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वर्षांत समीक्षा-2025: संसदीय कार्य मंत्रालय

  • 07 Jan 2026
  • 36 min read

स्रोत: पी.आई.बी.

चर्चा में क्यों?

वर्ष 2025 में संसदीय कार्य मंत्रालय एक मज़बूत विधायी एजेंडे को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने में सफल रहा, जिसके तहत विधायिकाओं के डिजिटल प्रशासन में महत्त्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल कीं और लोकतांत्रिक सहभागिता का विस्तार किया गया।

वर्ष 2025 में संसदीय कार्य मंत्रालय की मुख्य उपलब्धियाँ क्या हैं?

  • उच्च विधायी कार्यक्षमता: दोनों सदनों द्वारा पारित विधेयकों का विवरण अनुलग्नक में दिया गया है। जिनमें प्रमुख सुधार, जैसे– आयकर विधेयक, 2025 (कर संहिता को सरल बनाने हेतु), VB-G-Ram-G विधेयक, 2025 (ग्रामीण रोज़गार के लिये) और ऑनलाइन गेमिंग संवर्द्धन और विनियमन अधिनियम, 2025 शामिल हैं।
  • सार्थक संसदीय संवाद: केवल विधायी कार्यों तक सीमित न रहकर उच्च स्तरीय बहसों का आयोजन और संचालन किया, जिनमें ऑपरेशन सिंदूर, चुनाव सुधार, भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम और ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगाँठ पर चर्चा शामिल थी, ताकि संसद महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर संवाद का मंच बनी रहे।
  • डिजिटल शासन में अग्रणी पहल: ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की और 20 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश की विधानसभाओं को नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) पर पूरी तरह से सक्रिय किया, जो डिजिटल इंडिया मिशन का हिस्सा है। इसके अलावा NeVA पर तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन और राज्य अधिकारियों के लिये क्षमता निर्माण कार्यशालाएँआयोजित की गईं।
  • कुशल सदन प्रबंधन एवं जवाबदेही: लोकसभा के नियम 377 और शून्यकाल (Zero Hour) जैसे तंत्रों का प्रभावी प्रबंधन किया गया तथा RTI और जन-शिकायतों के 100% निस्तारण को सुनिश्चित किया गया। ऑनलाइन आश्वासन निगरानी प्रणाली (OAMS) के माध्यम से संसदीय आश्वासनों के क्रियान्वयन की निगरानी की गई।
  • युवा सहभागिता का विस्तार: उन्नत राष्ट्रीय युवा संसद योजना (NYPS) 2.0 पोर्टल के माध्यम से युवा संसद कार्यक्रम का उल्लेखनीय विस्तार किया गया, जिसके तहत देश भर में 1,800 से अधिक संस्थागत पंजीकरण और 15,800 व्यक्तिगत सहभागिताएँ दर्ज की गईं।
  • राष्ट्रीय समारोह और जागरूकता कार्यक्रम: सक्रिय रूप से संपूर्ण देश में संविधान दिवस 2025 का समन्वय किया गया और ‘वंदे मातरम’ की 150वीं जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किये गए, जिससे संवैधानिक मूल्यों को बल मिला।
  • राजनीतिक एवं समन्वय प्रबंधन: अंतर-संसदीय आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान की गई, जिसमें यूके, रूस और सऊदी अरब से आए प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत किया गया, साथ ही विदेश यात्रा पर जाने वाले राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडलों को अनुमोदन प्रदान किया गया।
  • राष्ट्रीय पहल: विशेष अभियान 5.0 को स्वच्छता के लिये सफलतापूर्वक संचालित किया गया और पहचानी गई सभी लंबित कार्यवाहियों का 100% निस्तारण किया गया, साथ ही आधिकारिक भाषा के कार्यान्वयन को बढ़ावा देने हेतु समितियाँ, कार्यशालाएँ, हिंदी पखवाड़ा और संगोष्ठियाँ आयोजित की गईं।
  • समिति प्रबंधन: विभिन्न मंत्रालयों के लिये 42 संसद सदस्य परामर्श समितियों का गठन किया गया और उनका समर्थन एवं संचालन किया गया, जिनकी 85 बैठकें आयोजित की गईं और कई सलाहकार बोर्डों एवं समितियों में सांसदों को नामांकित किया गया।

निष्कर्ष

संसदीय कार्य मंत्रालय का 2025 में प्रदर्शन बहुआयामी रहा, जिसमें उच्च स्तर का विधायी कार्यक्षमता सुनिश्चित किया गया, NeVA के माध्यम से डिजिटल शासन में अग्रणी भूमिका निभाई गई और युवा कार्यक्रमों एवं राष्ट्रीय विमर्श के माध्यम से लोकतांत्रिक सहभागिता का विस्तार किया गया, जिससे भारत की संसदीय संरचना को सशक्त बनाया गया।

दृष्टि मेन्स प्रश्न:

प्रश्न. भारत में विधायी कार्यप्रणाली और जवाबदेही को सुदृढ़ करने में संसदीय कार्य मंत्रालय की भूमिका पर चर्चा कीजिये।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) क्या है?
NeVA एक डिजिटल इंडिया मिशन मोड परियोजना है, जिसका उद्देश्य संपूर्ण डिजिटल समाधानों के माध्यम से विधायिकाओं को कागज़रहित, पारदर्शी और कुशल बनाना है।

2. संसद में लोकसभा का नियम 377 क्यों महत्त्वपूर्ण है?
नियम 377 सांसदों को औपचारिक परिचर्चाओं के बगैर कार्यपालिका की जवाबदेही को मज़बूत करते हुए सार्वजनिक महत्त्व के अत्यावश्यक मुद्दों को उठाने की अनुमति देता है।

3. मंत्रालय प्रबंधन के तहत संसद द्वारा वर्ष 2025 में पारित किये गए दो महत्त्वपूर्ण विधेयकों के नाम बताइये।
आयकर विधेयक, 2025 (कर संहिता को सरल बनाने के लिये) और VB-G-राम-G विधेयक (विकसित भारत 2047 के अनुरूप वैधानिक ग्रामीण रोज़गार गारंटी के लिये)।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न (PYQs)

प्रिलिम्स

प्रश्न. भारत की संसद किसके/किनके द्वारा मंत्रिपरिषद के कृत्यों के ऊपर नियंत्रण रखती है। (2017) 

  1. स्थगन प्रस्ताव
  2. प्रश्नकाल
  3. अनुपूरक प्रश्न

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

(a) केवल 1

(b) केवल 2 और 3

(c) केवल 1 और 3

(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (d)


मेन्स

प्रश्न. आपकी दृष्टि में, भारत में कार्यपालिका की जवाबदेही को सुनिश्चित करने में संसद कहाँ तक समर्थ है? (2021)

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