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JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2025: संपूर्ण विवरण, परीक्षा कैलेंडर एवं तैयारी की रणनीति

  • 08 Jan, 2026
JPSC Combined Civil Services Examination 2025: Complete Details, Exam Calendar & Strategy

विषय सूची

1. JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2025: परीक्षा संबंधी प्रमुख बिंदु

2. महत्त्वपूर्ण तिथियाँ (आधिकारिक परीक्षा कैलेंडर 2026)

3. परीक्षा पैटर्न का संक्षिप्त विवरण 

4. JPSC पाठ्यक्रम का संक्षिप्त विवरण

5. चयन प्रक्रिया

6. JPSC परीक्षा की तैयारी हेतु रणनीति

7. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा राज्य स्तर के प्रतिष्ठित पदों जैसे डिप्टी कलेक्टर, DSP तथा ग्रुप A एवं ग्रुप B से संबंधित अन्य सेवाओं में भर्ती हेतु संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा (CCS) का आयोजन किया जाता है। वर्ष 2026 का परीक्षा कैलेंडर जारी होने के साथ ही अभ्यर्थियों को आगामी संयुक्त सिविल सेवा (नियमित) परीक्षा-2025 के आयोजन से संबंधित स्पष्ट जानकारी मिल गई है।

इस लेख के माध्यम से गंभीर अभ्यर्थियों की संपूर्ण तैयारी का मार्गदर्शन किया गया है जिसमें अद्यतन परीक्षा तिथियाँ तथा पाठ्यक्रम का विस्तृत विवरण शामिल है।

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JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2025: प्रमुख विशेषताएँ

विषय

विवरण

आयोजक प्राधिकरण

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC)

परीक्षा का नाम

संयुक्त सिविल सेवा (नियमित) परीक्षा–2025

पात्रता मानदंड

किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री।

आयु सीमा

21 से 35 वर्ष (सामान्य वर्ग)।

BC, SC/ST एवं महिला अभ्यर्थियों हेतु आयु में नियमानुसार छूट।

चयन के चरण

प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा, साक्षात्कार (व्यक्तित्व परीक्षण)

पद

डिप्टी कलेक्टर, DSP, ज़िला समन्वयक, जेल अधीक्षक आदि।

परीक्षा के चरण

प्रारंभिक परीक्षा: ऑफलाइन (OMR आधारित वस्तुनिष्ठ परीक्षा)

मुख्य परीक्षा: ऑफलाइन (लिखित वर्णनात्मक परीक्षा)

नेगेटिव मार्किंग

प्रारंभिक परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं है (वर्तमान प्रवृत्तियों के अनुसार)

कुल अंक

प्रारंभिक परीक्षा: 400 अंक

मुख्य परीक्षा: 950 अंक

साक्षात्कार: 100 अंक

आधिकारिक वेबसाइट

www.jpsc.gov.in

प्रमुख तिथियाँ (आधिकारिक परीक्षा कैलेंडर 2026)

6 जनवरी 2026 को जारी किये गए आधिकारिक परीक्षा कैलेंडर 2026 के अनुसार, संयुक्त सिविल सेवा (नियमित) परीक्षा–2025 का कार्यक्रम निम्नानुसार है। अपनी अध्ययन रणनीति में इन तिथियों का स्मरण रखें।

विषय-वस्तु

तिथि

 

आधिकारिक परीक्षा कैलेंडर का जारी होना

6 जनवरी 2026

pdf देखें

JPSC प्रारंभिक (PT) परीक्षा 2025

8 मार्च 2026

डाउनलोड करने हेतु क्लिक कीजिये

 

JPSC मुख्य परीक्षा

2, 3 और 4 मई 2026

डाउनलोड करने हेतु क्लिक कीजिये



साक्षात्कार (व्यक्तित्व परीक्षण)

16, 17, 18 और 19 जून 2026

 

नोट:

