मुख्य परीक्षा
वर्षांत समीक्षा-2025: गृह मंत्रालय
- 01 Jan 2026
- 56 min read
चर्चा में क्यों?
वर्ष 2025 गृह मंत्रालय के लिये महत्त्वपूर्ण रहा, जिसमें आंतरिक सुरक्षा खतरों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई और परिवर्तनकारी सुधार किये गए, जिससे सुरक्षित, संरक्षित और विकसित भारत की परिकल्पना को आगे बढ़ाया गया।
सारांश
- वर्ष 2025 में गृह मंत्रालय (MHA) ने प्रमुख अभियानों और खुफिया एजेंसियों के समन्वय के माध्यम से वामपंथी उग्रवाद (LWE) तथा आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलताएँ हासिल कीं।
- आपराधिक न्याय, मादक पदार्थ नियंत्रण, सीमा प्रबंधन और साइबर सुरक्षा के क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण सुधारों को आगे बढ़ाया गया।
- जनगणना 2027 (जाति आँकड़ों सहित), मतदाता सूची शुद्धिकरण और सहकारी संघवाद के माध्यम से समावेशी शासन को सुदृढ़ किया गया।
वर्ष 2025 में गृह मंत्रालय की प्रमुख उपलब्धियाँ क्या रहीं?
- वामपंथी उग्रवाद (LWE) का व्यापक रूप से निराकरण: कर्रेगुट्टालू पहाड़ी (छत्तीसगढ़) में अब तक का सबसे बड़ा नक्सल-विरोधी अभियान तथा ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट, जिसके तहत शीर्ष माओवादी नेता नंबाला केशव राव (बसवराजू) का उन्मूलन किया गया, जैसे ऐतिहासिक अभियानों को अंजाम दिया गया।
- वामपंथी उग्रवाद का भौगोलिक फैलाव नाटकीय रूप से सिमट गया और सर्वाधिक प्रभावित ज़िलों की संख्या वर्ष 2014 में 36 से घटकर वर्ष 2025 में केवल 3 रह गई।
- माओवादी विचारधारा का मुकाबला करने और विकास को बढ़ावा देने के लिये बस्तर पंडुम तथा बस्तर दशहरा जैसे जनजातीय उत्सवों का आयोजन किया गया।
- आतंकवाद-रोधी ढाँचे का सुदृढ़ीकरण: पहलगाम आतंकी हमले के प्रति भारत की सशक्त प्रतिक्रिया के रूप में ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव प्रारंभ किये गए, जिनके तहत आतंकी शिविरों तथा अपराधियों का उन्मूलन किया गया।
- आतंकवाद, उग्रवाद और संगठित अपराध के विरुद्ध खुफिया प्रयासों में समन्वय हेतु दिल्ली में नए मल्टी-एजेंसी सेंटर (MAC) का उद्घाटन किया गया।
- INTERPOL के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने के लिये CBI के साथ भारतपोल (BHARATPOL) पोर्टल लॉन्च किया गया।
- आपराधिक न्याय एवं साइबर सुरक्षा: चार-स्तरीय रणनीति (समन्वय, एकीकरण, संप्रेषण और क्षमता निर्माण) अपनाई गई। साइबर वित्तीय अपराधों पर त्वरित कार्रवाई हेतु I4C के माध्यम से ई-ज़ीरो एफआईआर पहल की शुरुआत की गई।
- साक्ष्य-आधारित दोषसिद्धि को सुदृढ़ करने के लिये रायपुर और कोलकाता में राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) तथा केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं (CFSLs) के नए परिसरों की शुरुआत की गई।
- नशीले पदार्थ नियंत्रण एवं सीमा प्रबंधन: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने ₹4,800 करोड़ मूल्य के 1.37 लाख किलोग्राम मादक पदार्थों को नष्ट किया। प्रमुख बरामदगियों में समुद्र में 300 किलोग्राम नशीले पदार्थों की ज़ब्ती तथा ऑपरेशन क्रिस्टल फोर्ट्रेस के तहत दिल्ली में 328 किलोग्राम मेथामफेटामाइन की बरामदगी शामिल है।
- सीमावर्ती गाँवों को विकास केंद्रों में परिवर्तित करने हेतु ₹6,839 करोड़ के परिव्यय के साथ वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम–2 को स्वीकृति प्रदान की गई।
- आप्रवास और विदेशियों विषयक अधिनियम, 2025 को प्रस्तुत किया गया तथा विश्वसनीय यात्रियों के लिये नया ओवरसीज़ सिटिजनशिप ऑफ इंडिया (OCI) पोर्टल और फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन (FTI) कार्यक्रम शुरू किया गया।
- सक्रिय आपदा शासन: ‘शून्य जनहानि’ के लक्ष्य के साथ प्रतिक्रियात्मक से सक्रिय मॉडल की ओर बदलाव करते हुए मंत्रालय ने लगभग ₹4,645 करोड़ मूल्य की शमन परियोजनाओं को मंज़ूरी दी, जिनमें 11 शहरों के लिये शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम भी शामिल है।
- सहकारी संघवाद को बढ़ावा: शासन में भारतीय भाषाओं के उपयोग को प्रोत्साहित करने हेतु भारतीय भाषा अनुभाग की स्थापना की गई। क्षेत्रीय परिषदों को पुनर्जीवित किया गया, जिससे 80% से अधिक अंतर-राज्यीय मुद्दों का समाधान हुआ।
