रैपिड फायर
IAF के लिये स्वदेशी 1000 किग्रा. का हवाई बम
- 20 Apr 2026
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हाल ही में रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायु सेना (IAF) के लिये 1,000 किग्रा. के हवाई बम (Mk-84 के समान) के स्वदेशी डिज़ाइन और विकास की शुरुआत की है, जो वर्तमान में Mk-84 श्रेणी के सामान्य प्रयोजन बमों के आयात पर निर्भर है।
- उद्देश्य: इस परियोजना का लक्ष्य रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देना और विदेशी मूल के उपकरण निर्माताओं (OEMs) पर निर्भरता को कम करना है।
- कार्यान्वयन ढाँचा: यह परियोजना रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (DAP), 2020 के तहत मेक-II (उद्योग-वित्तपोषित) मार्ग से क्रियान्वित की जा रही है, जिसके बाद “Buy” (भारतीय – स्वदेशी रूप से डिज़ाइन, विकसित और निर्मित) श्रेणी के अंतर्गत खरीद की जाएगी, जिससे विकास से खरीद तक स्पष्ट संबंध सुनिश्चित होता है।
- स्वदेशीकरण एवं भागीदारी: इस परियोजना में कम-से-कम 50% स्वदेशी सामग्री अनिवार्य है और यह भारतीय निजी उद्योग के लिये खुली है, जिसमें निर्धारित शर्तों के तहत प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, संयुक्त उपक्रम और विदेशी सहयोग के प्रावधान शामिल हैं।
- तकनीकी विशेषताएँ एवं अनुकूलता: यह बम एक उच्च-कैलिबर, प्राकृतिक विखंडन (फ्रैगमेंटेशन) युक्त आयुध होगा, जिसमें उच्च विस्फोटक प्रभाव और उल्लेखनीय अधिकतम ओवर-प्रेशर क्षमता होगी। इसे भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल रूसी और पश्चिमी मूल, दोनों ही प्रकार के विमानों के साथ पूरी तरह अनुकूल और क्रियाशील होने के लिए डिज़ाइन किया जाएगा।
- समय-सीमा: इस परियोजना को ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ से लेकर अनुबंध के अंतिम रूप तक, परीक्षण और मूल्यांकन सहित, लगभग 2.5 वर्षों में पूरा किये जाने का अनुमान है।
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