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स्टेट पी.सी.एस.

  • 05 Aug 2025
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बिहार Switch to English

प्रत्यय अमृत: बिहार के नए मुख्य सचिव

चर्चा में क्यों?

वर्ष 1991 बैच के बिहार कैडर के IAS अधिकारी प्रत्यय अमृत को बिहार का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। वे अमृत लाल मीणा का स्थान लेंगे, जो 31 अगस्त 2025 को सेवानिवृत्त होंगे।

  • प्रत्यय अमृत 1 सितंबर 2025 को आधिकारिक रूप से कार्यभार ग्रहण करेंगे।

मुख्य बिंदु

  • प्रत्यय अमृत के बारे में: 
  • मुख्य सचिव कार्यालय 
    • भारत में मुख्य सचिव का कार्यालय वर्ष 1799 में ब्रिटिश शासन के दौरान लॉर्ड वेलेज़ली के अधीन अस्तित्व में आया और तब से यह राज्य प्रशासन का अभिन्न अंग बना हुआ है।
    • मुख्य सचिव, राज्य में कार्यरत सर्वोच्च रैंक का प्रशासनिक अधिकारी होता है, जो राज्य सचिवालय का नेतृत्व करता है तथा राज्य सरकार के विभिन्न कार्यों के समन्वय की ज़िम्मेदारी निभाता है।
    • नियुक्ति और स्थिति: मुख्य सचिव की नियुक्ति मुख्यमंत्री (राज्यपाल के नाम पर) द्वारा वरिष्ठ IAS अधिकारियों में से वरिष्ठता, योग्यता और विश्वास जैसे कारकों के आधार पर की जाती है।
    • वर्ष 1973 में इस कार्यालय को भारत सरकार के सचिव के पद के समतुल्य मानकीकृत किया गया।
  • शक्तियाँ और कार्य:
    • राज्य प्रशासन के मामलों पर प्रमुख सलाहकार के रूप में कार्य करता है और नीतिगत मुद्दों पर मार्गदर्शन प्रदान करता है।
    • कैबिनेट बैठक का एजेंडा तैयार करता है, कार्यवाही रिकॉर्ड करता है और निर्णयों के कार्यान्वयन की निगरानी करता है।
    • राज्य सिविल सेवा में नियुक्तियों, स्थानांतरणों और पदोन्नति की देखरेख करता है तथा सिविल सेवकों का मनोबल बनाए रखता है।


उत्तर प्रदेश Switch to English

उत्तर प्रदेश में FDI वृद्धि

चर्चा में क्यों?

उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, वर्ष 2019 से 2023 के दौरान प्रदेश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्य बिंदु

  • ऐतिहासिक चुनौतियाँ: ऐतिहासिक रूप से, उत्तर प्रदेश एक खराब औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र से जूझता रहा है, जिसने विदेशी निवेशकों को हतोत्साहित किया है। इसके लिये कई कारक ज़िम्मेदार थे, जिनमें शामिल हैं:
  • FDI प्रवृत्तियों में बदलाव: वर्ष 2000 से 2017 तक उत्तर प्रदेश में FDI मात्र 3,000 करोड़ रुपए तक सीमित था, किंतु हाल के वर्षों में इसमें तीव्र वृद्धि हुई है।
    • अब उत्तर प्रदेश FDI के लिये भारत का 11वाँ सबसे आकर्षक राज्य है। अक्तूबर 2019 से सितंबर 2024 तक राज्य में कुल 1.7 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हुआ है।
  • उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में उत्तर प्रदेश भारत में प्रथम स्थान पर है। वर्तमान में राज्य में 196 इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन और विनिर्माण (ESDM) कंपनियाँ संचालित हैं।
  • प्रमुख नीतिगत सुधार
    • वर्ष 2018 में आयोजित UP इन्वेस्टर्स समिट ने निवेश-हितैषी पहलों के लिये मंच तैयार किया।
      • इस समिट में 4.28 लाख करोड़ रुपए मूल्य के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
    • इस सफलता के आधार पर वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में 33.50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
  • प्रमुख नीतियाँ:
  • परियोजना कार्यान्वयन:
    • उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनीज़ (GBCs) की अवधारणा शुरू की।
      • ये आयोजन राज्यव्यापी बड़े निवेश परियोजनाओं के शुभारंभ के मंच होते हैं।
    • अब तक हुई पहली चार GBCs में 16,000 से अधिक परियोजनाओं की शुरुआत हो चुकी है, जिनमें से 8,000 से अधिक परियोजनाएँ क्रियाशील हैं।
    • आगामी GBC-5 के लिये राज्य सरकार ने 5 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाओं के ग्राउंडिंग का लक्ष्य रखा है, जिसे बढ़ाकर 10 लाख करोड़ रुपए तक किया जा सकता है।
    • कुल निवेश का अधिकांश भाग विनिर्माण, सेवा और अवसंरचना क्षेत्रों में गया है, जिसमें विनिर्माण क्षेत्र को सर्वाधिक 62.25% का हिस्सा प्राप्त हुआ है।


