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इतिहास, विचार और दुनिया

हिंदी भाषा का सामाजिक दृष्टिकोण

14 Sep, 2021 | पुरुषोत्तम ‘प्रतीक'

भाषाओं का भी अपना एक समाज होता है, संस्कृति होती है। भाषाएँ केवल सामाजिक सम्प्रेषण का माध्यम भर नहीं होतीं यह सामाजिक निर्मिति का भी महत्त्वपूर्ण आधार है। समाज भाषा की...

इतिहास, विचार और दुनिया

सरकारी हिंदी : ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या!

11 Sep, 2021 | शंभूनाथ शुक्ल

सुप्रसिद्घ कवि रघुवीर सहाय ने लिखा था कि “हिंदी जैसे कि दुजाहू की बीवी”। यानी हिंदी की सराहना तो सब कर लेंगे पर जब उसको उसका सम्मान देने की बात आएगी तो उसके साथ किसी...

इतिहास, विचार और दुनिया

हिंदी भाषा और ज्ञान-विज्ञान की यात्रा

10 Sep, 2021 | प्रवीण झा

हाल में एक विद्यार्थी का संदेश मिला कि यूरोप पर और खास कर रोमन सभ्यता पर हिंदी में एक अच्छी किताब बता दूँ। समस्या यह है कि मैं स्वयं इतिहास की किताबों के लिये अंग्रेज़ी...

इतिहास, विचार और दुनिया

बस्तियाँ बसती हैं उजड़ती हैं!

02 Sep, 2021 | शंभूनाथ शुक्ल

धौलावीरा के खंडहरों और इनकी बनावट को देख कर लगता है कि संभवतः यह बस्ती कई बार बनी बिगड़ी। कमसे कम तीन बार। इसीलिये ज़मीन पर जिस तरह की सभ्यता के अवशेष मिलते हैं, वे अलग हैं और...

वाद-विवाद-संवाद

जाति जनगणना : उचित या अनुचित?

30 Aug, 2021 | शान कश्यप | सन्नी कुमार | शशि भूषण

हाल के समय में यह विषय सर्वाधिक विवाद में रहा है। जाति और आरक्षण संबंधी पुरानी बहसों की तरह ही इसमें भी स्पष्ट खांचें बने हुए हैं। 'वाद-विवाद-संवाद' की इस सीरीज़ में हमारी...

मोटिवेशन

क्योंकि मौन भी एक तरह की अभिव्यक्ति है

24 Aug, 2021 | डॉ. विकास दिव्यकीर्ति

[डॉ. विकास दिव्यकीर्ति] आप अक्सर ऐसे लोगों से मिलते होंगे जो अपनी अभिव्यक्तियों में बेहद मुखर होते हैं। उनके पास हमेशा बातों का असीम भंडार होता है। किसी भी बातचीत...

कला की दुनिया से

तस्वीरें: ज़िंदगी के साथ भी, ज़िंदगी के बाद भी

19 Aug, 2021 | नेहा चौधरी

तस्वीरें सुरक्षित रखने के लिए जाने हम कहाँ-कहाँ रखते हैं ताकि पानी उसे धुँधला ना कर सके; हवा उसे गंदा न कर सके; चोर वो तस्वीरें चुरा कर न ले जा सके, हमारी यादें हमारे साथ रहें,...

समाचारों में-आओ बात करें

अफगानिस्तान संकट के निहितार्थ

18 Aug, 2021 | शान कश्यप

अफगानिस्तान संकट से सारा संसार हतप्रभ और क्षुब्ध है। आम अफ़ग़ानियों के बीच की भगदड़ समाचारपत्रों और समाचार चैनलों की सुर्खियों में हैं। क्या यह संकट तत्क्षण है? क्या संसार...

मोटिवेशन

हार और जीत जीवन की क्रियाएँ हैं जीवन नहीं

14 Aug, 2021 | सन्नी कुमार

ओलंपिक खत्म हो चुका है। विजेता अपने देश लौट चुके हैं और वे भी जो विजेता की कतार में शामिल नहीं हो सके। एक से उद्यम में शामिल होने का ख्वाब देखने वाले सारे लोग उस यात्रा से लौट...

इतिहास, विचार और दुनिया

बीहड़ के बीच धरोहर : धौलावीरा का यात्रा वृत्तांत

12 Aug, 2021 | शंभूनाथ शुक्ल

क्या है धौलावीरा का अर्थ ? दिल्ली का धौलाकुआँ और कच्छ का धौलावीरा के नाम में समानता है। अर्थ में भी है। कच्छी भाषा में वीरा का अर्थ कुआँ होता है और धोला का अर्थ सफ़ेद अर्थात्...

