MPPSC राज्य सेवा परीक्षा 2026: महत्त्वपूर्ण तिथियाँ, पाठ्यक्रम, परीक्षा पैटर्न में बदलाव एवं रणनीति
- 14 Jan, 2026
विषय सूची
- MPPSC 2026: प्रमुख विशेषताएँ
- MPPSC परीक्षा पैटर्न 2026: प्रमुख बदलाव
- MPPSC 2026 के संबंध में महत्त्वपूर्ण तिथियाँ
- MPPSC 2026 रिक्तियों से संबंधित विवरण
- MPPSC 2026 परीक्षा पैटर्न (2026 की अधिसूचना के अनुसार)
- MPPSC पाठ्यक्रम 2026: संक्षिप्त अवलोकन
- आवेदन शुल्क एवं आवेदन की प्रक्रिया
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने राज्य सेवा परीक्षा 2026 (राज्य सेवा परीक्षा) हेतु अधिसूचना 31 दिसंबर, 2025 को आधिकारिक रूप से जारी कर दी है। आयोग द्वारा उप ज़िलाध्यक्ष तथा उप पुलिस अधीक्षक (DSP) सहित ग्रुप A एवं ग्रुप B से संबंधित विभिन्न पदों के लिये कुल 155 रिक्तियों की घोषणा की गई है।
इस वर्ष प्रारंभिक परीक्षा के पैटर्न में एक अहम बदलाव किया गया है। अब प्रत्येक प्रश्न 3 अंकों का होगा और साथ ही नेगेटिव मार्किंग लागू की गई है, जिसके तहत हर गलत उत्तर पर 1 अंक काटा जाएगा।
यह विस्तृत लेख MPPSC 2026 परीक्षा से संबंधित सभी आवश्यक पहलुओं को समाहित करता है, जिसमें आवेदन प्रक्रिया, पात्रता मानदंड, परीक्षा पैटर्न, पाठ्यक्रम तथा महत्त्वपूर्ण तिथियाँ सम्मिलित हैं।
MPPSC 2026: प्रमुख विशेषताएँ
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विषय |
विवरण |
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परीक्षा का नाम |
MP राज्य सेवा परीक्षा 2026 |
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आयोजक निकाय |
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) |
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आवेदन का माध्यम |
ऑनलाइन |
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कुल पद |
155 |
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चयन प्रक्रिया |
प्रारंभिक परीक्षा (स्क्रीनिंग टेस्ट) → मुख्य परीक्षा (लिखित वर्णनात्मक) → साक्षात्कार |
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आधिकारिक वेबसाइट |
MPPSC परीक्षा पैटर्न 2026: प्रमुख बदलाव
MPPSC राज्य सेवा परीक्षा 2026 में प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) के ढांचे में एक बड़ा बदलाव किया गया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब आयोग ने नेगेटिव मार्किंग शुरू कर दी है और साथ ही हर सवाल के नंबर भी बढ़ा दिए हैं। इसका सीधा मतलब है कि अब सटीकता (Accuracy) ही सफलता की कुंजी होगी।
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विशेषता (Feature) |
पुराना पैटर्न (2026 से पहले) |
नया पैटर्न (2026) |
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नेगेटिव मार्किंग |
नहीं |
लागू है (1/3 यानी 33% की कटौती) |
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प्रति प्रश्न अंक |
2 अंक |
3 अंक |
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कुल अंक (पेपर I - GS) |
200 अंक |
300 अंक |
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कुल अंक (पेपर II - CSAT) |
200 अंक |
300 अंक |
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मार्किंग का फॉर्मूला |
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3R - W (3 × सही जवाब - गलत जवाब) |
MPPSC 2026 के संबंध में महत्त्वपूर्ण तिथियाँ
महत्त्वपूर्ण डेडलाइन समय-सीमाओं से वंचित होने से बचने के लिये अभ्यर्थियों को निम्नलिखित तिथियों पर नियमित रूप से ध्यान बनाए रखना चाहिये।
