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स्टेट पी.सी.एस.

  • 18 Apr 2026
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झारखंड Switch to English

झारखंड में 'स्कूल रुआर 2026' पहल शुरू की गई

चर्चा में क्यों?

झारखंड सरकार ने ‘स्कूल रुआर 2026’ पहल को राज्यव्यापी ‘बैक-टू-स्कूल’ अभियान के रूप में शुरू किया, जिसका उद्देश्य स्कूल छोड़ चुके बच्चों को पुनः कक्षाओं में लाना और वर्ष 2026 में ड्रॉपआउट दर को 1% से कम करना है।

मुख्य बिंदु:

    • पहल: ‘स्कूल रुआर 2026’ झारखंड के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा शुरू की गई। 21-दिवसीय गहन अभियान है, जिसका उद्देश्य राज्य के प्रत्येक बच्चे का स्कूल में नामांकन सुनिश्चित करना है।
      • 70% उपस्थिति बनाए रखना और नियमित डेटा अपडेट करना अनिवार्य है।
      • इस अभियान के अंतर्गत हितधारकों को घर-घर जाकर संपर्क करने और जागरूकता अभियान में शामिल किया गया है, ताकि अभिभावकों को बच्चों को पुनः स्कूल भेजने के लिये प्रेरित किया जा सके।
      • ज़िला शिक्षा पदाधिकारी और ज़िला शिक्षा अधीक्षक को इस अभियान के क्रियान्वयन एवं निगरानी की पूर्ण ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।
    • उद्देश्य: मुख्य लक्ष्य स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान करना, ड्रॉपआउट छात्रों का पुनः नामांकन करना और विशेष रूप से ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में निरंतर शिक्षा सुनिश्चित करना है।
      • यह पहल वर्तमान शैक्षणिक वर्ष के दौरान ड्रॉपआउट दर को 1% से कम करने का लक्ष्य रखती है।
    • निगरानी तंत्र: छात्रों के नामांकन और उपस्थिति की निगरानी ई-विद्यावाहिनी जैसे डिजिटल सिस्टम के माध्यम से की जाती है, ताकि नए और पुनः नामांकित छात्रों की नियमित ट्रैकिंग सुनिश्चित हो सके।

    राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English

    आर. वैशाली ने FIDE महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 जीता

    चर्चा में क्यों?

    भारतीय शतरंज ग्रैंडमास्टर आर. वैशाली ने FIDE महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 जीता, जिससे उन्हें वर्ष 2026 में बाद में महिला विश्व शतरंज चैंपियनशिप के खिताब के लिये मौजूदा विश्व चैंपियन चीन की जू वेनजुन को चुनौती देने का अधिकार प्राप्त हुआ।

    मुख्य बिंदु:

    • स्थान: यह टूर्नामेंट साइप्रस की राजधानी निकोसिया में आयोजित किया गया।
    • आयोजक: अंतर्राष्ट्रीय शतरंज महासंघ (FIDE)।
    • टूर्नामेंट विजय: आर. वैशाली ने अंतिम दौर में रूसी ग्रैंडमास्टर कतेरीना लाग्नो को हराकर FIDE महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 का खिताब जीता।
      • उन्होंने 14 राउंड में 8.5 अंक हासिल किये और आधे अंक के अंतर से टूर्नामेंट अपने नाम किया।
      • इस जीत के साथ उन्हें वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली महिला विश्व शतरंज चैंपियनशिप में मौजूदा चैंपियन जू वेनजुन को चुनौती देने का अवसर मिला।
    • ऐतिहासिक उपलब्धि: 24 वर्षीय ग्रैंडमास्टर इस टूर्नामेंट को जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं, जो भारतीय शतरंज के लिये एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।
    • FIDE: FIDE का मुख्यालय वर्तमान में लॉज़ेन में स्थित है।
      • इसे वर्ष 1999 में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति द्वारा एक वैश्विक खेल संगठन के रूप में मान्यता दी गई थी।
      • इसकी स्थापना वर्ष 1924 में पेरिस में ‘Gens una Sumus’ (अर्थात ‘हम एक परिवार हैं’) के मोटो के साथ की गई थी।

    हरियाणा Switch to English

    हरियाणा ने सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिये एक समर्पित कॉल सेंटर शुरू किया

    चर्चा में क्यों?

