प्रयागराज शाखा पर IAS GS फाउंडेशन का नया बैच 10 जून से शुरू :   संपर्क करें
ध्यान दें:

स्टेट पी.सी.एस.

  • 25 Nov 2021
  • 1 min read
  • Switch Date:  
उत्तर प्रदेश Switch to English

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 में उत्तर प्रदेश की बड़ी उपलब्धि

चर्चा में क्यों? 

24 नवंबर, 2021 को जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वहीं प्रजनन दर गिरकर 2.7 के मुकाबले 2.4 पर आ गई है। 

प्रमुख बिंदु 

  • राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि विगत साढ़े चार वर्ष से अधिक की अवधि में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन तथा कन्या भ्रूणहत्या रोकने के प्रयास सफल हुए हैं। 2015-16 में लिंगानुपात (प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या) 995 से बढ़कर 2020-21 में 1017 हो गई है।
  • इसी प्रकार प्रदेश में खाना पकाने के लिये स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल करने वाले परिवारों तथा बेहतर स्वच्छता सुविधाओं का उपयोग करने वाले परिवारों में भी बढ़ोतरी हुई है।
  • प्रदेश में 2015-16 में स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल करने वाले परिवार का प्रतिशत 32.7 था, जो वर्तमान में  49.5 हो गया है। इसी तरह स्वच्छता सुविधाओं में यह प्रतिशत 36.4 से बढ़कर 68.8 हो गया है। यह उज्ज्वला योजना व स्वच्छ भारत मिशन पर प्रभावी तरीके से अमल करने के कारण संभव हो सका है।
  • प्रदेश में एनीमिया प्रभावित गर्भवती महिलाओं (15-49 वर्ष) की संख्या में 5.1 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह कमी 1.8 प्रतिशत है। 
  • प्रदेश में बच्चों के वृद्धि अवरोध के मामलों में 6.6 प्रतिशत की कमी हुई है, जो राष्ट्रीय स्तर पर 2.9 प्रतिशत है। वही प्रदेश में सामान्य से कम वज़न के बच्चों के मामलों में 7.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 3.7 प्रतिशत है।
  • इसी प्रकार प्रदेश में संस्थागत प्रसव 67.8 प्रतिशत से बढ़कर 83.4 प्रतिशत, परिवार नियोजन के उपाय 45.5 प्रतिशत से बढ़कर 62.4 प्रतिशत, प्रसवपूर्व जाँच 26.4 प्रतिशत से बढ़कर 42.4 प्रतिशत तथा बच्चों में अतिसार की संक्रमण दर 15 प्रतिशत से घटकर 5.6 प्रतिशत हो गई है।

राजस्थान Switch to English

घरेलू हिंसा पीड़ित विदेशी नागरिक भारत में दर्ज करा सकती है शिकायत

चर्चा में क्यों?

हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट ने अपने एक महत्त्वपूर्ण फैसले में कहा है कि घरेलू हिंसा की पीड़ित विदेशी नागरिक भी अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकती है, बशर्ते उसके साथ हिंसा भारत में रहने के दौरान हुई हो।

प्रमुख बिंदु 

  • उल्लेखनीय है कि कैथरीन नामक महिला ने 2019 में जोधपुर में रहने के दौरान अपने पति रॉबर्टो के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई थी। रॉबर्टो ने शिकायत के खिलाफ पहले मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में और उसके बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत (महिला अत्याचार मामले) में चुनौती दी। 
  • दोनों अदालतों से याचिका खारिज होने के बाद रॉबर्टो ने कैथरीन के भारतीय नागरिक न होने का हवाला देते हुए शिकायत के सुनवाई योग्य न होने के आधार पर दोनों फैसलों को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 
  • मामले पर बहस करते हुए याचिकाकर्त्ता के वकील ने कहा कि याचिकाकर्त्त और प्रतिवादी भारतीय नागरिक नहीं हैं। इसका विरोध करते हुए प्रतिवादी के वकील ने कहा कि घरेलू हिंसा कानून 2005 की धारा 2 (ए) के अनुसार ‘पीड़ित व्यक्ति’ की परिभाषा दी गई और खुद परिभाषा के अनुसार, विदेशी नागरिक समेत कोई भी महिला, जो घरेलू हिंसा का शिकार हुई है, वह निचली अदालत में अर्ज़ी दायर कर सकती है। 
  • दलीलों को सुनने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस विनीत कुमार माथुर ने कहा कि प्रतिवादी पिछले करीब 25 वर्षों से जोधपुर में रह रही है और याचिकाकर्त्ता से शादी करने के बाद शिकायत में दर्ज घटना जोधपुर की है तथा घरेलू हिंसा कानून 2005 की धारा 2 (ए) और 12 के तहत निकली परिभाषाओं के मद्देनज़र कैथरीन की शिकायत सुनवाई योग्य है।