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प्रमुख घटनाक्रम |
तिथि |
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विज्ञापन जारी |
31 दिसंबर, 2025 |
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ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ की तिथि |
10 जनवरी, 2026 |
आवेदन करें |
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ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि |
09 फरवरी, 2026 ( रात्रि 12:00 तक) |
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ऑनलाइन आवेदन में त्रुटि सुधार कार्य |
15 जनवरी, 2026 से 11 फरवरी, 2026 तक |
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विलंबित आवेदन ( ₹3,000 शुल्क के साथ) |
10 - 16 फरवरी 2026 |
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विलंबित आवेदन ( ₹25,000 शुल्क के साथ) |
17 फरवरी 2026 – 01 अप्रेल 2026 |
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प्रवेश पत्र उपलब्धता |
16 अप्रेल 2026 |
जारी किया जाएगा |
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MPPSC प्रारंभिक परीक्षा की तिथि |
26 अप्रैल, 2026 |
पेपर डाउनलोड करें |
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मुख्य परीक्षा तिथि |
शीघ्र अधिसूचित की जाएगी |
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व्यक्तित्व परीक्षण / साक्षात्कार तिथि |
शीघ्र अधिसूचित की जाएगी |
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MPPSC 2026 रिक्तियों से संबंधित विवरण
वर्ष 2026 के लिये आयोग द्वारा कुल 155 पदों को अधिसूचित किया गया है। इस भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत प्रशासनिक एवं पुलिस सेवाओं से संबंधित अनेक प्रतिष्ठित पद सम्मिलित हैं। प्रमुख पदों का विवरण निम्नलिखित है—
- उप ज़िलाध्यक्ष (राज्य प्रशासनिक सेवा): 17 पद
- उप पुलिस अधीक्षक (DSP): 18 पद
- वाणिज्य कर अधिकारी: 3 पद
- सहायक आयुक्त (सहकारिता): 1 पद
- मुख्य नगर पालिका अधिकारी (श्रेणी ‘ख’): 4 पद
- मुख्य कार्यपाल अधिकारी (जनपद पंचायत): 15 पद
- नायब तहसीलदार: 4 पद
- विकासखंड महिला सशक्तीकरण अधिकारी: 39 पद
नोट: राज्य सरकार की आवश्यकताओं के अनुसार रिक्तियों की संख्या में परिवर्तन किया जा सकता है।
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पात्रता मानदंड
आवेदन करने से पूर्व अभ्यर्थियों को यह सुनिश्चित कर लेना चाहिये कि वे MPPSC 2026 हेतु निर्धारित आयु एवं शैक्षणिक योग्यता संबंधी सभी शर्तों को पूर्ण करते हों।
1. न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता
- अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (बैचलर) डिग्री होना अनिवार्य है।
- अंतिम वर्ष के विद्यार्थी: स्नातक के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा के लिये आवेदन करने के पात्र हैं। हालाँकि, मुख्य परीक्षा आवेदन की अंतिम तिथि से पूर्व उन्हें डिग्री उत्तीर्ण होने का प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
2. आयु सीमा (01.01.2026 की स्थिति में)
- गैर-वर्दीधारी पद (जैसे- उप ज़िलाध्यक्ष): 21 से 40 वर्ष
- वर्दीधारी पद (जैसे- DSP, आबकारी): 21 से 33 वर्ष
- आयु सीमा में छूट: मध्य प्रदेश के मूल निवासी अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), दिव्यांगजन (PWD), महिलाएँ (अनारक्षित/आरक्षित) तथा शासकीय सेवक अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट प्रदान की जाती है (अधिकतम आयु सीमा: 45 वर्ष)।