    हरियाणा सरकार ने सशस्त्र बलों के जवानों, पूर्व सैनिकों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) तथा उनके परिवारों को कल्याणकारी सहायता और शिकायतों के समाधान हेतु एक सहायता कॉल सेंटर शुरू किया है।

    मुख्य बिंदु:

    • पहल: हरियाणा सरकार द्वारा सशस्त्र बलों, पूर्व सैनिकों और CAPF कर्मियों की सहायता के लिये एक समर्पित कॉल सेंटर शुरू किया गया है, जो उनकी सभी समस्याओं के समाधान हेतु एकल संपर्क केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
    • उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य रक्षा कर्मियों और उनके परिवारों से संबंधित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, लाभों और अधिकारों के बारे में जानकारी, मार्गदर्शन तथा शिकायतों का समयबद्ध समाधान प्रदान करना है।
    • कार्यान्वयन: यह पहल राज्य के सैनिक एवं अर्द्धसैनिक कल्याण विभाग के अंतर्गत शुरू की गई है।
    • लक्ष्य: कल्याणकारी योजनाओं के पारदर्शी, कुशल एवं सुलभ वितरण को सुनिश्चित करना तथा लाभार्थियों और सरकारी तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।

    और पढ़ें: CAPF


    हरियाणा Switch to English

    उत्तर प्रदेश ने डेयरी क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिये rs. 3,000 करोड़ के MoU पर हस्ताक्षर किये

    चर्चा में क्यों?

    उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ में आयोजित ‘दुग्ध स्वर्ण महोत्सव’ (गोल्डन जुबली समारोह) के दौरान ₹3,000 करोड़ से अधिक मूल्य के 59 समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किये। यह कार्यक्रम राज्य के डेयरी विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया और इसका मुख्य उद्देश्य तकनीकी एकीकरण के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना था।

    मुख्य बिंदु: 

      • कुल निवेश: इस सम्मेलन के दौरान ₹3,000 करोड़ से अधिक के समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किये गए।
      • प्रमुख प्रतिभागी: इन MoUs पर प्रमुख निजी संस्थाओं के साथ हस्ताक्षर किये गए, जिनमें शामिल हैं:
        • आनंदा डेयरी
        • ज्ञान डेयरी
        • परम डेयरी
      • रोज़गार प्रभाव: इन 59 समझौतों से राज्य में 13,000 से अधिक नए रोज़गार सृजित होने की संभावना है।
      • मुख्य क्षेत्र: निवेश डेयरी प्लांट, दूध शीतलन केंद्र, पशु चारा संयंत्र स्थापित करने और कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स के आधुनिकीकरण पर केंद्रित है।
      • डेयरी क्षेत्र का रणनीतिक प्रदर्शन: पशुपालन मंत्री के अनुसार, विभाग अब तक ₹25,000 करोड़ से अधिक के कुल 796 MoU निष्पादित कर चुका है, जिससे अंततः 60,000 से अधिक रोज़गार सृजित होंगे।
        • आर्थिक योगदान: डेयरी क्षेत्र उत्तर प्रदेश के सकल राज्य मूल्यवर्द्धन (GSVA) में लगभग ₹1.72 लाख करोड़ का योगदान देता है।
      • किसान समर्थन: नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत, लगभग ₹84 करोड़ की अनुदान राशि 10,000 से अधिक लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से वितरित की गई है।

      और पढ़ें: नंद बाबा दुग्ध मिशन


      राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English

      बंगलूरू में HAL एयरोस्पेस म्यूज़ियम का उन्नत संस्करण खुला

      चर्चा में क्यों?

      बंगलूरू स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) एयरोस्पेस संग्रहालय का व्यापक उन्नयन के बाद आज आधिकारिक रूप से जनता के लिये पुनः उद्घाटन किया गया। यह पुनर्निर्मित परिसर भारत के स्वदेशी एयरोस्पेस उद्योग की प्रगति और HAL की प्रमुख उपलब्धियों को दर्शाने वाला एक महत्त्वपूर्ण आकर्षण केंद्र है।

      मुख्य बिंदु:

