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उत्तर प्रदेश स्टेट पी.सी.एस.

  • 27 Feb 2026
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उत्तर प्रदेश ने जापानी कंपनियों के साथ ₹11,000 करोड़ के MoU पर हस्ताक्षर किये

चर्चा में क्यों?

जापान की अपनी आधिकारिक यात्रा के पहले दिन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई प्रमुख जापानी कंपनियों के साथ लगभग ₹11,000 करोड़ के समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये।

मुख्य बिंदु: 

  • कुल निवेश: प्रारंभिक निवेश प्रतिबद्धताएँ लगभग ₹11,000 करोड़ तक पहुँची हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य औद्योगिक विकास को गति देना है।
  • प्रमुख निवेशक: इन समझौतों में शामिल प्रमुख कंपनियों में कुबोटा कॉर्पोरेशन, मिंडा कॉर्पोरेशन, जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री (JAE) सहित अन्य कंपनियाँ शामिल हैं। 
  • लक्षित क्षेत्र: निवेश ऑटोमोबाइल, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि उपकरण, अवसंरचना तथा रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में किये जाएंगे।
  • विनिर्माण और मूल्य शृंखलाओं को बढ़ावा: इन समझौतों से जापानी प्रौद्योगिकी, पूंजी एवं विशेषज्ञता उत्तर प्रदेश के विनिर्माण पारितंत्र में आएगी, जिससे औद्योगिक सहयोग तथा मूल्य शृंखलाएँ और अधिक सुदृढ़ होंगी।
  • प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और नवाचार: जापानी कंपनियाँ उच्च-सटीक विनिर्माण और दक्षता पर विशेष बल देती हैं।
    • ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत सामग्री जैसे क्षेत्रों में साझेदारियाँ भारत की औद्योगिक प्रतिस्पर्द्धात्मकता तथा तकनीकी आधार को मज़बूत करने में सहायक होंगी।
  • रोज़गार सृजन और स्थानीय विकास: इन निवेशों से रोज़गार के अवसर बढ़ने, कौशल विकास को प्रोत्साहन मिलने तथा उत्तर प्रदेश में स्थानीय आपूर्ति शृंखलाओं को समर्थन मिलने की संभावना है।
  • भारत–जापान आर्थिक संबंधों को मज़बूती: ये MoU भारत–जापान द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा हैं, जिनमें विनिर्माण, अवसंरचना, प्रौद्योगिकी और पर्यावरणीय समाधानों में सहयोग शामिल है।

और पढ़ें: भारत-जापान संबंध


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