राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
आंध्र प्रदेश भारत का पहला क्वांटम कंप्यूटर लॉन्च करेगा
चर्चा में क्यों?
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि राज्य 14 अप्रैल, 2026 को भारत का पहला क्वांटम कंप्यूटर लॉन्च करेगा।
मुख्य बिंदु:
- लॉन्च: भारत का पहला क्वांटम कंप्यूटर आंध्र प्रदेश के अमरावती में लॉन्च किया जाना निर्धारित है।
- यह पहल व्यापक अमरावती क्वांटम वैली (AQV) परियोजना का हिस्सा है।
- यह लॉन्च भारत के राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के अनुरूप है।
- वैश्विक महत्त्वाकांक्षा: AQV के माध्यम से वर्ष 2030 तक आंध्र प्रदेश को वैश्विक स्तर पर शीर्ष पाँच क्वांटम प्रौद्योगिकी केंद्रों में शामिल करने का लक्ष्य है।
- उद्देश्य: राज्य का लक्ष्य क्रायोजेनिक्स, फोटोनिक्स, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स और क्वांटम उपकरणों सहित प्रमुख प्रौद्योगिकियों का स्थानीय स्तर पर विकास कर आयात पर निर्भरता को कम करना है।
- केवल आयातित घटकों के संयोजन के बजाय डिज़ाइन, नवाचार, परीक्षण और पूर्ण प्रणाली विकास सहित समग्र क्षमताओं के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
- प्रौद्योगिकी एकीकरण: यह पहल कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रियल-टाइम डेटा सिस्टम और डिजिटल स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के एकीकरण पर केंद्रित है, ताकि शासन एवं सेवा वितरण में नवाचार तथा दक्षता को बढ़ाया जा सके।
- राज्य विभिन्न क्षेत्रों में शासन को सुदृढ़ करने और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार हेतु AI डॉक्टर, AI ट्यूटर और AI कृषि विशेषज्ञ (एग्रोनोमिस्ट) जैसी सेवाओं की योजना बना रहा है।
|
और पढ़ें: अमरावती क्वांटम वैली, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता |
राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
PM-KUSUM योजना की समय सीमा मार्च 2027 तक बढ़ाई गई
चर्चा में क्यों?
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना के अंतर्गत परियोजनाओं के पूर्ण होने की समय-सीमा को 31 मार्च, 2027 तक बढ़ा दी है।
मुख्य बिंदु:
- PM-KUSUM: यह योजना वर्ष 2019 में कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने, विद्युत उत्पादन का विकेंद्रीकरण करने, डीजल पर निर्भरता कम करने तथा किसानों की ऊर्जा सुरक्षा में सुधार के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
- विस्तारित समय-सीमा: MNRE ने पात्र PM-KUSUM परियोजनाओं के पूर्ण होने की अंतिम तिथि को 31 मार्च, 2027 तक बढ़ा दिया है। यह विस्तार उन परियोजनाओं पर लागू होगा, जिनके पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) 31 दिसंबर, 2025 या उससे पहले जारी किये गए थे।
- PM-KUSUM 2.0: योजना के प्रस्तावित उन्नत संस्करण में बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) को शामिल करने का लक्ष्य है, ताकि दिन में उत्पन्न अतिरिक्त सौर ऊर्जा को संग्रहित कर शाम के पीक समय में उपयोग किया जा सके और ग्रिड स्थिरता बढ़ाई जा सके।
- उद्देश्य: यह योजना किसानों की ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करने, डीजल चालित सिंचाई पंपों पर निर्भरता कम करने तथा कृषि क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।
- योजना के घटक: इसके तीन प्रमुख घटक हैं—
- घटक-A: बंजर या परती भूमि पर विकेंद्रीकृत ग्रिड-संबद्ध सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना।
- घटक-B: किसानों के लिये स्टैंड-अलोन सौर ऊर्जा चालित कृषि पंपों की स्थापना।
- घटक-C: मौजूदा ग्रिड-संबद्ध कृषि पंपों का सौरकरण।
|
और पढ़ें: PM‑KUSUM |
राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
NASA का आर्टेमिस II मिशन लॉन्च हुआ
चर्चा में क्यों?
