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बिहार की पहली कम लागत वाली रोबोटिक पैंक्रियाज कैंसर सर्जरी
चर्चा में क्यों?
पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) ने बिहार में पहली बार रोबोटिक अग्न्याशय (पैंक्रियाटिक) कैंसर सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है, वह भी काफी कम लागत पर, जो राज्य में उन्नत कैंसर उपचार के लिये एक महत्त्वपूर्ण चिकित्सीय उपलब्धि है।
मुख्य बिंदु:
- सर्जरी: दरभंगा के 71 वर्षीय व्यक्ति, जिन्हें अग्न्याशय (पैंक्रियाटिक) कैंसर का निदान हुआ था, ने छह घंटे लंबी रोबोटिक सर्जरी करवाई।
- यह सर्जरी ₹50,000 के पैकेज के तहत उपलब्ध कराई गई, जिससे बिहार के मरीज़ों के लिये उन्नत कैंसर उपचार अधिक किफायती हो गया।
- इस प्रक्रिया का नेतृत्व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने किया।
- उन्नत तकनीक: रोबोटिक सर्जरी से सर्जन जटिल और सटीक प्रक्रियाएँ छोटे चीरे के साथ कर सकते हैं, जिससे रक्तस्राव कम होता है, जटिलताएँ घटती हैं, अस्पताल में रहने की अवधि कम होती है और रोगी के समग्र परिणाम बेहतर होते हैं।
- प्रभाव: इस उपलब्धि के साथ बिहार उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहाँ स्थानीय स्तर पर रोबोटिक कैंसर सर्जरी उपलब्ध है।
- IGIMS (इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान):
- इसकी स्थापना 19 नवंबर, 1983 को हुई थी।
- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली के तर्ज़ पर एक स्वायत्त संगठन है।
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