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हरियाणा स्टेट पी.सी.एस.

  • 09 Jan 2026
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पिपरावा के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी का उद्घाटन

चर्चा में क्यों?

भारत ने नई दिल्ली में भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरावा अवशेषों की अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जिसमें देश की बौद्ध विरासत और आध्यात्मिक धरोहर को प्रदर्शित किया गया।

मुख्य बिंदु 

  • शीर्षक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “प्रकाश और कमल: जागृत व्यक्ति के अवशेष” शीर्षक वाली इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
  • अवशेषों का महत्त्व: ये पवित्र अवशेष 125 वर्षों के बाद यूनाइटेड किंगडम से भारत वापस लाए गए।
  • आयोजन स्थल: प्रदर्शनी ऐतिहासिक राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर, नई दिल्ली में आयोजित की गई।
  • खोज: पिपरावा के अवशेष वर्ष 1898 में उत्तर प्रदेश के पिपरावा गाँव में स्थित एक बौद्ध स्तूप से उत्खनन के दौरान प्राप्त किये गए थे।
  • बौद्ध संबंध: बौद्ध विरासत को वैश्विक स्तर पर संरक्षित करने के भारत के प्रयास थाईलैंड, वियतनाम, मंगोलिया और रूस जैसे देशों के साथ सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करते हैं, जिससे अंतर्राष्ट्रीय श्रद्धालु आकर्षित होते हैं।
  • शास्त्रीय भाषा: बुद्ध की शिक्षाएँ मूल रूप से पाली भाषा में थीं और भारत पाली को वर्ष 2024 में शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता देते हुए वैश्विक स्तर पर इसको बढ़ावा दे रहा है।
  • महत्त्व: यह प्रदर्शनी बौद्ध विरासत के संरक्षक के रूप में भारत की भूमिका को सशक्त करती है और शांति, सद्भाव तथा वैश्विक सांस्कृतिक एकता को प्रोत्साहित करती है।

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बुद्ध धर्म

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