आर. के. नारायण- शब्दों के चित्रकार
11 Oct, 2022 | संकर्षण शुक्लाअंग्रेज़ भारत छोड़ने वाले थे, हिंदी साहित्य की विषयवस्तु उस दरमियाँ यथार्थवादी हो चुकी थी और यह अपनी कथावस्तु व कथन के माध्यम से तो देश के युवाओं को अंग्रेज़ों के खिलाफ़ चेता...
अंग्रेज़ भारत छोड़ने वाले थे, हिंदी साहित्य की विषयवस्तु उस दरमियाँ यथार्थवादी हो चुकी थी और यह अपनी कथावस्तु व कथन के माध्यम से तो देश के युवाओं को अंग्रेज़ों के खिलाफ़ चेता...
आधुनिक भारतीय वायुसेना की पूर्वपीठिका 8 अक्तूबर 1932 को ब्रिटिश-भारत सरकार द्वारा गठित की गई 'रॉयल इंडियन एयरफोर्स' से तैयार हुई थी। इसलिये 8 अक्तूबर को प्रतिवर्ष 'भारतीय...
सुरक्षित आश्रय मनुष्य का एक बुनियादी अधिकार है। एक सामान्य मानव के लिये जितना ज़रूरी भोजन और कपड़ा है उतना ही ज़रूरी है रहने के लिये टिकाऊ और सुरक्षित ठिकाने का होना। आश्रय...
इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर ईरान में महिलाएँ आज़ादी की माँग क्यों कर रही हैं? धर्म के नाम पर स्त्रियों को पुरुषों से कम आँकने व उनकी आज़ादी छीनने की प्रवृत्ति शुरू से ही...
सरलता और सादगी की मिसाल भारत के दूसरे प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर, 1904 को उत्तर प्रदेश के मुग़लसराय के रामनगर में एक साधारण परिवार में हुआ। वे...
2 अक्तूबर को महात्मा गांधी की जयंती है। आज गांधी होते तो 153 वर्ष के हो गए होते। इतने लंबे वक्त तक जिंदा रहना तो बेहद कठिन है लेकिन जन के मन में गांधी आज भी जिंदा हैं। 30 जनवरी 1948...
प्रतिवर्ष 1 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के रूप में मनाया जाता है। दुनिया भर में वृद्धों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार, भेदभाव, उपेक्षा और अन्याय को रोका जा सके, इस...
वर्ष 1901 की बात है जब भारत की तत्कालीन राजधानी कलकत्ता (आधुनिक कोलकाता) में भारतीय राजनीति के दो शिखर पुरूष भारत के हालातों के बारे में चर्चा कर रहे थे। एक शिक्षक-पत्रकार, दूर...
जनसंख्या के दृष्टिकोण से भारत विश्व का दूसरा और क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से विश्व का सातवां बड़ा देश है। यहाँ पर प्राचीन समय से ही सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक व भौगोलिक इत्यादि...
किस्सों और कहानियों के माध्यम से प्रेरणा देने का इतिहास उतना ही प्राचीन है जितना कि भाषाई अभिव्यक्ति का इतिहास। मनुष्य ने जैसे-जैसे बोलना सीखा वैसे-वैसे अपनी आने वाली...
वर्तमान दौर में हम एक वैश्वीकृत दुनिया में रह रहे हैं। यह दुनिया एक गाँव के रूप में तब्दील हो गई है जिसे मैकलुहान ने “ग्लोबल विलेज” की संज्ञा दी है। एक प्रक्रिया और...
इस लेख में हम भारत में नदियों के सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक महत्त्व के बारे में जानेंगे। प्राचीन काल से ही नदियाँ माँ की तरह हमारा भरण-पोषण करती आ रही हैं। नदियों की वजह...
मानव जाति अपने सृजन से ही स्वयं को अभिव्यक्त करने के तरह-तरह के माध्यम खोजती रही है। आपसी संकेतों के सहारे एक-दूसरे को समझने की ये कोशिशें अभिव्यक्ति के सर्वोच्च शिखर पर तब...
सूचकांक किसी देश या समाज की प्रगति का मूल्यांकन करने का एक महत्त्वपूर्ण माध्यम होते हैं। ये सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक विकास के गणित को निर्धारित मानकों के आधार पर अंको में...
श्रीलंका में चल रहे आर्थिक संकट के बीच लोग अब देश छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। अब तक सैकड़ों लोग देश छोड़कर जा चुके हैं और दूसरे देशों में पनाह लिए हुए हैं। श्रीलंका संकट से...
हमारे देश ही नहीं, पूरी दुनिया में अकेलेपन, अवसाद और आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं। बल्कि यूं कहना ठीक होगा कि आत्महत्या एक महामारी का रूप धरती जा रही है। लोग कई...
सितंबर माह शिक्षक समुदाय के लिए विशेष है क्योंकि प्रत्येक वर्ष भारत के पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस यानी 5 सितंबर को ‛शिक्षक दिवस’ के रूप में...
इस लेख में हम आपको बताएँगे कि व्यस्त जिंदगी में अपने स्वास्थ्य का ख्याल कैसे रखें। हम सब चाहते हैं कि हमारे पास बड़ा घर, अच्छी गाड़ी, ब्रांडेड कपड़े और सुख तथा विलासिता...
यह वर्ष 1921 की बात है जब मैसूर के महाराजा कॉलेज के भव्य सभागार के बाहर फूलों से सजी-धजी एक बग्घी खड़ी हुई थी। इस बग्घी के चारों ओर छात्रों का विशाल हुजूम उमड़ा हुआ था। इस बग्घी को...
शीत युद्ध का शांतिपूर्ण अंत करने वाले पूर्व सोवियत राष्ट्रपति मिख़ाइल गोर्बाचेव का 30 अगस्त को 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। गोर्बाचेव ने 1985 में सत्ता संभाली और सुधारों...