राजस्थान
राजस्थान के नागौरी अश्वगंधा को GI टैग प्राप्त हुआ
- 12 Jan 2026
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चर्चा में क्यों?
भारत सरकार ने राजस्थान के नागौर ज़िले में उगाए जाने वाले नागौरी अश्वगंधा को भौगोलिक उपदर्शन प्रमाणन (GI) प्रदान किया है।
मुख्य बिंदु
- GI मान्यता: मारवाड़ क्षेत्र के नागौर में उत्पन्न नागौरी अश्वगंधा को उसकी विशिष्ट गुणवत्ता, प्रतिष्ठा और भौगोलिक उत्पत्ति के लिये आधिकारिक रूप से भौगोलिक उपदर्शन प्रमाणन (GI) प्रदान किया गया है।
- आर्थिक लाभ: GI टैग उत्पाद के नाम को संरक्षण प्रदान करता है, उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करता है और किसानों को आयुर्वेदिक तथा फार्मास्यूटिकल बाज़ारों से सीधे जुड़कर अधिक लाभकारी मूल्य हासिल करने में सहायता करता है।
- निर्यात बढ़ावा: GI प्रमाणन के बाद केवल प्रमाणित नागौरी अश्वगंधा ही अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में बेची जा सकेगी, जिससे निर्यात के अवसर बढ़ने और वैश्विक हर्बल एवं औषधीय बाज़ार में इसकी मांग बढ़ने की संभावना है।
- भौगोलिक उपदर्शन प्रमाणन (GI): भारत सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है।
- मंत्रालय: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
- विभाग: भौगोलिक उपदर्शन रजिस्ट्री, जो पेटेंट, डिज़ाइन और ट्रेडमार्क महानियंत्रक कार्यालय (CGPDTM) के अंतर्गत कार्य करती है।
- राजस्थान का GI परिदृश्य: नागौरी अश्वगंधा को शामिल किये जाने के बाद राजस्थान के कुल GI-टैग प्राप्त उत्पादों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है, जिनमें बीकानेरी भुजिया, मकराना मार्बल और कोटा डोरिया जैसे प्रसिद्ध उत्पाद भी शामिल हैं।
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