दृष्टि के NCERT कोर्स के साथ करें UPSC की तैयारी और जानें
ध्यान दें:

मध्य प्रदेश स्टेट पी.सी.एस.

  • 13 Feb 2026
  • 0 min read
  • Switch Date:  
मध्य प्रदेश Switch to English

सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना

चर्चा में क्यों?

जैसे-जैसे भारत विकेंद्रीकृत भंडारण नेटवर्क के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है, मध्य प्रदेश का बालाघाट ज़िला सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना (WLGSP) के अंतर्गत पायलट ज़िले के रूप में चयनित किया गया है।

मुख्य बिंदु:

  • पारसवाड़ा मॉडल: पायलट परियोजना का केंद्रबिंदु बहुद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित (PACS), पारसवाड़ा है।
  • अवसंरचना: 500 मीट्रिक टन क्षमता का अत्याधुनिक गोदाम निर्मित किया गया है।
  • उद्घाटन: परियोजना का पूर्ण कार्य पूर्ण होने के बाद 24 फरवरी, 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आधिकारिक रूप से उद्घाटन किया गया।
  • संचालनात्मक व्यवहार्यता: PACS की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिये इस गोदाम को मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (MPWLC) द्वारा किराए पर लिया गया है, जिससे समिति को तत्काल और स्थिर आय प्राप्त हो रही है।
  • अनाज भंडारण योजना: यह एक केंद्रीय क्षेत्र की पहल है, जिसका उद्देश्य पूरे भारत में विकेंद्रीकृत खाद्यान्न भंडारण अवसंरचना का निर्माण करना है।
    • यह सरकार के ‘सहकार से समृद्धि’ (सहयोग के माध्यम से समृद्धि) के दृष्टिकोण का एक प्रमुख घटक है।
  • कार्यान्वयन तंत्र: यह योजना भारत सरकार की मौजूदा योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से लागू की जा रही है, ताकि सार्वजनिक संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित हो सके।

राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English

दिल्ली ने ‘लखपति बिटिया योजना’ शुरू की

चर्चा में क्यों?

दिल्ली सरकार ने बालिकाओं की शिक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लखपति बिटिया योजना नामक एक नई सामाजिक कल्याण योजना शुरू की है, जिसके तहत जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक संरचित वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

मुख्य बिंदु:

  • लॉन्च: लखपति बिटिया योजना की घोषणा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा की गई है और यह 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगी।
    • यह योजना वर्ष 2008 में शुरू की गई पुरानी ‘लाड़ली योजना’ का स्थान लेगी और उसे उन्नत रूप में लागू करेगी, जिसे क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था।
  • उद्देश्य: इस योजना का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के स्कूल छोड़ने की समस्या को रोकना तथा उनकी शैक्षिक निरंतरता, वित्तीय सुरक्षा और सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है।
    • यह आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों की बालिकाओं को शिक्षा के प्रमुख चरणों पर चरणबद्ध बैंक जमा के माध्यम से सहायता प्रदान करने का लक्ष्य रखती है।
  • वित्तीय संरचना: इस कार्यक्रम के तहत वित्तीय सहायता को प्रमुख शैक्षिक चरणों से जोड़कर किस्तों में जमा किया जाएगा — जन्म से लेकर स्नातक या डिप्लोमा पाठ्यक्रम तक
    • जमा की गई कुल राशि पर ब्याज अर्जित होगा और परिपक्वता पर लाभार्थी के बैंक खाते में यह राशि ₹1 लाख से अधिक हो जाने के लिये डिज़ाइन की गई है।
    • जो बालिकाएँ पूर्व ‘लाड़ली योजना’ की लाभार्थी हैं, उन्हें उनके अधिकार मिलते रहेंगे, जबकि नए लाभार्थियों को संशोधित लखपति बिटिया योजना के अंतर्गत पंजीकृत किया जाएगा।
  • पात्रता मानदंड: योजना का लाभ पाने के लिये बालिका का जन्म दिल्ली में होना चाहिये और उसके परिवार का कम से कम तीन वर्ष से दिल्ली में निवास होना आवश्यक है, जिसकी वार्षिक आय ₹1.20 लाख से अधिक न हो।
    • प्रति परिवार अधिकतम दो बालिकाएँ इस योजना के अंतर्गत पात्र होंगी।
  • प्रत्यक्ष अंतरण: भुगतान पूरी तरह डिजिटल आवेदन और वितरण प्रक्रिया के माध्यम से सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में जमा किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता तथा सुगमता सुनिश्चित होगी।

और पढ़ें: आधार


राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English

विश्व रेडियो दिवस 2026

चर्चा में क्यों?

विश्व रेडियो दिवस एक अंतर्राष्ट्रीय दिवस है, जिसे प्रतिवर्ष 13 फरवरी को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य रेडियो को संचार का एक सशक्त माध्यम, सूचना तक पहुँच का महत्त्वपूर्ण साधन और सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देने वाले माध्यम के रूप में मान्यता देना है।

मुख्य बिंदु:

  • आधिकारिक थीम: रेडियो और कृत्रिम बुद्धिमत्ता: AI एक उपकरण है, आवाज़ नहीं (Radio and Artificial Intelligence: AI is a tool, not a voice)।
  • थीम का उद्देश्य: ‘रेडियो और कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ विषय इस बात का अन्वेषण करता है कि उभरती प्रौद्योगिकियाँ प्रसारकों का समर्थन कैसे कर सकती हैं, बिना उन्हें प्रतिस्थापित किये।
  • मान्यता: यह वर्ष 1946 में संयुक्त राष्ट्र रेडियो की स्थापना का सम्मान करता है और समावेशी समाजों के निर्माण तथा पूरे विश्व में विविध श्रोताओं तक पहुँचने में रेडियो की भूमिका को स्वीकार करता है।
  • स्वीकृति: इस दिवस की घोषणा वर्ष 2011 में UNESCO द्वारा की गई थी और बाद में वर्ष 2012 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा इसे अपनाया गया।
  • विश्व रेडियो दिवस कॉन्क्लेव 2026: आकाशवाणी रायपुर (छत्तीसगढ़) ने UNESCO के सहयोग से छत्तीसगढ़ में एक प्रमुख कॉन्क्लेव का आयोजन किया, जिसमें मानव-केंद्रित संचार के संरक्षण में AI की भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया।
  • महत्त्व: विश्व रेडियो दिवस तेज़ी से बदलते मीडिया परिवेश में रेडियो की स्थायी प्रासंगिकता का उत्सव मनाता है।

और पढ़ें: UNESCO


close
Share Page
images-2
images-2