दृष्टि के NCERT कोर्स के साथ करें UPSC की तैयारी और जानें
ध्यान दें:

बिहार स्टेट पी.सी.एस.

  • 16 Apr 2026
  • 0 min read
  • Switch Date:  
बिहार Switch to English

बिहार में ऐतिहासिक बदलाव: सम्राट चौधरी बने BJP के पहले मुख्यमंत्री

चर्चा में क्यों?

एक ऐतिहासिक राजनीतिक परिवर्तन में, सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल, 2026 को बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। यह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिये एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिसने बिहार में अपने 46 वर्ष के इतिहास में पहली बार राज्य के शीर्ष पद को सॅंभाला है।

मुख्य बिंदु:

  • शपथ ग्रहण: बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने पटना के लोक भवन में आयोजित समारोह में सम्राट चौधरी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
    • एक युग का अंत: यह परिवर्तन राज्य के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद हुआ, जिन्होंने राज्यसभा चुनाव लड़ने और उसमें शामिल होने के लिये पद छोड़ा।
  • नया नेतृत्व ढाँचा: मुख्यमंत्री के साथ-साथ JD(U) के बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
  • नए मुख्यमंत्री का परिचय: 16 नवंबर, 1968 को जन्मे सम्राट चौधरी वरिष्ठ नेता शकुनी चौधरी के पुत्र हैं।
    • विविध राजनीतिक करियर: उन्होंने पूर्व में RJD और JD(U) सहित विभिन्न सरकारों में मंत्री के रूप में कार्य किया है तथा वर्ष 2017 में भाजपा में शामिल हुए।
  • मंत्रिमंडल और विभागों का आवंटन: नई सरकार ने विकास और प्रशासन को तीव्र करने पर ध्यान केंद्रित करने के संकेत दिये हैं।
    • मुख्यमंत्री के विभाग: सम्राट चौधरी ने गृह, निगरानी, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे महत्त्वपूर्ण विभागों सहित कुल 29 विभाग अपने पास रखे हैं।
    • उपमुख्यमंत्री: विजय कुमार चौधरी को शिक्षा और परिवहन सहित 10 विभाग दिये गए हैं, जबकि बिजेंद्र प्रसाद यादव वित्त एवं ऊर्जा विभाग का कार्यभार सॅंभाल रहे हैं।
  • डबल इंजन सरकार: विश्लेषकों के अनुसार, केंद्र के साथ नीतिगत समन्वय और अधिक मज़बूत होगा, जिससे राज्य में प्रमुख अवसंरचना तथा औद्योगिक परियोजनाओं को गति मिलने की संभावना है।

राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English

C-DAC ने ‘e-SafeHER’ साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम लॉन्च किया

चर्चा में क्यों?

‘e-SafeHER’ साइबर सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम को शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत की एक मिलियन महिलाओं को डिजिटल व्यवस्था में सुरक्षित रूप से भाग लेने में सक्षम बनाना है।

मुख्य बिंदु:

  • लॉन्च: इस पहल को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत वैज्ञानिक संस्था C-DAC हैदराबाद द्वारा रिलायंस फाउंडेशन के सहयोग से शुरू किया गया है।
  • उद्देश्य: इस कार्यक्रम का लक्ष्य ग्रामीण भारत की महिलाओं में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, ताकि वे वित्तीय लेन-देन, आजीविका और ऑनलाइन सेवाओं तक पहुँच जैसी डिजिटल गतिविधियों में सुरक्षित रूप से भाग ले सकें।
    • यह पहल अगले तीन वर्षों में ग्रामीण भारत में 1 मिलियन ‘साइबर सखियों’ को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखती है।
  • कार्यक्रम: यह पहल इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सूचना सुरक्षा शिक्षा एवं जागरूकता (ISEA) कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित की जा रही है।
  • क्रियान्वयन:
    • C-DAC हैदराबाद साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण सामग्री का विकास और स्थानीयकरण करेगा।
    • रिलायंस फाउंडेशन ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से पहुँच और प्रशिक्षण को सुगम बनाएगा।
    • इस कार्यक्रम की शुरुआत प्रारंभिक रूप से मध्य प्रदेश और ओडिशा में साइबर सखियों के प्रशिक्षण के साथ की जाएगी।

और पढ़ें: C-DAC, साइबर सुरक्षा, स्वयं सहायता समूह (SHGs)


close
Share Page
images-2
images-2