राजस्थान Switch to English

गाँठदार त्वचा रोग

चर्चा में क्यों?

राजस्थान के सिरोही ज़िले में गायों में गाँठदार त्वचा रोग (LSD) के नए मामले सामने आए हैं, जबकि तीन वर्ष पूर्व यह रोग इस क्षेत्र में व्यापक स्तर पर तबाही का कारण बना था।

मुख्य बिंदु 

गाँठदार त्वचा रोग के बारे में:

  • कारण: LSD मवेशियों या भैंस के लंपी स्किन डिज़ीज़ वायरस (LSDV) के संक्रमण के कारण होता है।
  • गाँठदार त्वचा रोग’ को पहली बार वर्ष 1929 में जाम्बिया में एक महामारी के रूप में देखा गया था। प्रारंभ में यह या तो ज़हर या कीड़े के काटने का अतिसंवेदनशील परिणाम माना जाता था। 
  • संक्रमण: 
    • गाँठदार त्वचा रोग मुख्य रूप से काटने वाले कीड़ों (वेक्टर) जैसे मच्छरों और मक्खियों के माध्यम से जानवरों में फैलता है।
  • लक्षण: 
    • इस रोग से संक्रमित गायों की त्वचा पर गाँठें दिखाई देती हैं, जिससे दूध उत्पादन में गिरावट आ सकती है और गंभीर स्थिति में पशु की मृत्यु भी हो सकती है।
    • इसमें मुख्य रूप से बुखार, आँखों और नाक से स्राव, मुँह से लार टपकना तथा शरीर पर छाले पड़ना शामिल है। 
  • रोकथाम और उपचार:
    • इन रोगों के विरुद्ध टीकाकरण, भारत सरकार की पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत किया जाता है।
    • गाँठदार त्वचा रोग के उपचार के लिये कोई विशिष्ट एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है। इसका उपलब्ध एकमात्र उपचार मवेशियों की उचित देखभाल है। 
    • इसमें घावों की देखभाल, स्प्रे का उपयोग करके त्वचा के घावों का उपचार और द्वितीयक त्वचा संक्रमण तथा निमोनिया को रोकने के लिये एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग शामिल हो सकता है। 
    • प्रभावित जानवरों की भूख को बनाए रखने के लिये एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-Inflammatories) दर्द निवारक औषधियों का उपयोग किया जा सकता है।


छत्तीसगढ़ Switch to English

दीपक किंगरानी ने राष्ट्रीय पुरस्कार जीता

चर्चा में क्यों?

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाज़ार-भाटापारा ज़िले के रहने वाले दीपक किंगरानी को वर्ष 2023 के सर्वश्रेष्ठ संवाद लेखन के लिये राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

मुख्य बिंदु

  • इंजीनियर दीपक किंगरानी सिनेमा के प्रति अपने शौक को पूरा करने के लिये मुंबई चले गए और अंततः फिल्म उद्योग में पहचान अर्जित की।
  • उनकी लिखित फिल्म 'सिर्फ एक बंदा काफी है' को राष्ट्रीय पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिये भी नामांकित किया गया था।
  • 'स्पेशल ऑप्स' (2020) ने किंगरानी को उनके करियर में एक नई दिशा दी, जिससे उन्हें लगातार सफलता मिली।
  • उन्हें 'मिशन रंजनगंज' (2023) और भैया जी' (2024) की पटकथा का भी श्रेय दिया जाता है।
  • संवाद लेखक के रूप में उनकी पहली फिल्में वॉर छोड़ ना यार (2013) और पागलपंती (2019) थीं।

