को उजागर करती है। विधायक के राज्य के गृह मंत्री के साथ प्रगाढ़ संबंध हैं, जिससे राजनीतिक दबाव के बिना काम करने के उसके प्रयास जटिल हो गए हैं।
प्रिया को एक वरिष्ठ पत्रकार अतिरिक्त आपत्तिजनक सूचना प्रदान करता है और अगर वह जाँच की पुष्टि करती है तो एक खुलासा प्रकाशित करने का प्रस्ताव देता है। वह संकेत देता है कि इससे उसका कॅरियर बेहतर हो सकता है और उसे एक प्रतिष्ठित पद मिल सकता है। हालाँकि प्रिया पत्रकार के उद्देश्य और समय से पहले विवरण लीक करके जाँच से समझौता करने तथा संभावित पेशेवर प्रतिशोध के जोखिम से सचेत हो गई है। अब उनके सामने एक दुविधा है कि क्या वे साहसिक कदम उठाएँ या जाँच की विश्वसनीयता बनाए रखें।
1. इस स्थिति में कौन-कौन से हितधारक शामिल हैं?
18 Oct, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 केस स्टडीज़
2. प्रिया के समक्ष नैतिक दुविधाएँ क्या हैं?
3. एक सिद्धांतवादी पुलिस अधीक्षक के रूप में, इस स्थिति में प्रिया के पास क्या विकल्प उपलब्ध हैं तथा कौन-सा कदम सबसे उपयुक्त होगा? -
प्रश्न: लोक सेवा प्रवचन में प्रायः ईमानदारी और सत्यनिष्ठा को एक-दूसरे के पर्याय के रूप में प्रयोग किया जाता है। इन अवधारणाओं के मध्य सूक्ष्म अंतर की जाँच कीजिये और यह समझाइये कि नैतिक शासन के लिये उनके क्या निहितार्थ हैं? (150 शब्द)
17 Oct, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
प्रश्न: 'वसुधैव कुटुंबकम्' का सिद्धांत भारतीय दर्शन की गहन और मूलभूत अवधारणा है। बढ़ते वैश्विक ध्रुवीकरण के युग में, भारत की विदेश नीति को आयाम देने में इसकी प्रासंगिकता और नैतिक निहितार्थों का परीक्षण कीजिये। (150 शब्द)
17 Oct, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
डॉ. शर्मा, एक प्रसिद्ध जैव प्रौद्योगिकी कंपनी की वरिष्ठ वैज्ञानिक हैं, जो एक नए विषाणु संक्रामक रोग के तेज़ी से प्रसारित हो रहे प्रकार के उपचार हेतु एक दवा विकसित करने वाले अनुसंधान दल का नेतृत्व कर रही हैं। विश्वभर में और भारत में मामलों में वृद्धि के साथ, डॉ. शर्मा के दल पर दवा परीक्षणों में तेज़ी लाने का बहुत दबाव है। कंपनी महत्त्वपूर्ण बाज़ार क्षमता का लाभ उठाना चाहती है और प्रथम-प्रवर्तक का लाभ प्राप्त करना चाहती है।
टीम मीटिंग के दौरान, वरिष्ठ सदस्य क्लिनिकल ट्रायल में तीव्रता लाने और त्वरित मंज़ूरी प्राप्त करने के लिये लघु पथन का प्रस्ताव देते हैं। इनमें नकारात्मक प्रतिफलों को निष्कर्षित करने और चुनिंदा रूप से सकारात्मक प्रतिफलों की रिपोर्ट करने के लिये डेटा का छलसाधन, सूचित सहमति प्रक्रियाओं को उपपथन और स्वयं के द्वारा विकसित करने के बजाय प्रतिद्वंद्वी कंपनी के पेटेंट यौगिकों का उपयोग करना शामिल है। डॉ. शर्मा इन लघुपथन मार्गों से असहज महसूस करती हैं, परंतु उन्हें अनुभव होता है कि ऐसे साधनों का उपयोग किये बिना लक्ष्यों को प्राप्त करना असंभव है। अब उन्हें एक कठिन निर्णय का सामना करना पड़ रहा है जो बाज़ार के दबावों और उपचार की तत्काल आवश्यकता के विरुद्ध वैज्ञानिक सत्यनिष्ठता और रोगी सुरक्षा को चुनौती देता है।
1. इस स्थिति में कौन-कौन से हितधारक शामिल हैं?