NASA ने आर्टेमिस II मिशन का सफल प्रक्षेपण किया, जिसके तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा के चारों ओर एक ऐतिहासिक मानवयुक्त यात्रा पर भेजा गया।
मुख्य बिंदु:
- मिशन: आर्टेमिस II, NASA के आर्टेमिस कार्यक्रम के अंतर्गत ओरियन अंतरिक्ष यान की पहली मानवयुक्त उड़ान है, जिसका लक्ष्य भविष्य के चंद्र अभियानों से पूर्व गहन अंतरिक्ष अन्वेषण प्रणालियों की जाँच करना है।
- आर्टेमिस II चंद्रमा पर उतरने वाला मिशन नहीं है; इसके बजाय यह एक ‘लूनर फ्लाईबाय’ करेगा, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर परिक्रमा कर बिना सतह पर उतरे पृथ्वी पर वापस लौटेंगे।
- NASA का चंद्रमा पर अंतिम मिशन अपोलो 17 था, जिसे दिसंबर 1972 में प्रक्षेपित किया गया था।
- प्रक्षेपण विवरण: यह मिशन 1 अप्रैल, 2026 को अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर से स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट के माध्यम से प्रक्षेपित किया गया।
- मिशन अवधि: यह मिशन लगभग 10 दिनों तक चलेगा, जिसमें चंद्रमा के चारों ओर ‘फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी’ का पालन करने के बाद प्रशांत महासागर में उतरना (स्प्लैशडाउन) शामिल है।
- दल के सदस्य: चार सदस्यीय दल में NASA के अंतरिक्ष यात्री रीड वाइजमैन (कमांडर), विक्टर ग्लोवर और क्रिस्टिना कोच तथा कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के जेरेमी हैनसेन शामिल हैं।
- जेरेमी हैनसेन चंद्रमा की यात्रा करने वाले पहले कनाडाई अंतरिक्ष यात्री और पहले गैर-अमेरिकी बनकर इतिहास रचेंगे।
- विक्टर ग्लोवर (पायलट) निम्न-पृथ्वी कक्षा से परे जाने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति होंगे।
- क्रिस्टिना कोच चंद्रमा के निकट जाने वाली पहली महिला होंगी।
- उद्देश्य: इस मिशन का उद्देश्य जीवन-समर्थन प्रणालियों, अंतरिक्ष यान के प्रदर्शन और गहरे अंतरिक्ष नेविगेशन का परीक्षण करना है, जिससे आर्टेमिस कार्यक्रम के अंतर्गत भावी चंद्रमा लैंडिंग अभियानों का मार्ग प्रशस्त होगा।
|
और पढ़ें: आर्टेमिस II मिशन, आर्टेमिस I मिशन |
राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
वर्कला संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक ‘ज़ीरो वेस्ट सिटी’ सूची में शामिल
चर्चा में क्यों?
केरल के वर्कला को ‘शून्य अपशिष्ट की ओर 20 शहर’ पहल में शामिल किया गया है, जिसका नेतृत्व संयुक्त राष्ट्र महासचिव के शून्य अपशिष्ट पर सलाहकार बोर्ड द्वारा किया जा रहा है तथा इसे यूएन-हैबिटेट और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) का समर्थन प्राप्त है।
मुख्य बिंदु:
- मान्यता: वर्कला को विश्व के 20 शहरों में शामिल किया गया है, जो अपशिष्ट में कमी और सतत शहरी विकास के लिये नवोन्मेषी एवं महत्त्वाकांक्षी दृष्टिकोण प्रस्तुत कर रहे हैं।
- उद्देश्य:
- शहरों के नेतृत्व और नवाचारपूर्ण पहलों को मान्यता देना।
- सर्वोत्तम प्रथाओं और सीखे गए अनुभवों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना।
- अन्य शहरों को शून्य-अपशिष्ट मॉडल की ओर अपने संक्रमण को तीव्र करने के लिये प्रेरित करना।
- स्थानीय स्तर पर परिपत्र अर्थव्यवस्था के सिद्धांत अपनाने को बढ़ावा देना।
- SDG में योगदान: यह पहल सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में योगदान देती है, विशेषकर SDG-11 (सतत शहर और समुदाय), SDG-12 (संवहनीय खपत और उत्पादन) और SDG-13 (जलवायु कार्रवाई)।
- अंतर्राष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस:
- संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 14 दिसंबर, 2022 को अपने 77वें सत्र के दौरान इस संबंध में एक प्रस्ताव अपनाया।
- यह दिवस प्रत्येक वर्ष 30 मार्च को विश्वभर में मनाया जाता है।
- इसका आयोजन यूएन-हैबिटेट (UN-Habitat) और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा किया जाता है।
- वर्ष 2026 की थीम: खाद्य अपशिष्ट।
|
और पढ़ें: UNEP, संयुक्त राष्ट्र |


%20(1).gif)











.jpg)