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2023

  • वर्ष 2023 के लिये भारत की सिनेमाई उत्कृष्टता को सम्मानित करने हेतु 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की आधिकारिक घोषणा की गई।
    • राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन भारत सरकार की ओर से सूचना और प्रसारण मंत्रालय के माध्यम से किया जाता है।
  • वर्ष 2023 के संस्करण में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के नियमों के तहत क्षेत्र का विस्तार करते हुए कुल 31 फीचर फिल्में, 24 गैर-फीचर फिल्में, सिनेमा पर 27 पुस्तकें तथा 16 फिल्म समीक्षकों को सम्मिलित किया गया।
  • पुरस्कार श्रेणियाँ: ये वार्षिक पुरस्कार निम्नलिखित श्रेणियों में प्रदान किये जाते हैं— फीचर फिल्म, गैर-फीचर फिल्म, सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन तथा दादा साहेब फाल्के पुरस्कार
  • शीर्ष राष्ट्रीय विजेता:

वर्ग

विजेता

सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म

12वीं फेल

सर्वश्रेष्ठ निर्देशन

सुदीप्तो सेन - द केरल स्टोरी

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता

शाहरुख खान (जवान), विक्रांत मैसी (12वीं फेल)

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री

रानी मुखर्जी - मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे

राष्ट्रीय, सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली सर्वश्रेष्ठ फिल्म

सैम बहादुर


हरियाणा Switch to English

अंडर-20 महिला विश्व कप के लिये भारतीय टीम में हरियाणा का वर्चस्व

चर्चा में क्यों?

अंडर-20 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप (WWC) 2025 के लिये भारतीय महिला कुश्ती टीम का चयन कर लिया गया है, जिसमें दस में से नौ पहलवान हरियाणा से हैं। यह उपलब्धि महिला कुश्ती में हरियाणा की प्रभुत्वपूर्ण स्थिति को दर्शाती है।

  • यह चैंपियनशिप 13 से 21 सितंबर तक ज़ाग्रेब (क्रोएशिया) में आयोजित की जाएगी।

मुख्य बिंदु

  • विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2025 के लिये ट्रायल दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित किये गए, जहाँ देशभर की 42 महिला पहलवानों ने टीम में स्थान पाने के लिये प्रतिस्पर्द्धा की।
    • चयनित 10 पहलवानों में से केवल वैष्णवी पाटिल महाराष्ट्र से हैं, शेष सभी हरियाणा से हैं।
    • भारतीय कुश्ती महासंघ (IWF) ने ट्रायल्स का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया। इस दौरान संजय सिंह (अध्यक्ष, IWF) भी उपस्थित थे।

विश्व कुश्ती चैंपियनशिप (WWC)

  • विश्व कुश्ती चैंपियनशिप का आयोजन यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) द्वारा किया जाता है।
  • UWW कुश्ती के खेल की अंतर्राष्ट्रीय नियामक संस्था है, जिसमें ग्रीको-रोमन कुश्ती (केवल पुरुष) और फ्रीस्टाइल कुश्ती (पुरुष और महिला) दोनों शामिल हैं।
  • UWW का मुख्यालय कोर्सियर-सुर-वेवे, स्विट्ज़रलैंड में है।
  • विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारत की उपलब्धियाँ: 
    • भारत ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में अब तक कुल 23 पदक जीते हैं, जिनमें 1 स्वर्ण, 5 रजत, और 17 कांस्य पदक शामिल हैं।


मध्य प्रदेश Switch to English

CO₂ खनिजीकरण हेतु ड्रिलिंग अभियान

चर्चा में क्यों?

भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल (IISER) ने वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान (CSIR-NGRI) के सहयोग से DeCarbFaroe कार्यक्रम के तहत CO₂ खनिजकरण के लिये कुएँ की ड्रिलिंग परियोजना शुरू की है।

