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भूमिका श्रेष्ठ नेपाल की पहली ट्रांसजेंडर महिला सांसद बनीं
चर्चा में क्यों?
भूमिका श्रेष्ठ ने नेपाल की पहली ट्रांसजेंडर महिला विधायक बनकर इतिहास रच दिया है, जो दक्षिण एशिया में राजनीतिक और सामाजिक समावेशिता की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।
मुख्य बिंदु:
- ऐतिहासिक चुनाव: भूमिका श्रेष्ठ को राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) से आनुपातिक प्रतिनिधित्व के तहत सांसद के रूप में पुष्टि की गई।
- वह नेपाल की एक LGBTQ+ अधिकार कार्यकर्त्ता और अभिनेत्री हैं, जो लैंगिक एवं यौन अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिये कार्य करने वाली ‘ब्लू डायमंड सोसाइटी’ के साथ अपने काम के लिये जानी जाती हैं।
- उनका जन्म काठमांडू में हुआ और वे नेपाल के ट्रांसजेंडर समुदाय की एक प्रमुख हस्ती रही हैं।
- ज़िम्मेदारियाँ: उनका लक्ष्य संसद में LGBTQ+ और लैंगिक अल्पसंख्यकों के मुद्दों को उठाना है, जिसमें कानूनी सुरक्षा की कमियाँ, भेदभाव विरोधी उपाय एवं समावेशी नीतियाँ शामिल हैं।
- नेपाल में LGBTQ+ अधिकार:
- वर्ष 2007 में नेपाल में यौन अभिविन्यास के आधार पर भेदभाव को कानूनी रूप से प्रतिबंधित किया गया।
- वर्ष 2013 में नेपाल ने नागरिकता और अन्य आधिकारिक दस्तावेज़ों में ‘थर्ड जेंडर’ को मान्यता दी।
- वर्ष 2023 में नेपाल के सर्वोच्च न्यायालय ने समलैंगिक और ट्रांसजेंडर विवाहों के पंजीकरण की अनुमति दी।
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भारतीय स्टार्टअप ने ISRO को Akasha300 3D प्रिंटर सौंपा
चर्चा में क्यों?
केरल स्थित स्टार्टअप स्पेसटाइम 4D प्रिंटिंग सॉल्यूशन ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वालियामला स्थित लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर (LPSC) को सफलतापूर्वक Akasha300 3D प्रिंटर की आपूर्ति की है।
मुख्य बिंदु:
- ड्यूल-एक्सट्रूज़न तकनीक: यह प्रिंटर एक साथ कई सामग्रियों के साथ प्रिंटिंग का समर्थन करता है, जिससे अंतरिक्ष घटकों के लिये अधिक डिज़ाइन अनुकूलन मिलता है।
- उच्च तापमान क्षमता: यह प्रिंटर उच्च एक्सट्रूज़न तापमान—प्रारंभ में 350°C तक—पर कार्य कर सकता है, जिसे भविष्य में 500°C तक बढ़ाने की योजना है, जिससे उच्च-प्रदर्शन सामग्रियों की प्रिंटिंग का दायरा विस्तृत होगा।
- सहयोग: इसका विकास स्पेस टेक्नोलॉजी इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर (STIIC) और केरल स्टार्टअप मिशन के सहयोग से किया गया है, जो भारत में स्टार्टअप-आधारित अंतरिक्ष नवाचार की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
- महत्त्व: ISRO में इसकी तैनाती से प्रोपल्शन सिस्टम अनुसंधान, पदार्थ विज्ञान और अगली पीढ़ी की अंतरिक्ष निर्माण तकनीकों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे भारत की अंतरिक्ष अन्वेषण क्षमताएँ मज़बूत होंगी।
- ISRO:
- ISRO, अंतरिक्ष विभाग के अंतर्गत भारत की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी है।
- मुख्यालय: बंगलूरू, कर्नाटक।
- वर्तमान अध्यक्ष: वी. नारायणन।
- इसकी स्थापना 15 अगस्त, 1969 को विक्रम साराभाई के नेतृत्व में हुई थी, जिन्हें भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का ‘जनक’ माना जाता है।
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RCB IPL के इतिहास में सबसे मूल्यवान फ्रेंचाइज़ियों में से एक बनकर उभरा
चर्चा में क्यों?