3. मूल निवासी (डोमिसाइल)
- अन्य राज्यों के अभ्यर्थी भी परीक्षा हेतु आवेदन कर सकते हैं, किंतु उन्हें सामान्य (अनारक्षित) वर्ग के अंतर्गत ही माना जाएगा।
- आरक्षण संबंधी लाभ केवल मध्य प्रदेश के मूल निवासी अभ्यर्थियों को ही उपलब्ध होंगे।
4. शारीरिक मापदंड (वर्दीधारी पदों हेतु)
उप पुलिस अधीक्षक (DSP) तथा आबकारी उप निरीक्षक जैसे पदों के लिये अभ्यर्थियों को निम्नलिखित शारीरिक मानकों को पूरा करना अनिवार्य होगा—
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श्रेणी |
ऊँचाई |
सीना (बिना फुलाए) |
सीना (पूर्णतः फुलाने पर) |
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पुरुष |
168 से.मी. |
84 से.मी. |
89 से.मी. |
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महिला |
155 से.मी. |
अपेक्षित नहीं |
अपेक्षित नहीं |
MPPSC की समग्र तैयारी हेतु कॉम्प्रिहेंसिव टेस्ट सीरीज़
MPPSC 2026 परीक्षा पैटर्न (2026 की अधिसूचना के अनुसार)
राज्य सेवा परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है—
चरण 1: प्रारंभिक परीक्षा
प्रारंभिक परीक्षा एक छंटनी परीक्षा होती है, जिसमें वस्तुनिष्ठ प्रकृति के दो प्रश्नपत्र (OMR आधारित) सम्मिलित होते हैं। यह परीक्षा एक ही दिन में आयोजित की जाती है।
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पेपर |
विषय |
प्रश्नों की संख्या |
कुल अंक |
समयावधि |
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पेपर–I |
सामान्य अध्ययन |
100 |
300 |
2 घंटे (प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक) |
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पेपर–II |
सामान्य अभिरुचि (CSAT) |
100 |
300 |
2 घंटे (दोपहर 2:15 बजे से 4:15 बजे तक) |
प्रमुख नियम एवं अंक निर्धारण योजना:
- प्रति प्रश्न अंक: प्रत्येक सही उत्तर के लिये 3 अंक प्रदान किये जाते हैं।
- ऋणात्मक अंकन: हाँ। प्रत्येक गलत उत्तर पर 1 अंक की कटौती की जाती है (सूत्र: 3R – W)।
- अर्हकारी प्रकृति
- पेपर II (CSAT) केवल अर्हकारी प्रकृति का होता है। पेपर–II में प्राप्त अंकों को मुख्य परीक्षा हेतु मेरिट सूची में शामिल नहीं किया जाता।
- मेरिट सूची: मुख्य परीक्षा के लिये अभ्यर्थियों का चयन केवल पेपर–I (सामान्य अध्ययन) में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाता है।
- न्यूनतम अर्हकारी अंक:
- अनारक्षित / सामान्य वर्ग: प्रत्येक पेपर में 40%
- अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग / आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग / दिव्यांगजन: प्रत्येक पेपर में 30%
चरण 2: मुख्य परीक्षा
प्रारंभिक परीक्षा में चयनित अभ्यर्थी (लगभग रिक्तियों की संख्या से 20 गुना) मुख्य परीक्षा में सम्मिलित होते हैं। मुख्य परीक्षा में वर्णनात्मक प्रकृति के कुल 6 प्रश्नपत्र होते हैं—
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पेपर |
विषय |
अवधि |
पूर्णांक |
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पेपर I |
सामान्य अध्ययन I (इतिहास, भूगोल |
3 घंटे |
300 |
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पेपर II |
सामान्य अध्ययन II (राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र) |
3 घंटे |
300 |
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पेपर III |
सामान्य अध्ययन III (अर्थशास्त्र, विज्ञान, तकनीकी एवं जन-स्वास्थ्य) |
3 घंटे |
300 |
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पेपर IV |
सामान्य अध्ययन IV (दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान एवं लोक प्रशासन) |
