दृष्टि के NCERT कोर्स के साथ करें UPSC की तैयारी और जानें
ध्यान दें:

मध्य प्रदेश स्टेट पी.सी.एस.

  • 14 Jan 2026
  • 0 min read
  • Switch Date:  
मध्य प्रदेश Switch to English

मध्य प्रदेश में स्वच्छ जल अभियान शुरू किया

चर्चा में क्यों?

मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर में हाल ही में हुई जल संदूषण की घटना और उससे उत्पन्न गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंताओं के बाद पूरे राज्य में सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के लिये स्वच्छ जल अभियान शुरू किया है।

मुख्य बिंदु:

  • अभियान का उद्देश्य: स्वच्छ जल अभियान का लक्ष्य पूरे राज्य में सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसके लिये संदूषण के स्रोतों की पहचान कर उन्हें दूर किया जा रहा है, निगरानी तंत्र को मज़बूत किया जा रहा है और जल अवसंरचना में सुधार किया जा रहा है।
  • लॉन्च: इस अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल से की।
  • प्रौद्योगिकी का उपयोग: पहल में भूमिगत पाइपलाइनों की जाँच, रिसाव की पहचान और सीवेज तथा पेयजल लाइनों के संभावित मिलन बिंदुओं का पता लगाने के लिये रोबोटिक तकनीक तथा GIS मैपिंग का उपयोग शामिल है, ताकि संदूषण के जोखिम को रोका जा सके।
    • चरणबद्ध क्रियान्वयन: यह अभियान विभिन्न चरणों में संचालित किया जा रहा है, जिसमें जल की गुणवत्ता की गहन जाँच, जल शोधन संयंत्रों और स्टोरेज टैंकों की सफाई तथा सुरक्षा मानकों के अनुपालन हेतु नियमित परीक्षण शामिल हैं।
  • जनभागीदारी: अभियान के तहत सरकार ने 'जल सुनवाई' जैसे तंत्र शुरू किये हैं, जिनके माध्यम से नागरिक जल गुणवत्ता से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकते हैं और इन शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा में किया जाता है।

और पढ़ें: GIS मैपिंग


राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English

अरलम तितली अभयारण्य

चर्चा में क्यों?

केरल सरकार ने कन्नूर ज़िले के अरलम वन्यजीव अभयारण्य का आधिकारिक रूप से नाम बदलकर अरलम तितली अभयारण्य कर दिया है।

मुख्य बिंदु:

  • सूचना: इस नाम परिवर्तन की आधिकारिक सूचना वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत जारी की गई।
  • कारण: क्षेत्र में तितली प्रजातियों की समृद्ध विविधता और संख्या के कारण तथा उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा एवं संवर्द्धन की आवश्यकता के चलते।
    • तितली विविधता: अरलम में लगभग 266 तितली प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जो केरल की कुल तितली विविधता का 80% से अधिक हैं।
    • स्थानीय प्रजातियाँ: अरलम में 27 प्रजातियाँ केवल पश्चिमी घाटों में ही पाई जाती हैं।
  • WP अधिनियम के तहत सुरक्षा: अरालम में दर्ज 6 तितली प्रजातियाँ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I में सूचीबद्ध हैं।
  • ऐतिहासिक स्थिति: अरलम क्षेत्र को मूल रूप से वर्ष 1984 में वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया था।
  • वैश्विक महत्त्व: यह अभयारण्य पश्चिमी घाटों का हिस्सा होने के नाते वैश्विक पारिस्थितिक महत्त्व  रखता है, जिसे UNESCO ने विश्व प्राकृतिक धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी है।
  • सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभाव: नाम परिवर्तन से जैव विविधता संरक्षण को मज़बूत करने, पर्यावरणीय शिक्षा, इकोटूरिज़्म को बढ़ावा देने और तितलियों की संख्या की सुरक्षा में समुदाय की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की उम्मीद है।

और पढ़ें: वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, IUCN रेड लिस्ट, UNESCO


close
Share Page
images-2
images-2