प्रारंभिक परीक्षा
आयुष्मान भारत
- 05 Jan 2026
- 85 min read
चर्चा में क्यों?
आयुष्मान भारत ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा वितरण, स्वास्थ्य बीमा कवरेज, डिजिटल स्वास्थ्य एकीकरण और स्वास्थ्य अवसंरचना विकास में सरकार द्वारा महत्त्वपूर्ण प्रगति की रिपोर्ट के बाद एक बार फिर से ध्यान आकर्षित किया है।
आयुष्मान भारत के बारे में मुख्य बिंदु क्या हैं?
- परिचय: आयुष्मान भारत, भारत सरकार का एक प्रमुख स्वास्थ्य क्षेत्र सुधार कार्यक्रम है, जिसे वर्ष 2018 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, 2017 और सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के अनुरूप (विशेष रूप से ‘किसी को भी पीछे न छोड़ें’ के सिद्धांत के अनुरूप) सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज़ (UHC) प्राप्त करना है।
- इसका उद्देश्य खंडित और क्षेत्रीय दृष्टिकोण से हटकर एक व्यापक, आवश्यकता-आधारित निरंतर देखभाल प्रणाली की ओर बढ़ते हुए भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को बदलना है।
- इसमें प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक स्तरों पर स्वास्थ्य देखभाल संबंधी निवारक, प्रोत्साहक, उपचारात्मक, पुनर्वासात्मक और प्रशामक सेवाएँ शामिल हैं।
आयुष्मान भारत के घटक:
आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM)
- परिचय: AAM आयुष्मान भारत का प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा स्तंभ है, जिसमें स्वास्थ्य सेवा समुदाय सुलभ बनाने के लिये शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में उप स्वास्थ्य केंद्रों (SHC) और ग्रामीण एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) का उन्नयन किया जाएगा।
- AAM, जिन्हें पहले स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र (HWC) के नाम से जाना जाता था, का उद्देश्य समुदायों के लिये व्यापक स्वास्थ्य सेवाएँ सुलभ बनाना है।
- उद्देश्य: देखभाल की निरंतरता के दृष्टिकोण के माध्यम से व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करना, जो किसी व्यक्ति की जीवनभर की लगभग 80-90% स्वास्थ्य देखभाल आवश्यकताओं को प्राथमिक स्तर पर ही पूरा करता है।
- सेवाओं का दायरा: एएएम प्रजनन, बाल स्वास्थ्य और संक्रामक रोग सेवाओं को मज़बूत करते हैं, साथ ही उच्च रक्तचाप , मधुमेह और सामान्य कैंसर जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों के लिये देखभाल का विस्तार करते हैं, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य, वृद्धावस्था देखभाल, प्रशामक देखभाल, आघात देखभाल और योग जैसी कल्याण सेवाओं का धीरे-धीरे एकीकरण शामिल है।
- सेवा वितरण तंत्र: एएएम (AAM) सामुदायिक संपर्क और जनसंख्या-आधारित स्क्रीनिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जिससे शीघ्र निदान, समय पर रेफरल, उपचार का पालन, अनुवर्ती देखभाल और आवश्यक दवाओं और निदान उपकरणों की स्थानीय उपलब्धता सुनिश्चित होती है।
- उपलब्धियाँ: नवंबर 2025 तक लगभग 1.82 लाख AAM (आयुर्वेदिक आपातकालीन केंद्र) कार्यरत हैं, जो वर्ष 2022 में निर्धारित 1.5 लाख केंद्रों के लक्ष्य को पहले ही पूरा कर चुके हैं।
- इन केंद्रों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक विस्तार की पुष्टि होती है, जहाँ अब तक 495 करोड़ मरीजों का उपचार किया जा चुका है। साथ ही डिजिटल स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हुए 42 करोड़ टेलीकंसल्टेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुए हैं।
- प्राथमिक स्वास्थ्य स्तर पर 'प्रिवेंटिव हेल्थकेयर' (निवारक स्वास्थ्य सेवा) को सुदृढ़ करते हुए 65 लाख से अधिक योग और वेलनेस सत्र भी आयोजित किये गए हैं।
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (AB PM-JAY):.