3 घंटे |
300 |
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पेपर V |
सामान्य हिंदी एवं व्याकरण |
2 घंटे |
200 |
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पेपर VI |
हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन |
2.5 घंटे |
100 |
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कुल योग |
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1500 |
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पेपर I, II, III तथा IV को भाग A और भाग B में विभाजित किया गया है। अभ्यर्थियों के लिये दोनों भागों से प्रश्नों का उत्तर देना अनिवार्य है। |
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चरण 3: साक्षात्कार
व्यक्तित्व परीक्षण: 185 अंक
अंतिम मेरिट सूची: मुख्य परीक्षा (1500) + साक्षात्कार (185) = कुल 1685 अंक
MPPSC विस्तृत परीक्षा पैटर्न
MPPSC पाठ्यक्रम 2026: संक्षिप्त अवलोकन
2026 के पाठ्यक्रम में मध्य प्रदेश–विशिष्ट ज्ञान पर विशेष बल दिया गया है।
प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम (पेपर I)
- भारत का इतिहास: प्राचीन ज्ञान परंपराएँ, वेद, गणतंत्र, स्वतंत्रता आंदोलन।
- मध्य प्रदेश का इतिहास, संस्कृति एवं साहित्य: राजवंश, स्वतंत्रता संग्राम, कला, जनजातियाँ, पर्व-त्योहार।
- भारत का भूगोल: भौतिक स्वरूप, जलवायु (एल-नीनो/ला-नीना), प्राकृतिक संसाधन, जनसंख्या।
- मध्य प्रदेश का भूगोल: वन, नदियाँ, जलवायु, खनिज, ऊर्जा स्रोत।
- संवैधानिक व्यवस्था (भारत एवं मध्य प्रदेश): राष्ट्रपति, संसद, सर्वोच्च न्यायालय, मध्य प्रदेश के राज्यपाल, पंचायती राज, संवैधानिक एवं सांविधिक निकाय।
- अर्थव्यवस्था (भारत एवं मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था (ODOP, IPR प्रगति), भारतीय अर्थव्यवस्था, वित्तीय संस्थाएँ।
- विज्ञान, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य: मानव शरीर, उपग्रह प्रौद्योगिकी, आनुवंशिक रोग (सिकल सेल), सतत विकास लक्ष्य (SDGs), प्रदूषण।
- समसामयिक घटनाक्रम: अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय तथा मध्य प्रदेश–विशिष्ट।
- सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT): इलेक्ट्रॉनिकी, रोबोटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा, ई-गवर्नेंस।
- मध्य प्रदेश की जनजातियाँ: विरासत, लोक संस्कृति, बोलियाँ एवं साहित्य का विस्तृत अध्ययन।
नोट: पेपर II (अभिरुचि परीक्षण) में बोधगम्यता, तर्कशक्ति, निर्णयन तथा आधारभूत संख्ययन (कक्षा X स्तर) सम्मिलित हैं।
MPPSC प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम
मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम
- सामान्य अध्ययन (GS) पेपर I:
- भाग A (इतिहास): भारतीय इतिहास (प्राचीन से आधुनिक काल तक), मध्य प्रदेश के राजवंश (होल्कर, सिंधिया, गोंडवाना)।
- भाग B (भूगोल): भौतिक भूगोल, जल संसाधन, आपदाएँ, उन्नत तकनीकें (GIS/GPS), मध्य प्रदेश का भूगोल।
- सामान्य अध्ययन (GS) पेपर II:
- भाग A (राजव्यवस्था): संविधान, राजनीतिक चिंतक, मध्य प्रदेश का प्रशासन, जवाबदेही आयोग।
- भाग B (समाजशास्त्र): सामाजिक सद्भाव, ग्रामीण/शहरी समाजशास्त्र, औद्योगीकरण, मध्य प्रदेश की जनजातियाँ।
- सामान्य अध्ययन (GS) पेपर III:
- भाग A (अर्थशास्त्र): भारतीय अर्थव्यवस्था, कराधान, मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था, सांख्यिकी एवं प्रायिकता।
