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उत्तर प्रदेश स्टेट पी.सी.एस.

  • 29 Jan 2026
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उत्तर प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुजीन’ लॉन्च किया

चर्चा में क्यों?

उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश दिवस 2026 के अवसर पर वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुजीन (ODOC) पहल की शुरुआत की।

मुख्य बिंदु:

  • लॉन्च: यह पहल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में लॉन्च की।
  • उद्देश्य: इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश के प्रत्येक ज़िले के एक प्रमुख पारंपरिक व्यंजन की पहचान करना, उसे संरक्षित करना और बढ़ावा देना है।
    • यह पहल वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुजीन (ODOP) मॉडल से प्रेरित है और विशेष रूप से पाक परंपरा पर केंद्रित है।
  • विस्तार: प्रत्येक ज़िले को एक अनोखे स्थानीय व्यंजन से जोड़ा जाएगा, जैसे आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा, वाराणसी का मलइयो आदि।
  • आर्थिक प्रभाव: स्थानीय उद्यमिता, खाद्य आधारित लघु और मध्यम उद्योग (MSME), रोज़गार सृजन और पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावना है।
  • वैश्विक मान्यता: यह उत्तर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों और खाद्य कारीगरों को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास करता है। 
    • स्थानीय व्यंजनों को महोत्सवों, मेलों, पर्यटन मार्गों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बढ़ावा दिया जाएगा।
  • नीति संरेखण: यह ODOP योजना के साथ पूरक है और राज्य की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था तथा सॉफ्ट पावर को मज़बूत करता है।

और पढ़ें: वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ODOP), MSME


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DRI द्वारा लॉन्च किया गया ऑपरेशन सह्याद्री चेकमेट

चर्चा में क्यों?

राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने सह्याद्री पर्वत शृंखला में ‘ऑपरेशन सह्याद्री चेकमेट’ नामक एक बड़ा अभियान चलाया।

मुख्य बिंदु:

  • अभियान: सह्याद्री के दुर्गम वन क्षेत्र में गुप्त रूप से संचालित मादक पदार्थ उत्पादन नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिये DRI ने यह अभियान शुरू किया।
  • स्थान: सह्याद्री पर्वत शृंखला में स्थित मेथामफेटामाइन (मेफेड्रोन) की एक गुप्त मोबाइल लैब, जिसे पोल्ट्री फार्म (मुर्गी पालन केंद्र) की आड़ में छुपाया गया था।
  • बरामदगी: 21.912 किलोग्राम मेफेड्रोन और 71.5 किलोग्राम कच्चा माल, जिससे लगभग 15 किलोग्राम मादक पदार्थ तैयार किये जा सकते थे।
    • बाज़ार मूल्य: अवैध मादक पदार्थों का अनुमानित मूल्य ₹55 करोड़ है।
  • रणनीति: यह खुफिया-आधारित निगरानी और देर रात की कार्रवाई का संयोजन है।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा: संगठित मादक पदार्थ तस्करी को रोकना, जनस्वास्थ्य की रक्षा करना और आपराधिक नेटवर्क को बाधित करना।
    • यह अभियान राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा में DRI की महत्त्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।

और पढ़ें: सह्याद्री, राजस्व खुफिया निदेशालय


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विंग्स इंडिया 2026

चर्चा में क्यों?

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि एशिया का सबसे बड़ा नागरिक उड्डयन कार्यक्रम ‘विंग्स इंडिया 2026’ जनवरी 2026 में हैदराबाद के बेगमपेट हवाई अड्डे पर आयोजित होगा।

मुख्य बिंदु:

  • थीम: इसका थीम है—“भारतीय विमानन: भविष्य का मार्ग प्रशस्त करना - डिज़ाइन से तैनाती तक, विनिर्माण से रखरखाव तक, समावेशिता से नवाचार तक और सुरक्षा से स्थिरता तक।”
  • कार्यक्रम का स्वरूप: विंग्स इंडिया 2026 एक वैश्विक नागरिक उड्डयन प्रदर्शनी और सम्मेलन है, जिसमें हवाई अड्डे, एयरलाइंस, विनिर्माण, MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) तथा लॉजिस्टिक्स सहित संपूर्ण विमानन मूल्य शृंखला को शामिल किया गया है।
  • भारत के विमानन क्षेत्र की वृद्धि: यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि, विमानों की संख्या में बढ़ोतरी और हवाई अड्डा अवसंरचना के विस्तार के साथ विश्व के सबसे तेज़ी से बढ़ते नागरिक उड्डयन बाज़ारों में उभरा है।
    • विंग्स इंडिया 2026 क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देता है, जो UDAN (उड़े देश का आम नागरिक) योजना का मुख्य उद्देश्य है।
  • मुख्य फोकस: यह आयोजन विमान निर्माण, MRO और एयरोस्पेस घटक उत्पादन को प्रोत्साहित करने पर बल देता है।
    • सत्रों में हवाई अड्डों और अवसंरचना, विमान लीज़िंग, एयर कार्गो, ड्रोन, उन्नत वायु गतिशीलता, प्रशिक्षण तथा विमानन क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।
  • सततता पहल: सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF), ग्रीन एयरपोर्ट्स तथा डिजिटल और पर्यावरण-अनुकूल विमानन प्रौद्योगिकियों को अपनाने पर विशेष ज़ोर दिया गया है।

