उत्तर प्रदेश Switch to English
काशी विश्वनाथ मंदिर में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित
चर्चा में क्यों?
वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में प्राचीन भारतीय समय-गणना परंपराओं पर आधारित ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ स्थापित की गई है, जिसका उद्देश्य समय और खगोलीय घटनाओं की गणना की पारंपरिक वैदिक प्रणाली को पुनर्जीवित करना है।
मुख्य बिंदु:
- स्थापना: 700 किलोग्राम वज़नी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा प्रस्तुत किया गया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में मंदिर परिसर में इसका अनावरण किया गया।
- आधुनिक 24-घंटे की घड़ी के विपरीत, यह वैदिक घड़ी सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक समय की गणना करती है और एक दिन को 30 मुहूर्तों में विभाजित करती है, जिसमें प्रत्येक मुहूर्त लगभग 48 मिनट का होता है।
- यह घड़ी पारंपरिक हिंदू पंचांग के प्रमुख तत्त्वों को प्रदर्शित करती है, जैसे—तिथि (चंद्र दिवस), नक्षत्र (तारामंडल), चंद्रमा की कलाएँ, ग्रहण, त्योहार तथा अन्य खगोलीय जानकारी।
- बहु-समय प्रारूप: वैदिक समय के साथ-साथ यह घड़ी भारतीय मानक समय (IST) और ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) भी प्रदर्शित करती है, जिससे पारंपरिक ज्ञान तथा आधुनिक तकनीक का समन्वय होता है।
- उद्देश्य: इस पहल का उद्देश्य प्राचीन भारतीय ‘काल गणना’ प्रणाली को पुनर्जीवित करना और आगंतुकों को भारत की पारंपरिक वैज्ञानिक एवं खगोलीय ज्ञान प्रणालियों से परिचित कराना है।
| और पढ़ें: काशी विश्वनाथ मंदिर, विक्रमादित्य वैदिक घड़ी |
राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
तेलंगाना सरकार ने कैंसर को अधिसूचित रोग घोषित किया
चर्चा में क्यों?
तेलंगाना सरकार ने कैंसर को एक अधिसूचित रोग घोषित किया है, जिससे स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिये सभी निदान किये गए मामलों की रिपोर्ट एक केंद्रीकृत प्रणाली में देना अनिवार्य हो गया है, ताकि रोग निगरानी को सुदृढ़ किया जा सके और कैंसर प्रबंधन में सुधार किया जा सके।
मुख्य बिंदु:
- स्थिति: राज्य सरकार ने आधिकारिक रूप से कैंसर को एक अधिसूचित रोग घोषित किया है, जिसके तहत पूरे राज्य में सभी निदान किये गए मामलों की अनिवार्य रिपोर्टिंग आवश्यक है।
- सभी सरकारी और निजी अस्पतालों, प्रयोगशालाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा जन्म व मृत्यु पंजीयकों को निदान के एक महीने के भीतर कैंसर के मामलों की जानकारी एक केंद्रीकृत पोर्टल पर देनी होगी।
- समग्र निगरानी सुनिश्चित करने के लिये नई प्रणाली के तहत पूर्व-कैंसर (इन-सीटू) और आक्रामक (इनवेसिव) दोनों प्रकार के कैंसर मामलों की रिपोर्टिंग अनिवार्य होगी।
- उद्देश्य: इस पहल का उद्देश्य कैंसर मामलों का एक विश्वसनीय रियल-टाइम डेटाबेस तैयार करना है, जिससे अधिकारियों को रोग के वास्तविक बोझ को समझने और स्वास्थ्य नीतियों की अधिक प्रभावी योजना बनाने में सहायता मिलेगी।
- प्रमुख कैंसर प्रकार: सामान्य कैंसरों में महिलाओं में ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर तथा पुरुषों में मुख एवं फेफड़ों का कैंसर शामिल है, जिनमें से कई का समय पर पता चलने पर रोकथाम या उपचार संभव है।
| और पढ़ें: कैंसर |

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