मध्य प्रदेश Switch to English

64वीं राष्ट्रीय शूटिंग (रायफल) चैंपियनशिप-2021 का शुभारंभ

चर्चा में क्यों?

25 नवंबर, 2021 को मध्य प्रदेश की खेल एवं युवा कल्याण मंत्रीयशोधरा राजे सिंधिया और मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने 64वीं राष्ट्रीय शूटिंग (रायफल) चैंपियनशिप का शुभारंभ किया।

प्रमुख बिंदु

  • इस प्रतियोगिता का आयोजन मध्य प्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी, बिसनखेड़ी (गोरागांव), भोपाल में खेल और युवा कल्याण विभाग तथा भारतीय राष्ट्रीय रायफल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। 
  • चैंपियनशिप में 10 मीटर और 50 मीटर के मुकाबले खेले जाएंगे। प्रतियोगिता में रायफल के पुरुष खिलाड़ियों की संख्या 2202 तथा महिला खिलाड़ियों की संख्या 1301 है। चैंपियनशिप में 18 साल से कम पुरुष खिलाड़ियों की संख्या 706 तथा महिला खिलाड़ियों की संख्या 504 है।
  • चैंपियनशिप में ओलंपिक और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भागीदारी कर रहे हैं। इनमें 6 अर्जुन अवार्डी भी शामिल हैं। इसमें देश की कुल 41 यूनिट के खिलाड़ी शामिल हैं।
  • इस चैंपियनशिप से शीर्ष 8 खिलाड़ियों को चुना जाएगा, जो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 
  • प्रतियोगिता में मेज़बान मध्य प्रदेश का 256 सदस्यीय दल भागीदारी कर रहा है। सबसे बड़ा दल महाराष्ट्र का (518 सदस्य) है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश से 440, राजस्थान 368, हरियाणा 344 और पंजाब से 221 खिलाड़ी हिस्सेदारी कर रहे हैं। चैंपियनशिप में 70 स्वर्ण पदक दाँव पर होंगे।
  • मध्य प्रदेश शूटिंग अकादमी पूर्णत: वातानुकूलित है तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता को दृष्टिगत रखते हुए तैयार की गई है। इसमें 50 मीटर की 60 लेन, 10 मी. की 70 लेन और 25 मी. की 50 लेन हैं। वही ट्रैप शूटिंग की 3 लेन तैयार की गई हैं। 
  • मध्य प्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी, भोपाल में 50 मीटर शूटिंग रेंज और ट्रैप एंड स्कीट की तीन रेंज निर्मित की गई हैं। 50 मीटर रेंज में 50 लेन बनाई गई हैं। यह विश्वस्तरीय शूटिंग रेंज है और इसे हाई परफार्मेंस सेंटर के रूप में विकसित किया गया है।

मध्य प्रदेश Switch to English

संस्कृति विभाग के प्रतिष्ठित सम्मानों की घोषणा

चर्चा में क्यों? 

