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हिंदी साहित्य और सिनेमा का संबंध
कुबेरनाथ राय : भारतीय चिंतन धारा के प्रमुख हस्ताक्षर
किसान दिवस

क्या, कहाँ, कब?

क्या हो आदर्श परीक्षा प्रणाली ?

14 Apr, 2021 | प्रवीण झा

नॉर्वे की संसद में एक बार प्रश्न उठा कि अमुक परीक्षा में आया एक प्रश्न उस कक्षा के लिये उपयुक्त नहीं था। मुझे इस पर अचंभा हुआ कि सांसदों के लिये किसी ख़ास कक्षा का एक प्रश्न...

इतिहास, विचार और दुनिया

पितृसत्ता की व्यवस्था नजर में बहुत कम आने के बावजूद विषमता की सबसे प्रभावी संरचना है

08 Mar, 2021 | सन्नी कुमार

“पढ़िये गीताबनिये सीताफिर इन सबमें लगा पलीताकिसी मूर्ख की हो परिणीतानिज घर-बार बसाइयेहोंय कँटीलीआँखें गीलीलकड़ी सीली, तबियत ढीलीघर की सबसे बड़ी पतीलीभर कर भात...

इतिहास, विचार और दुनिया

पैकिसेटस से ब्लू ह्वेल : विकास की यात्रा

05 Mar, 2021 | सुनील कुमार ‘सिंक्रेटिक’

दोस्तो, कहते हैं न कि छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता। दुनिया में बड़ा बनने के लिये, कुछ बड़ा पाने के लिये अपने मन को, बड़ा बनाना पड़ता है। और ऐसा तभी होगा जब हम बड़े दृष्टिकोण अपनाएँ।...

कला की दुनिया से

रॉबर्ट टोर रसेल का कनॉट प्लेस

20 Feb, 2021 | विवेक शुक्ला

अगर किसी से पूछा जाए कि राजधानी दिल्ली में सबसे आकर्षक जगह कौन-सी है,तो ज़्यादातर लोगों का उत्तर होगा कनॉट प्लेस। दिल्ली की कितनी ही पीढ़ियों ने यहाँ आकर सुकून के अनगिनत...

मोटिवेशन

सफलता के मायने !

03 Feb, 2021 | प्रवीण झा

मैं अक्सर सोचता हूँ कि टॉपर होने के आखिर क्या मायने हैं? मेडिकल कॉलेज का एक विद्यार्थी था, जिसके पास एक एलबम था। उस एलबम में पहले से बारहवीं कक्षा तक की एक जैसी तस्वीरें लगी...

क्या, कहाँ, कब?

कैसा है पूर्वोत्तर भारत का जीवन!

18 Jan, 2021 | विवेक विशाल

कभी-कभी पूर्वाग्रह इतना सघन होता है कि हम किसी व्यक्ति या समुदाय के प्रति अनायास ही ऐसी कल्पना कर लेते हैं, जो ज़्यादातर बार गलत होती है। यह पूर्वाग्रह भाषा, धर्म या नस्ल से...

कला की दुनिया से

बेल्जियम दूतावास: भारतीय वास्तुकला का अनुपम उदाहरण

06 Jan, 2021 | विवेक शुक्ला

आप कभी राष्ट्रीय राजधानी के डिप्लोमैटिक एरिया चाणक्यपुरी जाएँ तो वहाँ आपको एक से बढ़कर एक  सुंदर और अनुपम दूतावासों-उच्चायोगों की इमारतें दिखेंगी। जिस कल्पनाशीलता से...

मोटिवेशन

समय प्रबंधन में छिपा है सफलता का रहस्य!

21 Dec, 2020 | प्रवीण झा

जीवन में हर सुबह नई होती है, हर दिन नया होता है, हर आने वाला मिनट नया होता है। लेकिन लक्ष्य तो निश्चित है, जहाँ हमें एक तय समय में पहुँचना है। मुझे यह प्रश्न अक्सर सुनने...

इतिहास, विचार और दुनिया

चाँद एक त्योहार अनेक

22 Aug, 2020 | नेहा चौधरी

- नहीं, ऊपर आसमान में नहीं देखो, चाँद निकल गया है!- अरे, इसीलिए तो देखने जा रहे हैं कि चाँद निकल गया है।- आज के दिन चाँद को बिना हाथ में फल-फूल लिए नहीं देखना चाहिए, चोरी का झूठा...

व्यक्तित्त्व : जिन्हें हम पसंद करते हैं

डॉ. कलाम: साधारण इंसान का असाधारण व्यक्तित्व

27 Jul, 2020 | नेहा चौधरी

बहुत दिनों की बात है, झारखंड के सबसे पिछड़े ज़िले के एक स्कूल में नवीं क्लास की एक बच्ची की कॉपी के पहले पन्ने पर लिखा था - "इंतज़ार करने वाले को उतना ही मिलता है जितना  संघर्ष...

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