और पढ़ें:  UDAN योजना, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल


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तेलंगाना पुलिस ने घर बैठे FIR दर्ज कराने की सुविधा शुरू की

चर्चा में क्यों?

 तेलंगाना पुलिस ने नागरिकों को उनके निवास स्थान या चुने गए स्थान पर ही प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराने की सुविधा देने वाली अपनी तरह की पहली नागरिक-केंद्रित पहल शुरू की है।

मुख्य बिंदु:

  • उद्देश्य: प्रक्रियागत देरी को कम करना, पीड़ितों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना तथा पुलिस सेवाओं को उन लोगों के लिये सुलभ बनाना जो भौतिक रूप से थाने नहीं पहुँच सकते।
  • लागू मामलों का दायरा: प्रारंभ में यह पहल संज्ञेय अपराधों की कुछ निर्धारित श्रेणियों पर लागू होगी, जिनमें POCSO अधिनियम, अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और तेलंगाना रैगिंग निषेध अधिनियम जैसे कानूनों के अंतर्गत आने वाले मामले शामिल हैं।
  • प्रक्रिया: पुलिस अधिकारी पीड़ित के निवास स्थान, अस्पताल या अपराध स्थल पर जाकर प्रारंभिक बयान दर्ज करेंगे, अपराध स्थल को सुरक्षित करेंगे और बाद में पुलिस थाने में औपचारिक रूप से FIR दर्ज करेंगे।
    • पंजीकरण के बाद FIR की प्रति उसी स्थान पर ई-मेल, व्हाट्सऐप या आवश्यकता होने पर हार्ड कॉपी के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
  • मानक संचालन प्रक्रिया (SOP): समान क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिये SOP जारी की गई है।
  • नीति-संगति: यह पहल पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग, आपराधिक न्याय सुधारों तथा अनुच्छेद 21 के तहत न्याय तक पहुँच की गारंटी के अनुरूप है।

और पढ़ें: POCSO अधिनियम, SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, अनुच्छेद 21


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शुभांशु शुक्ला अशोक चक्र 2026 से सम्मानित

चर्चा में क्यों?

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 77वें गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर भारतीय वायु सेना (IAF) के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया।

मुख्य बिंदु:

  • अशोक चक्र: यह वीरता, आत्मबलिदान या अदम्य साहस के असाधारण कार्यों के लिये दिया जाने वाला भारत का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है।
    • पुरस्कार के मानदंड: अशोक चक्र शांतिकाल के दौरान सबसे विशिष्ट वीरता या आत्म-बलिदान के लिये प्रदान किया जाता है, जो प्रतिष्ठा में परमवीर चक्र के समान है और  युद्धकाल में दिया जाता है।
  • सम्मानित व्यक्ति: शुभांशु शुक्ला को Axiom-4 अंतरिक्ष मिशन के दौरान नेतृत्व, साहस और अनुकरणीय आचरण के लिये सम्मानित किया गया।
    • वे अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) का दौरा करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बने।
    • उनका यह सम्मान मानव अंतरिक्ष अभियानों में भारत की बढ़ती क्षमताओं को दर्शाता है और अंतरिक्ष सेवा को पारंपरिक वीरता के कार्यों के समान प्रतिष्ठा देता है।
  • राष्ट्रीय महत्त्व: यह भारत की एयरोस्पेस उपलब्धियों, रक्षा-वीरता और वैज्ञानिक योगदान पर ध्यान को सुदृढ़ करता है, युवाओं को प्रेरित करता है तथा अग्रणी प्रयासों को मान्यता देता है।

और पढ़ें: 77वाँ गणतंत्र दिवस 2026, Axiom-4 अंतरिक्ष मिशन, अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS)


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