- भाग B (विज्ञान/प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य): सामान्य विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान (AI/क्लाउड कंप्यूटिंग), आयुष (AYUSH), स्वास्थ्य कार्यक्रम, पर्यावरण।
- सामान्य अध्ययन (GS) पेपर IV:
- भाग A (दर्शनशास्त्र): दार्शनिक, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, भ्रष्टाचार।
- भाग B (प्रबंधन): उद्यमिता, व्यवसाय संगठन, प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास।
MPPSC मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम
MPPSC 2026 हेतु लक्षित तैयारी रणनीति
MPPSC 2026 परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिये अभ्यर्थियों को पाठ्यक्रम की स्थापित संरचना तथा नकारात्मक अंकन प्रणाली के अनुरूप एक अनुशासित एवं रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाना अनिवार्य है।
1. मुख्य परीक्षा रणनीति: (अत्यधिक स्कोरिंग खंडों पर विशेष ध्यान)
- समाजशास्त्र (पेपर II – भाग B): यह खंड अत्यधिक स्कोरिंग एवं स्टैटिक है।
- विशेष फोकस: मध्य प्रदेश की जनजातियाँ एवं ग्रामीण समाजशास्त्र
- यह विषय प्रारंभिक परीक्षा के MP GK पाठ्यक्रम से व्यापक रूप से संबंधित है।
- सामाजिक समस्याओं, पारिवारिक संरचनाओं तथा कल्याणकारी योजनाओं पर संक्षिप्त एवं तथ्यात्मक नोट्स तैयार कीजिये।
- अर्थशास्त्र (पेपर III – भाग A): चूँकि यह खंड विज्ञान के साथ संयुक्त है, अतः संतुलित अध्ययन योजना आवश्यक है।
- मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था: ODOP, MSME नीतियाँ
- भारतीय अर्थव्यवस्था: राजकोषीय नीति, बैंकिंग
- सांख्यिकी (Statistics): माध्य, माध्यिका एवं बहुलक का नियमित अभ्यास कीजिये, ताकि पूर्ण अंक सुनिश्चित किये जा सकें।
- प्रबंधन एवं उद्यमिता (पेपर IV – भाग B): परिभाषाओं एवं अवधारणाओं पर विशेष ध्यान दीजिये, जैसे—
- व्यवसाय संगठन
- ब्रांडिंग/मार्केटिंग
- नेतृत्व शैलियाँ
- केस स्टडी (पेपर IV – भाग A एवं B): अभ्यर्थियों को कुल दो केस स्टडी हल करनी होती हैं—
- भाग A (दर्शन/लोक प्रशासन): नैतिक अथवा प्रशासनिक मुद्दों पर आधारित 1 केस स्टडी (18 अंक)
- भाग B (प्रबंधन/उद्यमिता): प्रबंधन अथवा व्यावसायिक मुद्दों पर आधारित 1 केस स्टडी (18 अंक)
- रणनीति: नैतिक दुविधाओं तथा व्यावसायिक समस्या-समाधान, दोनों के लिये समान रूप से तैयारी कीजिये।
2. प्रारंभिक परीक्षा रणनीति: (प्रश्न कितने किये से अधिक महत्त्वपूर्ण है सही कितने किये)
- मध्य प्रदेश विशेष: प्रश्नपत्र का बड़ा भाग मध्य प्रदेश से संबंधित है, अतः—
- MP का इतिहास, भूगोल एवं राजव्यवस्था का गहन अध्ययन अनिवार्य है।
- यूनिट 10 (मध्य प्रदेश की जनजातियाँ): जनजातीय कला, बोलियाँ एवं प्रमुख व्यक्तित्वों का विस्तृत अध्ययन कीजिये।
- ऋणात्मक मूल्यांकन का प्रबंधन:
- परीक्षा में 3R – W प्रणाली लागू है (सही उत्तर +3, गलत उत्तर –1)।
- अनियमित अनुमान से बचें।
- केवल उन्हीं प्रश्नों को हल कीजिये, जिनमें कम-से-कम दो विकल्पों को हटाया जा सके।
- अधिक प्रयास की तुलना में सटीकता अधिक महत्त्वपूर्ण है।
- अत्यधिक स्कोरिंग यूनिट्स:
- यूनिट 9 (ICT): AI, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा से संबंधित पदों पर संक्षिप्त नोट्स।
यूनिट 7 (विज्ञान): सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियाँ, आनुवंशिक रोग (विशेषतः सिकल सेल एनीमिया) एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी।
- यूनिट 9 (ICT): AI, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा से संबंधित पदों पर संक्षिप्त नोट्स।
3. उत्तर लेखन में सटीकता (मुख्य परीक्षा)
