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रणबीर कपूर TIME 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची 2026 में
चर्चा में क्यों?
रणबीर कपूर को वर्ष 2026 के लिये TIME 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में शामिल किया गया है और वे वर्ष 2026 की प्रतिष्ठित वैश्विक सूची में जगह बनाने वाले एकमात्र भारतीय अभिनेता हैं।
मुख्य बिंदु:
- मान्यता: रणबीर कपूर को वर्ष 2026 के TIME 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में शामिल किया गया है।
- वे 2026 की इस सूची में जगह बनाने वाले एकमात्र भारतीय अभिनेता हैं, जो वैश्विक सिनेमा और संस्कृति में उनके बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
- अन्य भारतीय: 2026 की TIME100 सूची में शामिल अन्य भारतीयों में सुंदर पिचाई और शेफ विकास खन्ना के नाम शामिल हैं।
- सुंदर पिचाई को वैश्विक प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उनके नेतृत्व और डिजिटल नवाचार के भविष्य को आकार देने में उनकी भूमिका के लिये मान्यता दी गई है।
- मिशेलिन-स्टार शेफ विकास खन्ना को वैश्विक स्तर पर भारतीय व्यंजनों को बढ़ावा देने और उनकी मानवीय पहलों के लिये सम्मानित किया गया है।
- पूर्व अभिनेता: आयुष्मान खुराना को भी 2020 में TIME100 की सूची में शामिल किया गया था।
- परिचय: 'TIME' पत्रिका प्रतिवर्ष विभिन्न क्षेत्रों के विश्व के सबसे प्रभावशाली अग्रदूतों, नेताओं, कलाकारों, नवाचारकों और दिग्गजों को सम्मानित करने के लिये TIME100 सूची प्रकाशित करती है।
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तेलंगाना में प्रोजेक्ट संजीवनी लॉन्च किया गया
चर्चा में क्यों?
तेलंगाना सरकार ने 'प्रोजेक्ट संजीवनी' की शुरुआत की है, जो भारत का पहला पूर्णतः एकीकृत ट्रॉमा केयर और हाईवे रेस्क्यू (राजमार्ग बचाव) प्रोटोकॉल है।
मुख्य बिंदु:
- उद्देश्य: 'प्रोजेक्ट संजीवनी' का लक्ष्य राजमार्गों पर समन्वित आपातकालीन ट्रॉमा केयर (आघात चिकित्सा) को मज़बूत करके सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु को कम करना है।
- इस परियोजना को 99-दिवसीय कार्य योजना (प्रजा पालन प्रगति प्रणलिका) के तहत तेलंगाना के 'अराइव अलाइव' (Arrive Alive) सड़क सुरक्षा सप्ताह के हिस्से के रूप में शुरू किया गया था।
- इस पहल को हैदराबाद और आदिलाबाद के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग 44 (NH-44) के 251 किलोमीटर लंबे खंड पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाया जाएगा।
- इसे भारत की पहली पूर्णतः एकीकृत राजमार्ग ट्रॉमा रेस्क्यू प्रणाली के रूप में वर्णित किया गया है।
- सहयोग: यह परियोजना वर्टिस फाउंडेशन के सहयोग से तेलंगाना सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के साथ मिलकर सेवलाइफ फाउंडेशन (SaveLIFE Foundation) द्वारा कार्यान्वित की जा रही है।
- आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली: टोल प्लाज़ा पर तैनात त्वरित प्रतिक्रिया टीमों के 10 मिनट के भीतर दुर्घटना स्थलों पर पहुँचने की उम्मीद है।
- एंबुलेंस टीमें मौके पर ही मरीजों का आकलन करेंगी और अस्पतालों को पहले ही अलर्ट कर देंगी, ताकि पीड़ितों को ‘गोल्डन आवर’ (दुर्घटना के बाद का पहला महत्त्वपूर्ण घंटा) के भीतर उपचार मिल सके।
- राष्ट्रीय मॉडल: इस परियोजना को पूरे भारत में राजमार्ग ट्रॉमा रिस्पॉन्स के लिये एक 'रेप्लिकेबल मॉडल' (अनुकरणीय मॉडल) के रूप में डिज़ाइन किया गया है, जिसे अन्य राज्यों में भी विस्तारित किया जा सकता है।
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और पढ़ें: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण |
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IRCTC ने विशाखापत्तनम से 'दिव्य दक्षिण यात्रा' शुरू की
चर्चा में क्यों?
इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज़्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने दक्षिण भारत के प्रमुख मंदिर स्थलों में तीर्थाटन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये विशाखापत्तनम से एक विशेष 'दिव्य दक्षिण यात्रा' भारत गौरव पर्यटक ट्रेन शुरू की है।
मुख्य बिंदु:
- लॉन्च: IRCTC ने 'दिव्य दक्षिण यात्रा' नामक एक नई भारत गौरव पर्यटक ट्रेन शुरू करने की घोषणा की है।
- यह विशेष पर्यटक ट्रेन 27 अप्रैल को विशाखापत्तनम से रवाना होगी और 4 मई को अपनी यात्रा पूरी करेगी।
- अवधि: यह तीर्थाटन पैकेज श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिये 8 रात और 9 दिनों के यात्रा कार्यक्रम के रूप में तैयार किया गया है।
- प्रमुख गंतव्य: इस यात्रा में कांचीपुरम, महाबलीपुरम, रामेश्वरम, मदुरै, तिरुचिरापल्ली, तंजावुर और तिरुवन्नामलाई जैसे महत्त्वपूर्ण स्थान शामिल हैं।
- धार्मिक स्थल: यात्री कई प्रतिष्ठित स्थलों के दर्शन करेंगे, जिनमें मदुरै का प्रसिद्ध मीनाक्षी अम्मन मंदिर, महाबलीपुरम का ऐतिहासिक शोर मंदिर (तट मंदिर) और अन्य प्रमुख मंदिर शामिल हैं।
- लागत: इस टूर पैकेज की कीमत वयस्कों के लिये ₹14,700 और बच्चों (5-11 वर्ष) के लिये ₹13,800 है, जो इसे तीर्थयात्रा का एक किफायती विकल्प बनाता है।
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और पढ़ें: भारत गौरव पर्यटक ट्रेन |
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LIC ने ‘MyLIC’ और ‘सुपर सेल्स साथी’ मोबाइल ऐप्स लॉन्च किये
चर्चा में क्यों?
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने, ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने और बीमा एजेंटों के लिये सहायता प्रणाली को मज़बूत करने के उद्देश्य से दो नए मोबाइल एप्लीकेशन—'MyLIC' और 'सुपर सेल्स साथी' लॉन्च किये हैं।
मुख्य बिंदु:
- लॉन्च: इन एप्लिकेशंस को अप्रैल 2026 में मुंबई में वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू द्वारा लॉन्च किया गया।
- MyLIC: इसे पॉलिसीधारकों के लिये डिज़ाइन किया गया है और यह उन्हें एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी बीमा पॉलिसियों को प्रबंधित करने की सुविधा देता है।
- MyLIC ऐप के माध्यम से उपयोगकर्त्ता प्रीमियम का भुगतान कर सकते हैं, रीयल-टाइम में पॉलिसी लाभों को ट्रैक कर सकते हैं, ऑनलाइन पॉलिसी अपडेट कर सकते हैं, पेपरलेस (दस्तावेज़ रहित) पॉलिसी लोन प्राप्त कर सकते हैं और डिजिटल रूप से e-KYC पूरा कर सकते हैं।
- सुपर सेल्स साथी ऐप: यह LIC एजेंटों और मध्यस्थों के लिये है ताकि बिक्री, मार्केटिंग और ग्राहक सेवा गतिविधियों में सहायता मिल सके।
- यह ऐप एजेंटों के लिये डिजिटल सेल्स टूल्स, रीयल-टाइम पॉलिसी ट्रैकिंग, ऑटोमेटेड रिमाइंडर, AI-आधारित 'कस्टमर इनसाइट्स' (ग्राहक अंतर्दृष्टि) और प्रदर्शन डैशबोर्ड प्रदान करता है।
- प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म: एक सुरक्षित और एकीकृत डिजिटल बीमा इकोसिस्टम प्रदान करने के लिये ये दोनों एप्लीकेशन LIC के DIVE (डिजिटल नवाचार और मूल्य संवर्द्धन) प्लेटफॉर्म पर बनाए गए हैं।
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वस्त्र मंत्रालय ने 'विश्व सूत्र' लॉन्च किया
चर्चा में क्यों?