11 Oct, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 केस स्टडीज़
2. डॉ. शर्मा को किन नीतिपरक दुविधाओं का सामना करना पड़ता है?
3. इस परिदृश्य में डॉ. शर्मा को क्या कदम उठाना चाहिये? -
नैतिक विवेकशून्यता की अवधारणा और लोक सेवा परिदान पर इसके संभावित प्रभाव पर चर्चा कीजिये। इस तरह की विवेकशून्यता के समाधान हेतु संगठनों द्वारा नीतिपरक जागरूकता का संवर्द्धन कैसे किया जा सकता है? (150 शब्द)
10 Oct, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
व्यक्तिगत गोपनीयता और सार्वजनिक उत्तरदायित्व पर सोशल मीडिया के नीतिपरक प्रभावों पर चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
10 Oct, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
राजीव एक प्रतिष्ठित सरकारी अनुसंधान प्रयोगशाला में वरिष्ठ अभियंता हैं, जो संशोधित मौसम पूर्वानुमान और आपदा पूर्वानुमान के लिये अत्याधुनिक उपग्रह प्रौद्योगिकी के विकास का निरीक्षण करते हैं। परियोजना प्रमुख के रूप में, वह घटकों और सामग्रियों के चयन के लिये ज़िम्मेदार हैं। आपूर्तिकर्ता प्रस्तावों की समीक्षा करते समय, राजीव ने देखा कि उनकी बहन के संघर्षरत स्टार्टअप ने अभिनव समाधानों के साथ एक प्रतिस्पर्द्धी बोली प्रस्तुत की है जो उपग्रह के प्रदर्शन को संवर्द्धित कर सकती है।
राजीव को पता है कि अपनी बहन की कंपनी को अनुबंध देने से वह दिवालिया होने से बच सकती है, परंतु इससे स्वजन-पक्षपात का प्रश्न भी उठ सकता हैं और चयन प्रक्रिया की सत्यनिष्ठा से समझौता हो सकता है। प्रयोगशाला प्रबंधन राजीव पर पूरा विश्वास करता है जो उसके निर्णय का समर्थन करेगा। अब वह अपने पेशेवर दायित्वों और अपनी बहन के व्यवसाय में सहायता करने की इच्छा के बीच दुविधा का सामना कर रहा है, यह जानते हुए कि उसके निर्णय का परियोजना की सफलता, उसके व्यक्तिगत संबंधों और सरकारी अनुबंध के नीतिपरक मानकों पर महत्त्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।
1. इस स्थिति में कौन-कौन से हितधारक शामिल हैं?
04 Oct, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 केस स्टडीज़
2. इस मामले में नैतिक दुविधाएँ क्या हैं?
3. इस मुद्दे के समाधान हेतु राजीव की क्रियाविधि क्या होनी चाहिये? -
"पारंपरिक ज्ञान का व्यावसायीकरण बौद्धिक संपदा अधिकारों और सांस्कृतिक संरक्षण के विषय में प्रश्न खड़े करता है।" वैज्ञानिक प्रगति को प्रोत्साहित करते हुए स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों की सुरक्षा में नीतिपरक विचारों का विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
03 Oct, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
"नीतिपरक नेतृत्व के लिये प्रायः कठोर निर्णयन की आवश्यकता होती है जो अल्पावधि में अलोकप्रिय हो सकते हैं लेकिन दीर्घावधि में लाभकारी होते हैं।" प्रासंगिक उदाहरणों के साथ इस कथन पर चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
03 Oct, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
आप एक ऐसे ज़िले के पुलिस अधीक्षक हैं जो अपनी जटिल सामाजिक गतिशीलता और कभी-कभी सांप्रदायिक तनाव के लिये जाना जाता है। हाल ही में, अल्पसंख्यक समूहों के विरुद्ध कथित घृणास्पद भाषण के लिये बहुसंख्यक समुदाय के एक प्रमुख धार्मिक नेता को गिरफ्तार किया गया था। यद्यपि यह गिरफ्तारी विधिक रूप से उचित है, परंतु इसने उनके अनुयायियों के बीच व्यापक विरोध और अशांति को उत्पन्न कर दिया है, जो दावा करते हैं कि यह एक राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई है।
