प्रारंभिक परीक्षा
रायसीना संवाद 2026
- 09 Mar 2026
- 35 min read
चर्चा में क्यों?
रायसीना संवाद 2026 का 11वाँ संस्करण नई दिल्ली में संपन्न हुआ, जिसमें वैश्विक विदेश नीति के साथ तकनीकी नवाचार को एकीकृत करने के उद्देश्य से रायसीना विज्ञान कूटनीति पहल (SDI) का महत्त्वपूर्ण शुभारंभ किया गया।
रायसीना संवाद 2026 के प्रमुख निष्कर्ष क्या हैं?
- रायसीना विज्ञान कूटनीति पहल: विज्ञान और प्रौद्योगिकी को विदेश नीति के साथ एकीकृत करने के लिये एक नया ढाँचा शुरू किया गया, जिसमें AI शासन, सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखलाओं तथा विकासशील देशों हेतु भारत के डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया गया।
- बहुध्रुवीय विश्व की ओर परिवर्तन: संवाद में एक बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था के उदय को स्वीकार किया गया, जिसमें वैश्विक दक्षिण भविष्य की अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को आकार देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
- उभरती दक्षिण-दक्षिण साझेदारियाँ (South-South Partnerships) और लचीले बहुपक्षीय समूह वैश्विक शासन को तेज़ी से प्रभावित कर रहे हैं।
- ब्रिक्स (BRICS), भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) और भारत, फ्राँस, संयुक्त अरब अमीरात त्रिपक्षीय समूह के माध्यम से भारत की रणनीतिक भागीदारी इस बदलाव को दर्शाती है, जो भारत को नई साझेदारियों के निर्माता तथा 'वैश्विक दक्षिण' के एक प्रमुख स्वर के रूप में स्थापित करती है।
- परिवर्तित बहुपक्षवाद: वर्तमान भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को दर्शाने के लिये संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की प्रबल मांग की गई, जिसमें भारत की स्थायी सदस्यता के लिये बढ़ता समर्थन भी शामिल है।
- समुद्री सुरक्षा पर ध्यान: भारतीय महासागर, लाल सागर और इंडो-पैसिफिक में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं, समुद्र के नीचे संचार केबलों तथा समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर विशेष बल दिया गया।
रायसीना संवाद
- रायसीना संवाद: वर्ष 2016 में विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा शुरू किया गया था। रायसीना संवाद नाम नई दिल्ली की रायसीना हिल्स के नाम पर रखा गया है। इसका आयोजन प्रतिवर्ष विदेश मंत्रालय द्वारा ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) के सहयोग से किया जाता है।
- यह भू-राजनीति और भू-अर्थशास्त्र पर भारत का प्रमुख सम्मेलन है, जो जर्मनी के म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन और सिंगापुर के शांगरी-ला संवाद के समकक्ष माना जाता है।
- रायसीना संवाद वैश्विक नेतृत्वकर्त्ताओं, नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और पत्रकारों को एक साथ लाकर वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करने का मंच प्रदान करता है।
- 2026 की थीम: 'संस्कार – अस्मिता, अनुकूलन, उन्नति' (Samskara – Assertion, Accommodation, Advancement), जो यह दर्शाती है कि सभ्यताएँ किस प्रकार अपनी पहचान को स्थापित करती हैं, विविधता को स्वीकार करती हैं और प्रगति की ओर अग्रसर होती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. रायसीना संवाद क्या है?
रायसीना संवाद भारत का प्रमुख भू-राजनीति और भू-अर्थशास्त्र सम्मेलन है, जिसका आयोजन हर वर्ष भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के सहयोग से किया जाता है।
2. रायसीना विज्ञान कूटनीति पहल (SDI) क्या है?
यह एक नया ढाँचा है, जिसका उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को विदेश नीति के साथ एकीकृत करना है, जिसमें AI शासन, सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखलाओं और डिजिटल अवसंरचना सहयोग पर विशेष ध्यान दिया गया है।
3. रायसीना संवाद भारत की विदेश नीति के लिये क्यों महत्त्वपूर्ण है?
यह भारत के लिये एक वैश्विक मंच के रूप में कार्य करता है, जिसके माध्यम से वह विश्व नेताओं के साथ संवाद करता है, वैश्विक शासन से जुड़े विमर्शों को प्रभावित करता है और भू-राजनीति तथा भू-अर्थशास्त्र में अपनी रणनीतिक दृष्टि प्रस्तुत करता है।
4. रायसीना संवाद 2026 की थीम क्या थी ?
इसकी थीम 'संस्कार – अस्मिता, अनुकूलन, उन्नति' थी, जो इस बात पर प्रकाश डालती है कि सभ्यताएँ किस प्रकार अपनी पहचान को स्थापित करती हैं, विविधता को स्वीकार करती हैं और सामूहिक रूप से प्रगति की ओर अग्रसर होती हैं।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न (PYQ)
प्रिलिम्स
प्रश्न. निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिये: (2020)
अंतर्राष्ट्रीय समझौता/सेट-अप विषय
1. अल्मा-अता की घोषणा : लोगों की स्वास्थ्य देखभाल
2. हेग कन्वेंशन : जैविक और रासायनिक हथियार
3. तालानोआ संवाद : वैश्विक जलवायु परिवर्तन
4. अंडर 2 गठबंधन : बाल अधिकार
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 4
(c) केवल 1 और 3
(d) केवल 2, 3 और 4
उत्तर: (c)