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बिहार तीन हाईवे इमरजेंसी रनवे विकसित करेगा
चर्चा में क्यों?
बिहार सरकार तीन हाईवे-आधारित इमरजेंसी लैंडिंग सुविधाओं (ELFs) को विकसित करने की योजना बना रही है। ये सुविधाएँ आपात स्थिति के दौरान डसॉल्ट राफेल (Dassault Rafale), सुखोई Su-30MKI जैसे लड़ाकू विमानों और लॉकहीड मार्टिन C-130J सुपर हरक्यूलिस जैसे परिवहन विमानों को राजमार्गों पर उतरने की अनुमति देंगी।
मुख्य बिंदु:
- इमरजेंसी लैंडिंग सुविधाएँ (ELFs): तीन हाईवे एयरस्ट्रिप्स विकसित की जाएंगी ताकि आपात स्थिति में या पारंपरिक एयरबेस उपलब्ध न होने पर लड़ाकू विमानों और सैन्य परिवहन विमानों को उतारा जा सके।
- प्रमुख राजमार्ग कॉरिडोर:
- पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे (245 किमी): बिहार का पहला एक्सप्रेसवे, जिसमें एक एकीकृत एयरस्ट्रिप की योजना बनाई गई है।
- गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे (417 किमी): यह राजमार्ग उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को जोड़ता है।
- राम जानकी मार्ग (40 किमी): यह मार्ग अयोध्या को नेपाल के जनकपुर से जोड़ता है।
- सहयोग: इस परियोजना को बिहार सरकार और भारतीय वायु सेना के बीच समन्वय के माध्यम से कार्यान्वित किया जा रहा है।
- रणनीतिक स्थान: प्रस्तावित एयरस्ट्रिप्स मुख्य रूप से भारत-नेपाल सीमा के पास उत्तर बिहार में स्थित होंगी, जिससे त्वरित सैन्य प्रतिक्रिया और सीमा निगरानी में सुधार होगा।
- आपदा प्रबंधन में भूमिका: ये एयरस्ट्रिप्स सहायता और आपातकालीन सेवाओं की त्वरित डिलीवरी सुनिश्चित करके उत्तर बिहार में बाढ़ राहत तथा आपदा प्रतिक्रिया कार्यों में भी सहायता कर सकती हैं।
- रणनीतिक महत्त्व: ये सुविधाएँ पारंपरिक एयरबेस को निशाना बनाए जाने की स्थिति में भी विमान संचालन की अनुमति देंगी और संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों तथा उपकरणों की तेज़ी से तैनाती में सहायता करेंगी।
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