छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में महिला-नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों से आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा
- 02 Apr 2026
- 11 min read
चर्चा में क्यों?
युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने इस तर्क पर प्रकाश डाला कि महिलाओं के नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूह और जनजातीय शिल्प छत्तीसगढ़ में आर्थिक सशक्तीकरण एवं समावेशी विकास को बढ़ावा दे रहे हैं।
मुख्य बिंदु:
- परिचय: रक्षा खडसे ने जगदलपुर में ‘छत्तीसगढ़ कला’ ब्रांड के अंतर्गत ग्रोथ सेंटर और प्रगति महिला स्वयं सहायता समूह के स्टॉलों का दौरा किया।
- राज्य योजनाएँ: उन्होंने महतारी वंदन योजना और लखपति दीदी योजना जैसी महिला-केंद्रित राज्य योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव को रेखांकित किया, जो वित्तीय सहायता, सतत आजीविका के अवसर तथा बाज़ार तक पहुँच प्रदान करती हैं।
- ई-कॉमर्स: ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्पादों की बिक्री और रेडी-टू-ईट खाद्य उत्पादों जैसे प्रयासों ने महिलाओं द्वारा निर्मित वस्तुओं की बाज़ार पहुँच का विस्तार किया है।
- उन्होंने ज़ोर दिया कि ये पहल पोषण सुरक्षा, रोज़गार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में योगदान देती हैं।
- संवाद: उन्होंने महिला उद्यमियों और कारीगरों के साथ संवाद भी किया, उनके योगदान की सराहना की तथा उन्हें अपने प्रयासों का विस्तार करने के लिये प्रोत्साहित किया।
- समावेशी विकास का मॉडल: छत्तीसगढ़ में महिला-नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों और जनजातीय शिल्प के माध्यम से हो रहा परिवर्तन महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण विकास तथा समावेशी विकास का एक प्रभावशाली मॉडल बनकर उभर रहा है।
|
और पढ़ें: समावेशी विकास, महतारी वंदन योजना, लखपति दीदी योजना |