  • उपर्युक्त तिथियाँ अस्थायी हैं तथा JPSC द्वारा इन्हें संशोधित किया जा सकता है।
  • परीक्षा कैलेंडर में संयुक्त सिविल सेवा (बैकलॉग) परीक्षा–2025 का भी उल्लेख है जिसकी प्रारंभिक परीक्षा 15 मार्च 2026 तथा मुख्य परीक्षा 9 से 11 मई 2026 तक निर्धारित है। अभ्यर्थियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि वे निर्धारित परीक्षा प्रणाली के अनुसार तैयारी करें।

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परीक्षा पैटर्न का संक्षिप्त विवरण

JPSC परीक्षा का आयोजन तीन चरणों में होता है। JPSC की प्रारंभिक परीक्षा के अंक अंतिम मेरिट सूची में नहीं जोड़े जाते हैं लेकिन पेपर-II (झारखंड विशेष) की इसमें प्रमुख भूमिका होती है।

1. प्रारंभिक परीक्षा (स्क्रीनिंग टेस्ट)

  • संरचना: दो अनिवार्य पेपर (वस्तुनिष्ठ)
  • कुल अंक: 400 (प्रत्येक पेपर 200 अंक का)
  • समय अवधि: प्रत्येक पेपर के लिये 2 घंटे निर्धारित
  • नेगेटिव मार्किंग: नहीं

पेपर

विषय

प्रश्नों की संख्या

अंक

GS पेपर I

सामान्य अध्ययन (इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था आदि)

100

200

GS पेपर II

झारखंड विशेष सामान्य ज्ञान

100

200

2. मुख्य परीक्षा (लिखित परीक्षा)

JPSC मुख्य परीक्षा में 6 अनिवार्य पेपर हैं। इसमें वैकल्पिक विषय नहीं है जिससे सभी अभ्यर्थियों के लिये प्रतियोगिता का स्तर समान रहता है।

पेपर

विषय

अंक

समय अवधि

पेपर I

सामान्य हिंदी एवं सामान्य अंग्रेज़ी (क्वालीफाइंग – न्यूनतम 30 अंक आवश्यक)

100

3 घंटे

पेपर II

भाषा एवं साहित्य (15 भाषाओं में से चयन)

150

3 घंटे

पेपर III

सामाजिक विज्ञान (इतिहास एवं भूगोल)

200

3 घंटे

पेपर IV

भारतीय संविधान, राजव्यवस्था, लोक प्रशासन एवं सुशासन

200

3 घंटे

पेपर V

भारतीय अर्थव्यवस्था, वैश्वीकरण एवं सतत विकास

200

3 घंटे

पेपर VI

सामान्य विज्ञान, पर्यावरण तथा प्रौद्योगिकी का विकास

200

3 घंटे

कुल

(मेरिट गणना)

950

 

3. साक्षात्कार/व्यक्तित्व परीक्षण

अंक: 100

अंतिम मेरिट: मुख्य परीक्षा (950) + साक्षात्कार (100) पर आधारित = 1050 अंक।

JPSC पाठ्यक्रम का अवलोकन

प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम

सामान्य अध्ययन पेपर I:

  • भारत का इतिहास: प्राचीन भारत (5 प्रश्न), मध्यकालीन भारत (5 प्रश्न), आधुनिक भारत (5 प्रश्न)
  • भारत का भूगोल: सामान्य भूगोल (3 प्रश्न), भौतिक भूगोल (3 प्रश्न), आर्थिक भूगोल (2 प्रश्न), सामाजिक एवं जनांकिकीय भूगोल (2 प्रश्न)
  • भारतीय राजव्यवस्था एवं शासन: संविधान (4 प्रश्न), लोक प्रशासन (4 प्रश्न), पंचायती राज (2 प्रश्न)।
  • आर्थिक एवं सतत विकास: मूलभूत विशेषताएँ (4 प्रश्न), सतत विकास (4 प्रश्न), आर्थिक सुधार (2 प्रश्न)।
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: सामान्य विज्ञान (6 प्रश्न), कृषि (6 प्रश्न), सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (3 प्रश्न)।
  • झारखंड विशिष्ट प्रश्न: इतिहास, समाज, संस्कृति और विरासत (10 प्रश्न)।
  • समसामयिक घटनाएँ: राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय (15 प्रश्न)।
  • विविध प्रकृति के सामान्य प्रश्न: मानवाधिकार, पर्यावरण, नगरीकरण, खेल, आपदा प्रबंधन, गरीबी, पुरस्कार, संयुक्त राष्ट्र एवं अन्य अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियाँ ​​(15 प्रश्न)।