कला की दुनिया से

हिंदुस्तानी संगीत बढ़ाता है मन की एकाग्रता !

09 Aug, 2021 | प्रवीण झा

अक्सर हम एक कोलाहल में पढ़ते हैं। बाहर सड़क से ऑटो या ट्रक के गुजरने की आवाज, दूर किसी कुत्ते का भूँकना, पड़ोस के अंकल का गला खखारना, सब्जी वाले का पुकारना, दोस्तों का बतियाना...

इतिहास, विचार और दुनिया

क्यों हड़प्पा से भी ख़ास है महाजनों का शहर धौलावीरा ?

05 Aug, 2021 | रोहित नंदन मिश्र

27 जुलाई, 2021 को गुजरात में स्थित धौलावीरा को यूनेस्को द्वारा भारत का 40वाँ विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया। प्राचीन इतिहास और पुरातत्व में रुचि रखने वालों के लिये तो यह एक...

कला की दुनिया से

डिजाइन के नए आयाम गढ़ता इंडिया हैबिटेट सेंटर

02 Aug, 2021 | विवेक शुक्ला

राजधानी में लोधी एस्टेट से गुजरते हुए इंडिया हैबिटेट सेंटर (आईएचसी) की भव्य और राजसी इमारत को दूर से देखकर ही मन प्रसन्न हो जाता है। बेशक, ये कोई सामान्य इमारत नहीं है। इधर...

मोटिवेशन

कोई फ़र्क़ नहीं सब कुछ जीत लेने में और अंत तक हिम्मत न हारने में...

27 Jul, 2021 | आलोक कुमार

वो 1990 की सर्दियों का समय था ; श्रीलंका का एक 20 वर्षीय युवक प्रथम श्रेणी क्रिकेट में धमाकेदार बल्लेबाजी करने के बाद राष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के खिलाफ पर्दापण करने के लिए...

इतिहास, विचार और दुनिया

एक आईपीएस की डायरी : समय प्रबंधन से पाई सफलता

23 Jul, 2021 | सुनील कुमार धनवंता

इस संसार में समय ही एक ऐसी चीज है जो सभी प्राणियों में समान रूप से वितरित है। चाहे राजा हो या रंक, अमीर हो या गरीब, महिला हो या पुरुष सभी को एक दिन में 24 घंटे ही मिलते हैं। अब...

व्यक्तित्त्व : जिन्हें हम पसंद करते हैं

दिलीप कुमार : कोई क्‍या कहे, क्‍या-क्‍या कहे, कितना कहे, कैसे कहे!

07 Jul, 2021 | सुंदरम आनंद

‘लार्जर दैन लाइफ’ एक ऐसा फिकरा है जिसका इस्‍तेमाल अमूमन तब किया जाता है, जब किसी व्‍यक्ति या काल्‍पनिक पात्र की लोकप्रियता, उसका आभामंडल हमारी कल्‍पना की सीमाओं को...

इतिहास, विचार और दुनिया

कश्मीर : एक यात्री ने जैसा देखा-जैसा समझा

01 Jul, 2021 | अनूप मिश्र

कश्मीर। नाम सुनते ही कई तरह की छवियाँ मस्तिष्क में उभरती हैं,जिनमें दो सबसे आमफ़हम हैं। पहली जिसमें अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य से ओत प्रोत एक ऐसा भू प्रदेश जिसके लिये मुग़ल...

समाचारों में-आओ बात करें

विशेषताएँ जो बनाती हैं संसद भवन को खास

14 Jun, 2021 | विवेक शुक्ला

आप आजकल कभी संसद भवन के आसपास से गुजरें तो समझ आ जाएगा कि देश की नई संसद की इमारत के निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है। संसद भवन परिसर को बड़े-विशाल बोर्डों से घेर दिया गया है...

मोटिवेशन

पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली कैसी हो?

05 Jun, 2021 | प्रवीण झा

हम में से कई लोग रोज टहलने जाते हैं। बाज़ार के लिये निकले, किसी दोस्त से मिलने निकले या यूँ ही सेहत बनाने के लिए दौड़ पर निकले। नॉर्वे में हर दूसरा जंगलों या पहाड़ों में यूँ...

समाचारों में-आओ बात करें

कोविड-19 से कितनी बदलेगी दुनिया!

06 May, 2021 | डॉ. श्रीश पाठक

कोविड-19 का प्रभाव वैश्विक राजनीति पर कितना पड़ा है या पड़ सकता है, इस आशय के सेमिनार, लेख और किताबें पिछले साल ही खूब होने-छपने शुरू हो गए थे। उस वक्त तक तो इस महामारी के बारे में...

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