24 नवंबर, 2021 को मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग ने वर्ष 2019 और 2020 के लिये राष्ट्रीय कबीर सम्मान, कालिदास सम्मान, अशोक कुमार सम्मान, लता मंगेशकर सम्मान, मैथिलीशरण गुप्त सम्मान, इकबाल सम्मान, शरद जोशी सम्मान, नानाजी देशमुख सम्मान, कुमार गंधर्व सम्मान और अन्य शिखर सम्मानों की घोषणा की। 

प्रमुख बिंदु

  • मध्य प्रदेश की पर्यटन, संस्कृति और अध्यात्म मंत्री ऊषा ठाकुर ने कहा कि मध्य प्रदेश शासन साहित्य, संस्कृति, सिनेमा, सामाजिक समरसता, सद्भाव आदि बहुआयामी क्षेत्रों में उत्कृष्टता, सृजनात्मकता और बहुउल्लेखीय योगदान को सम्मानित करने के लिये देश में प्रतिष्ठित है। 
  • वर्तमान में संस्कृति विभाग द्वारा बहुआयामी विधाओं के क्षेत्र में 23 राष्ट्रीय और 9 राज्य सम्मान प्रदान किये जाते हैं। 
  • वर्ष 2019 और 2020 के लिये घोषित सम्मान, सम्मान राशि और अनुशंसित संस्था/साहित्यकार/लेखक/कलाकार हैं- 
    • राष्ट्रीय कबीर सम्मान (3 लाख रुपए)- डॉ. बिनय राजाराम (भोपाल) और मनोज श्रीवास्तव (भोपाल) 
    • कालिदास सम्मान (शास्त्रीय संगीत) (2 लाख रुपए)- पं. अभय नारायण मलिक (नोएडा) और पं. भजन सोपोरी (दिल्ली)
    • कालिदास सम्मान (शास्त्रीय नृत्य) (2 लाख रुपए)- सुनयना हज़ारीलाल (मुंबई) और शांता-वी.पी. धनंजयन (चेन्नई) 
    • कालिदास सम्मान (रूपंकर कलाएँ) (2 लाख रुपए)- परमजीत सिंह (दिल्ली) और ध्रुव मिस्त्री (बड़ौदा) 
    • कालिदास सम्मान (रंगकर्म) (2 लाख रुपए)- डॉ. अनिल रस्तोगी (लखनऊ) और वामन केंद्रे (मुंबई) 
    • मैथिलीशरण गुप्त सम्मान (2 लाख रुपए)- डॉ. शिवकुमार तिवारी (जबलपुर) और डॉ. सच्चिदानंद जोशी (नई दिल्ली) 
    • किशोर कुमार सम्मान (2 लाख रुपए)- अशोक मिश्रा (मुंबई) और अमिताभ भटेाचार्य (मुंबई) 
    • लता मंगेशकर सम्मान  (2 लाख रुपए)- शैलेंद्र सिंह (मुंबई)  और आनंद-मिलिंद (मुंबई) 
    • इकबाल सम्मान (2 लाख रुपए) - जकिया मसहदी (पटना) और प्रो. अली अहमद फातमी (प्रयागराज) 
    • शरद जोशी सम्मान (2 लाख रुपए) - कैलाश मण्डलेकर (हरदा) और विजय मनोहर तिवारी (भोपाल) 
    • नानाजी देशमुख सम्मान (2 लाख रुपए) - नर्मदा (खरगौन) और गौमुखी सेवा धाम (कोरबा) 
    • कुमार गंधर्व सम्मान (1.25  लाख रुपए) - मीता पंडित (दिल्ली) और सुचिस्मिता-देबोप्रिया (ठाणे, महाराष्ट्र) 
    • शिखर सम्मान (हिन्दी साहित्य) (1 लाख रुपए) - शैवाल सत्यार्थी (ग्वालियर) और हरी जोशी (भोपाल) 
    • शिखर सम्मान (उर्दू साहित्य) (1 लाख रुपए) - नईम कौसर (भोपाल) और देवी शरण (भोपाल) 
    • शिखर सम्मान (संस्कृत साहित्य) (1 लाख रुपए)- प्रो. रामेश्वर प्रसार गुप्त (दतिया) और प्रो. रासबिहारी द्विवेदी (जबलपुर) 
    • शिखर सम्मान (रूपंकर कलाएँ) (1 लाख रुपए)  - देवीलाल पाटीदार(भोपाल) और मनीष पुष्कले (भोपाल/दिल्ली) 
    • शिखर सम्मान (नाटक) (1 लाख रुपए)  - वैशाली गुप्ता (भोपाल) और के.जी. त्रिवेदी(भोपाल)  
    • शिखर सम्मान (नृत्य) (1 लाख रुपए) - चन्द्रमाधव बारीक (भोपाल) और अल्पना वाजपेयी (भोपाल) 
    • शिखर सम्मान (संगीत) (1 लाख रुपए) - पं. प्रभाकर लक्ष्मण गोहदकर (ग्वालियर) और पं. सज्जनलाल ब्रम्हभटे (भोपाल) 
    • शिखर सम्मान (जनजातीय एवं लोक कलाएँ) (1 लाख रुपए) - अग्नेश केरकेटेा (भोपाल) और पूर्णिमा चतुर्वेदी (भोपाल) 
    • शिखर सम्मान (दुर्लभ वाद्य वादन) (1 लाख रुपए) - बाबूलाल भोला (सागर) और डॉ. वर्षा अग्रवाल (इंदौर)