सामान्य अध्ययन पेपर II (झारखंड विशेष):
यह पेपर निर्णायक होने के साथ पूरी तरह से राज्य संबंधी जानकारी पर केंद्रित है।

  • झारखंड का इतिहास: मुंडा, नागवंशी, मांझी परगना शासन प्रणाली (8 प्रश्न)।
  • झारखंड आंदोलन: आदिवासी, स्वतंत्रता सेनानी, राज्य का गठन (7 प्रश्न)।
  • विशिष्ट पहचान: सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, आर्थिक स्थिति (5 प्रश्न)।
  • लोक साहित्य, नृत्य, संगीत: लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाएँ (5 प्रश्न)।
  • झारखंड साहित्य और लेखक (5 प्रश्न)।
  • झारखंड के प्रमुख शिक्षण संस्थान (3 प्रश्न)।
  • झारखंड के खेल (5 प्रश्न)।
  • भूमि संबंधी अधिनियम: CNT (छोटानागपुर काश्तकारी) अधिनियम (5 प्रश्न), SPT (संथाल परगना काश्तकारी) अधिनियम (5 प्रश्न) और अन्य (2 प्रश्न)।
  • वर्ष 1947 से झारखंड का भौगोलिक (वन, नदी, पर्वत, खान) और आर्थिक इतिहास (10 प्रश्न)।
  • झारखंड की औद्योगिक नीति (6 प्रश्न) और प्रमुख उद्योग (5 प्रश्न)।
  • झारखंड की प्रमुख योजनाएँ (5 प्रश्न)।
  • वन प्रबंधन और वन्यजीव संरक्षण (5 प्रश्न)।
  • झारखंड के पर्यावरण संबंधी तथ्य (7 प्रश्न)।
  • झारखंड में आपदा प्रबंधन (5 प्रश्न)।
  • झारखंड से संबंधित विभिन्न तथ्य और समसामयिक घटनाएँ (7 प्रश्न)।

प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम  

मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम

  • पेपर I (सामान्य हिंदी और सामान्य अंग्रेज़ी): यह क्वालीफाइंग पेपर है जिसमें निबंध (400 शब्द), व्याकरण, कॉम्प्रिहेंशन एवं दोनों भाषाओं का सार लेखन शामिल है और इसमें प्रत्येक खंड के लिये 50 अंक निर्धारित हैं। यह मैट्रिक स्तर का होता है। इसके अंकों को मेरिट सूची में नहीं जोड़ा जाता है और इसमें प्रत्येक अभ्यर्थी को न्यूनतम 30 अंक प्राप्त करने होते हैं।
  • पेपर II (भाषा एवं साहित्य): अभ्यर्थियों को 15 भाषाओं (जैसे- हिंदी, अंग्रेज़ी, उर्दू, बांग्ला, संथाली, खोरठा आदि) में से किसी एक भाषा का चयन करना होता है। इसके पाठ्यक्रम में सामान्यतः भाषा का इतिहास, व्याकरण और विशिष्ट गद्य/काव्य रचनाएँ शामिल हैं। इसके अंकों की गणना मेरिट सूची में की जाती है।
  • पेपर III (इतिहास और भूगोल): इसमें प्राचीन से लेकर आधुनिक भारत के इतिहास के साथ भारत के भौतिक/मानव भूगोल को शामिल किया गया है, जिसमें झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों पर विशेष बल दिया गया है।
  • पेपर IV (राजव्यवस्था): प्रस्तावना, मूल अधिकार, न्यायपालिका और सुशासन।
  • पेपर V (अर्थव्यवस्था): मुद्रास्फीति, राष्ट्रीय आय, वैश्वीकरण और झारखंड की अर्थव्यवस्था।
  • पेपर VI (विज्ञान): भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, कृषि विज्ञान और पर्यावरण विज्ञान।

मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम  

चयन प्रक्रिया

चयन प्रक्रिया तीन चरणबद्ध स्तरों को समाहित करती है:

1. प्रारंभिक परीक्षा: यह एक छँटनी परीक्षा के रूप में कार्य करती है। इसमें प्राप्त अंक अंतिम परिणाम में नहीं जोड़े जाते, किंतु मुख्य परीक्षा में सम्मिलित होने के लिये कट-ऑफ उत्तीर्ण करना अनिवार्य होता है।

2. मुख्य परीक्षा: यह निर्णायक चरण होता है। पेपर–II से पेपर–VI तक के कुल 950 अंक के आधार पर अभ्यर्थियों को साक्षात्कार हेतु शॉर्टलिस्ट किया जाता है। पेपर–I का स्वरूप केवल अर्हताप्रद होता है, अतः इसके अंक मेरिट निर्धारण में शामिल नहीं किये जाते।

3. साक्षात्कार: इस चरण में अभ्यर्थी के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता तथा मानसिक सजगता का समग्र मूल्यांकन किया जाता है।

न्यूनतम अर्हकारी अंक: मेरिट सूची में सम्मिलित होने के लिये अभ्यर्थियों को न्यूनतम समग्र अर्हकारी अंक प्राप्त करना अनिवार्य है (उदाहरणार्थ, अनारक्षित वर्ग हेतु 40%)।

JPSC परीक्षा की तैयारी हेतु रणनीति

1. CNT एवं SPT अधिनियम की तैयारी: GS पेपर–II (प्रारंभिक) में झारखंड के भूमि कानून (CNT एवं SPT अधिनियम) का अत्यधिक महत्त्व है। इन अधिनियमों का विस्तृत एवं गहन अध्ययन अपरिहार्य है।

2. “झारखंड विशेष” पर विशेष फोकस: प्रारंभिक परीक्षा के पेपर–II (100 प्रश्न) तथा पेपर–I के झारखंड-संबंधित अंशों को मिलाकर, कुल 200 प्रश्नों में से लगभग 110–120 प्रश्न प्रत्यक्ष रूप से राज्य-विशिष्ट होते हैं।

3. नकारात्मक अंकन न होने से लाभ: चूँकि प्रारंभिक परीक्षा में नकारात्मक अंकन नहीं है, इसलिये सभी प्रश्नों को हल करने का प्रयास कीजिये। संदेहास्पद विकल्पों में तार्किक अनुमान का विवेकपूर्ण प्रयोग किया जा सकता है।

4. मुख्य परीक्षा हेतु उत्तर लेखन अभ्यास: JPSC मुख्य परीक्षा में दीर्घ-उत्तरात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं। इतिहास, भूगोल तथा राजव्यवस्था जैसे विषयों में 40 अंकों के प्रश्नों के लिये 500–600 शब्दों में उत्तर लिखने का नियमित अभ्यास आवश्यक है।

5. करेंट अफेयर्स: झारखंड-विशिष्ट योजनाएँ, राज्य का बजट, आर्थिक सर्वेक्षण पर विशेष ध्यान दीजिये, साथ ही राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख घटनाओं को भी सम्यक रूप से कवर करना आवश्यक है।

बिहार एवं झारखंड करेंट अफेयर्स टुडे मैगज़ीन

झारखंड PCS केवल एक परीक्षा नहीं है—यह भारत के सर्वाधिक संसाधन-संपन्न तथा सांस्कृतिक रूप से विविध राज्यों में से एक में नेतृत्व एवं शासन की दिशा में अग्रसर होने का सशक्त माध्यम है। संरचित तैयारी, रणनीतिक पुनरावृत्ति तथा निरंतर अभ्यास के माध्यम से अभ्यर्थी झारखंड पीसीएस परीक्षा को आत्मविश्वास के साथ सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. JPSC प्रारंभिक परीक्षा 2025 कब आयोजित होगी? +

आधिकारिक JPSC परीक्षा कैलेंडर के अनुसार, संयुक्त सिविल सेवा (नियमित) परीक्षा–2025 की प्रारंभिक परीक्षा अस्थायी रूप से 08 मार्च, 2026 को निर्धारित की गई है।

