झारखंड Switch to English
रॉंची में उन्नत आधार सेवा केंद्र का उद्घाटन
चर्चा में क्यों?
उन्नत आधार सेवा केंद्र (ASK) का उद्घाटन झारखंड के रॉंची में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में आधार नामांकन और अद्यतन सेवाओं को सुदृढ़ करना है।
मुख्य बिंदु:
- कार्यान्वयन प्राधिकरण: यह केंद्र भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के अंतर्गत संचालित होता है, जो आधार संख्या जारी करने और आधार से संबंधित सेवाओं के प्रबंधन के लिये ज़िम्मेदार एक वैधानिक प्राधिकरण है।
- आधार सेवा केंद्र के दैनिक संचालन का प्रबंधन प्रोटीन ई-गव टेक्नोलॉजीज़ लिमिटेड (Protean eGov Technologies Ltd) द्वारा किया जाएगा, ताकि नामांकन और अद्यतन सेवाएँ कुशलतापूर्वक संचालित की जा सकें।
- आधार केंद्रों का विस्तार: चरणबद्ध तरीके से बोकारो, हज़ारीबाग, गिरिडीह, देवघर, गोड्डा, दुमका, साहिबगंज, सरायकेला-खरसावां, पश्चिम सिंहभूम, गढ़वा और पलामू सहित कई ज़िलों में नए केंद्र खोले जाएंगे।
- अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU): अभिभावकों से आग्रह किया गया है कि वे अपने बच्चों का 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट अवश्य कराएँ, ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें और NEET तथा CUET जैसी परीक्षाओं के दौरान किसी प्रकार की समस्या से बच सकें।
- केंद्र ने जन्म पंजीकरण संख्या (BRN) आधारित बाल नामांकन की सुविधा भी शुरू की है, जिससे जन्म अभिलेखों से जुड़े बच्चों के लिये आधार पंजीकरण आसान हो जाएगा।
- महत्त्व: इस पहल का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, सेवा वितरण में सुधार करना और झारखंड में आधार अवसंरचना का विस्तार करना है, जिससे निवासियों को डिजिटल पहचान सेवाओं तक आसान पहुँच सुनिश्चित हो सके।
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और पढ़ें: आधार, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण |
राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
लक्षद्वीप में ‘महासागरीय तापीय ऊर्जा रूपांतरण’ (OTEC) परियोजना
चर्चा में क्यों?
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लक्षद्वीप में प्रस्तावित महासागरीय तापीय ऊर्जा रूपांतरण (OTEC) परियोजना का निरीक्षण किया। यह परियोजना गहरे समुद्री जल का उपयोग करते हुए OTEC आधारित विश्व के पहले विलवणीकरण संयंत्र के रूप में विकसित की जा रही है।
मुख्य बिंदु:
- स्थान: लक्षद्वीप की राजधानी कवरत्ती द्वीप।
- विकासकर्त्ता: इस परियोजना का विकास पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान (NIOT) द्वारा किया जाएगा।
- महासागरीय तापीय ऊर्जा रूपांतरण (OTEC): यह एक नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी है, जो समुद्र की सतह के गर्म जल और गहरे समुद्र के ठंडे जल के बीच तापमान के अंतर का उपयोग करके विद्युत उत्पन्न करती है।
- कार्य-प्रणाली: यह संयंत्र गर्म सतही समुद्री जल (लगभग 29°C) और लगभग 1,000 मीटर की गहराई से लाए गए ठंडे गहरे समुद्री जल (लगभग 5°C) के बीच मौजूद तापीय अंतर का उपयोग करता है।
- यह तकनीक उष्णकटिबंधीय महासागरों में सबसे प्रभावी होती है, जहाँ सतह और गहरे जल के बीच तापमान का अंतर अधिक होता है।
- द्वैध उत्पादन:
- विद्युत: लगभग 60–65 किलोवाट (kW) विद्युत उत्पन्न होने की अपेक्षा है।
- स्वच्छ जल: लो-टेम्परेचर थर्मल डीसैलीनेशन (LTTD) तकनीक के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 1 लाख लीटर (100 घन मीटर) पेयजल का उत्पादन होगा।
- अवसंरचना: इस परियोजना में उच्च घनत्व पॉलीएथिलीन (HDPE) से बनी लगभग 3.8 किमी लंबी पाइपलाइन का निर्माण शामिल है, जो गहरे ठंडे जल की परतों तक पहुँचेगी।
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भारत ने तीसरा ICC पुरुष T20 विश्व कप खिताब जीता
चर्चा में क्यों?