हरियाणा Switch to English

कोविड पीड़ितों के परिजनों के लिये अनुग्रह सहायता हेतु ऑनलाइन सेवा शुरू

चर्चा में क्यों?

हाल ही में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य में कोविड-19 के कारण मरने वाले मृतकों के परिजनों को प्रति मृतक 50,000 रुपए की अनुग्रह सहायता प्रदान करने के लिये अंत्योदय सरल पोर्टल पर एक ऑनलाइन सेवा शुरू की है। 

प्रमुख बिंदु 

  • अब आवेदक अपना दावा आवेदन दो निर्दिष्ट दस्तावेज़ों (मृत्यु प्रमाण-पत्र की प्रति और मृतक को कोविड-19 पॉजिटिव बताने वाली रिपोर्ट की प्रति) के साथ ऑनलाइन जमा कर सकते हैं । 
  • एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि इस सेवा को ‘परिवार पहचान-पत्र’ के साथ जोड़कर विकसित किया गया है। दावों के सभी आवेदनों को आवश्यक दस्तावेज़ जमा करने के 30 दिनों के भीतर निपटाया जाएगा और आधार से जुड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रक्रियाओं के माध्यम से सहायता वितरित की जाएगी।
  • यह योजना हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के दायरे में होगी। ज़िले के उपायुक्त सह अध्यक्ष ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिसमें मृतक निवास कर रहा था, उचित सत्यापन के बाद लाभार्थी को अनुग्रह राशि जारी करेगा। 
  • उल्लेखनीय है कि हरियाणा में अब तक COVID-19 के कारण 10053 लोगों की मौत हो चुकी है।

झारखंड Switch to English

झारखंड राज्य दिवस पर दिखी राज्य की परंपरा और संस्कृति की झलक

चर्चा में क्यों? 

24 नवंबर, 2021 को झारखंड राज्य सरकार ने नई दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के झारखंड मंडप में झारखंड राज्य दिवस मनाया, जिसमें वक्ताओं ने राज्य की प्रकृति और समृद्ध आदिवासी संस्कृति पर प्रकाश डाला। साथ ही राज्य के लोक कलाकारों ने भी झारखंड की लोक संस्कृति का प्रदर्शन किया।