मुख्य परीक्षा में शब्द-सीमा का कठोरता से पालन किया जाता है, जिससे आपकी संक्षेपण क्षमता का परीक्षण होता है।
- अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक): शब्द सीमा: 20 शब्द
- 2–3 विशिष्ट तथ्य लिखें (जैसे—तिथि, स्थान, प्रमुख व्यक्तित्व)।
- पूर्ण वाक्य लिखने से बचें।
- लघु उत्तरीय प्रश्न (7 अंक): शब्द सीमा: 60 शब्द
- 4–5 बिंदुओं में उत्तर दीजिये जिनमें सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक आयामों को समाहित कीजिये, साथ ही लंबे पैराग्राफ लिखने से बचिये।
- दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (11 अंक): शब्द सीमा: 200 शब्द
- उत्तर की संरचना: संक्षिप्त भूमिका → मुख्य भाग (हेडिंग्स सहित) → निष्कर्ष
- केस स्टडी (कुल 36 अंक):पेपर IV में 18–18 अंकों की दो केस स्टडी होती हैं। प्रशासनिक एवं प्रबंधन—दोनों प्रकार की केस स्टडी का अभ्यास कीजिये, जिससे निर्णयन एवं गुणवत्ता में सुधार हो।
4. भाषा संबंधी पेपर्स : रैंक निर्धारक
- हिंदी (पेपर V): यह पेपर पूर्णतः व्याकरण एवं अनुवाद पर आधारित है।
- विशेष फोकस: रस एवं छंद (दोहा, सोरठा, चौपाई), संधि, समास तथा हिंदी–अंग्रेज़ी/अंग्रेज़ी–हिंदी अनुवाद।
- निबंध एवं प्रारूप लेखन (पेपर VI):
- प्रारूप लेखन: पत्र लेखन (शासकीय/अर्द्ध-शासकीय), परिपत्र, अधिसूचना — 15 अंक
- रिपोर्ट लेखन: रिपोर्ट एवं मेमो लेखन का अभ्यास — 15 अंक
- निबंध: समसामयिक सामाजिक विषयों एवं मध्य प्रदेश–विशिष्ट विकासात्मक मुद्दों पर तैयारी कीजिये, जैसे— विकसित भारत @2047, आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश।
MPPSC परीक्षा की तैयारी हेतु विस्तृत रणनीति
आवेदन शुल्क एवं आवेदन की प्रक्रिया
अभ्यर्थियों को mponline.gov.in अथवा mppsc.mp.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होता है।
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श्रेणी |
आवेदन शुल्क |
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MP के मूल निवासी (SC/ST/OBC/EWS/PwD) |
₹ 250 |
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अनारक्षित एवं अन्य राज्यों के अभ्यर्थी |
₹ 500 |
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पोर्टल शुल्क (अतिरिक्त) |
₹ 40 |
आवेदन की प्रक्रिया:
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ तथा ‘राज्य सेवा परीक्षा 2026’ के लिये ‘अप्लाई ऑनलाइन’ लिंक पर क्लिक कीजिये।
- विज्ञापन को ध्यानपूर्वक पढ़िये एवं अपनी पात्रता की पुष्टि कीजिये।
- मूल विवरण भरें—नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि (हाई स्कूल अंकसूची के अनुसार)।
- स्कैन की हुई फोटोग्राफ (25KB–200KB) तथा हस्ताक्षर अपलोड कीजिये।
- UPI, क्रेडिट/डेबिट कार्ड अथवा नेट बैंकिंग के माध्यम से शुल्क का भुगतान कीजिये।
- ‘भुगतान प्राप्त’अंकित आवेदन पत्र का प्रिंटआउट सुरक्षित रखें।
MPPSC 2026 परीक्षा में सफलता एक संतुलित एवं पाठ्यक्रम-केंद्रित रणनीति पर निर्भर करती है, जो आधिकारिक पाठ्यक्रम संरचना के साथ पूर्णतः सामंजस्य रखती हो। अभ्यर्थियों को सामान्य अध्ययन के विषयों के साथ-साथ उच्च स्कोरिंग भाषा एवं प्रारूप लेखन पत्रों में भी समान दक्षता प्राप्त करनी होगी, जिससे अंतिम सूची में अधिकतम अंक प्राप्त किये जा सकें। निर्धारित शब्द सीमाओं का कठोरता से पालन, नवीन अंकन योजना के अनुरूप उत्तर लेखन तथा निरंतर अभ्यास प्रभावी प्रदर्शन के लिये अनिवार्य हैं। अंततः, अनुशासित, पाठ्यक्रम-आधारित एवं रणनीतिक तैयारी ही राज्य सेवा परीक्षा में रैंक सुनिश्चित करने का सर्वाधिक विश्वसनीय मार्ग है।