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छत्तीसगढ स्टेट पी.सी.एस.

  • 23 May 2022
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मुख्यमंत्री ने जैव-विविधता पर केंद्रित दो लघु वृत्तचित्रों का लोकार्पण तथा विभिन्न लेखकों की 6 पुस्तकों का विमोचन किया

चर्चा में क्यों?

22 मई, 2022 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अंतर्राष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस के अवसर पर आयोजित ‘परिचर्चा एवं पुरस्कार वितरण’कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की जैव-विविधता पर केंद्रित दो लघु वृत्तचित्रों का लोकार्पण तथा विभिन्न लेखकों की 6 पुस्तकों का विमोचन किया।

प्रमुख बिंदु

  • उन्होंने मनेंद्रगढ़ वनमंडल द्वारा तैयार किये जा रहे मैरिन फॉसिल्स पार्क पर आधारित फिल्म ‘छत्तीसगढ़ में जीवन चिह्न: मानव अस्तित्व के परे’तथा राज्य के वनक्षेत्रों में पाए जाने वाले शैलचित्रों (केव पेंटिंग्स) पर आधारित फिल्म ‘प्रथम अभिव्यक्ति’का लोकार्पण किया।
  • इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की जैव-विविधता पर विभिन्न लेखकों की 6 पुस्तकों का विमोचन किया।
  • मुख्यमंत्री ने लेखक डॉ. शिवाजी चवन की पुस्तक ‘छत्तीसगढ़ स्टेट बायोडायवर्सिटी स्ट्रेटेजी एंड एक्शन प्लान, 2022-30’, भारतीय वन सेवा के अधिकारी रामकृष्णा की गुरु घासीदास टाइगर रिज़र्व में गुफा शैलचित्रों पर केंद्रित पुस्तक ‘शेड्स ऑफ पास्ट’, गौरव निहलानी तथा ज्ञानेंद्र पांडेय वसुंधरा प्राकृतिक संरक्षण समिति की पुस्तक ‘छत्तीसगढ़ में ईको पर्यटन - संभावनाएँ एवं चुनौतियां’का विमोचन किया।
  • इसी तरह उन्होंने शैलेंद्र उईके और भारतीय वन सेवा के श्रीनिवास टी. की पुस्तक ‘अ फिल्ड गाइड टू फॉरेस्ट ग्रासेस ऑफ छत्तीसगढ़’, डॉ. विवेक कुमार सिंघल तथा डॉ. हेमकांत चंद्रवंशी अंकित सेवा संस्थान की पुस्तक ‘बायोडायवर्सिटी इन छत्तीसगढ़्स स्वाइल’तथा ‘इनसेक्ट बायोडायवर्सिटी ऑफ छत्तीसगढ़’का भी विमोचन किया।
  • गौरतलब है कि 1993 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने जैव-विविधता के मुद्दों की समझ और जागरूकता बढ़ाने के लिये 22 मई को अंतर्राष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस के रूप में घोषित किया। इस दिन को विश्व जैव-विविधता दिवस के रूप में भी जाना जाता है।

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मुख्यमंत्री ने जैव-विविधता के संरक्षण और संवर्द्धन के लिये व्यक्तियों एवं संस्थाओं को किया पुरस्कृत

चर्चा में क्यों?

22 मई, 2022 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अंतर्राष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस के अवसर पर आयोजित ‘परिचर्चा एवं पुरस्कार वितरण’कार्यक्रम में जैव-विविधता के संरक्षण और संवर्द्धन के लिये व्यक्तियों एवं संस्थाओं को पुरस्कृत किया।

प्रमुख बिंदु 

  • मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में जैव-विविधता, पालतू पशुओं के संरक्षण, जैव सांस्कृतिक विविधता के संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रही संस्थाओं, व्यक्तियों एवं जैव प्रबंधन समितियों के लिये पुरस्कार घोषित किये। कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े वनमंडलाधिकारियों द्वारा संबंधित व्यत्तियों को पुरस्कृत किया गया।
  • ये पुरस्कार वन्य प्राणियों के संरक्षण एवं पालतू प्रजातियों के संरक्षण, जैव संसाधनों का पोषणीय उपयोग, सभ्यता, संस्कृति एवं धरोहर से जैव-विविधता संरक्षण तथा श्रेष्ठ जैव-विविधता प्रबंधन समिति की श्रेणियों में दिये गए।
  • छत्तीसगढ़ जैव-विविधता पुरस्कार, 2022 के तहत श्रेष्ठ संस्थान श्रेणी में श्रेष्ठ जैव-विविधता प्रबंधन समिति शाहवाड़ा, कांकेर और प्रबंधन समिति चीचा दुर्ग को 50 हज़ार रुपए की पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
  • इसी प्रकार जैव संसाधनों का पोषणीय उपयोग व्यत्तिगत श्रेणी में किशोर कुमार राजपूत तथा पालतू प्रजातियों का संरक्षण व्यक्तिगत श्रेणी में डॉ. पदम जैन को 25 हज़ार रुपए की पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र-प्रदान कर सम्मानित किया गया।
  • पालतू प्रजातियों का संरक्षण संस्था श्रेणी में पीपुल फॉर एनिमल दुर्ग-भिलाई यूनिट-2 तथा वन्य प्राणियों का संरक्षण संस्था श्रेणी में नेचर बायोडायवर्सिटी एसोसिएशन को 50 हज़ार रुपए की पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति-पत्र और वन्य प्राणियों का संरक्षण व्यत्तिगत श्रेणी में राजेंद्र प्रसाद मिश्र और सुश्री निधि तिवारी को प्रशस्ति-पत्र एवं 25 हज़ार रुपए की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया।