मुख्य बिंदु

  • कार्यक्रम के बारे में:
    • यह कार्यक्रम कार्बन भंडारण उद्देश्यों के लिये बेसाल्ट में CO₂  खनिजीकरण की खोज पर केंद्रित है, जो जलवायु परिवर्तन को संबोधित करने के उद्देश्य से कार्बन कैप्चर और भंडारण (CCS) प्रौद्योगिकी का एक महत्त्वपूर्ण पहलू है।  
    • इस परियोजना में एशिया और यूरोप के 9 देशों की भागीदारी है, जिससे वैज्ञानिक सहयोग और ज्ञान विनिमय को बढ़ावा मिलता है। भारत इस अंतर्राष्ट्रीय प्रयास में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।
  • सहयोग और अंतर्राष्ट्रीय अंतर्दृष्टि:
    • यह परियोजना PERBAS कार्यक्रम से जुड़ी है, जिसका उद्देश्य प्रवाहित बेसाल्ट में CO₂ भंडारण की सुरक्षा का मूल्यांकन करना है।
    • PERBAS ने आइसलैंड और अमेरिका में सफल CO₂ खनिजकरण परीक्षणों से प्राप्त अनुभवों को शामिल किया है, जहाँ 2 वर्षों के भीतर बेसाल्ट में CO₂ का सफल खनिजकरण किया गया।
  • वित्तीय सहायता: 
    • भारत सरकार का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, PERBAS और DeCarbFaroe दोनों पहलों  के लिये वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है।
  • बेसाल्ट संरचनाओं में CO₂  का संग्रहण और भंडारण: 
    • CCS तकनीक के अंतर्गत औद्योगिक उत्सर्जन से CO₂  को  ग्रहण करके इसे दीर्घकालिक भंडारण के लिये भू-गर्भीय संरचनाओं में गहराई में इंजेक्ट किया जाता है।
    • एकत्र CO₂  को जल के साथ मिश्रित कर भूवैज्ञानिक संरचनाओं में प्रविष्ट किया जाता है, जैसे खारे जलभृत या डेक्कन ट्रैप बेसाल्ट चट्टानें।
      • बेसाल्ट संरचनाएँ (डेक्कन ट्रैप) तीव्र CO₂  खनिजीकरण को सुगम बनाती हैं, यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें CO₂  बेसाल्ट के साथ प्रतिक्रिया करके कुछ वर्षों के भीतर स्थिर कार्बोनेट खनिज बनाती है।
      • यह खनिजीकरण CO₂  रिसाव के न्यूनतम जोखिम के साथ दीर्घकालिक कार्बन भंडारण सुनिश्चित करता है, जिससे यह दीर्घकालिक पृथक्करण के लिये एक सुरक्षित विकल्प बन जाता है।
  • महत्त्व: 
    • चूँकि भारत वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा कार्बन उत्सर्जक देश बनकर उभर रहा है और कोयले पर उसकी निर्भरता बहुत ज़्यादा है, इसलिये कार्बन कैप्चर और भंडारण (CCS) तकनीक ज़रूरी हो जाती है। 
    • यह तकनीक कोयले का उपयोग जारी रखते हुए पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में सक्षम बनाती है।
    • ऊर्जा सूचना प्रशासन (2009) के अनुमानों से पता चलता है कि विकासशील देश वर्ष 2030 तक वैश्विक ऊर्जा वृद्धि में 59% और कोयला उपयोग में 94% की वृद्धि का योगदान देंगे, जिससे ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में वृद्धि होगी।


राजस्थान Switch to English

भीलवाड़ा के अश्विनी विश्नोई ने U-17 WWC में स्वर्ण पदक जीता

चर्चा में क्यों?

भीलवाड़ा के अश्विनी विश्नोई ने ग्रीस के एथेंस में (28 जुलाई से 3 अगस्त 2025 तक) आयोजित अंडर-17 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप (WWC) में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने फाइनल में उज़्बेकिस्तान की मुकायो राखिमजोनोवा को 3-0 से हराया।

  • इस जीत के साथ वह इस प्रतिष्ठित खिताब को जीतने वाली राजस्थान की पहली महिला पहलवान बन गई हैं।

मुख्य बिंदु

  • पहले मुकाबले में उन्होंने उज़्बेकिस्तान की पहलवान मुकायो राखिमजोनोवा को हराया।
  • इसके बाद उन्होंने कज़ाकिस्तान की पहलवान के खिलाफ अपना दूसरा मुकाबला जीता। 
  • अश्विनी फाइनल में पहुँचीं, जहाँ उन्होंने 65 किग्रा वर्ग में चीन की जियाओ के विरुद्ध आसान जीत दर्ज करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
  • पिछले दो वर्षों में अश्विनी ने न केवल राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है, बल्कि पाँच अंतर्राष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीतकर वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को मज़बूत किया है।
  • उन्होंने एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप तथा विश्व कुश्ती चैंपियनशिप सहित अनेक प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक हासिल किये हैं।

विश्व कुश्ती चैंपियनशिप (WWC)

  • विश्व कुश्ती चैंपियनशिप का आयोजन यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) द्वारा किया जाता है।
  • UWW कुश्ती के खेल की अंतर्राष्ट्रीय नियामक संस्था है, जिसमें ग्रीको-रोमन कुश्ती (केवल पुरुष) और फ्रीस्टाइल कुश्ती (पुरुष और महिला) दोनों शामिल हैं।
  • UWW का मुख्यालय कोर्सियर-सुर-वेवे, स्विट्ज़रलैंड में है।


उत्तर प्रदेश Switch to English

उत्तर प्रदेश आर्थिक अपराध शाखा का पुनर्गठन

चर्चा में क्यों?

