प्रारंभिक परीक्षा
अमेरिका-इज़राइल-ईरान संघर्ष में मिसाइल रक्षा
- 02 Mar 2026
- 53 min read
चर्चा में क्यों?
अमेरिका–इज़रायल–ईरान संघर्ष ने मिसाइल रक्षा और इंटरसेप्टर सिस्टम्स को आधुनिक युद्ध में सामने ला दिया है। मिसाइलों और ड्रोन की लहरों ने मल्टी‑लेयर्ड वायु रक्षा नेटवर्क्स को परखा है, जिससे उच्च‑तीव्रता संघर्षों में उनकी रणनीतिक महत्ता उजागर हुई है।
मिसाइल रक्षा प्रणाली क्या है?
- परिचय: मिसाइल रक्षा एक व्यापक सैन्य संरचना को संदर्भित करती है, जो आने वाली शत्रु मिसाइलों का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने और उनके लक्ष्यों तक पहुँचने से पहले उन्हें नष्ट करने के लिये डिज़ाइन की गई है।
- मुख्य भाग:
- सेंसर: पृथ्वी की कक्षा में उपग्रह और ज़मीन आधारित रडार स्टेशन आकाश की निगरानी करते हैं ताकि खतरे का पता लगाया जा सके और उनकी गति तथा दिशा ट्रैक की जा सके।
- कमांड सेंटर्स: सैन्य कर्मी शक्तिशाली कंप्यूटर का उपयोग करके सेंसर डेटा को प्रोसेस करते हैं, संकटग्रस्त लक्ष्यों की गणना करते हैं और सबसे उपयुक्त प्रतिक्रिया निर्धारित करते हैं।
- इंटरसेप्टर्स: वास्तविक मिसाइलें जो आने वाले खतरे की ओर लॉन्च की जाती हैं और उसे नष्ट करती हैं।
- रणनीतिक महत्त्व: केवल जान और बुनियादी ढाँचे की रक्षा करने तक ही सीमित नहीं, ये प्रणालियाँ निवारक का काम भी करती हैं। शत्रु की मिसाइलों को अप्रभावी बनाकर ये संघर्ष शुरू करने से रोकती हैं और राजनीतिक नेताओं को प्रतिक्रिया तय करने के लिये महत्त्वपूर्ण समय प्रदान करती हैं।
मिसाइल इंटरसेप्टर कैसे काम करता है?
- पता लगाना और ट्रैकिंग: एक स्थिर ग्राउंड रडार आकाश में हज़ारों रेडियो बीम को निर्देशित करता है।
- जब कोई बीम किसी वस्तु से परावर्तित होती है, तो कंप्यूटर उस सिग्नल का विश्लेषण करके लक्ष्य की गति, ऊँचाई और उड़ान पथ का आकलन करता है।
- लॉक प्राप्त करना: यदि लक्ष्य को खतरा माना जाता है, तो रडार अपनी ऊर्जा आकाश के उस विशेष बिंदु पर केंद्रित करता है और लक्ष्य की स्थिति को लगातार अपडेट करता है।
- लॉन्च कमांड: एंगेजमेंट कंट्रोल स्टेशन (ECS) अनुगमन पथ का अनुमान करता है और इंटरसेप्टर के रॉकेट मोटर को सक्रिय करने के लिये लॉन्चर तक सिग्नल भेजता है।
- मध्य-उड़ान मार्गदर्शन: जैसे ही इंटरसेप्टर उड़ान भरता है, ग्राउंड रडार दुश्मन लक्ष्य और इंटरसेप्टर दोनों को ट्रैक करता है और इंटरसेप्टर को मार्गदर्शन कमांड भेजता है।
- अंतिम चरण में नष्ट करना: अंतिम क्षणों में, इंटरसेप्टर अपने ऑनबोर्ड "सीकर" (एक सूक्ष्म रडार) का उपयोग करके लक्ष्य का पता लगाता है। यह खतरे को दो तरीकों में से किसी एक से नष्ट करता है:
- प्रॉक्सिमिटी फ़्यूज़: लक्ष्य के पास एक शक्तिशाली वारहेड विस्फोट करता है और शार्पनेल के ज़रिये लक्ष्य को नष्ट कर देता है (पुराने मॉडलों में इस्तेमाल होता है)।
- हिट-टू-किल: इंटरसेप्टर सीधे लक्ष्य से टकराता है और केवल गतिज ऊर्जा (आधुनिक सिस्टम में इस्तेमाल होता है) के बल से उसे पूरी तरह नष्ट कर देता है।
अमेरिका-इज़रायल-ईरान संघर्ष में कौन से मुख्य डिफेंस सिस्टम तैनात हैं?