27 Sep, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 केस स्टडीज़
जैसे-जैसे तनाव बढ़ता है, आपको खुफिया जानकारी प्राप्त होती है कि चरमपंथियों का एक समूह जवाबी कार्रवाई में अल्पसंख्यकों के स्वामित्व वाले व्यवसायों और पूजा स्थलों को नष्ट करने की योजना बना रहा है। आपके सूत्रों का सुझाव है कि भड़काने वालों को कार्रवाई करने से पहले गिरफ्तार करना हिंसा को रोक सकता है। यद्यपि, आपको यह भी पता चलता है कि मुख्य आयोजकों में से एक प्रभावशाली राज्यमंत्री का बेटा है। आपके तत्काल वरिष्ठ, महानिरीक्षक, सूक्ष्म रूप से संकेत देते हैं कि इन निवारक गिरफ्तारियों के साथ आगे बढ़ना आपके कैरियर की संभावनाओं को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है, इसके बजाय वह “घटना घटने के बाद” सामान्य पुलिस उपस्थिति बढ़ाने और किसी भी घटना से निपटने का सुझाव देते हैं।
जैसे-जैसे समय बीतता है और तनाव बढ़ता है, आपको ऐसा निर्णय लेना होगा जो विधि व्यवस्था बनाए रखने के आपके कर्तव्य, आपकी कैरियर संबंधी आकांक्षाओं और आपके ज़िले की जटिल सामाजिक गतिशीलता के बीच संतुलन स्थापित कर सके।
1. इस स्थिति में प्रमुख हितधारक कौन हैं?
2. इस स्थिति में नैतिक दुविधाएँ क्या हैं?
3. सार्वजनिक सुरक्षा, राजनीतिक दबाव और आपकी नीतिपरक ज़िम्मेदारी के लिये संभावित ज़ोखिम को ध्यान में रखते हुए आपकी अगली कार्रवाई क्या होगी? -
जलवायु परिवर्तन वैश्विक असमानताओं को बढ़ाने और संसाधन आवंटन के इर्द-गिर्द नई नीतिपरक संशय की आशंका उत्पन्न करता है। इस संकट से निपटने में राष्ट्रों को अपने हितों को वैश्विक ज़िम्मेदारियों के साथ कैसे संतुलित करना चाहिये? उन नैतिक सिद्धांतों का परीक्षण कीजिये जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय जलवायु कार्रवाई का मार्गदर्शन करना चाहिये। (150 शब्द)
26 Sep, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
नीतिशास्त्र में "नेगेटिव रिस्पांसिबिलिटी" की अवधारणा की व्याख्या कीजिये। यह नैतिक ज़िम्मेदारी के पारंपरिक विचारों को कैसे चुनौती देता है? (150 शब्द)
26 Sep, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
आप एक घाटे में जा रही सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम के नवनियुक्त कार्यकारी अधिकारी हैं, जिसे उद्यम के कायाकल्प की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। कंपनी की अक्षमता अत्यधिक कर्मचारियों और पुरानी कार्यपद्धतियों के कारण उपजी है। आपका विश्लेषण प्रदर्शित करता है कि 30% कर्मचारियों की छंटनी और आधुनिक प्रबंधन तकनीकों को कार्यान्वित करने से कंपनी को दो वर्ष के भीतर लाभदायक बनाया जा सकता है। यद्यपि, इससे पहले से ही उच्च बेरोज़गारी का सामना कर रहे क्षेत्र में कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिये काफी कठिनाई होगी।
सरकार ने आधिकारिक तौर पर सुधारों का समर्थन करते हुए निजी तौर पर संकेत दिया है कि वे आगामी चुनावों से पहले छंटनी से बचना चाहते हैं। आपको यह पता है कि छंटनी की प्रक्रिया अल्पकालिक सामाजिक और राजनीतिक परिणामों के मूल्य पर कंपनी की दीर्घकालिक व्यवहार्यता के लिये सबसे उपयुक्त मार्ग है। इस तथ्य से भलीभांति अवगत हुए आपको यह तय करना है कि कंपनी को छंटनी और सुधारों के साथ आगे बढ़ना है या नहीं। यह मामला एक ऐसे नौकरशाही प्रारूप में पेशेवर नीतिपरकता, राजनीतिक दबाव और व्यक्तिगत नैतिक मूल्यों के बीच तनाव को प्रकट करता है जहाँ पारंपरिक पदानुक्रम और नियम कम मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
1. इस मामले में कौन-कौन से हितधारक शामिल हैं?