      • नए जोड़ और उन्नयन: उन्नत किये  गए संग्रहालय में भारत के स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान, तेजस (LCA) और उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (ALH) ध्रुव के लिये एक समर्पित गैलरी मौजूद है।
        • वर्चुअल रियलिटी (VR) अनुभव: एक अत्याधुनिक VR ज़ोन जोड़ा गया है, जहाँ आगंतुक फाइटर कॉकपिट में सिम्युलेटेड उड़ान का अनुभव कर सकते हैं, जिससे ऐतिहासिक प्रदर्शनों और आधुनिक तकनीक के बीच की दूरी कम होती है।
        • पुनर्स्थापित विरासत विमान: बेहतर प्रदर्शन के लिये कई पुराने विमानों को बारीकी से संवारा गया है, जिनमें भारत का पहला स्वदेशी सुपरसोनिक फाइटर 'मारुत' (HF-24) और 'लक्ष्य' (PTA) शामिल हैं।
      • रणनीतिक महत्त्व: यह संग्रहालय HT-2 (भारत का पहला ट्रेनर विमान) के युग से लेकर स्टेल्थ और मानव रहित हवाई वाहनों (UAVs) के आधुनिक युग तक की तकनीकी यात्रा को प्रस्तुत कर, अगली पीढ़ी के इंजीनियरों तथा पायलटों को प्रेरित करने का लक्ष्य रखता है।
        • ‘आत्मनिर्भरता’ को बढ़ावा: भारत में एयरोनॉटिकल डिज़ाइन और विनिर्माण के इतिहास को प्रदर्शित करते हुए, यह केंद्र रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में देश की प्रगति को उजागर करता है।
      • पर्यटन और सांस्कृतिक प्रभाव: भारत के पहले एयरोस्पेस संग्रहालय (2001 में स्थापित) के रूप में, यह अपग्रेड देश की ‘एविएशन कैपिटल’ (विमानन राजधानी) बंगलूरू में एक प्रमुख उपलब्धि के रूप में इसकी स्थिति को और मज़बूत करता है।
        • जनसहभागिता: इस परिसर में एक नवीनीकृत पुस्तकालय, एयरो-मॉडलिंग क्लब और अद्यतन सस्टेनेबिलिटी पार्क शामिल हैं, जो इसे मनोरंजन तथा शिक्षण दोनों के लिये एक समग्र केंद्र बनाते हैं।

      उत्तर प्रदेश Switch to English

      उत्तर प्रदेश ने छोटे शहरों के लिये rs2,900 करोड़ की ‘नवयुग पालिका योजना’ शुरू की

      चर्चा में क्यों?

      उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘नवयुग पालिका योजना’ नामक ₹2,915 करोड़ की एक महत्त्वाकांक्षी शहरी विकास रूपरेखा की घोषणा की है। यह पहल छोटे शहरों और कस्बों में अवसंरचना को उन्नत करने के लिये तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य टियर-II तथा टियर-III शहरी केंद्रों में स्मार्ट सिटी मिशन की सफलता को दोहराना है।

      मुख्य बिंदु:

      • कुल निवेश: वर्ष 2029-30 तक पाँच वर्ष की अवधि में ₹2,915 करोड़ से अधिक का निवेश किया जाएगा।
      • वार्षिक व्यय: नियोजित शहरी विकास पर सालाना अनुमानित ₹583 करोड़ खर्च किये जाएंगे।
        • फंडिंग मॉडल: यह योजना पूरी तरह से राज्य सरकार द्वारा अपने संसाधनों से वित्तपोषित होगी, जिसमें केंद्र से कोई वित्तीय योगदान नहीं लिया जाएगा।
      • कार्यक्षेत्र और लक्षित क्षेत्र: यह रोडमैप 17 प्रमुख नगर निगमों के बाहर आने वाले 58 ज़िला मुख्यालयों के शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) को लक्षित करता है।
        • शहरी बस्तियाँ: इसका मुख्य ध्यान नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों द्वारा प्रबंधित कस्बों को अपग्रेड करना है, ताकि उन्हें बड़े मेट्रो शहरों के मानकों के बराबर लाया जा सके।
        • नई टाउनशिप: इसके समानांतर, राज्य शहरी विकास के विकेंद्रीकरण के लिये 75 ज़िलों में 100 नई टाउनशिप विकसित करने की योजना बना रहा है।
      • स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर: छोटे कस्बों को आधुनिक सड़कों, बेहतर जल निकासी व्यवस्था और स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग से लैस करना।
        • डिजिटल गवर्नेंस: नागरिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने के लिये ई-सेवाओं तथा डिजिटल शासन मंचों को बढ़ावा देना।
        • जीवन की गुणवत्ता: स्वच्छ जल आपूर्ति और प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली प्रदान करके ‘ईज ऑफ लिविंग’ (जीवन की सुगमता) को बढ़ाना।
      • रणनीतिक उद्देश्य: यह योजना स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करके और निवेश आकर्षित करके उत्तर प्रदेश के $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने के दीर्घकालिक लक्ष्य के अनुरूप है।
      • संतुलित शहरीकरण: छोटे केंद्रों में भविष्य के लिये तैयार शहरी पारिस्थितिकी तंत्र बनाकर, सरकार का लक्ष्य बड़े महानगरों पर प्रवास के दबाव को कम करना है।
      • क्षेत्रीय असमानताओं को कम करना: इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ स्थापित केंद्रों से आगे बढ़े ताकि पूरे राज्य में समावेशी विकास को प्रोत्साहन मिल सके।

      और पढ़ें: स्मार्ट सिटीज़ मिशन


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