भारत ने 2026 ICC पुरुष T20 विश्व कप का खिताब जीत लिया है। भारत ने 8 मार्च, 2026 को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में न्यूज़ीलैंड को 96 रनों से हराकर अपना तीसरा T20 विश्व कप खिताब अपने नाम किया।
मुख्य बिंदु:
- आयोजक: अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC)
- मेज़बान: भारत और श्रीलंका ने संयुक्त रूप से 7 फरवरी से 8 मार्च, 2026 तक इस टूर्नामेंट की मेज़बानी की।
- चैंपियन: भारत ने अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करते हुए तीसरा T20 विश्व कप जीता। इसके साथ ही भारत तीन T20 विश्व कप जीतने वाली टीम और घरेलू धरती पर यह खिताब जीतने वाली पहली टीम बन गया।
- भारतीय टीम (2026 ICC पुरुष T20 विश्व कप) के कप्तान सूर्यकुमार यादव थे।
- उपविजेता: न्यूज़ीलैंड
- न्यूजीलैंड टीम के कप्तान मिशेल सेंटनर थे।
- प्रारूप: टूर्नामेंट में 20 टीमें थीं, जिन्हें चार समूहों में विभाजित किया गया। इसके बाद सुपर-8 चरण और फिर नॉकआउट मुकाबले खेले गए।
- प्रमुख आँकड़े और पुरस्कार
- प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट: संजू सैमसन (भारत) — 321 रन, औसत 80.25
- मैन ऑफ द मैच (फाइनल): जसप्रीत बुमराह (भारत) — 4/15
- सबसे अधिक रन: साहिबज़ादा फरहान (पाकिस्तान) — 383 रन
- सबसे अधिक विकेट: जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती (भारत) — 14-14 विकेट
- फाइनल मैच का संक्षिप्त विवरण:
- भारत: 20 ओवर में 255/5
- न्यूज़ीलैंड: 19 ओवर में 159 रन पर ऑल आउट
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और पढ़ें: रिकॉर्ड |
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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026
चर्चा में क्यों?
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (IWD) प्रतिवर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान करना और लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है। वर्ष 2026 में इस दिवस के आयोजन में भारत के विकास में नारी शक्ति की भूमिका तथा विकसित भारत के दृष्टिकोण को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है।
मुख्य बिंदु:
- परिचय: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस प्रतिवर्ष 8 मार्च को विश्वभर में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक क्षेत्रों में महिलाओं के योगदान को मान्यता देना तथा लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है।
- इस दिवस की शुरुआत 20वीं सदी की शुरुआत में उत्तरी अमेरिका और यूरोप के श्रमिक आंदोलनों से हुई, जहाँ महिलाओं ने अपने अधिकारों के लिये आवाज़ उठाई।
- बाद में वर्ष 1977 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा इसे आधिकारिक रूप से मान्यता मिलने के बाद इसे वैश्विक स्तर पर व्यापक पहचान मिली।
- 8 मार्च की तिथि का कारण: यह तिथि वर्ष 1917 में रूस की महिला श्रमिकों द्वारा किये गए ‘ब्रेड और पीस’ (रोटी और शांति) की मांग वाले विरोध प्रदर्शन से जुड़ी है।
- यह हड़ताल 23 फरवरी (जूलियन कैलेंडर) को शुरू हुई थी, जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रचलित ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 8 मार्च के बराबर है।
- थीम: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 की थीम है — “अधिकार और न्याय के साथ-साथ हर महिला और बालिका के सशक्तीकरण हेतु वास्तविक कार्रवाई (Rights. Justice. Action. For ALL Women and Girls)”।
- यह महिलाओं के अधिकारों को सशक्त बनाने, न्याय तक उनकी पहुँच सुनिश्चित करने और विश्वभर में लैंगिक समानता को तेज़ी से आगे बढ़ाने पर ज़ोर देती है।
- वैश्विक अभियान: ‘गिव टू गेन’ नामक वैश्विक अभियान महिलाओं को सशक्त बनाने के लिये सामूहिक सहयोग, मार्गदर्शन और संसाधनों के साझा उपयोग के महत्त्व को रेखांकित करता है।
- भारत में विकास की सोच ‘महिलाओं के लिये विकास’ से आगे बढ़कर ‘महिला-नेतृत्व वाला विकास’ की दिशा में विकसित हुई है, जिसमें उद्यमिता, शिक्षा और शासन में भागीदारी के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक तथा सामाजिक प्रगति का प्रमुख चालक माना जाता है।
- पहल: भारत में वित्तीय समावेशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वयं सहायता समूहों और कौशल विकास से जुड़ी अनेक पहलों के माध्यम से महिला सशक्तीकरण के लिये मज़बूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया जा रहा है।
- इसी क्रम में नई दिल्ली के कर्त्तव्य पथ पर आयोजित ‘शक्ति वॉक – #SheLeadsBharat’ जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते हैं, जो राष्ट्रीय विकास में महिलाओं के नेतृत्व और भागीदारी का प्रतीक हैं।
- महत्त्व: यह दिवस महिलाओं की उपलब्धियों का उत्सव मनाने, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने तथा समावेशी और सतत विकास की दिशा में प्रगति को तेज़ करने के लिये एक वैश्विक मंच प्रदान करता है।
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और पढ़ें: विकसित भारत, संयुक्त राष्ट्र, वित्तीय समावेशन, लैंगिक समानता, सतत विकास |
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