प्रमुख बिंदु

  • इस अवसर पर झारखंड के पेयजल और स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कहा कि झारखंड राज्य भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धो-कान्हू और अन्य वीर सपूतों की भूमि है, जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 
  • झारखंड राज्य संस्कृति, पर्यटन, कला, खनिजों से समृद्ध है। राज्य में देश की कुल खनिज संपदा का 40 प्रतिशत है, जिसमें लोहा, सोना, अभ्रक, यूरेनियम आदि प्रचुर मात्रा में हैं।
  • मिथिलेश कुमार ठाकुर ने राज्य के धार्मिक स्थलों, जैसे- बाबा बैद्यनाथ धाम, रजरप्पा मंदिर, इटखोरी मंदिर, मालुती मंदिर आदि अन्य तीर्थ स्थलों पर भी प्रकाश डाला। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटन स्थलों के हिस्से के रूप में झारखंड के बेतला राष्ट्रीय उद्यान, नेतरहाट, हज़ारीबाग आदि में अपार संभावनाएँ हैं।
  • उद्योग विभाग तथा खान एवं भूतत्त्व विभाग की सचिव पूजा सिंघल ने कहा की झारखंड धार्मिक, पर्यटन, खनिज, संस्कृति और उद्योग का साक्ष्य है। भारत सरकार द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में झारखंड फोकस स्टेट है।
  • झारखंड राज्य दिवस पर एम्फी थियेटर में झारखंड के प्रभात कुमार महतो द्वारा छऊ नृत्य, अशोक कच्छप द्वारा पाइका नृत्य, झिंगगा भगत मनोरंजन कला संगम द्वारा ओरॉन नृत्य, आर. आर. मेहता द्वारा मुंदरी नृत्य, झिंगगा भगत द्वारा नागपुरी नृत्य और बबीता मुर्मू द्वारा संथाली नृत्य प्रस्तुत किया गया।

झारखंड Switch to English

लैंगिक समानता के लिये XISS व PHIA फाउंडेशन के बीच समझौता

चर्चा में क्यों? 

हाल ही में जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (XISS), राँची और पार्टनरिंग होप इनटू एक्शन (PHIA) फाउंडेशन, राँची ने लैंगिक समानता के क्षेत्रों में सहयोग और छात्रों को चेंजमेकर के रूप में शामिल करने हेतु एक वर्ष की साझेदारी के लिये एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। 

प्रमुख बिंदु 

  • XISS और PHIA के बीच साझेदारी का उद्देश्य एक सुविधाजनक मंच का सह-निर्माण करना है, जहाँ कल के युवा नेताओं को लिंग के मुद्दे की बारीकियों को समझने और लैंगिक न्याय के आसपास एक नया आख्यान बनाने में मदद करने के लिये एक व्यापक अनुभव प्राप्त हो सकता है। 
  • इस साझेदारी के तहत PHIA फाउंडेशन, XISS के छात्रों को चेंजमेकर बनने के लिये प्रशिक्षित करेगा, जहाँ वे रचनात्मक सामग्री के साथ जनता तक पहुँचेंगे और इस मुद्दे पर जागरूकता पैदा करेंगे।
  • छात्र/चेंजमेकर स्वयं और दूसरों में बदलाव लाने के लिये सार्थक एवं आकर्षक बातचीत शुरू करेंगे। चेंजमेकर्स राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में कैंपेन एंबेसडर के रूप में भी काम करेंगे और उन्हें चेंजमेकर सर्टिफिकेशन से सम्मानित किया जाएगा। 
  • नॉलेज पार्टनर के रूप में, पीएचआईए फाउंडेशन छात्रों के लिये जेंडर मुद्दों पर कार्यशालाओं/विचार-दुकानों और जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन में मदद करेगा। 
  • यह साझेदारी जेंडर अड्डा की तरह एक सुरक्षित स्थान (ऑनलाइन या ऑफलाइन) बनाने में भी मदद करेगी, ताकि छात्रों को समाज में और विशेष रूप से अपने परिवेश में अपने अनुभव, प्रश्न, बहस, बातचीत और वर्तमान लिंग रूढ़ियों को चुनौती देने के लिये प्रोत्साहित किया जा सके।

छत्तीसगढ़ Switch to English

चिराग परियोजना

चर्चा में क्यों?