वस्त्र मंत्रालय ने 'विश्व सूत्र – विश्व के लिये भारत की बुनाई' (Vishwa Sutra – Weaves of India for the World) की शुरुआत की है, जो एक समकालीन डिज़ाइन ढाँचे के माध्यम से भारतीय हथकरघा को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई एक पहल है।
मुख्य बिंदु:
- लॉन्च: यह पहल वस्त्र मंत्रालय के तहत विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय द्वारा शुरू की गई है।
- इसे राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) के सहयोग से विकसित किया गया है।
- इस पहल पर आधारित 'डिज़ाइनर कलेक्शन' को ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित फेमिना मिस इंडिया के 61वें संस्करण में प्रदर्शित किया गया था।
- उद्देश्य: इस पहल का उद्देश्य आधुनिक फैशन व्याख्याओं के माध्यम से भारतीय हथकरघा उत्पादों की वैश्विक पहुँच और पहचान का विस्तार करना है।
- हथकरघा विविधता: विभिन्न भारतीय राज्यों से लगभग 30 अलग-अलग हथकरघा बुनाइयों को चुना गया है, इनमें प्रत्येक बुनाई को 30 देशों की डिज़ाइन प्रेरणाओं से सृजनात्मक रूप से पुनर्निर्मित किया गया है।
- अनुरूपता: यह कार्यक्रम सरकार के ‘वोकल फॉर लोकल टू ग्लोबल’ दृष्टिकोण का समर्थन करता है और वस्त्र क्षेत्र में 5F विज़न— फार्म टू फाइबर (Farm to Fibre), फाइबर टू फैक्ट्री (Fibre to Factory), फैक्ट्री टू फैशन (Factory to Fashion) और फैशन टू फॉरेन (Fashion to Foreign) को बढ़ावा देता है।
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और पढ़ें: वोकल फॉर लोकल |
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साध्वी सतीश सैल ने मिस इंडिया 2026 का खिताब जीता
चर्चा में क्यों?
गोवा का प्रतिनिधित्व करने वाली साध्वी सतीश सैल, फेमिना मिस इंडिया 2026 की विजेता बनी हैं। मिस इंडिया का खिताब जीतने वाली गोवा की पहली महिला बनकर इतिहास रच दिया है और अब वह 'मिस वर्ल्ड 2027' प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिये तैयार हैं।
मुख्य बिंदु:
- स्थान: 18 अप्रैल, 2026 को ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (KIIT) में आयोजित इस प्रतियोगिता के 61वें संस्करण के ग्रैंड फिनाले में ताज पहनाया गया।
- व्यक्तिगत विकास: प्रतियोगिता के दौरान उन्हें ‘बेस्ट बॉडी’ के लिये शीर्ष 5 में स्थान मिला था।
- रुचियाँ: उनके शौक की एक अनूठी शृंखला है – मधुमक्खी पालन, मिट्टी के बर्तन बनाना, टैक्सीडर्मी (मृत जीवों का संरक्षण) और वन्यजीव फोटोग्राफी शामिल है। वे सात भाषाओं में भी निपुण हैं।
- उनके सपने और विज़न: यह विज़न उन व्यक्तिगत चुनौतियों से विकसित हुआ, जिनका सामना उन्हें पहली बार कनाडा जाने पर व्यावहारिक वयस्क कौशल जैसे कराधान और वित्तीय प्रबंधन के संदर्भ में करना पड़ा।
- समग्र शिक्षा: उनका प्रस्तावित विश्वविद्यालय पारंपरिक शिक्षा और वास्तविक जीवन के बीच की दूरी को घटाते हुए आवश्यक जीवन-कौशल, आध्यात्मिकता तथा रचनात्मकता के विकास पर केंद्रित होगा।
- समर्थन: वे महिलाओं के बीच वित्तीय साक्षरता की प्रबल समर्थक हैं और बाल कुपोषण तथा श्रवण एवं वाक बाधित व्यक्तियों के कल्याण से जुड़े कार्यों का समर्थन करती हैं।
- ग्रामीण प्रतिनिधित्व: घनिष्ठ समुदायों में पली-बढ़ी होने के कारण, उनका लक्ष्य अपने मंच का उपयोग ग्रामीण समुदायों की कहानियों और उनके अनुकूलन को व्यापक दर्शकों तक पहुँचाने के लिये करना है।
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कैबिनेट ने PMGSY-III के विस्तार को मार्च 2028 तक स्वीकृति दी
चर्चा में क्यों?
हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III' (PMGSY-III) को इसकी मूल समय-सीमा मार्च 2025 से आगे बढ़ाने की स्वीकृति दे दी है। इस विस्तार का उद्देश्य महत्त्वपूर्ण ग्रामीण बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं को पूरा करना सुनिश्चित करना है और इसे संशोधित वित्तीय परिव्यय के साथ अपडेट किया गया है।
मुख्य बिंदु:
- प्रमुख निर्णय और समय-सीमा: कैबिनेट ने पूर्ण कार्यान्वयन की सुविधा के लिये भौगोलिक क्षेत्र और परियोजना के प्रकार के आधार पर विस्तारित समय-सीमा को स्वीकृति दी है:
- मैदानी क्षेत्र: सड़कों और पुलों दोनों के निर्माण को पूरा करने की अवधि मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई है।
- पहाड़ी क्षेत्र (सड़कें): निर्माण पूरा करने की अवधि मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई है।
- पहाड़ी क्षेत्र (पुल): तकनीकी जटिलताओं के कारण इनके लिये मार्च 2029 तक का अतिरिक्त विस्तार दिया गया है।
- अपुरस्कृत कार्य: 31 मार्च, 2025 से पहले स्वीकृत वे परियोजनाएँ जिन्हें अभी तक काम पर नहीं लगाया गया था, वे अब निविदा और निष्पादन की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।
- संशोधित वित्तीय परिव्यय: विस्तारित कार्यान्वयन अवधि को समर्थन देने के लिये योजना के कुल बजट में वृद्धि की गई है:
- संशोधित कुल परिव्यय: ₹83,977 करोड़ (मूल ₹80,250 करोड़ से बढ़ाकर)।
- लॉन्ग स्पैन ब्रिज (LSBs): ₹961 करोड़ की अनुमानित लागत वाले 161 लंबे पुलों (LSBs) के लिये स्वीकृति दी गई है, जो पहले लंबित थे।
- मुख्य उद्देश्य: वर्ष 2019 में शुरू किया गया यह चरण पिछले चरणों से अलग है क्योंकि यह केवल नई कनेक्टिविटी के बजाय मौजूदा मार्गों के सुदृढ़ीकरण और उन्नयन पर केंद्रित है। इसके प्राथमिक लक्ष्यों में शामिल हैं:
- थ्रू रूट्स और प्रमुख ग्रामीण संपर्क: बस्तियों को आवश्यक सेवाओं से जोड़ना।
- ग्रामीण कृषि बाज़ार (GrAMs): फसलों की बेहतर कीमत दिलाने के लिये ग्रामीण कृषि बाज़ारों तक पहुँच बढ़ाना।
- सामाजिक बुनियादी ढाँचा: उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और अस्पतालों तक संपर्क में सुधार करना।
- PMGSY-IV: PMGSY-III को मौजूदा लक्ष्यों को पूरा करने के लिये विस्तारित किया जा रहा है, सरकार ने PMGSY-IV (2024-25 से 2028-29) भी लॉन्च किया है। इस नए चरण का लक्ष्य ₹70,125 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ 25,000 पूर्व में असंबद्ध बस्तियों को बारहमासी सड़क संपर्क प्रदान करना है।
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