अमेरिका
- THAAD अपनी 'हिट-टू-किल' तकनीक का उपयोग करके कम और मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को उनके अंतिम चरण (Terminal Phase) में अत्यधिक ऊँचाई पर ही नष्ट कर देता है, जिससे सैन्य ठिकानों और शहरों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
- पैट्रियट मिसाइल सिस्टम: बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज़ मिसाइलों और विमान के खिलाफ अंतिम-रेखा रक्षा प्रदान करता है तथा इसे महत्त्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे एवं सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिये व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
- SM-3 और SM-6 (US नेवी): समुद्र-आधारित इंटरसेप्टर्स। SM-3 मध्य मार्ग उड़ान के दौरान बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करता है, जबकि SM-6 टर्मिनल चरण में मिसाइलों, विमानों तथा ड्रोन को निशाना बनाता है।
- इनडायरेक्ट फायर प्रोटेक्शन कैपेबिलिटी (IFPC): बेसों की रक्षा के लिये AIM-9X (एक प्रमुख, शॉर्ट-रेंज, इंफ्रारेड-ट्रैकिंग, एयर-टू-एयर और सतह से लॉन्च की जाने वाली इंटरसेप्टर मिसाइल) का उपयोग करता है, जिससे महंगी पैट्रियट मिसाइलों की बचत होती है।
इज़रायल
- एरो-2 और एरो-3: लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली। एरो-3 वायुमंडल के बाहर मिसाइलों को रोकता है, जबकि एरो-2 वायुमंडल के भीतर कार्य करता है।
- डेविड स्लिंग: इसे मध्यम से लंबी दूरी के रॉकेट, क्रूज़ मिसाइल और सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिये डिज़ाइन किया गया है, जो 'ऐरो' (Arrow) और 'आयरन डोम' के बीच के अंतर को कम करता है।
- आयरन डोम: छोटी दूरी की रक्षा प्रणाली जो रॉकेट, आर्टिलरी गोले और ड्रोन के खिलाफ प्रभावी है, जिसमें कम गति वाले खतरों के खिलाफ उच्च सफलता दर है।
- आयरन बीम: डायरेक्टेड-एनर्जी लेज़र सिस्टम जो कम लागत पर ड्रोन और छोटे प्रोजेक्टाइल को नष्ट करती है, जिससे महंगे इंटरसेप्टर पर निर्भरता कम हो जाती है।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
- शेओंगुंग II: दक्षिण कोरियाई मध्यम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली जिसमें 360° रडार और वर्टिकल लॉन्च (लंबवत् प्रक्षेपण) की क्षमता है। यह फारस की खाड़ी के ऊपर कम ऊँचाई पर उड़ने वाली क्रूज़ मिसाइलों और सामरिक बैलिस्टिक खतरों के खिलाफ प्रभावी है।
ईरान
- बावर-373: लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणाली जिसे विमानों और बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिये डिज़ाइन किया गया है, जो उन्नत सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों (SAM) के तुलनीय है।
- सेवोम-ए-खोरदाद: मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम, जो विमानों और क्रूज़ मिसाइलों को निशाना बनाने में सक्षम है और तेज़ी से स्थान बदलकर अपनी उत्तरजीविता को बढ़ाती है।
- टोर-M1: छोटी दूरी की प्रणाली, जिसका उपयोग प्रिसीजन-गाइडेड म्युनिशन, ड्रोन और कम ऊँचाई पर उड़ने वाली क्रूज़ मिसाइलों को रोकने के लिये किया जाता है।
- मजीद और अज़राखश: ये सिस्टम ड्रोन और कम ऊँचाई वाले हवाई खतरों का सामना करने के लिये डिज़ाइन किये गए हैं, जो महत्त्वपूर्ण सुविधाओं की रक्षा करती हैं।
| और पढ़ें: बैलिस्टिक और वायु रक्षा प्रणालियों में भारत की प्रगति |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. मिसाइल डिफेंस सिस्टम क्या है?
मिसाइल डिफेंस सिस्टम एक सैन्य संरचना है, जो लक्ष्यों की रक्षा के लिये सेंसर, कमांड सेंटर और इंटरसेप्टर का उपयोग करके आने वाली मिसाइलों का पता लगाती है, उन्हें ट्रैक करती है और नष्ट कर देती है।
2. हिट-टू-किल और प्रॉक्सिमिटी फ्यूज़ इंटरसेप्शन के बीच क्या अंतर है?
'हिट-टू-किल' तकनीक गतिज ऊर्जा का उपयोग करके सीधे टकराव के माध्यम से लक्ष्यों को नष्ट करती है, जबकि 'प्रॉक्सिमिटी फ्यूज़' इंटरसेप्टर लक्ष्य के पास पहुँचकर विस्फोट करते हैं ताकि छर्रों से उसे नष्ट किया जा सके।
3. आयरन डोम को अत्यधिक प्रभावी क्यों माना जाता है?
आयरन डोम की कम दूरी के रॉकेट और ड्रोन के खिलाफ सफलता दर 80-97% है, जो इसे शहरी और सामरिक रक्षा के लिये अत्यधिक प्रभावी बनाती है।
4. मिसाइल डिफेंस में THAAD की क्या भूमिका है?
बैलिस्टिक मिसाइलों को उनके अंतिम चरण में अधिक ऊँचाई पर रोकता है, जिससे शहरों और सैन्य अड्डों को व्यापक क्षेत्र में सुरक्षा मिलती है।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न
प्रिलिम्स
प्रश्न. कभी-कभी समाचार में उल्लिखित ‘टर्मिनल हाई ऑल्टिट्यूड एरिया डिफेंस’ (टीएचएएडी) क्या है? (2018)
(a) इज़रायल की एक रडार प्रणाली
(b) भारत का घरेलू मिसाइल-प्रतिरोधी कार्यक्रम
(c) अमेरिकी मिसाइल-प्रतिरोधी प्रणाली
(d) जापान और दक्षिण कोरिया के बीच एक रक्षा सहयोग
उत्तर: C