24 नवंबर, 2021 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जगदलपुर में कुम्हरावंड स्थित शहीद गुंडाधूर कृषि महाविद्यालय परिसर में आयोजित कृषि मड़ई कार्यक्रम में विश्व बैंक की सहायता से संचालित होने वाली लगभग 1735 करोड़ रुपए लागत की ‘चिराग परियोजना’ का शुभारंभ किया। 

प्रमुख बिंदु 

  • मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शासकीय महिला पॉलिटेक्निक धरमपुरा का नामकरण धरमू माहरा के नाम पर और बस्तर हाईस्कूल को जगतू माहरा के नाम पर करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने जगतू माहरा के नाम पर भव्य सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा की।
  • उन्होंने कहा कि ‘चिराग परियोजना’ छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा संभाग सहित 14 ज़िलों में लागू की जाएगी। इस परियोजना के माध्यम से कृषि क्षेत्र में विकास के नए और विकसित तौर-तरीकों को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि चिराग परियोजना का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के अनुसार उन्नत कृषि उत्तम स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से पोषण आहार में सुधार, कृषि और अन्य उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर कृषकों को अधिक-से-अधिक लाभ दिलाना है। 
  • परियोजना के अंतर्गत लघुधान्य फसलें, समन्वित कृषि, जैविक खेती को प्रोत्साहन, भू-जल संवर्धन, उद्यानिकी फसलों, बाड़ी और उद्यान विकास, उन्नत मत्स्य और पशुपालन तथा दुग्ध उत्पादन के अतिरिक्त किसानों की उपज का मूल्य संवर्धन कर अधिक आय अर्जित करने के कार्य किये गए हैं। इसके अलावा विभिन्न कृषि उत्पादों के लिये बाज़ार उपलब्धता के भी प्रयास किये जाएंगे। 
  • परियोजना का क्रियान्वयन राज्य सरकार की सुराजी योजना के गोठानों को केंद्र में रखकर किया जाएगा।
  • इस परियोजना के लिये विश्व बैंक और संयुक्त राष्ट्र संघ की कृषि विकास हेतु स्थापित संस्था आईएफएडी ने वित्तीय सहायता दी है। विश्व बैंक द्वारा 730 करोड़ रुपए, आईएफएडी द्वारा 486.69 करोड़ रुपए की सहायता इस परियोजना के लिये दी गई है। राज्य सरकार ने इस परियोजना की कुल राशि में 30 प्रतिशत राशि (518.68 करोड़ रुपए) अपने राजकीय कोष से उपलब्ध कराई है। 
  • चिराग परियोजना को बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, सुकमा, मुंगेली, बलौदाबाज़ार, बलरामपुर, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर और सरगुजा ज़िलों के आदिवासी विकासखंडों में लागू किया जाएगा।  
  • मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कृषि एवं सहयोगी विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का (कृषि मेला) अवलोकन भी किया और यहाँ के प्रगतिशील किसानों से मुलाकात की। 
  • उन्होंने इस दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण भी किया। 
  • कृषि मेले में कृषि विज्ञान केंद्र-इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा लाई फोड़ाई मशीन, लघु धान्य फसल बुआई यंत्र, हल, मेंड़ बनाने का यंत्र, कोदो वीडर, पैडी वीडर, साईकिल व्हील, बस्तर कृषि उत्पाद का प्रदर्शन, लघुधान्य फसलों की विभिन्न किस्में, काजू प्रसंस्करण केंद्र आदि का प्रर्दर्शन किया गया। 
  • कृषि मड़ई में मछली पालन विभाग, नारियल विकास बोर्ड, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) में हरीहर बाज़ार, डैनेक्स, पशुधन विकास विभाग, उद्यान विभाग, कृषि विकास एवं कृषि कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा विभिन्न उत्पादों, कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया गया।

छत्तीसगढ़ Switch to English

मुख्यमंत्री ने किया थिंक बी के नए कार्यालय का शुभारंभ

चर्चा में क्यों?

24 नवंबर, 2021 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने एकदिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहन देने, उनके संवर्द्धन और संरक्षण के लिये स्थापित किये गए थिंक बी (टेक्नोलॉजी हब एंड इनोवेशन नेटवर्क फॉर नॉलेज बस्तर) के धरमपुरा स्थित शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज परिसर में निर्मित नए कार्यालय का शुभारंभ किया। 