20 Sep, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 केस स्टडीज़
2. यह निर्णय लेते समय आपको किन नीतिपरक दुविधाओं का सामना करना पड़ेगा?
3. प्रतिस्पर्द्धी हितों में संतुलन बनाते हुए आप इस स्थिति से निपटने के लिये क्या कदम उठाएंगे? -
"समुत्थानशीलता किसी कठिन परिस्थिति को सहन करने के बारे में नहीं है, बल्कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के रचनात्मक अनुकूलन से संबंधित है।" चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
19 Sep, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
'नीतिपरक उपभोक्तावाद' की अवधारणा व्यक्तियों पर उनके उपभोग विकल्पों के लिये नैतिक ज़िम्मेदारी को प्रकट करती है। वैश्विक पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में इस उपागम की क्षमता और सीमाओं पर चर्चा कीजिये। (150 शब्द)
19 Sep, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
गंगा नदी बेसिन के पास के ग्रामीण क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था रेत खनन पर तेज़ी से निर्भर हो गई है। स्थानीय सरकार द्वारा सख्त नियमों के तहत सीमित क्षेत्रों में रेत खनन के लिये परमिट जारी किये है। हालाँकि इस क्षेत्र में अवैध रेत खनन वृहद् पैमाने पर हो रहा है, जिसमें उच्च दर्जे के ठेकेदार स्थानीय संसाधनों का दोहन कर रहे हैं और पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रहे हैं। कई ठेकेदार अनुमत सीमा से अधिक और गैर-निर्दिष्ट क्षेत्रों से रेत निकालते हैं, जिससे नदी का प्रवाह, स्थानीय जैवविविधता और आस-पास की कृषि भूमि पर हानिकारक प्रभाव पड़ रहा है।
ज़िला अधिकारी के रूप में निरिक्षण करते समय आप देखते हैं कि नियामक निकायों की मौजूदगी के बावजूद बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन गतिविधियाँ चल रही हैं। पूछताछ करने पर, मज़दूरों का दावा है कि वे सीमा के भीतर काम करने वाले एक पंजीकृत ठेकेदार द्वारा नियोजित हैं। हालाँकि आप देखते हैं कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में भारी मशीनरी का प्रयोग किया जा रहा है। ग्राम निवासियों की शिकायत है कि अवैध खनन उनके खेतों को नुकसान पहुँचा रहा है, कटाव कर रहा है और पानी की उपलब्धता को प्रभावित कर रहा है। इसके अलावा, आपको ज्ञात होता है कि स्थानीय प्रशासन कथित तौर पर प्रभावशाली राजनीतिक हस्तियों की भागीदारी के कारण इस मुद्दे को नज़रअंदाज़ कर रहा है या अपनी आँखें मूंद रहा है।
1. इस स्थिति में कौन-कौन से हितधारक शामिल हैं?
