राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026
चर्चा में क्यों?
2026 IPL टूर्नामेंट का यह 19वाँ संस्करण है, जो 28 मार्च से 31 मई, 2026 तक भारत के विभिन्न शहरों में आयोजित किया जा रहा है।
मुख्य बिंदु:
- इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) एक पेशेवर T20 फ्रैंचाइज़ी क्रिकेट लीग है, जिसका आयोजन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा किया जाता है।
- टीम: इस लीग में 10 टीमें शामिल हैं, जिनमें चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस, कोलकाता नाइट राइडर्स, रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरू, दिल्ली कैपिटल्स, पंजाब किंग्स, राजस्थान रॉयल्स, सनराइजर्स हैदराबाद, लखनऊ सुपर जायंट्स और गुजरात टाइटंस जैसी फ्रैंचाइज़ी शामिल हैं।
- उद्घाटन मैच: इस सीज़न का आगाज़ बंगलूरू के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरू और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मुकाबले से हुआ।
- डिफेंडिंग चैंपियन (गत विजेता): रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरू ने वर्ष 2025 में अपना पहला IPL खिताब जीतने के बाद, वर्ष 2026 के सीज़न में डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में प्रवेश किया है।
- IPL का इतिहास:
- स्थापना: 2008
- आयोजक: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI)
- टीमों की संख्या: 10 टीमें
- प्रारूप: T20 फ्रैंचाइज़ी क्रिकेट लीग
- सबसे सफल टीमें: मुंबई इंडियंस (MI) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) — प्रत्येक ने 5-5 खिताब जीते हैं।
- प्रथम IPL विजेता (2008): राजस्थान रॉयल्स
- ऑरेंज कैप (Orange Cap): सीज़न में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी को दी जाती है।
- पर्पल कैप (Purple Cap): सीज़न में सर्वाधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ी को दी जाती है।
|
और पढ़ें: IPL विजेता, BCCI |
राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
दिल्ली ने महिलाओं और ट्रांसजेंडर के लिये 'दुर्गा' योजना शुरू की
चर्चा में क्यों?
दिल्ली सरकार ने महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सशक्त बनाने के लिये 'दुर्गा योजना' (DURGA Scheme) शुरू की है, जिसके तहत उन्हें इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा चलाने में सक्षम बनाया जाएगा।
मुख्य बिंदु:
- परिचय: 'दुर्गा' (DURGA) योजना का पूर्ण रूप 'ड्राइविंग अपलिफ्टमेंट एंड रोज़गार फॉर वीमेन/ट्रांसजेंडर ग्रीन ई-ऑटो' (Driving Upliftment and Rozgar for Women/Transgender Green e-Auto) है।
- इस योजना की घोषणा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा दिल्ली बजट 2026-27 के दौरान की गई थी।
- वित्तीय आवंटन: इस योजना के लिये ₹20 करोड़ के बजट परिव्यय का प्रस्ताव है।
- उद्देश्य: समावेशी और हरित शहरी परिवहन को बढ़ावा देते हुए महिलाओं एवं ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा चलाने में सक्षम बनाकर आजीविका के अवसर तथा आर्थिक सशक्तीकरण प्रदान करना।
- लाभार्थी: पहले चरण में, यह योजना 1,100 लाभार्थियों को सहायता प्रदान करेगी, जिनमें 1,000 महिलाएँ और 100 ट्रांसजेंडर व्यक्ति शामिल हैं, ताकि वे इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा परमिट प्राप्त कर सकें।
- लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा खरीदने में सहायता करने के लिये पैनल में शामिल बैंकों के माध्यम से सब्सिडी और ब्याज छूट प्रदान की जाएगी।
- दिल्ली एकीकृत मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (DUMTA) एक प्रस्तावित एकीकृत परिवहन प्राधिकरण है, जिसका उद्देश्य दिल्ली की सभी शहरी परिवहन प्रणालियों को एक ही संस्थागत ढाँचे के तहत समन्वित और नियोजित करना है।
- इस प्राधिकरण के लिये ₹5 करोड़ के बजट परिव्यय का प्रस्ताव दिया गया है।
|
और पढ़ें: ट्रांसजेंडर |
राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
बालेन शाह नेपाल के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बने
चर्चा में क्यों?
बालेन शाह ने 35 वर्ष की आयु में नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली, जिससे वे देश के इतिहास के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बन गए हैं।
मुख्य बिंदु:
- राजनीतिक दल: वे राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) का नेतृत्व करते हैं, जिसने वर्ष 2026 के नेपाल आम चुनावों में भारी बहुमत से जीत हासिल की है।
- 275 सदस्यीय संसद में RSP ने 182 सीटें सुरक्षित की हैं।
- वर्ष 2026 के चुनावों में उन्होंने झापा-5 संसदीय क्षेत्र से पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली को भारी अंतर से हराया।
- शपथ ग्रहण समारोह: काठमांडू के शीतल निवास में नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने उन्हें पद की शपथ दिलाई।
- प्रथम मधेशी नेता: वे दशकों बाद नेपाल के दक्षिणी मैदानी इलाकों के मधेशी समुदाय से प्रधानमंत्री बनने वाले पहले नेता भी हैं।
- बालेन शाह:
- उन्हें एक सिविल/स्ट्रक्चरल इंजीनियर और नेपाली हिप-हॉप कलाकार के रूप में जाना जाता था, जो भ्रष्टाचार, शासन और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों को उजागर करने के लिये संगीत का उपयोग करते थे।
- उन्होंने पहली बार वर्ष 2022 में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के मेयर (महापौर) का चुनाव जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की थी।
|
और पढ़ें: भारत-नेपाल संबंध |
राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
इंडोनेशिया ने 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिये सोशल मीडिया के उपयोग पर बैन लगाया
चर्चा में क्यों?