हूलिहान लोकी (Houlihan Lokey) की वर्ष 2025 IPL ब्रांड वैल्यूएशन रिपोर्ट के अनुसार, रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरू (RCB) इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के सबसे मूल्यवान ब्रांडों में से एक बनकर उभरा है।
मुख्य बिंदु:
- RCB: यह बंगलूरू, कर्नाटक में स्थित एक पेशेवर T20 क्रिकेट फ्रैंचाइज़ी है, जो इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खेलती है।
- RCB को मूल रूप से वर्ष 2008 में विजय माल्या द्वारा यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड के माध्यम से खरीदा गया था।
- बढ़ती ब्रांड वैल्यू: हालिया मूल्यांकन अध्ययनों के अनुसार, RCB IPL की सबसे मूल्यवान फ्रैंचाइज़ी में से एक बन गई है। इसकी ब्रांड वैल्यू लगभग $269 मिलियन तक पहुँच गई है, जो कई अन्य टीमों से अधिक है।
- इस फ्रैंचाइज़ी को हाल ही में आदित्य बिड़ला ग्रुप, टाइम्स ग्रुप, बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन के एक कंसोर्टियम (संघ) द्वारा लगभग $1.78 बिलियन में अधिग्रहित किया गया है, जो IPL टीमों की बढ़ती व्यावसायिक अपील को दर्शाता है।
- खेल में सफलता: RCB ने वर्ष 2025 में अपना पहला IPL खिताब जीता, जिससे वर्ष 2008 में लीग की शुरुआत के बाद से चला आ रहा एक लंबा इंतजार खत्म हुआ।
- IPL:
- स्थापना: इसकी स्थापना वर्ष 2008 में हुई थी।
- आयोजक: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI)
- टीमों की संख्या: 10 टीमें
- प्रारूप: T20 फ्रैंचाइज़ी क्रिकेट लीग
- सबसे सफल टीमें: मुंबई इंडियंस (MI) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) — प्रत्येक के नाम 5 खिताब।
- प्रथम IPL विजेता (2008): राजस्थान रॉयल्स
- कुल सीजन: वर्ष 2025 तक 17 सीजन पूरे हो चुके हैं।
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रामकुमार मुखोपाध्याय को मिलेगा सरस्वती सम्मान 2025
चर्चा में क्यों?
बंगाली लेखक रामकुमार मुखोपाध्याय को उनके उपन्यास 'हरा पार्वती कथा' के लिये प्रतिष्ठित 35वें सरस्वती सम्मान 2025 के लिये चुना गया है।
मुख्य बिंदु:
- पुरस्कार विजेता: प्रसिद्ध बंगाली लेखक रामकुमार मुखोपाध्याय को सरस्वती सम्मान 2025 के लिये चुना गया है।
- उन्हें यह सम्मान उनके बंगाली उपन्यास ‘हरा पार्वती कथा’ के लिये दिया गया है।
- यह उपन्यास वर्ष 2020 में प्रकाशित हुआ था तथा यह संस्कृति, पौराणिक कथाओं और समाज के विषयों को दर्शाता है।
- लेखक के विषय में: उनका जन्म वर्ष 1956 में कोलकाता में हुआ था। वे एक विख्यात बंगाली उपन्यासकार और कहानीकार हैं, जिन्होंने आधुनिक बंगाली साहित्य में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है।
- सरस्वती सम्मान:
- स्थापना: इस पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1991 में के. के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा की गई थी।
- पात्रता: रचना भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किसी भी भाषा में लिखी होनी चाहिये।
- इसमें ₹15 लाख का नकद पुरस्कार, एक प्रशस्ति पत्र और एक पट्टिका प्रदान की जाती है।
- यह पुरस्कार किसी भारतीय नागरिक द्वारा लिखे गए और विगत 10 वर्षों के भीतर प्रकाशित साहित्यिक कार्यों को मान्यता देता है।
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