13 Sep, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 केस स्टडीज़
2. उपरोक्त मामले में शामिल नैतिक मुद्दों को उजागर कर उन पर विस्तार से चर्चा कीजिये।
3. एक ज़िला अधिकारी के रूप में आप इस स्थिति के समाधान हेतु क्या कदम उठाएंगे? -
संगठनात्मक संदर्भों में "नैतिकता का पतन होने" की अवधारणा का विश्लेषण कीजिये। सार्वजनिक संस्थाएँ इस घटना से किस प्रकार बच सकती हैं तथा समय के साथ उच्च नैतिक मानकों को किस प्रकार बनाए रख सकती हैं? ( 150 शब्द )
12 Sep, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
"दृष्टिकोण से व्यवहार को आकार मिलता है जबकि योग्यता से क्षमता का निर्धारिण होता है।" नैतिक शासन के प्रकाश में इस कथन का विश्लेषण कीजिये। (150 शब्द)
12 Sep, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
आप राज्य सरकार में प्रमुख सार्वजनिक पदों पर नियुक्तियों की देखरेख के लिये जिम्मेदार एक वरिष्ठ अधिकारी हैं। हाल ही में सरकार ने शिक्षा विभाग में एक उच्च पद के लिये भर्ती प्रक्रिया शुरू की है, जो राज्य के शिक्षा सुधारों को लागू करने के लिये महत्त्वपूर्ण है। इस क्रम में चयन समिति ने दो उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया है। इसमें एक उम्मीदवार उच्च योग्यता वाला है और उसका ट्रैक रिकॉर्ड बेदाग है लेकिन वह कुछ सरकारी नीतियों की आलोचना करने में सक्रिय रहा है। इसमें दूसरा उम्मीदवार कम अनुभवी है लेकिन उसे मज़बूत राजनीतिक समर्थन प्राप्त होने के साथ उसे सत्तारूढ़ दल के प्रति वफादार माना जाता है।
आप जानते हैं कि पहला उम्मीदवार अपनी विशेषज्ञता के कारण शिक्षा क्षेत्र के विकास में प्रमुख योगदान दे सकता है लेकिन उसका स्वतंत्र रुख राजनेताओं के साथ टकराव का कारण बन सकता है। दूसरी ओर, दूसरे उम्मीदवार के चयन से राजनेताओं के साथ सहज संबंध सुनिश्चित हो सकता है लेकिन इससे शासन की गुणवत्ता से समझौता हो सकता है। आपके निर्णय का राज्य की शिक्षा नीति एवं उसके भविष्य के परिणामों पर स्थायी प्रभाव पड़ेगा।
1. इस स्थिति में कौन-कौन से हितधारक शामिल हैं?
06 Sep, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 केस स्टडीज़
2. इस मामले से संबंधित नैतिक दुविधाएँ क्या हैं और इस परिदृश्य में कौन से सिद्धांत आपके निर्णय के मार्गदर्शक होंगे?
3. निष्पक्ष और न्यायपूर्ण निर्णय लेने में आप पेशेवर क्षमता तथा राजनीतिक दृष्टिकोणों के बीच किस प्रकार संतुलन स्थापित करेंगे? -
सत्यनिष्ठा एवं पारदर्शिता को अक्सर कल्याणकारी शासन के स्तंभों के रूप में संदर्भित किया जाता है। बताइये कि व्यावहारिक स्तर पर इन सिद्धांतों के बीच कभी-कभी किस प्रकार संघर्ष देखा जा सकता है। (150 शब्द)
05 Sep, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
लोक सेवा में ‘सहानुभूति शिथिलता’ की अवधारणा को समझाइये। सामाजिक समस्याओं के निरंतर संपर्क में रहते हुए प्रशासक, सहानुभूति को किस प्रकार बनाए रख सकते हैं? (150 शब्द)
05 Sep, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
आप एक ऐसे क्षेत्र के ज़िला कलेक्टर हैं, जो अपनी समृद्ध जैवविविधता और आदिवासी समुदायों के लिये जाना जाता है। एक प्रमुख दवा कंपनी ने आपके ज़िले में एक शोध सुविधा स्थापित करने के प्रस्ताव के साथ सरकार से संपर्क किया है। कंपनी का दावा है कि उन्होंने स्थानीय जंगल में एक दुर्लभ पौधे की प्रजाति की खोज की है जो संभावित रूप से कैंसर के उपचार को एक सफलता की ओर ले जा सकती है। वे रोज़गार सृजन और बुनियादी ढाँचे के विकास सहित महत्त्वपूर्ण आर्थिक लाभ प्रदान कर रहे हैं। हालाँकि सुविधा के लिये प्रस्तावित स्थान के लिये जंगल के एक हिस्से में वनों को काटना होगा, इस क्षेत्र को स्थानीय आदिवासी समुदाय द्वारा पवित्र माना जाता है साथ ही यहाँ कई लुप्तप्राय प्रजातियों का आवास है।
आदिवासी नेताओं ने अपने पैतृक अधिकारों और भूमि के सांस्कृतिक महत्त्व का हवाला देते हुए परियोजना के प्रति विरोध व्यक्त किया है। पर्यावरण कार्यकर्त्ता भी संभावित पारिस्थितिक क्षति के बारे में चेतावनी देते हुए विरोध कर रहे हैं। दूसरी ओर, कई स्थानीय लोग इसे आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्र में रोज़गार और विकास के अवसर के रूप में देखते हैं। ज़िला कलेक्टर के रूप में आपको यह तय करना होगा कि परियोजना के लिये अनुमोदन की सिफारिश करनी है या इसे अस्वीकार करना है। आपके निर्णय का स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और आदिवासी समुदाय की सांस्कृतिक विरासत पर दूरगामी परिणाम होंगे।
1. इस स्थिति में कौन-से हितधारक शामिल हैं?
