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प्रश्न :
Q. ई-गवर्नेंस क्या है? भारत में नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका पर चर्चा कीजिये तथा प्रमुख पहलों का उल्लेख कीजिये। (उत्तर 125 शब्दों में दीजिये)
02 Mar, 2026 सामान्य अध्ययन पेपर 2 राजव्यवस्थाउत्तर :
हल करने का दृष्टिकोणः
- ई-गवर्नेंस को शासन को बढ़ाने के लिये सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों के उपयोग के रूप में परिभाषित कीजिये।
- नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका पर प्रकाश डालिये। डिजिटल इंडिया, ई-डिस्ट्रिक्ट, सामान्य सेवा केन्द्र और उमंग ऐप जैसी प्रमुख पहलों का उल्लेख कीजिये, जिन्होंने सेवा वितरण को बदल दिया है।
- ई-गवर्नेंस के परिवर्तनकारी प्रभाव पर ज़ोर देते हुए निष्कर्ष निकालिये।
परिचय
ई-गवर्नेंस या इलेक्ट्रॉनिक गवर्नेंस से तात्पर्य शासन को बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र और उससे परे विभिन्न स्तरों पर सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों (ICT) (जैसे वाइड एरिया नेटवर्क, इंटरनेट और मोबाइल कंप्यूटिंग) का उपयोग करना है।
मुख्य भाग
भारत में नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देने में भूमिकाः
- अभिगम्यता एवं सुविधाः ई-गवर्नेंस पहल नागरिकों को उनके घर बैठे ही सरकारी सेवाओं तक आसान पहुँच प्रदान करती है। ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप्लीकेशन व्यक्तियों को सरकारी कार्यालयों में जाने की आवश्यकता के बिना सेवाओं के लिये आवेदन करने, करों का भुगतान करने और जानकारी प्राप्त करने में सक्षम बनाते हैं।
- पारदर्शिता और जवाबदेहीः डिजिटल प्लेटफॉर्म सरकारी प्रक्रियाओं को ज्यादा खुला और सुलभ बनाकर पारदर्शिता को बढ़ावा देते हैं। नागरिक अपने आवेदनों की स्थिति पर नजर रख सकते हैं, सरकारी बजट देख सकते हैं और योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी कर सकते हैं, जिससे जवाबदेही बढ़ती है।
- सूचना के माध्यम से सशक्तीकरणः ई-गवर्नेंस नागरिकों को उनके अधिकारों, उपलब्ध सेवाओं और उन्हें कैसे प्राप्त किया जाए, के बारे में जानकारी प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाता है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुगम सूचना का अधिकार (RTE) अधिनियम जैसी पहलों ने सार्वजनिक जागरूकता और भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि की है।
- कुशल सेवा वितरणः ई-गवर्नेंस प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करता है, नौकरशाही देरी को कम करता है तथा भ्रष्टाचार को न्यूनतम करता है, जिससे सेवा वितरण तीव्र और अधिक कुशल हो जाता है।
महत्त्वपूर्ण पहलः
- डिजिटल इंडियाः 2015 में शुरू की गई इस प्रमुख पहल का उद्देश्य भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में बदलना है। यह डिजिटल बुनियादी ढाँचे, डिजिटल साक्षरता और सेवा वितरण को बढ़ाने पर केंद्रित है।
- ई-डिस्ट्रिक्टः इस परियोजना का उद्देश्य जिला स्तर पर नागरिक सेवाओं को इलेक्ट्रॉनिक रूप से उपलब्ध कराना तथा विभिन्न प्रमाणपत्रों और परमिटों के लिये ऑनलाइन आवेदन की सुविधा प्रदान करना है।
- सामान्य सेवा केंद्र (CSC): CSC विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिये पहुँच बिंदु के रूप में कार्य करते हैं, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में तथा डिजिटल विभाजन को पाटते हैं।
- उमंग ऐपः नए युग के शासन के लिये एकीकृत मोबाइल एप्लिकेशन (उमंग) कई सरकारी सेवाओं को एक ही मोबाइल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करता है, जिससे पहुँच में वृद्धि होती है।
- वर्ष 2006 में शुरू की गई राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (NeGP) का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिये सरकारी सेवाओं को सुलभ, कुशल, पारदर्शी और किफायती बनाना था। पूरे भारत में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिये NeGP के तहत डिजिटल इंडिया, डिजी-लॉकर, मोबाइल सेवा, myGov.in और अन्य कई पहल शुरू की गई हैं।
निष्कर्ष
संक्षेप में, ई-गवर्नेंस विभिन्न नवीन पहलों के माध्यम से सेवाओं को अधिक सुलभ बनाकर, पारदर्शिता बढ़ाकर और सेवा वितरण में सुधार करके भारत में नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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