- जनगणना एवं समावेशी शासन: घोषणा की गई कि जनगणना 2027 दो चरणों में कराई जाएगी तथा इसमें जाति जनगणना भी शामिल होगी, जिससे सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि हुई। निर्वाचन प्रक्रिया को सुरक्षित करने के लिये मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण (SIR) पर भी बल दिया गया।
- अन्य प्रमुख पहलें: हिरासत में लिये गए व्यक्तियों को संवैधानिक पदों पर बने रहने से रोकने हेतु विधेयक प्रस्तुत किये गए (130वाँ संविधान संशोधन विधेयक – हिरासत की स्थिति में मंत्रियों को पद से हटाने का प्रावधान)।
निष्कर्ष:
वर्ष 2025 में गृह मंत्रालय ने वामपंथी उग्रवाद और आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक सुरक्षा उपलब्धियाँ हासिल कीं, न्याय एवं सीमा प्रबंधन से जुड़े परिवर्तनकारी सुधार लागू किये तथा समावेशी शासन को आगे बढ़ाया—जिससे एक सुरक्षित और विकसित भारत के लिये सुदृढ़ ढाँचे की स्थापना हुई।
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दृष्टि मेन्स प्रश्न: प्रश्न. वर्ष 2025 में लागू किये गए आपराधिक न्याय, साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक विज्ञान से जुड़े सुधार किस प्रकार एक अधिक प्रभावी, त्वरित तथा पीड़ितोन्मुख कानूनी प्रणाली को सुदृढ़ करने का प्रयास करते हैं? |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न: 2025 में वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध गृह मंत्रालय (MHA) की प्रमुख उपलब्धि क्या रही?
उत्तर: वामपंथी उग्रवाद का प्रभाव क्षेत्र घटकर केवल तीन सर्वाधिक प्रभावित ज़िलों तक सीमित रह गया तथा व्यापक अभियानों में कई शीर्ष माओवादी नेताओं को निष्क्रिय किया गया।
प्रश्न: भारतपोल (BHARATPOL) पोर्टल का महत्त्व क्या है?
उत्तर: भारतपोल पोर्टल इंटरपोल के माध्यम से वास्तविक समय में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करता है, जिससे भारत की वैश्विक आतंकवाद-रोधी और अपराध-नियंत्रण प्रतिक्रिया मज़बूत होती है।
प्रश्न: वर्ष 2025 में गृह मंत्रालय ने साइबर सुरक्षा को किस प्रकार सुदृढ़ किया?
उत्तर: I4C के अंतर्गत ई-ज़ीरो FIR (e-Zero FIR) की शुरुआत और फॉरेंसिक अवसंरचना के विस्तार के माध्यम से, जिससे साइबर अपराधों की त्वरित जाँच और दोषसिद्धि दर में वृद्धि संभव हुई।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न
प्रिलिम्स:
प्रश्न. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये : (2019)
- भ्रष्टाचार के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन [यूनाइटेड नेशंस कर्न्वेंशन अर्गेस्ट करप्शन (UNCAC)] का भूमि, समुद्र और वायुमार्ग से प्रवासियों की तस्करी के विरुद्ध एक प्रोटोकॉल' होता है।
- UNCAC अब तक का सबसे पहला विधितः बाध्यकारी सार्वभौम भ्रष्टाचार-निरोधी लिखत है।
- राष्ट्र-पार संगठित अपराध के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन [यूनाइटेड नेशंस कर्न्वेशन अर्गेस्ट ट्रांसनैशनल ऑर्गेनाइज़्ड क्राइम (UNTOC)] की एक विशिष्टता ऐसे एक विशिष्ट अध्याय का समावेशन है, जिसका लक्ष्य उन संपत्तियों को उनके वैध स्वामियों को लौटाना है, जिनसे वे अवैध तरीके से ले ली गई थीं।
- मादक द्रव्य और अपराध विषयक संयुक्त राष्ट्र कार्यालय [यूनाइटेड नेशंस ऑफिस ऑन ड्रग्स ऐंड क्राइम (UNODC)] संयुक्त राष्ट्र के सदस्य राज्यों द्वारा UNCAC और UNTOC दोनों के कार्यान्वयन में सहयोग करने के लिये अधिदेशित है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
(a) केवल 1 और 3
(b) केवल 2, 3 और 4
(c) केवल 2 और 4
(d) 1, 2, 3 और 4
उत्तर: (c)
मेन्स:
प्रश्न. भारत के पूर्वी हिस्से में वामपंथी उग्रवाद के निर्धारक क्या हैं? प्रभावित क्षेत्रों में खतरे का मुकाबला करने के लिये भारत सरकार, नागरिक प्रशासन और सुरक्षा बलों को क्या रणनीति अपनानी चाहिये? (2020)
प्रश्न. विश्व के दो सबसे बड़े अवैध अफीम उत्पादक राज्यों से भारत की निकटता ने भारत की आंतरिक सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। नशीली दवाओं के अवैध व्यापार एवं बंदूक बेचने, गुपचुप धन विदेश भेजने और मानव तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों के बीच कड़ियों को स्पष्ट कीजिये। इन गतिविधियों को रोकने के लिये क्या-क्या प्रतिरोधी उपाय किये जाने चाहिये? (2018)