प्रमुख बिंदु 

  • मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही पॉलीटेक्निक कॅालेज के विद्यार्थियों के लिये निर्मित स्मार्ट क्लास और स्मार्ट लैब का शुभारंभ भी किया।
  • उल्लेखनीय है कि नवाचार, स्वरोज़गार और उद्यमिता के इच्छुक बस्तर के युवाओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही उन्हें आर्थिक, तकनीकी, प्रबंधकीय, कानूनी सहित विभिन्न प्रकार की सहायता के लिये थिंक बी की स्थापना की गई है। 
  • ऐसे युवाओं के लिये प्रशासन की ओर से इनोवेशन कंपनियों की मदद से स्टार्टअप की बुनियादी सुविधाएँ, स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन, प्रौद्योगिकी आधारित व्यापार को स्थापित करने में सहायता के साथ-साथ ऑनलाइन-ऑफलाइन पेपर, किताबें, ऑडियो-वीडियो के माध्यम से प्रशिक्षण सहित केंद्रीकृत संगोष्ठी, सम्मेलन, कार्यशाला का आयोजन कर युवाओं को स्वरोज़गार के लिये प्रोत्साहित किया जाएगा। 
  • इसके साथ ही ज़िला प्रशासन ने आईआईएम रायपुर, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल र्साइंस, मुंबई, आईआईआईटी रायपुर और हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी रायपुर के साथ एमओयू किया है।
  • आईआईआईटी रायपुर द्वारा स्टार्टअप शुरू करने वाले बेरोज़गारों को टेक्निकल जानकारी तथा आईआईएम जैसे संस्थान स्टार्टअप शुरू करने वाले बेरोज़गारों को मैनेजमेंट सिखाएंगे तो वहीं टाटा कंपनी बिज़नेस की मार्केट वैल्यू, बिज़नेस चल पाएगा या नहीं जैसी जानकारी देगी। 
  • बिज़नेस शुरू करने के लिये कानूनी जानकारियाँ हिदायतुल्ला यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट देंगे। यहाँ स्टार्टअप शुरू करने वाले बेरोज़गारों को पूरी तरह से मुफ्त में मार्गदर्शन और सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।

छत्तीसगढ़ Switch to English

मुख्यमंत्री ने वेलनेस टूरिज्म की सुविधा का किया शुभारंभ

चर्चा में क्यों? 

24 नवंबर, 2021 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जगदलपुर के थिंक बी स्टार्ट अप सेंटर शुभारंभ के अवसर पर वेलनेस टूरिज्म का भी औपचारिक शुभारंभ किया। वेलनेस टूरिज्म के तहत पर्यटकों को स्वस्थ जीवनशैली के लिये मार्गदर्शन एवं परामर्श भी दिया जाएगा। शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक स्वास्थ्य के गुर भी सिखाए जाएंगे।

प्रमुख बिंदु 

  • इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वेलनेस टूरिज्म के ज़रिये देश-विदेश के पर्यटक बस्तर अंचल में आने के लिये आकर्षित होंगे। इससे अंचल में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ लोगों को आय का ज़रिया भी मिलेगा। 
  • उन्होंने इस अवसर पर पर्यटन समिति के सदस्यों को आरोग्यम योगा किट का वितरण किया। योगा किट में योगा मैट, एरोमेटिक ऑयल्स, अगरबत्ती, म्यूजिक सिस्टम, दरी, थर्मल स्कैनर, इंडक्शन कुकर, डिफ्यूजर, ग्लव्स आदि शामिल हैं।
  • गौरतलब है कि पर्यटकों को आकर्षित करने एवं उन्हें हर संभव सुविधाएँ उपलब्ध करवाने हेतु ज़िला प्रशासन बस्तर द्वारा लगातार नित नए प्रयोग किये जा रहे हैं। इसी  शृंखला के तहत बस्तर में पर्यटकों के लिये मुख्य पर्यटन स्थलों पर वेलनेस टूरिज्म की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। 
  • वेलनेस टूरिज्म का संचालन स्थानीय पर्यटन समितियों के द्वारा योग्य एवं प्रशिक्षित प्रशिक्षकों के सहयोग से किया जाएगा जिससे स्थानीय ग्रामवासियों को भी अच्छी-खासी आय प्राप्त होगी। 

 Switch to English
close
एसएमएस अलर्ट
Share Page
images-2
images-2