- परिचय: AB PM-JAY आयुष्मान भारत का दूसरा स्तंभ है, जिसे वर्ष 2018 में रॉंची, झारखंड में लॉन्च किया गया था, और यह विश्व की सबसे बड़ी सार्वजनिक रूप से वित्त पोषित स्वास्थ्य बीमा योजना है।
- मूल रूप से राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के रूप में शुरू की गई इस योजना ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना को अपने में समाहित कर लिया और मौजूदा लाभार्थियों को एक ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य कवरेज ढाँचे में एकीकृत कर दिया।
- उद्देश्य और कवरेज: PM-JAY का उद्देश्य प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष उच्च और तृतीयक देखभाल हेतु अस्पताल में भर्ती के लिये 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान करना है।
- यह योजना 12 करोड़ से अधिक निर्धन और वंचित परिवारों को लक्षित करती है, जिसके अंतर्गत लगभग 55 करोड़ लाभार्थियों को कवर किया गया है। यह संख्या भारत की कुल जनसंख्या के निचले 40% हिस्से का प्रतिनिधित्व करती है, जो इसकी व्यापक सामाजिक पहुँच को रेखांकित करती है। इन परिवारों की पहचान सामाजिक-आर्थिक और जातिगत जनगणना 2011 (SECC 2011) के तहत वंचना और पेशेवर मानदंडों के आधार पर की गई है।
- मुख्य विशेषताएँ: यह योजना पूरे देश में सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस और पेपरलेस इलाज की सुविधा प्रदान करती है।
- इसमें परिवार के आकार, आयु या लिंग पर कोई प्रतिबंध नहीं है और यह पहले दिन से पूर्व-स्थित बीमारियों को कवर करता है।
- सार्वभौमिक पोर्टेबिलिटी के तहत लाभार्थी भारत में कहीं भी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।
- उपलब्धियाँ: दिसंबर 2025 तक 42 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किये जा चुके हैं, जिससे लगभग 11 करोड़ अस्पताल में भर्ती हुए।
- इस योजना ने लिंग समानता को बढ़ावा दिया है, जिसमें सभी कार्ड और अस्पताल में भर्ती लगभग आधे से ज़्यादा महिलाऍं हैं।
- इसके अलावा आयुष्मान वय वंदना कार्ड के लॉन्च से PM-JAY के लाभ 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों तक पहुँचाए गए हैं, जिससे लगभग 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को कवर करने की संभावना है।
- डिजिटल पहलें, जैसे कि आयुष्मान ऐप, आत्म-सत्यापन और कार्ड बनाने की प्रक्रिया को सरल बना चुकी हैं।
- वर्ष 2025 में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) का विस्तार दिल्ली और ओडिशा तक होने से इसकी राष्ट्रीय पहुँच और मज़बूत हुई है।
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM)
- परिचय: पीएम-अभिम (PM-ABHIM) एक केंद्रीय वित्त पोषित योजना (Centrally Sponsored Scheme - CSS) है, जो आयुष्मान भारत का तीसरा स्तंभ है। इसे वर्ष 2021 में लॉन्च किया गया था, और इसके लिये लगभग ₹64,000 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य वर्ष 2021–26 के दौरान पूरे देश में स्वास्थ्य ढाँचा और प्रणाली की क्षमता को मज़बूत करना है।
- मुख्य उद्देश्य: यह योजना स्वास्थ्य सेवा के त्रि-स्तरीय ढांचे (प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक) में व्यापक क्षमता निर्माण पर केंद्रित है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के पूरक के रूप में कार्य करते हुए, यह योजना विशेष रूप से महामारी और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को सुदृढ़ बनाने तथा मौजूदा स्वास्थ्य प्रणालियों के आधुनिकीकरण पर बल देती है।
- पीएम-अभिम के तहत AAMs, झुग्गी-झोंपड़ी क्षेत्रों में शहरी स्वास्थ्य और वेलनेस केंद्र, ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट्स, ज़िला एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएँ और क्रिटिकल केयर अस्पताल ब्लॉक्स बनाने का प्रावधान है।
- यह Covid-19 और अन्य संक्रामक रोगों पर जैव चिकित्सा अनुसंधान का समर्थन भी करता है और वन हेल्थ दृष्टिकोण के तहत जानवरों से फैलने वाले रोगों को रोकने, पहचानने और उनका सामना करने की क्षमता को मज़बूत बनाता है।
- उपलब्धियाँ: PM-ABHIM ने प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करने के लिये सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े पैमाने पर उन्नयन और निर्माण को मंज़ूरी दी है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM)
- परिचय: वर्ष 2021 में लॉन्च किया गया आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM), भारत में नागरिक-केंद्रित और इंटरऑपरेबल डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम बनाने का लक्ष्य रखता है।
- यह व्यक्तियों को अपनी मेडिकल रिकॉर्ड्स (जैसे कि प्रिस्क्रिप्शन, डायग्नोस्टिक रिपोर्ट और डिस्चार्ज समरी) को सुरक्षित रूप से संग्रहित, एक्सेस और साझा करने की सुविधा प्रदान करता है और यह सब जानकारी पर आधारित सहमति के आधार पर होता है। इससे लंबी अवधि का स्वास्थ्य रिकॉर्ड बनता है और देखभाल की निरंतरता सुनिश्चित होती है।
- आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) नागरिकों के लिये, हेल्थकेयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR), हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) और ड्रग रजिस्ट्री।
- इंटरऑपरेबिलिटी और डेटा आदान-प्रदान को तीन गेटवे हेल्थ इन्फॉर्मेशन कंसेंट मैनेजर (HIE-CM), नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज (NHCX) और यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (UHI) के माध्यम से सक्षम बनाया गया है। ये मिलकर निर्बाध, सुरक्षित और सहमति-आधारित डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का समर्थन करते हैं।
- डेटा गोपनीयता और सुरक्षा: ABDM स्वास्थ्य डेटा की सुरक्षा, गोपनीयता और निजता पर विशेष ज़ोर देता है, जो डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (DPDPA) 2023 के अनुरूप है।
- इसकी संघीय संरचना बिना केंद्रीकृत डेटा भंडारण के रोगियों की स्वास्थ्य जानकारी को सुरक्षित और सहमति-आधारित तरीके से साझा करना सुनिश्चित करती है।
- डिजिटल संरचना और घटक: ABDM का प्रौद्योगिकी ढाँचा चार मुख्य रजिस्ट्री के इर्द-गिर्द बनाया गया है, जो स्वास्थ्य इकोसिस्टम में विश्वसनीय डिजिटल पहचान स्थापित करती है:
- उपलब्धियाँ: वर्ष 2024 तक 67 करोड़ से अधिक ABHA आईडी बनाई जा चुकी हैं, जिनसे 42 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य अभिलेख जुड़े हुए हैं।
- राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य रजिस्ट्रियों पर लगभग 3.3 लाख स्वास्थ्य सुविधाएँ और 4.7 लाख स्वास्थ्य पेशेवर पंजीकृत हो चुके हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. आयुष्मान भारत क्या है?
आयुष्मान भारत : भारत का प्रमुख स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम है, जिसे वर्ष 2018 में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया। यह प्राथमिक देखभाल, स्वास्थ्य बीमा, अवसंरचना तथा डिजिटल स्वास्थ्य एकीकरण पर आधारित है।
2. आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की भूमिका क्या है?
ये समग्र प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करते हैं और निवारक, प्रोत्साहक तथा उपचारात्मक सेवाओं के माध्यम से जीवनभर की लगभग 80–90% स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।
3. PM-JAY वित्तीय सुरक्षा कैसे प्रदान करता है?
PM-JAY के तहत प्रति परिवार प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का कवरेज उपलब्ध कराया जाता है, जिससे सूचीबद्ध अस्पतालों में द्वितीयक एवं तृतीयक अस्पताल में भर्ती के लिये कैशलेस और पेपरलेस सुविधा मिलती है।
4. PM-ABHIM सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिये क्यों महत्त्वपूर्ण है?
PM-ABHIM स्वास्थ्य अवसंरचना, रोग निगरानी, गंभीर देखभाल क्षमता तथा महामारी से निपटने की तैयारी को सभी स्तरों पर सुदृढ़ करता है।
5. ABDM का क्या महत्त्व है?
ABDM एक अंतःक्रियाशील डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र का निर्माण करता है, जो दीर्घकालिक स्वास्थ्य अभिलेखों, सहमति-आधारित डेटा साझा करने और निरंतर देखभाल को सक्षम बनाता है।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न (PYQ)
प्रिलिम्स
प्रश्न. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2022)
- प्राइवेट अस्पतालों और सरकारी अस्पतालों को इसे अवश्य अपनाना चाहिये।
- चूँकि इसका लक्ष्य स्वास्थ्य की सर्वजनीन व्याप्ति है, अंततोगत्वा भारत के हर नागरिक को इसका हिस्सा हो जाना चाहिये।
- यह पूरे देश में निर्बाध रूप से लागू किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (b)
प्रश्न. राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के संदर्भ में, प्रशिक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता 'आशा (ASHA)' के कार्य निम्नलिखित में से कौन-से हैं? (2012)
- स्त्रियों को प्रसव-पूर्व देखभाल जाँच के लिये स्वास्थ्य सुविधा केंद्र साथ ले जाना
- गर्भावस्था के प्रारंभिक संसूचन के लिये गर्भावस्था परीक्षण किट प्रयोग करना
- पोषण एवं प्रतिरक्षण के विषय में सूचना देना।
- बच्चे का प्रसव कराना
नीचे दिये गए कूट का प्रयोग करके सही उत्तर चुनिये:
(a) केवल 1, 2 और 3
(b) केवल 2 और 4
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2, 3 और 4
उत्तर: (a)
मेन्स
प्रश्न. सार्विक स्वास्थ्य संरक्षण प्रदान करने में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की अपनी परिसीमाएँ हैं। क्या आपके विचार में खाई को पाटने में निजी क्षेत्रक सहायक हो सकता है? आप अन्य कौन-से व्यवहार्य विकल्प सुझाएंगे? (2015)