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से प्रेरणा लेते हुए उत्तर प्रदेश आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिये पुनर्गठन किया है।

  • नए उपायों में उन्नत प्रौद्योगिकी उपकरणों को अपनाने, तीव्र अन्वेषण और वित्तीय अपराधों की रिपोर्ट करने के लिये सार्वजनिक पहुँच में सुधार लाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

मुख्य बिंदु

प्रमुख सुधार और उपाय

  • उन्नत सार्वजनिक पहुँच:
    • एक प्रमुख सुधार के तहत नागरिकों को आर्थिक अपराधों की रिपोर्ट करने के लिये आसान पहुँच प्रदान की गई है।
    • राज्य की आपातकालीन हेल्पलाइन 112 को EOW के साथ एकीकृत किया गया है, ताकि जनता पोंजी स्कीम धोखाधड़ी, स्टांप धोखाधड़ी, मल्टी-मार्केटिंग धोखाधड़ी आदि जैसे मामलों की रिपोर्ट कर सके।
  • व्यावसायिक विशेषज्ञता और प्रशिक्षण
    • कार्यशाला का उद्देश्य वित्तीय अपराधों के विभिन्न स्वरूपों के बारे में शिक्षित करना, जाँच की बारीकियों पर ध्यान देना तथा वित्तीय अपराध प्रवर्तन में उभरती चुनौतियों से निपटना था।
    • EOW का लक्ष्य प्रवर्तन तथा सार्वजनिक पहुँच दोनों के संदर्भ में एक मज़बूत और विश्वसनीय संस्थान बनना है।
    • अपने अधिकारियों की व्यावसायिकता बढ़ाने के लिये CBI, प्रवर्तन निदेशालय तथा अन्य केंद्रीय एजेंसियों के विशेषज्ञों के साथ एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
  • जन जागरूकता और शिक्षा:
    • EOW की रणनीति का एक मुख्य भाग जन जागरूकता है।
    • एजेंसी ने नागरिकों को विभिन्न आर्थिक अपराधों के बारे में शिक्षित करने तथा उन्हें सतर्क और सुरक्षित रहने के लिये जागरूक करने हेतु डिजिटल और प्रिंट दोनों प्रारूपों में आठ एनिमेटेड पुस्तिकाएँ तैयार की हैं।
    • जनता को शामिल करने के लिये वित्तीय अपराध रोकथाम पर एक लघु फिल्म भी लॉन्च की गई, साथ ही एक नया EOW लोगो भी जारी किया गया।
  • तकनीकी उन्नयन:
    • EOW अब परिचालन को सुव्यवस्थित करने के लिये अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित है, जिसमें वास्तविक समय पर केस की निगरानी और तीव्र समाधान हेतु 24x7 केस प्रबंधन सॉफ्टवेयर (CMS) भी शामिल है।

आर्थिक अपराध शाखा (EOW)

  • आर्थिक अपराधों से निपटने के लिये CID के अंतर्गत वर्ष 1970 में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की स्थापना की गई थी, जिसका विस्तार वर्ष 1972 में 10 सरकारी विभागों से संबंधित अपराधों को शामिल करने हेतु किया गया।
  • वर्ष 1977 में EOW को उत्तर प्रदेश पुलिस की एक अलग और विशेष जाँच शाखा के रूप में पुनर्गठित किया गया।
  • वर्ष 2006 में EOW के अधिकार क्षेत्र को और अधिक विस्तृत कर दिया गया तथा इसमें सभी सरकारी विभागों में आर्थिक अपराधों की जाँच एवं पूछताछ को शामिल कर लिया गया।
  • वर्ष 2018 में सरकार ने लखनऊ, वाराणसी, मेरठ और कानपुर में EOW क्षेत्रों के अंतर्गत चार पुलिस स्टेशन स्थापित किये।
  • EOW का नेतृत्व महानिदेशक, EOW द्वारा किया जाता है, जिसका मुख्यालय लखनऊ में स्थित है। इसे पाँच सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जिनमें से प्रत्येक का प्रबंधन एसपी रैंक के अधिकारी द्वारा किया जाता है।


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