रैपिड फायर
सूर्यास्त्र रॉकेट लॉन्चर
- 05 Jan 2026
- 15 min read
भारतीय सेना ने आपातकालीन खरीद ढाँचे के तहत त्वरित अधिग्रहण को सक्षम बनाते हुए स्वदेशी ‘सूर्यास्त्र’ लंबी दूरी की रॉकेट लॉन्चर प्रणाली के लिये NIBE लिमिटेड के साथ एक आपातकालीन खरीद अनुबंध पर हस्ताक्षर किये हैं।
- यह प्रणाली एल्बिट सिस्टम के साथ तकनीकी सहयोग के तहत देश में ही निर्मित की जा रही है, जबकि रक्षा अधिग्रहण परिषद ने अनुबंध हस्ताक्षर की अनुमति देने के लिये आपातकालीन खरीद शक्तियों को 15 जनवरी, 2026 तक बढ़ा दिया है।
सूर्यास्त्र
- परिचय: सूर्यास्त्र भारत की पहली ‘मेड-इन-इंडिया’ बहु-कैलिबर, लंबी दूरी की रॉकेट लॉन्चर प्रणाली है, जिसे पुणे स्थित NIBE लिमिटेड ने इज़राइल की एल्बिट सिस्टम्स के सहयोग से विकसित किया है।
- यह एल्बिट की PULS (प्रिसाइज़ एंड यूनिवर्सल लॉन्चिंग सिस्टम) संरचना का उपयोग करता है, जिससे 150 किमी. और 300 किमी. तक की दूरी पर सटीक सतह-से-सतह हमले किये जा सकते हैं और 300 किमी मारक क्षमता वाले उच्च-सटीकता रॉकेट लॉन्चर के पहले घरेलू उत्पादन का मार्ग प्रशस्त होता है।"
- परीक्षणों में इसने पाँच मीटर से कम सर्कुलर एरर प्रोबेबल (CEP) की उच्च सटीकता प्रदर्शित की है और यह 100 किमी तक लोइटर (लोइटरिंग) म्यूनिशन भी दाग सकता है।
- मुख्य क्षमताएँ:
- बहु-कैलिबर क्षमता: एक ही लॉन्चर कई प्रकार के रॉकेट और निर्देशित गोला-बारूद दाग सकता है, जिससे संचालन में लचीलापन बढ़ता है और लॉजिस्टिक बोझ कम होता है।
- उच्च सामरिक गतिशीलता: BEML उच्च गतिशीलता वाहन (HMV) पर स्थापित यह प्रणाली त्वरित तैनाती, ‘शूट-एंड-स्कूट’ संचालन, काउंटर-बैटरी फायर के प्रति कम संवेदनशीलता और विभिन्न भू-भागों में प्रभावी संचालन को सक्षम बनाती है।
- रणनीतिक महत्त्व: यह इज़राइली रॉकेट तकनीक को भारतीय विनिर्माण के साथ जोड़ता है, जो आत्मनिर्भर भारत पहल के अनुरूप है।
- यह गहरी मारक प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करता है और लंबी दूरी, उच्च सटीकता तथा गतिशील तोपखाने की ओर एक सिद्धांतगत बदलाव का संकेत देता है।
|
अधिक पढ़ें: रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता |
