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डॉ. सी.एच. श्रीनिवास राव को 9वें प्रो. एम.एस. स्वामीनाथन पुरस्कार से सम्मानित किया गया

  • 21 Apr 2026
  • 14 min read

चर्चा में क्यों? 

ICAR-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी (NAARM) के निदेशक डॉ. सी.एच. श्रीनिवास राव को वर्ष 2024-2025 के लिये प्रतिष्ठित 9वें प्रो. एम.एस. स्वामीनाथन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार भारत में जलवायु-अनुकूल कृषि (CRA) और संधारणीय शुष्क भूमि खेती के क्षेत्र में उनके अग्रणी योगदान को मान्यता देता है।

मुख्य बिंदु:

  • जलवायु अनुकूलन: डॉ. राव ने भारत के वर्षा-आधारित क्षेत्रों में मृदा स्वास्थ्य तथा 'कार्बन प्रच्छादन' पर ध्यान केंद्रित करते हुए, जलवायु-अनुकूल प्रौद्योगिकियों को विकसित करने और उन्हें बड़े पैमाने पर लागू करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • नीति नियोजन: उन्होंने 'नेशनल इनोवेशन इन क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर' (NICRA) परियोजना को डिज़ाइन करने में अहम योगदान दिया, जो किसानों को सूखे और हीटवेव जैसी चरम मौसम की घटनाओं के अनुकूल बनने में सहायता करती है।
  • आकस्मिक योजना मानचित्रण: उनके कार्यों में भारत के 650 से अधिक ज़िलों के लिये ज़िला-स्तरीय कृषि आकस्मिक योजनाएँ विकसित करना शामिल है, जो राज्य सरकारों को मानसून की अनिश्चितता से निपटने के लिये एक रूपरेखा प्रदान करती हैं।
  • मृदा प्रबंधन: मृदा कार्बन संचयन और 'जलवायु-अनुकूल' ग्रामों पर केंद्रित उनके शोध ने लघु किसानों को कृषि के पर्यावरणीय प्रभावों को सीमित करने के साथ-साथ पैदावार में वृद्धि करने में सशक्त बनाया है।
  • महत्त्व: 'ग्लोबल बॉइलिंग' और अप्रत्याशित मानसून के इस युग में डॉ. राव को मिली यह मान्यता भारतीय कृषि के ‘उत्पादन-केंद्रित’ से ‘अनुकूलन-केंद्रित’ दृष्टिकोण की ओर बदलाव को रेखांकित करती है।
  • जलवायु लक्ष्यों के साथ तालमेल: उनके प्रयास भारत के 'जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना' (NAPCC) और जलवायु चुनौतियों के सामने भारतीय कृषि को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के अनुरूप हैं।

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