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मेन्स प्रैक्टिस प्रश्न

  • राष्ट्र की एकता को मजबूत करने में ‘समान नागरिक संहिता’ किस प्रकार सहायक सिद्ध हो सकती है? यदि भारत में समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाए तो महिलाओं की वर्तमान स्थिति में क्या परिवर्तन आने की संभावनाएँ हैं?

    25 Apr, 2017 सामान्य अध्ययन पेपर 2 राजव्यवस्था

    उत्तर :

    भारत के संविधान में अनुच्छेद 44 के अंतर्गत प्रावधान किया गया है कि राज्य, भारत के समस्त राज्य क्षेत्र में नागरिकों के लिये एक समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रयास करेगा।

    चूँकि यह अनुच्छेद नीति निदेशक तत्त्वों के अंतर्गत आता है, अतः इसे न्यायालय द्वारा लागू नहीं करवाया जा सकता। ‘समान नागरिक संहिता’ लागू होने पर देश के सभी नागरिकों के लिये सभी विषयों पर एक ही कानून लागू होगा जो किसी भी धर्म या जाति के सभी निजी कानूनों से ऊपर होगा।

    राष्ट्र की एकता को मजबूत करने में सहायक कैसे?

    • समान नागरिक संहिता लागू होने से प्रत्येक नागरिक के लिये समान कानून होंगे जिससे उनके भीतर एक राष्ट्र के नागरिक के रूप में विकसित होने की प्रवृत्ति बढ़ेगी।
    • समान नागरिक संहिता लागू होने से देश में बढ़ती साम्प्रदायिकता को नियंत्रित किया जा सकता है क्योंकि सभी धर्मों पर एक समान कानून लागू किया जाएगा। 
    • चूँकि अभी तक सभी नागरिकों के लिये समान कानून नहीं है, अतः शासन विरोधी तत्त्वों को यह दुष्प्रचार करने का अवसर मिलता है कि सरकार किसी विशेष सम्प्रदाय की पक्षधर है। समान नागरिक संहिता लागू हो जाए तो सरकार पर ऐसे आक्षेप नहीं लगाए जा सकेंगे।
    • समान नागरिक संहिता लागू करने से बहुधर्मी, बहुभाषायी एवं विभिन्न मतावलम्बियों को एक समान उद्देश्यों के प्रति प्रेरित किया जा सकता है।

    महिलाओं की स्थिति और समान नागरिक संहिता

    • यदि समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाए तो इससे सर्वाधिक लाभान्वित महिलाएँ ही होंगी क्योंकि विभिन्न निजी कानूनों (परम्परागत प्रथाओं) के अंतर्गत महिलाओं को पुरुषों की अपेक्षा दोयम दर्जा दिया गया है।
    • यदि समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाए तो महिलाओं को विवाह, तलाक एवं गुजारा भत्ता, उत्तराधिकार एवं संपत्ति के संबंध में संवैधानिक अधिकारों के अंतर्गत लाभ प्राप्त हो सकेगा।
    • सबसे अधिक सुधार मुस्लिम महिलाओं की स्थिति में होने की संभावना है क्योंकि तलाक और उत्तराधिकार के संबंध में उनकी स्थिति बहुत ही एकपक्षीय एवं दयनीय है। साथ ही, मुस्लिम समाज में जहाँ पुरुष को बहुविवाह की भी अनुमति है, वहीं महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा के संबंध में बहुत ही उपेक्षा की गई है।

    अतः समान नागरिक संहिता लागू करने से निश्चित तौर पर राष्ट्र की एकता को बढ़ावा मिलेगा एवं महिलाओं की स्थिति थी सुरक्षित होगी किंतु इसे लागू करने से पूर्व समाज के सभी वर्गों में आम सहमति का निर्माण करना आवश्यक है।

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