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मेन्स प्रैक्टिस प्रश्न

  • प्रश्न :

    एकीकृत थियेटर कमांड (Integrated Theatre Command) क्या है तथा यह ‘संयुक्त ऑपरेशन’ (Joint Operation) से कैसे अलग है? एकीकृत थियेटर कमांड के गठन के मुद्दे पर सेना के तीनों अंगों में व्याप्त मतभेद को स्पष्ट करें।

    15 May, 2017 सामान्य अध्ययन पेपर 3 आंतरिक सुरक्षा

    उत्तर :

    रक्षा मंत्रालय द्वारा नियुक्त एक समिति ने भारतीय सशस्त्र बलों के तीन ‘एकीकृत थियेटर कमांड’ (उत्तरी, पश्चिमी और दक्षिणी) तैयार करने की सिफारिश की।

    एकीकृत थियेटर कमांड सुरक्षा की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण किसी भौगोलिक क्षेत्र के लिये एक कमांडर के अधीन तीनों सशस्त्र सेनाओं (बल सेना, वायु सेना और नौसेना) की एकीकृत कमांड है। इस तरह की कमांड का कमांडर तीनों सेनाओं के संसाधनों को समेकित रूप से प्रयोग करने में सक्षम होगा। यह कमांडर अपने कार्यों के लिये सेना के किसी अंग के प्रति जवाबदेह नहीं होगा एवं अपने कमांड को निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्षम एक ‘संयुक्त युद्धक बल’ (Cohesive Fighting Force) के रूप में विकसित करने के लिये प्रशिक्षित करने के लिये स्वतंत्र होगा। अपने कार्यों को पूरा करने के लिये आवश्यक संसाधनों को थियेटर कमांडर के नियंत्रण में रखा जाएगा ताकि ऑपरेशन के दौरान उसे किसी पर निर्भर न रहना पड़े।

    यह संयुक्त ऑपरेशन से अलग है। संयुक्त ऑपरेशन में तीनों सेनाएँ अपने प्रभाव क्षेत्रों में विकसित होते हुए अपनी-अपनी स्वतंत्र पहचान कायम रखते हुए साथ-साथ काम करती हैं ताकि युद्ध के दौरान इस समन्वय के आधार पर सर्वोत्तम परिणाम हासिल किये जा सकें। दूसरी तरफ, एकीकृत कमांड में तीनों सेनाओं के सदस्य एक ही कमांडर के अधीन अपनी व्यक्तिगत सेवा पहचान का विलय कर कार्य करते हैं।

    एकीकृत थियेटर कमांड के संदर्भ में तीनों सेनाओं में मतभेद क्यों है?

    • सेना (Army) का मानना है सशस्त्र बलों को ‘सेवा विशिष्ट दृष्टिकोण’ की बजाय संयुक्त दृष्टिकोण से कार्य करना चाहिये, उपलब्ध संसाधनों का इष्टतम उपयोग किया जा सके एवं किसी भी दोहराव से बचा जा सके।
    • जबकि भारतीय वायुसेना (IAF) का मानना है कि उसके पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं जिससे वह अपने युद्धक बेड़ों, हवा में ईंधन भरने वाले विमानों एवं AWACS आदि को अलग-अलग एकीकृत कमांड को देने में सक्षम नहीं है। दूसरा, उसका यह भी मानना है कि भारत भौगोलिक रूप से इतना बड़ा नहीं है कि उसे विभिन्न थियेटर कमांडों में विभाजित किया जाए।
    • नौसेना (Navy) ने नौसेना मुख्यालय के अधीन नियंत्रित वर्तमान मॉडल को ही सर्वाधिक उपयुक्त माना है।
    • साथ ही, इस प्रकार की कमांड के गठन से सेनाओं को अपनी स्वायत्तता एवं महत्त्व कम होने की भी संभावना है। उन्हें आशंका है कि यदि वर्तमान पद्धति के स्थान पर एकीकृत थियेटर कमांड पद्धति को लागू किया जाता है तो उन्हें प्राप्त चार सितारा रैंक (4 Star Rank) के कम हो जाने की भी आशंका है।

    यद्यपि सरकार ने अभी तक इस संदर्भ में अपना मत स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन इस प्रकार के किसी भी निर्णय से पहले सेनाओं के तीनों अंगों से सलाह ज़रूर लेनी चाहिये एवं इसके निर्माण से पहले एक अधिकारी अथवा स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति की जानी चाहिये। यह प्रस्ताव पहली बार 2001 में लाया गया था लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है।

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