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राज्य कैंसर संस्थान का वर्चुअल भूमि पूजन

चर्चा में क्यों?

22 मई, 2022 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में बिलासपुर में 120 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक ‘राज्य कैंसर संस्थान’का भूमि-पूजन किया।

प्रमुख बिंदु 

  • मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य कैंसर संस्थान कैंसर के इलाज के लिये आवश्यक अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होगा और आगामी एक वर्ष में इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
  • बिलासपुर में निर्मित होने वाले राज्य कैंसर संस्थान में सभी प्रकार के कैंसर के इलाज की सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध होगी। संस्थान में 100 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक कैंसर वार्ड और 20 बिस्तरों के अत्याधुनिक आईसीयू वार्ड की सुविधा उपलब्ध होगी।
  • राज्य कैंसर संस्थान में सभी प्रकार की कीमोथेरैपी, जैसे- टार्गेटेड, इम्यूनो, मॉलिकुलर, मेटरोनॉमिक सुविधा नि:शुल्क मिलेगी। यहाँ अत्याधुनिक रेडियोथेरैपी मशीन से इलाज किया जाएगा।
  • दो लीनियर एक्सीलरेटर, कोबाल्ट ब्रेकीथेरेपी यूनिट, पीईटी स्कैन मशीन, सीटी सिमुलेटर, एमआरआई मशीन और कैंसर अनुसंधान के लिये सभी अत्याधुनिक साधन राज्य कैंसर संस्थान में उपलब्ध होंगे।
  • स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, मुख एवं गले का कैंसर, फेफड़े का कैंसर, बड़ी आँत एवं गुदा का कैंसर, पेट के कैंसर, यकृत, पित्त की थैली के कैंसर, हड्डी के कैंसर, ब्लड कैंसर का इलाज एक ही छत के नीचे हो सकेगा।

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दंतेवाड़ा ज़िले के बारसूर में राज्य का पहला मॉडल हाट-बाज़ार शुरू

चर्चा में क्यों?

हाल ही में छत्तीसगढ़ का पहला एंट्री-एक्ज़िट द्वार वाला मॉडल हाट-बाज़ार दंतेवाड़ा ज़िले के गीदम विकासखंड अंतर्गत बारसूर में शुरू किया गया।

प्रमुख बिंदु

  • ज़िला प्रशासन की पहल से ग्रामीणों को सर्व सुविधा उपलब्ध कराने हेतु इस मॉडल हाट-बाज़ार का निर्माण किया गया है।
  • पहली बार हाट-बाज़ार में एंट्री और एक्ज़िट हेतु सुनियोजित द्वार बनाए गए हैं, जहाँ ग्रामीणों या व्यापारियों द्वारा लाए गए सामान या उत्पाद को वज़न किया जाता है, जिससे ग्रामीण निर्धारित कीमत पर सामान का विक्रय कर सकें।
  • इसके साथ ही एक्ज़िट द्वार पर यह सुनिश्चित किया जाता है कि उन्हें उनके सामानों का उचित मूल्य प्राप्त हुआ है या नहीं।
  • मॉडल हाट-बाज़ार होने से छोटे व्यापारियों के लिये वज़न मशीन द्वारा लाए गए सामानों की वज़न कर स्थानीय बोली में बताया जाता है।
  • हाट-बाज़ार में ही खाद्य सामाग्री को सुरक्षित रखने हेतु ड्राई व कोल्ड स्टोरेड की सुविधा दी गई है, ताकि बिक्री के बाद बची हुई सामग्री को अगले बाज़ार तक सुरक्षित रखा जा सके।
  • मॉडल हाट-बाज़ार से लगभग 200 व्यापारियों को लाभ मिल रहा है। हाट-बाज़ार स्थल पर ही मुख्यमंत्री हाट-बाज़ार क्लीनिक योजना का संचालन भी किया जा रहा है।
  • गौरतलब है कि बस्तर अंचल में हाट-बाज़ार का अपना एक अलग ही महत्त्व है। हाट-बाज़ार को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा माना जाता है।

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