उत्तर प्रदेश Switch to English
राजनाथ सिंह ने किया लखनऊ में EV प्लांट का उद्घाटन
चर्चा में क्यों?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में अशोक लेयलैंड इलेक्ट्रिक वाहन (EV) निर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया।
मुख्य बिंदु
- निवेश: इस संयंत्र का विकास लगभग ₹1,000 करोड़ के निवेश से किया गया है।
- उत्पादन क्षमता: इस संयंत्र की प्रारंभिक क्षमता प्रतिवर्ष 2,500 इलेक्ट्रिक वाहनों की है, जिसे सालाना 5,000 इकाइयों तक बढ़ाया जा सकता है।
- वाहन: यह पहला समर्पित ई-बस (इलेक्ट्रिक बस) निर्माण संयंत्र है।
- रोज़गार सृजन: इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर पैदा होने की संभावना है, जिससे स्थानीय औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
- इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा: यह परियोजना भारत के स्वच्छ गतिशीलता और नेट-ज़ीरो उत्सर्जन लक्ष्यों के अनुरूप है, क्योंकि यह पेट्रोलियम आधारित परिवहन पर निर्भरता कम करती है।
- राष्ट्रीय निर्माण पहलों को बढ़ावा: यह परियोजना मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों के अनुरूप है, जिससे घरेलू निर्माण क्षमताओं को सुदृढ़ किया जाता है।
- राष्ट्रीय महत्त्व: यह परियोजना भारत की इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण क्षमता को मज़बूत करती है और सतत आर्थिक विकास के लक्ष्य का समर्थन करती है।
- यह परियोजना उत्तर प्रदेश को EV निर्माण केंद्र के रूप में उभरने में भी मज़बूती प्रदान करती है।
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और पढ़ें: इलेक्ट्रिक वाहन (EV), नेट-ज़ीरो उत्सर्जन लक्ष्य, मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, सतत आर्थिक विकास |
मध्य प्रदेश Switch to English
इंडिया पोस्ट ने MP में स्पीड पोस्ट 24 और स्पीड पोस्ट 48 लॉन्च किया
चर्चा में क्यों?
इंडिया पोस्ट ने मध्य प्रदेश में स्पीड पोस्ट 24 और स्पीड पोस्ट 48 सेवाएँ शुरू की हैं, जिनका उद्घाटन केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा किया गया।
मुख्य बिंदु
- सेवाएँ: इंडिया पोस्ट ने स्पीड पोस्ट 24 और स्पीड पोस्ट 48 सेवाएँ शुरू की हैं, जो समय-गारंटी आधारित डिलीवरी सेवाएँ हैं, जिनके माध्यम से डाक/पार्सल क्रमशः 24 और 48 घंटे के भीतर पहुँचाए जाते हैं।
- क्रियान्वयन एजेंसी: डाक विभाग, संचार मंत्रालय
- उद्देश्य: इन सेवाओं का उद्देश्य डाक सेवाओं का आधुनिकीकरण करना और भारत के विस्तृत डाक नेटवर्क में समयबद्ध, विश्वसनीय तथा तीव्र डिलीवरी के नए मानक स्थापित करना है।
- लॉन्च कार्यक्रम: इन सेवाओं की घोषणा मध्य प्रदेश के शिवपुरी ज़िले के पिछोर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की गई।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार: यह पहल मध्य प्रदेश में डाक अवसंरचना को उन्नत करने के प्रयासों के अनुरूप है, जिसमें डाकघरों का नवीनीकरण और डाक कर्मियों के लिये एक राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना शामिल है।
- लॉजिस्टिक्स के लिये महत्त्व: ये उन्नत सेवाएँ भारत पोस्ट की भूमिका को लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम में सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखती हैं, जिससे वह एक्सप्रेस डिलीवरी सेवाओं में निजी कूरियर एजेंसियों के साथ प्रतिस्पर्द्धा कर सके।
राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले का उद्घाटन किया
चर्चा में क्यों?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में न्यू दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर (NDWBF) 2026 का उद्घाटन किया।
मुख्य बिंदु
- आयोजक: यह पुस्तक मेला राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) भारत द्वारा, शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आयोजित किया गया है।
- थीम: NDWBF 2026 की थीम है "भारतीय सैन्य इतिहास: वीरता और बुद्धिमत्ता @75", जो भारत के सशस्त्र बलों की भूमिका और विरासत को दर्शाती है।
- पुस्तक विमोचन: उद्घाटन के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने ‘द सागा ऑफ कुडोपाली: 1857 की अनकही कहानी’ पुस्तक का हिंदी सहित कई भारतीय भाषाओं और स्पेनिश भाषा में विमोचन किया। यह पुस्तक वीर सुरेंद्र साई और संबलपुर के शहीदों को सम्मानित करती है।
- अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी: कतर और स्पेन सहित कई देशों ने मेले में भाग लिया।
- फोकस देश: कतर (प्रदर्शनियों और साहित्यिक आदान–प्रदान का मुख्य केंद्र)
- सहभागी देश: स्पेन (सांस्कृतिक और साहित्यिक सहभागिता)
- पठन संस्कृति को बढ़ावा: यह पुस्तक मेला छात्रों, शोधकर्त्ताओं और आम जनता में पठन संस्कृति, ज्ञान-वितरण, बहुभाषिकता तथा वैश्विक साहित्यिक संवाद के महत्त्व को रेखांकित करता है।
राजस्थान Switch to English
राजस्थान के नागौरी अश्वगंधा को GI टैग प्राप्त हुआ
चर्चा में क्यों?
भारत सरकार ने राजस्थान के नागौर ज़िले में उगाए जाने वाले नागौरी अश्वगंधा को भौगोलिक उपदर्शन प्रमाणन (GI) प्रदान किया है।
मुख्य बिंदु
- GI मान्यता: मारवाड़ क्षेत्र के नागौर में उत्पन्न नागौरी अश्वगंधा को उसकी विशिष्ट गुणवत्ता, प्रतिष्ठा और भौगोलिक उत्पत्ति के लिये आधिकारिक रूप से भौगोलिक उपदर्शन प्रमाणन (GI) प्रदान किया गया है।
- आर्थिक लाभ: GI टैग उत्पाद के नाम को संरक्षण प्रदान करता है, उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करता है और किसानों को आयुर्वेदिक तथा फार्मास्यूटिकल बाज़ारों से सीधे जुड़कर अधिक लाभकारी मूल्य हासिल करने में सहायता करता है।
- निर्यात बढ़ावा: GI प्रमाणन के बाद केवल प्रमाणित नागौरी अश्वगंधा ही अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में बेची जा सकेगी, जिससे निर्यात के अवसर बढ़ने और वैश्विक हर्बल एवं औषधीय बाज़ार में इसकी मांग बढ़ने की संभावना है।
- भौगोलिक उपदर्शन प्रमाणन (GI): भारत सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है।
- मंत्रालय: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
- विभाग: भौगोलिक उपदर्शन रजिस्ट्री, जो पेटेंट, डिज़ाइन और ट्रेडमार्क महानियंत्रक कार्यालय (CGPDTM) के अंतर्गत कार्य करती है।
- राजस्थान का GI परिदृश्य: नागौरी अश्वगंधा को शामिल किये जाने के बाद राजस्थान के कुल GI-टैग प्राप्त उत्पादों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है, जिनमें बीकानेरी भुजिया, मकराना मार्बल और कोटा डोरिया जैसे प्रसिद्ध उत्पाद भी शामिल हैं।
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और पढ़ें: भौगोलिक उपदर्शन प्रमाणन (GI) |

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