इंडोनेशिया ने 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिये सोशल मीडिया के उपयोग पर देशव्यापी प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही वह हानिकारक ऑनलाइन सामग्री से नाबालिगों की सुरक्षा के लिये इस तरह के प्रतिबंध लागू करने वाला दक्षिण-पूर्वी एशिया का पहला देश बन गया है।
मुख्य बिंदु:
- आयु सीमा: नया नियम 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों को प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अकाउंट रखने से प्रतिबंधित करता है।
- शामिल प्लेटफॉर्म: यह प्रतिबंध यूट्यूब (YouTube), टिकटॉक (TikTok), फेसबुक (Facebook), इंस्टाग्राम (Instagram), थ्रेड्स (Threads), X (ट्विटर), बीगो लाइव (Bigo Live) और रोब्लॉक्स (Roblox) जैसे प्लेटफॉर्म पर लागू होता है।
- उद्देश्य: इस कदम का लक्ष्य बच्चों को साइबर बुलिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी, अश्लील सामग्री (Pornography) के संपर्क में आने और सोशल मीडिया की लत से बचाना है।
- सत्यापन की अनिवार्यता: सोशल मीडिया कंपनियों के लिये आयु-सत्यापन तंत्र (Age-verification mechanisms) लागू करना अनिवार्य होगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निर्धारित आयु से कम के उपयोगकर्त्ता अकाउंट न बना सकें।
- अभिभावकों की ज़िम्मेदारी: सरकार ने माता-पिता और अभिभावकों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नज़र रखने तथा इंटरनेट के ज़िम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने के लिये प्रोत्साहित किया है।
- अकाउंट निष्क्रिय करना: इस नियम के प्रवर्तन (Enforcement) के हिस्से के रूप में, उच्च-जोखिम वाले प्लेटफॉर्म पर 16 वर्ष से कम उम्र के उपयोगकर्त्ताओं के मौजूदा अकाउंट्स को धीरे-धीरे निष्क्रिय (Deactivate) कर दिया जाएगा।
|
और पढ़ें: दक्षिण-पूर्व एशिया |
राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
एबेल पुरस्कार 2026
चर्चा में क्यों?
जर्मन गणितज्ञ गर्ड फाल्टिंग्स (Gerd Faltings) को गणित के क्षेत्र में उनके परिवर्तनकारी योगदान के लिये नॉर्वेजियन एकेडमी ऑफ साइंस एंड लेटर्स द्वारा प्रतिष्ठित 2026 एबेल पुरस्कार (Abel Prize) से सम्मानित किया गया है।
मुख्य बिंदु:
- विजेता: वर्ष 2026 का एबेल पुरस्कार जर्मनी के बॉन स्थित 'मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर मैथमेटिक्स' के गर्ड फाल्टिंग्स (Gerd Faltings) को प्रदान किया गया है।
- योगदान: फाल्टिंग्स को यह पुरस्कार “अंकगणितीय ज्यामिति (Arithmetic Geometry) में शक्तिशाली उपकरण पेश करने और मॉर्डेल तथा लैंग के दीर्घकालिक डायोफैंटाइन अनुमानों (Diophantine conjectures) को हल करने" के लिये दिया गया है। उनके इस कार्य ने आधुनिक संख्या सिद्धांत और बीजगणितीय ज्यामिति के कुछ हिस्सों को नया रूप दिया है।
- फाल्टिंग्स द्वारा सिद्ध किये जाने के बाद, 'मॉर्डेल के अनुमान' को अब 'फाल्टिंग्स प्रमेय' (Faltings’ Theorem) के रूप में जाना जाता है।
- ऐतिहासिक महत्त्व: वे एबेल पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पहले जर्मन गणितज्ञ हैं।
- एबेल पुरस्कार: यह नॉर्वे सरकार द्वारा 'नॉर्वेजियन एकेडमी ऑफ साइंस एंड लेटर्स' के माध्यम से प्रतिवर्ष दिया जाने वाला एक अंतर्राष्ट्रीय गणित पुरस्कार है। इसे अक्सर ‘गणित का नोबेल पुरस्कार’ माना जाता है।
- यह गणितीय विज्ञान के क्षेत्र में असाधारण योगदान को मान्यता देता है।
- एबेल पुरस्कार की स्थापना पहली बार वर्ष 2002 में की गई थी।
- ओस्लो (नॉर्वे) में महामहिम क्राउन प्रिंस हाकोन द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
- इस पुरस्कार का नाम प्रसिद्ध नॉर्वेजियन गणितज्ञ नील्स हेनरिक एबेल के नाम पर रखा गया है।
- विजेता को 7.5 मिलियन नॉर्वेजियन क्रोनर प्राप्त होते हैं, जो वर्ष 2026 में लगभग $770,000 अमेरिकी डॉलर के बराबर है।

%20(1).gif)







.jpg)


