राजस्थान
राजस्थान ने खेजड़ी वृक्ष की कटाई पर पूरे राज्य में रोक लगा दी
- 26 Feb 2026
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चर्चा में क्यों?
राजस्थान सरकार ने खेजड़ी वृक्ष की कटाई पर पूरे राज्य में प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय प्रजाति को अधिक सशक्त कानूनी संरक्षण देने की माँग को लेकर बिश्नोई समुदाय द्वारा किये गए लंबे आंदोलन के बाद लिया गया।
मुख्य बिंदु:
- राज्यव्यापी प्रतिबंध: राजस्व विभाग के सचिव द्वारा सभी ज़िला कलेक्टरों को जारी आधिकारिक आदेश के तहत, खेजड़ी वृक्षों की कटाई पर पूरे राजस्थान में तब तक रोक लगा दी गई है, जब तक उनके संरक्षण हेतु एक व्यापक कानूनी ढाँचा लागू नहीं हो जाता।
- सामुदायिक आंदोलन: यह निर्णय बीकानेर और अन्य मरुस्थलीय ज़िलों में हुए 11-दिवसीय ‘खेजड़ी बचाओ आंदोलन’ के बाद लिया गया। इस दौरान बिश्नोई समुदाय के सदस्यों और पर्यावरण कार्यकर्त्ताओं ने नारेबाज़ी, रैलियाँ और उपवास कर स्थायी प्रतिबंध की मांग उठाई।
- विधायी आश्वासन: राज्य सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि राजस्थान विधानसभा के आगामी बजट सत्र में एक समर्पित 'वृक्ष संरक्षण कानून' (Tree Protection Law) पेश किया जाएगा।
- खेजड़ी (Prosopis cineraria) एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण मरुस्थलीय प्रजाति है, जो मृदा उर्वरता बढ़ाती है, चारा उपलब्ध कराती है, मरुस्थलीकरण को रोकती है तथा शुष्क क्षेत्रों में जैव-विविधता को समर्थन देती है।
- सांस्कृतिक महत्त्व: बिश्नोई समुदाय में पर्यावरण बचाने की एक पुरानी परंपरा है, जो गुरु जम्भेश्वर की शिक्षाओं से जुड़ी है, जिससे खेजड़ी का संरक्षण एक साथ पारिस्थितिक और सांस्कृतिक विषय बन जाता है।
- महत्त्व: खेजड़ी वृक्ष की कटाई पर प्रतिबंध राजस्थान में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। सशक्त जन-आंदोलन के समर्थन के साथ यह पहल भारत की सहभागी पर्यावरण संरक्षण परंपरा को और सुदृढ़ करती है।
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