2. वर्ष 2025 के लिये JPSC मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार की तिथियाँ क्या हैं? +

मुख्य परीक्षा का आयोजन 02, 03 एवं 04 मई, 2026 को किया जाएगा। मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थी साक्षात्कार (व्यक्तित्व परीक्षण) के लिये पात्र होंगे, जो 16, 17, 18 एवं 19 जून, 2026 को निर्धारित है।

3. क्या JPSC प्रारंभिक परीक्षा में नकारात्मक अंकन है? +

नहीं। JPSC प्रारंभिक परीक्षा में नकारात्मक अंकन का प्रावधान नहीं है।

4. JPSC पेपर–II का पाठ्यक्रम क्या है? +

पेपर–II पूर्णतः झारखंड के सामान्य ज्ञान पर आधारित होता है, जिसमें झारखंड का इतिहास, आंदोलन, संस्कृति, भूमि कानून (CNT/SPT) तथा भूगोल सम्मिलित हैं।

5. क्या स्नातक कर रहे अंतिम वर्ष के विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं? +

हाँ। अंतिम वर्ष में अध्ययनरत विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते वे मुख्य परीक्षा के आवेदन या साक्षात्कार के समय अपनी डिग्री/अंकपत्र प्रस्तुत कर दें (विशिष्ट अधिसूचना के प्रावधानों के अनुसार)।

6. क्या UPSC अभ्यर्थी JPSC की तैयारी एक साथ कर सकते हैं? +

हाँ, निःसंदेह। सामान्य अध्ययन (इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था, विज्ञान) का मुख्य पाठ्यक्रम काफी हद तक (लगभग 60–70%) समान है। हालाँकि एक साथ UPSC की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को दो महत्त्वपूर्ण समायोजन करने होंगे—

  1. झारखंड विशेष की तैयारी: JPSC पेपर–II (प्रारंभिक) तथा मुख्य परीक्षा के राज्य-विशिष्ट अंशों के लिये पृथक समय देना आवश्यक है, विशेषतः CNT एवं SPT अधिनियम और झारखंड का भूगोल/संस्कृति
  2. परीक्षा की प्रकृति को ध्यान में रखना: JPSC प्रारंभिक परीक्षा UPSC की विश्लेषणात्मक प्रवृत्ति की तुलना में अधिक तथ्यात्मक होती है। साथ ही, JPSC मुख्य परीक्षा में वैकल्पिक विषय नहीं होता, बल्कि एक विशिष्ट भाषा एवं साहित्य का पेपर होता है।
7. क्या JPSC में CSAT पेपर UPSC की तरह केवल क्वालिफाइंग होता है? +

JPSC प्रारंभिक परीक्षा में UPSC की भाँति कोई पृथक “CSAT” का पेपर नहीं होता है। यहाँ दोनों ही पेपर सामान्य अध्ययन के होते हैं। हालाँकि पेपर–I सामान्य सामान्य अध्ययन का होता है जबकि पेपर–II राज्य-विशिष्ट विषयों पर आधारित होता है। दोनों पेपरों के अंक जोड़कर ही प्रारंभिक परीक्षा की कट-ऑफ निर्धारित की जाती है।

8. JPSC पेपर–II (झारखंड विशेष) का पाठ्यक्रम क्या है?
+

पेपर–II में झारखंड पर केंद्रित 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (कुल 200 अंक) पूछे जाते हैं। इसका पाठ्यक्रम पूर्णतः राज्य-विशिष्ट विषयवस्तु पर आधारित होता है। प्रमुख विषय निम्नलिखित हैं—

  • झारखंड का इतिहास (मुंडा, नागवंशी आदि शासन प्रणालियाँ)।
  • झारखंड आंदोलन तथा राज्य का निर्माण।
  • भूमि संबंधित विशिष्ट विधान, विशेषतः (CNT एवं SPT अधिनियम)
  • झारखंड का साहित्य, लोकनृत्य, संगीत तथा प्रमुख पर्यटन स्थल।
  • औद्योगिक नीति, विस्थापन एवं पुनर्वास नीति।
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