30 Aug, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 केस स्टडीज़
2. ज़िला कलेक्टर के रूप में दवा कंपनी के प्रस्ताव को स्वीकृत या अस्वीकृत करने का निर्णय लेने में आपको किन नैतिक दुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है?
3. आर्थिक विकास, पर्यावरण और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रतिस्पर्द्धातमक हितों को ध्यान में रखते हुए, आप इस संघर्ष के समाधान हेतु क्या दृष्टिकोण अपनाएंगे? -
नैतिक विशिष्टतावाद की अवधारणा पर चर्चा कीजिये। यह पारंपरिक नियम-आधारित नैतिक ढाँचा के लिये यह किस प्रकार चुनौतीपूर्ण है? (150 शब्द)
29 Aug, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
"अभिवृत्ति एक छोटी सी अवधारणा है जो नैतिक नेतृत्त्व में बड़ा अंतर लाती है।" लोक प्रशासन के संदर्भ में इस कथन पर टिप्पणी कीजिये। (150 शब्द)
29 Aug, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
नई दिल्ली में आगामी वैश्विक सतत् विकास शिखर सम्मेलन के आयोजन के समन्वयक के रूप में आप एक जटिल चुनौती का सामना कर रहे हैं। यह शिखर सम्मेलन विश्व भर के देशों से बड़ी संख्या में आने वाले राजनेताओं एवं प्रतिनिधियों की मेजबानी करने का कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, गरीबी उन्मूलन एवं तकनीकी नवाचार से संबंधित प्रमुख मुद्दों को हल करना है। हालाँकि आयोजन से ठीक दो सप्ताह पहले, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के प्रस्तावित उप-वर्गीकरण को लेकर पूरे शहर में व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। इस क्रम में हज़ारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया और अपनी चिंताओं पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित करने के अवसर के रूप में इस शिखर सम्मेलन को बाधित करने की चेतावनी दी। आपकी टीम को खुफिया रिपोर्ट मिली है जिसमें सुझाव दिया गया है कि कुछ विरोधी समूह इस शिखर सम्मेलन के स्थल पर घुसपैठ करने या प्रतिनिधियों के आवास को निशाना बनाने का प्रयास कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त इसमें निहित स्वार्थ वाले समूहों की संभावित भागीदारी के बारे में चिंताएँ हैं जो संबंधित बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचा सकते हैं। प्रभारी व्यक्ति के रूप में आप पर इस शिखर सम्मेलन की अखंडता एवं शुचिता को बनाए रखते हुए सभी उपस्थित लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने का उत्तरदायित्व है। इस शिखर सम्मेलन की सफलता, भारत की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा एवं वैश्विक सतत् विकास लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु महत्वपूर्ण है।
1. इस स्थिति में कौन-कौन से प्रमुख हितधारक शामिल हैं?
23 Aug, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 केस स्टडीज़
2. इस शिखर सम्मेलन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ इसके सुचारू क्रियान्वयन हेतु तात्कालिक रूप से आप कौन से कदम उठाएंगे?
3. यदि यह विरोध प्रदर्शन बढ़ता है तो आपके पास कौन से आकस्मिक विकल्प उपलब्ध हैं? -
लोक सेवा में 'आशय (Intent)' बनाम 'परिणाम (Outcome)' के नैतिक महत्त्व का परीक्षण कीजिये। सिविल सेवकों द्वारा निर्णय निर्माण में इन कारकों के संदर्भ में किस प्रकार संतुलन किया जाना चाहिये? (150 शब्द)
22 Aug, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न -
'नैतिक एजेंसी' का विचार सत्ता में आसीन व्यक्तियों की ज़िम्मेदारी को किस प्रकार प्रभावित करता है? (150 शब्द)
22 Aug, 2024 सामान्य अध्ययन पेपर 4 सैद्धांतिक प्रश्न