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कांकरिया भारत का पहला वाटर-न्यूट्रल रेलवे डिपो बना
- 21 Apr 2026
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चर्चा में क्यों?
अहमदाबाद स्थित कांकरिया कोचिंग डिपो को भारत का पहला’वाटर-न्यूट्रल रेलवे डिपो’ घोषित किया गया है, जो सतत जल प्रबंधन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
मुख्य बिंदु:
- भारत में पहला: अहमदाबाद (गुजरात) का कांकरिया कोचिंग डिपो वाटर-न्यूट्रैलिटी हासिल करने वाला भारत का पहला रेलवे डिपो बन गया है।
- यह डिपो प्रतिदिन लगभग 1.6 लाख लीटर पानी बचाता है, जो 300 से अधिक घरेलू पानी की टंकियों के बराबर है।
- इससे सालाना लगभग 5.84 करोड़ लीटर पानी की बचत होने का अनुमान है।
- पुनर्चक्रण: डिपो कोचों की धुलाई और रखरखाव कार्यों से उत्पन्न अपशिष्ट जल को उपचारित कर पुन: उपयोग में लाता है, जिससे शून्य बर्बादी सुनिश्चित होती है।
- पानी एक वैज्ञानिक बहु-चरणीय प्रक्रिया से गुजरता है, जिसमें वेटलैंड-आधारित उपचार, रेत निस्पंदन, कार्बन निस्पंदन और UV कीटाणुशोधन शामिल है।
- इस प्रणाली की एक प्रमुख विशेषता 'फाइटोरेमेडिएशन' (Phytoremediation) है, जहाँ अपशिष्ट जल से प्रदूषकों को प्राकृतिक रूप से सोखने और हटाने के लिये पौधों का उपयोग किया जाता है।
- भारतीय रेलवे के लिये मॉडल: इस डिपो को पूरे देश के अन्य रेलवे डिपो और स्टेशनों के लिये एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।
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