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मध्य प्रदेश स्टेट पी.सी.एस.

  • 06 Feb 2026
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कलपेट्टा भारत का पहला पूर्णतः पेपरलेस ज़िला न्यायालय बना

चर्चा में क्यों?

केरल के वायनाड स्थित कलपेट्टा न्यायिक ज़िला भारत का पहला पूर्णतः पेपरलेस ज़िला न्यायालय बन गया है।

मुख्य बिंदु:

  • ऐतिहासिक उपलब्धि: कलपेट्टा भारत का पहला ज़िला न्यायालय बन गया है जो पूर्णतः पेपरलेस और एक पूर्ण डिजिटल न्यायिक प्रणाली में परिवर्तित हो चुका है।
  • उद्घाटन: इस पेपरलेस न्यायालय प्रणाली का वर्चुअल उद्घाटन भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने किया।
  • कार्यप्रणाली: न्यायालय की सभी प्रक्रियाएँ पूर्व-विचारण कार्यवाहियाँ, साक्ष्य का अभिलेखन, अंतरिम आदेश और अंतिम निर्णय—अब बिना किसी भौतिक फाइल के इलेक्ट्रॉनिक रूप से संचालित की जा रही हैं।
    • ‘डिस्ट्रिक्ट कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम’ (DCMS) नामक डिजिटल प्लेटफॉर्म केरल उच्च न्यायालय के IT विभाग द्वारा सुरक्षित और दक्ष संचालन सुनिश्चित करने हेतु आंतरिक रूप से विकसित किया गया है।
  • प्रौद्योगिकी: इस प्रणाली में AI-आधारित न्यायिक सहायता उपकरणों का समावेश है, जो संरचित वाद-सार तैयार करने, टिप्पणियाँ जोड़ने, मामलों का विवरण खोजने और न्यायाधीशों को डिजिटल अभिलेखों तक शीघ्र पहुँच प्रदान करने में सहायक हैं।
  • लाभ: पेपरलेस प्रणाली से मुकदमेबाज़ी की लागत घटने, दस्तावेज़ों के आवागमन में होने वाली देरी घटने, न्याय तक पहुँच में सुधार होने तथा न्यायिक प्रक्रियाओं के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करके ‘हरित न्यायशास्त्र’ को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
  • अन्य ज़िलों के लिये मॉडल: यह पहल पूरे देश के अन्य न्यायिक ज़िलों के लिये एक आदर्श के रूप में देखी जा रही है, जिससे पारंपरिक न्यायालय संचालन को कुशल डिजिटल प्रणालियों में बदलने की संभावना है।

और पढ़ें: ज़िला न्यायालय, AI, भारत के मुख्य न्यायाधीश


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तमिलनाडु ने भारत की पहली डीप टेक स्टार्टअप पॉलिसी लॉन्च की

चर्चा में क्यों?

तमिलनाडु ने चेन्नई में आयोजित UmagineTN 2026 प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन में भारत की पहली समर्पित डीप टेक स्टार्टअप नीति का अनावरण किया।

मुख्य बिंदु:

  • नीति लॉन्च: डीप टेक स्टार्टअप नीति 2025–26 की शुरुआत तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने चेन्नई में आयोजित UmagineTN 2026 शिखर सम्मेलन में किया।
    • तमिलनाडु ऐसा करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने डीप टेक स्टार्टअप के लिये समर्पित नीति प्रस्तुत की है।
  • कार्यान्वयन: इस नीति के समन्वय और क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी राज्य सरकार की नोडल एजेंसी, तमिलनाडु टेक्नोलॉजी (iTNT) हब को सौंपी गई है।
  • निवेश एवं स्टार्टअप समर्थन: यह नीति 100 डीप टेक स्टार्टअप को सहायता प्रदान करने तथा आगामी पाँच वर्षों में सार्वजनिक व निजी निवेश से ₹100 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखती है, ताकि अनुसंधान और बाज़ार में उपयोग के बीच अंतर को कम किया जा सके।
    • इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर, जैव-प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष तकनीक एवं स्वच्छ ऊर्जा जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों पर विशेष ज़ोर दिया गया है, जिनमें उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान और दीर्घकालिक विकास-अवधि शामिल होती है।
  • इकोसिस्टम विकास: इसका उद्देश्य शैक्षणिक और शोध संस्थानों से स्टार्टअप तक तकनीक हस्तांतरण को सुगम बनाना, पेटेंट निर्माण को प्रोत्साहित करना तथा नवाचार के लिये अवसंरचना एवं पूंजी समर्थन को मज़बूत करना है।
  • सरकारी सहयोग: इस नीति में 'प्रथम उपयोगकर्त्ता के रूप में सरकार' (गवर्नमेंट एज अर्ली एडॉप्टर) जैसे कार्यक्रम के प्रावधान शामिल हैं, जिसके तहत चयनित सरकारी विभागों में डीप टेक समाधानों का परीक्षण और सत्यापन किया जाएगा, ताकि स्टार्टअप अपनी तकनीकों को प्रमाणित कर सकें।

और पढ़ें:  स्टार्टअप, AI, सेमीकंडक्टर, जैव-प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी


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विश्व कैंसर दिवस 2026

चर्चा में क्यों?

कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने, शीघ्र पहचान को प्रोत्साहित करने और पूरे विश्व में कैंसर उपचार तक समान पहुँच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 4 फरवरी, 2026 को विश्व कैंसर दिवस मनाया गया।

मुख्य बिंदु:

  • थीम: वर्ष 2026 की आधिकारिक थीम ‘यूनाइटेड बाय यूनिक (United by Unique)’ है, जो वर्ष 2025–27 की तीन वर्षीय वैश्विक अभियान शृंखला का हिस्सा है। यह इस तर्क को रेखांकित करती है कि प्रत्येक व्यक्ति का कैंसर अनुभव भिन्न होता है, फिर भी सभी को समान देखभाल और सम्मान मिलना चाहिये।
    • यह थीम व्यक्ति-केंद्रित उपचार पर बल देती है तथा उपचार और उत्तरजीविता की योजना में व्यक्तिगत अनुभवों, आवश्यकताओं एवं सम्मान के महत्त्व को रेखांकित करती है।
  • उद्देश्य: कैंसर की रोकथाम, शीघ्र पहचान और उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
    • समय पर जाँच (स्क्रीनिंग) और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना।
    • कैंसर से जुड़े मिथकों, कलंक और भय को तोड़ना।
    • रोगियों, उत्तरजीवियों और देखभालकर्त्ताओं को समर्थन देना।
    • पूरे विश्व में समान और गुणवत्तापूर्ण कैंसर देखभाल तक पहुँच में सुधार करना।
  • भागीदारी: व्यक्ति, समुदाय, स्वास्थ्य संस्थान और सरकारें जागरूकता अभियानों, शैक्षिक कार्यक्रमों एवं जाँच गतिविधियों के माध्यम से कैंसर के विरुद्ध कार्रवाई को बढ़ावा देने में भाग लेते हैं।
    • स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस तर्क पर ज़ोर देते हैं कि शीघ्र पहचान से जीवन बचते हैं और समय पर जाँच व जीवनशैली में बदलाव से अनेक कैंसर मामलों को रोका या बेहतर ढंग से प्रबंधित किया जा सकता है।
  • रोकथाम योग्य कारण: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के विश्लेषण के अनुसार, लगभग 10 में से 4 नए कैंसर मामलों को जोखिम कम करने वाले उपायों जैसे तंबाकू से बचाव, अस्वस्थ आहार और शराब के सेवन में कमी तथा शारीरिक गतिविधि बढ़ाने से रोका जा सकता है।
  • समानता और पहुँच: विश्व कैंसर दिवस विशेष रूप से निम्न और मध्यम आय वाले देशों में उच्च-गुणवत्ता वाली देखभाल तक समान पहुँच की आवश्यकता पर बल देता है, जहाँ संसाधनों तथा जागरूकता की कमी के कारण देर से निदान एवं खराब परिणाम देखने को मिलते हैं।

और पढ़ें: विश्व कैंसर दिवस, WHO 


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ओलंपिक शीतकालीन खेल मिलानो कॉर्टिना 2026

चर्चा में क्यों?

शीतकालीन ओलंपिक खेलों का 25वाँ  संस्करण 6 फरवरी से आधिकारिक रूप से शुरू होगा। मिलानो कॉर्टिना 2026 वह पहला अवसर होगा जब दो शहर संयुक्त रूप से शीतकालीन ओलंपिक की मेज़बानी करेंगे और यह चौथी बार है जब इटली शीतकालीन खेलों की मेज़बानी करेगा।

मुख्य बिंदु:

  • उद्घाटन समारोह: 6 फरवरी, 2026 को मिलानो के प्रतिष्ठित सैन सिरो स्टेडियम में आयोजित किया गया।
  • समापन समारोह: यह 22 फरवरी, 2026 को प्राचीन वेरोना एरिना में होने वाला है।
  • मास्कॉट्स: टीना और माइलो, दो स्टोट्स जिनके नाम मेज़बान शहरों से प्रेरित हैं (टीना – कॉर्टिना के लिये, माइलो – मिलानो के लिये)।
  • थीम: ‘आर्मोनिया’ (संगति) नाम का यह शो बालिच वंडर स्टूडियो ने प्रोड्यूस किया है और इसमें मारिया कैरी, एंड्रिया बोसेली एवं लौरा पौसिनी ने परफॉर्म किया है।
  • भारत की भागीदारी: भारत 2026 खेलों में एक छोटा लेकिन महत्त्वपूर्ण दल लेकर गया है, जो वैश्विक शीतकालीन खेलों में भारत की उपस्थिति को जारी रखता है।
  • एथलीट्स: अरिफ मोहम्मद खान, एक अनुभवी अल्पाइन स्कीयर, जिन्होंने पहले बीजिंग 2022 शीतकालीन खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, अब अल्पाइन स्कीइंग श्रेणी में क्वालीफाई कर चुके हैं।
    • स्टैनज़िन लुंडुप: क्रॉस-कंट्री स्कीइंग में प्रतिस्पर्द्धा करेंगे। उनकी भागीदारी एक चयन प्रक्रिया के बाद सुनिश्चित हुई, जिसमें राष्ट्रीय कोटा को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का निर्णय अहम रहा।
  • भारत की शीतकालीन ओलंपिक में भागीदारी: जबकि शीतकालीन ओलंपिक खेल वर्ष 1924 में शुरू हुए, भारत ने वर्ष 1964 में अपनी शुरुआत की।
    • आगामी मिलानो कॉर्टिना ओलंपिक्स सहित, भारत 12 शीतकालीन ओलंपिक संस्करणों में भाग ले चुका है, जिसमें अब तक 17 अलग-अलग एथलीटों ने देश का प्रतिनिधित्व किया।

और पढ़ें: शीतकालीन ओलंपिक


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